Showing posts with the label Hindi Grammar

संस्कृत साहित्य: भारतीय सभ्यता का खजाना - Sanskrit literature

संस्कृत साहित्य विश्व की सबसे समृद्ध और प्राचीन साहित्यिक परंपराओं में से एक है। भारत के सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक इतिहास में निहित, यह अनगिनत पीढ़ियों के विचारों, विश्वासों और रचनात्मकता को…

संगम साहित्य : उत्पत्ति और विशेषताएँ - Sangam literature

संगम साहित्य, जिसे ऐतिहासिक रूप से श्रेष्ठों का काव्य कहा जाता है, शास्त्रीय तमिल लेखन के प्रारंभिक संग्रह और दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन ज्ञात साहित्य का प्रतिनिधित्व करता है। तमिल परंपरा के अनुसार,…

दोहा की परिभाषा - doha kise kahate hai

आज मैं आप लोगो को हिंदी जनरल का फोर्थ पार्ट में Doha ki paribhasha के बारे में बताने वाला हूं तो इस ब्लॉग को पूरा पढ़िए अगर आप 10 वी या 12वी में  है तो आप के लिए यह ब्लॉग बहुत फायदे का हो सकता…

व्यावसायिक पत्र का महत्व - vyavsayik patra ka mahatva

व्यापारिक पत्रों से आशय ऐसे पत्रों से है, जो व्यापारियों के मध्य, व्यापारी एवं ग्राहकों के मध्य और कभी-कभी सुविधा की प्राप्ति या शिकायत करने के संदर्भ में व्यापारियों द्वारा सरकारी एवं अर्द्धसरकारी स…

संज्ञाओं के रूपान्तर का क्या अर्थ है

वे तत्व जिनके आधार पर नाम अर्थात् संज्ञा, सर्वनाम या  विशेषण  का रूपान्तरण होता है, उनको विकारक तत्व भी कहते हैं । वस्तुतः वाक्य में शब्द की जो स्थिति होती है, उसके आधार पर ही उसमें विकार आता है। इस …

विकारी व अविकारी शब्द -vikari aur avikari shabd ko spasht kijiye

विकारी शब्द - जिन शब्दों के रूप वाक्यों के अर्थानुसार बदलते रहते हैं, उन्हें विकारी शब्द कहते हैं।  जैसे  लड़की ने फल तोड़ा। लड़कियों ने फल तोड़े।  दोनों वाक्यों में लड़की, तोड़…
Subscribe Our Newsletter