जापान एशिया में स्थित एक देश है। जिसकी सीमा पश्चिम में जापान सागर और उत्तर में ओखोटस्क सागर, पूर्वी में चीन सागर और दक्षिण में ताइवान से लगती है। जापान प्रशांत रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है। जो प्रशांत महासागर में स्थित सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंप वाला क्षेत्र है।
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| देश का नाम | जापान |
| राजधानी | टोक्यो |
| महाद्वीप | एशिया |
| कुल क्षेत्रफल | लगभग 3,77,975 वर्ग किलोमीटर |
| जनसंख्या | लगभग 12.5 करोड़ |
| मुद्रा | जापानी येन (JPY) |
| भाषा | जापानी |
| सरकार का प्रकार | संवैधानिक राजतंत्र |
| सम्राट | नारुहितो |
| प्रमुख धर्म | शिंटो और बौद्ध |
| प्रमुख द्वीप | होन्शू, होक्काइडो, क्यूशू, शिकोकू |
जापान की राजधानी
टोक्यो जापान की राजधानी है। टोक्यो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे विकसित शहरों में से एक माना जाता है। यह शहर जापान के मुख्य द्वीप होंशू पर स्थित है और देश का राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा तकनीकी केंद्र है।
टोक्यो पहले एदो नाम से जाना जाता था। वर्ष 1868 में सम्राट मेजी ने राजधानी को एदो स्थानांतरित किया और इसका नाम बदलकर टोक्यो रखा गया, जिसका अर्थ है पूर्वी राजधानी। इसके बाद से टोक्यो तेजी से विकसित होकर आधुनिक महानगर बन गया।
टोक्यो में कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं, जैसे टोक्यो टॉवर, टोक्यो स्काईट्री और मेइजी श्राइन। इसके अलावा यहाँ पारंपरिक जापानी संस्कृति और आधुनिक जीवनशैली का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है।
जापान 6852 द्वीपों का एक समूह है। इसके पांच मुख्य द्वीप होक्काइडो, होन्शु, शिकोकू, क्यूशू और ओकिनावा हैं। टोक्यो देश का सबसे बड़ा शहर है। अन्य प्रमुख शहरों में ओसाका और नागोया शामिल हैं। जापान की जनसंख्या 12.7 मिलियन है।
जापान दुनिया का ग्यारहवां सबसे अधिक आबादी वाला देश है। देश का लगभग तीन-चौथाई इलाका पहाड़ी है। जापान 47 प्रान्तों में विभाजित है। ग्रेटर टोक्यो क्षेत्र दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला महानगर है। जिसमें 37.4 मिलियन से अधिक लोग रहते हैं।
जापान का इतिहास
पौराणिक कथा के अनुसार जिम्मु नामक राजा का जन्म 980 ईसा पूर्व जापान में हुआ था। वे जापान के प्रथम राजा थे जिन्होंने जापान को बसाया था। तीसरी या चौथी शताब्दी में यायातस नामक जाति ने दक्षिणी जापान में अपना वर्चस्व स्थापित किया। 5 वीं शताब्दी में चीन और कोरिया के संपर्क बढ़ने के साथ जापान में चीनी लिपियों, चिकित्सा विज्ञान और बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ।
चौथी शताब्दी के आसपास, कोरियाई प्रायद्वीप के यायोई लोग जापानी द्वीपसमूह में आकर बस गए और उन्होंने लौह उद्योग और कृषि सभ्यता की शुरुआत की। ययोई की आबादी तेजी से बढ़ने लगी जबकि जापानी द्वीपसमूह के मूल निवासी जोमोन लोग शिकार पर निर्भर थे।
चौथी शताब्दी और नौवीं शताब्दी के बीच, जापान के कई राज्यों और जनजातियों को धीरे-धीरे एकीकृत किया गया। उस समय स्थापित शाही राजवंश की परंपरा आज भी जापान में मौजूद है। 794 में हियान-क्यो में एक नई शाही राजधानी की स्थापना की गई, जो हेन काल की शुरुआत थी। हियान काल को जापानी संस्कृति का स्वर्ण युग माना जाता है।
असुका काल की शुरुआत 537 ईस्वी में बौद्ध धर्म के प्रचार के साथ हुआ था। तब से बौद्ध जापान का मूल धर्म है। जिसे जापान में शिनबुत्सु-शोगो के नाम से जाना जाता है। बौद्ध सोगा कबीले ने 580 के दशक में सरकार पर कब्जा कर लिया और लगभग साठ वर्षों तक जापान को नियंत्रित किया।
सोगा वंश के राजा शोटोकू बौद्ध धर्म को मानते थे। जापानी शासको ने चीन से नीति सीखी लेकिन सत्ता का हस्तांतरण परिवारों तक ही सीमित रखा। 7 वीं शताब्दी में कुछ कारण वस राजधानी को नारा से क्योटो में स्थापित किया गया।
मिनमोटो जाति के एक नेता योरिटोमेन ने 1192 में कामाकुरा में सैन्य शासन स्थापित किया। इसके कारण सामंतवाद का उदय हुआ, जो लगभग 400 वर्षों तक चला। इस समय शासन सैन्य शक्ति के हाथों में था। राजा के पास नाममात्र की शक्तियाँ थी।
6 और 9 अगस्त 1945 को संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान के दो शहरों हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया था। इस हवाई बमबारी में 129,000 से 226,000 के बीच लोग मारे गए थे। जिनमें से अधिकांश नागरिक थे। नागासाकी पर बमबारी और जापान के खिलाफ सोवियत संघ की युद्ध की घोषणा के छह दिन बाद 15 अगस्त को जापान ने मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और 2 सितंबर को युद्ध को समाप्त कर दिया।
1945 में जापान के आत्मसमर्पण के बाद, देश पर मित्र देशों की सेना का कब्जा हो गया था। इसके बाद जापान में लोकतंत्रीकरण और आर्थिक पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुयी। 1947 में एक संसदीय प्रणाली की स्थापना हुए और नया संविधान बनाया गया था। जापान ने अपनी अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया और एक औद्योगिक महाशक्ति के रूप में उभरा।
जापान का क्षेत्रफल कितना है
जापान का कुल क्षेत्रफल लगभग 3,77,975 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के क्षेत्रफल की तुलना में लगभग आठ गुना छोटा है। यह देश पूर्वी एशिया में स्थित है और प्रशांत महासागर के किनारे फैला हुआ है। जापान का भूगोल मुख्य रूप से चार बड़े द्वीपों - होन्शू, होक्काइडो, क्यूशू, और शिकोकू से मिलकर बना है।
जापान का क्षेत्रफल पर्वतीय और पहाड़ी इलाकों से ढका हुआ है, जिसमें एशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से कई शामिल हैं। इन पर्वतीय इलाकों और ज्वालामुखियों के कारण जापान में प्राकृतिक आपदाओं, जैसे भूकंप और सुनामी, की संभावना अधिक रहती है। जापान की जलवायु और प्राकृतिक संसाधन भी इसके भौगोलिक क्षेत्र के अनुसार विविध हैं।
जापान की मुद्रा क्या है
जापान एशिया का एक महत्वपूर्ण देश है, जो मुख्य रूप से एक द्वीपीय राष्ट्र है। जापान की मुद्रा जापानी येन है। येन विश्व की प्रमुख मुद्राओं में से एक है और अमेरिकी डॉलर तथा यूरो के बाद इसे विश्व की तीसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा माना जाता है। इसके अलावा येन का उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरक्षित मुद्रा के रूप में भी किया जाता है।
सन् 1871 में जापान के नए मुद्रा अधिनियम ने आधुनिक मुद्रा प्रणाली की शुरुआत की। इस प्रणाली के तहत येन को 1.5 ग्राम सोना या 24.26 ग्राम चाँदी के बराबर निर्धारित किया गया था। बाद में सन् 1882 में बैंक ऑफ जापान की स्थापना की गई, जिसे देश में मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करने का अधिकार दिया गया।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापानी येन का मूल्य काफी गिर गया। जापान की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए ब्रेटन वुड्स प्रणाली के अंतर्गत येन की विनिमय दर 1 अमेरिकी डॉलर = 360 येन तय की गई।
1985 के प्लाजा समझौता के बाद येन की विनिमय दर में तेजी से बदलाव आया। 1985 में यह लगभग 239 येन प्रति डॉलर थी, जो 1988 में 128 येन प्रति डॉलर और 1995 में लगभग 84 येन प्रति डॉलर तक पहुँच गई।
यदि 2023 की बात करें, तो लगभग 1 अमेरिकी डॉलर 132 जापानी येन के बराबर था। आर्थिक दृष्टि से जापान विश्व की प्रमुख शक्तियों में से एक है। यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता है, जिसकी अर्थव्यवस्था लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर के आसपास आँकी जाती है।
जापान का राष्ट्रीय खेल
जापान में खेल जापानी संस्कृति का एक अभिन्न अंग हैं। सूमो और मार्शल आर्ट जैसे पारंपरिक खेल और बेसबॉल और फुटबॉल लोकप्रिय हैं। सूमो कुश्ती को जापान का राष्ट्रीय खेल माना जाता है।
बेसबॉल चैम्पियनशिप सभी उम्र के लोगो के लिए औसर प्रदान करता हैं। किंडरगार्टन और प्राथमिक विद्यालय के छात्र खेल क्लब में खेल सकते हैं। अधिकांश मार्शल आर्ट्स को 5 से 6 साल तक वाले भाग ले सकते है और शिख सकते है। 5 वीं कक्षा के बाद छात्रों के भाग लेने पर मुफ्त स्कूल सुविधा दी जाती है।
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