एशिया महाद्वीप (Asia mahadeep) आकार और जनसंख्या दोनों ही आधार से विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है, उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। पश्चिम में इसकी सीमाएं यूरोप महाद्वीप से मिलती हैं। एशिया और यूरोप महाद्वीप को मिलाकर कभी-कभी यूरेशिया भी कहा जाता है।
काकेशस पर्वत और यूराल पर्वत प्राकृतिक रूप से एशिया को यूरोप से अलग करते है। एशियाई महाद्वीप भूमध्य सागर, अंध सागर, आर्कटिक महासागर, प्रशांत महासागर और हिन्द महासागर से घिरा हुआ है। चीन और भारत विश्व के दो सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश भी हैं। कुछ सबसे प्राचीन मानव सभ्यताओं का जन्म इसी महाद्वीप पर हुआ था, भारतीय सभ्यता, चीनी सभ्यता इत्यादि। पश्चिम में स्थित पर्वतमाला यूरोप को एशिया से अलग करती है। रूस का लगभग तीन चौथाई भू-भाग एशिया में है और शेष यूरोप में। चार अन्य एशियाई देशों के कुछ भूभाग भी यूरोप की सीमा में आते हैं।
विश्व के कुल भू-भाग का लगभग 3/10वां भाग या 30% एशिया में है और इस महाद्वीप की जनसंख्या अन्य सभी महाद्वीपों की कुल जनसंख्या से अधिक है। उत्तर में बर्फ़ीले आर्कटिक से लेकर दक्षिण में ऊष्ण भूमध्य रेखा तक एशिया महाद्वीप (Asia mahadeep) लगभग 44,579,000 किमी क्षेत्र में फैला हुआ है और अपने में कुछ विशाल रेगिस्तानों, विश्व के सबसे ऊँचे पर्वतों और कुछ सबसे लंबी नदियों को समेटे हुए है। विश्व की सबसे ऊंची पर्वतमाला हिमालय एशिया महाद्वीप में स्थित है।  

एशिया का नक्शा


Asia mahadeep

एशिया का भूगोल 

एशिया का भूगोल पृथ्वी के कुल सतह क्षेत्र का 8.8% हिस्सा है, यह तीन और से महासागरों से घिरा हुआ है। पूर्व में प्रशांत महासागर, दक्षिण में हिन्द महासागर और उत्तर में आर्कटिक महासागर द्वारा घिरा है। एशिया को 48 देशों में विभाजित किया गया है, उनमें से तीन देशो रूस, कजाकिस्तान और तुर्की के कुछ भू-भाग यूरोप में भी है। रूस आकार से एशिया का सबसे बड़ा देश है उसके बाद चीन और भारत आते है। 

एशिया का जलवायु 

एशिया में सभी प्रकार के मौसम पाए जाते है यहाँ पर अधिक वर्षा व स्थान है और कई मरुस्थल में भी है। दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ भागों में शीतकाल में वर्षा होती है, संपूर्ण एशिया का सबसे अधिक वर्षा वाला इलाका भारत के मेघालय राज्य में में स्थित मासिनराम है इससे चेरापूंजी नामक स्थान पर सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज की जाती थी।