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Wednesday, November 20, 2019

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क्या आप Meghalaya के बारे में जानते है अगर नहीं जानते तो आप के लिए यह ब्लॉग मेघालय के बारे में जानने में मदद करेगा अगर अप पहले से जानते है तो इस ब्लॉग में ऐसी भी बाते हो सकती है जिसे आप नहीं जानते तो चलिए मेघालय के बारे में जानते है

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मेघालय की राजधानी  

मेघालय की स्थापना 21 जनवरी 1972 में हुआ था इसकी राजधानी का नाम शिलांग हैं और सबसे बडा शहर भी शिलांग है यह टोटल 11  जिले है, मेघालय उच्च न्यायालय यहां की सबसे बड़ी न्यायालय है, इसकी क्षेत्रफल • कुल 22429 कि.मी. है क्षेत्रफल के हिसाब से यह इंडिया का 23 राज्य है जनसंख्या घनत्व 140 किमी है। यहां की साक्षरता 75.84% है आधिकारिक भाषा गारो एवं खासी ये 2 भाषाएं है। वेबसाइट meghalaya.gov.in

राज्य के दक्षिणी में बांग्लादेश के भाग से लगता है,  तथा उत्तर एवं पूर्वी ओर  असम राज्य से घिरा हुआ है। meghalaya की राजधानी शिलांग है। भारत में ब्रिटिश काल के समय तत्कालीन ब्रिटिश  अधिकारियों द्वारा इसे " स्काटलैण्ड" का नाम दीया गया था।

मेघालय का विभाजन 

 मेघालय पहले असम राज्य का ही भाग था, 21 जनवरी 1972 को असम के खासी, गारो एवं जैन्तिया पर्वतीय जिलों को काटकर नया राज्य मेघालय बनाया गया।

मेघालय में बोले जाने वाली भाषा 

 इस राज्य की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है। इसके अलावा यह पर अन्य प्रमुख बोली बोले जाने वाली भाषाओं में खासी, गारो, प्नार, बियाट, हजोंग एवं बांग्ला आदी हैं। इनके अलावा यहां हिन्दी भी कुछ कुछ जगहों पर बोली व समझी जाती है हिन्दी बोलने वाले ज्यादातर शिलांग में मिलते हैं। 

भारत के इस राज्य में सबसे अलग यहां पर मातृवंशीय परंपरा चलती है, जिसमे सबसे छोटी बेटी अपने माता पिता की देखभाल करती है तथा उसे ही उनकी सारी सम्पत्ति मिलती है।

मेघालय की भौगोलीक स्थिति 

यह राज्य भारत का अधिक वर्षा वाला क्षेत्र है, जहां वार्षित औसत वर्षा 470 इंच दर्ज हुई है। meghalaya का 70% से अधिक क्षेत्र वनो से आच्छादित है। मेघालय में उपोष्णकटिबंधीय वन अधिक पाया जाता है, यहां के पर्वतीय वन अन्य निचले क्षेत्रों के उष्णकटिबन्धीय वनों से पृथक होते हैं। ये वन स्तनधारीपशुओ, पक्षियों तथा वृक्षों की जैव विविधता
को काफी प्रभावित होते हैं।

मेघालय में मुख्य रूप से कृषी की जाती है यहां की प्रमुख फ़सल है, चावल, मक्का, केला, पपीता एवं दालचीनी एवं बहुत से मसाले, आदि हैं। मेघालय राज्य भूगर्भ सम्पदाओं की दृष्टि से   अधिक सम्पन्न है लेकिन अभी तक यहां पर कोई उल्लेखनीय उद्योग चालू नहीं हुए हैं। यह  लगभग 1,170 कि॰मी॰ लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग बने हैं। यह बांग्लादेश के साथ व्यापार के लिए एक प्रमुख राज्य है 
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Ganga nadi bharat ke logo ke liye nadi matra nahi hai ganga hamari maa hai India me log ganga ko maa ke saman pujte hai. Hallo dosto aaj main gana gandi ke bare me kuch rochak jankari sare kar raha hu achha lage to comment jarur kare

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Ganga Nadi

GANGA NADI KAHA SE BAHTI HAI

ganga nadi himalaya ke gangotri himnad se nikalti hai. ye utrkhand me hai ganga nadi himalay se nikalkar Rishiksh, Kanpur, Allahabad, Varanasi, Patna, Calcutta uske bad mahasgar me jakar mil jati hai .ganaga nadi ke kinare dharmik nagar base huye hai jaha par log jana apna saubhagya samajhte hai. 




PAURANIK DHARNA 

Mana jata hai ki bhagirath ne ganaga ko dharti par lane ke liye bhagwan bramha ka hajaro sal tak tap kiye, jisse ki apne 60 hajar purwajo ka uddhar kar sake. sagar ke 60 hajar purtro ko rishi drawara bhasm kiya gya tha jisse ki unki atma bhatak rahi thi. ushi ke uddhar ke liye bhagirath ne ganga ko bramha ke kamandal se dharti par laya.

ganga nadi ka udgam


BHAUGOLIK RACHNA

Ganga nadi ki lambayi 2,525 km, uchai 3892 miter hai. ganga nadi  me milne wali nadi ke name - yamuna, kaakshee , raamaganga, taaptee, karanaalee (ghaaghara), gandak, kosee, chambal, son, betava, ken aur dakshinee tos hai. yamuna nadi ganga ki sabse badi sahayak nadi hai.

GANGA NADI PAR BANAYE GAYE BAND

Ganga nadi par banaye gaye band india ke logo aur economy ke liye bahut aham hai. pharakka baandh pashchim bangaal me banaya gya hai. ganga par nirmit doosara pramukh tiharee baandh, uttaraakhand ke tiharee jile mein bana hai. yah baandh ganga nadee kee pramukh sahayogee nadee bhaageerathee par banaaya gaya hai. teesara pramukh bheemagoda baandh haridvaar mein sthit hai.
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Hello Readers आज मैं बात करने वाला हूं भारत के भूगोल (Geography) के बारे में जिसमें मैं बात करूंगा भारत के भूगोल के बारे में क्या-क्या विशेषताएं हैं और यहां अन्य देशों से किस प्रकार भिन्न हैं।

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Geography in Hindi

भूगोल(Geography) दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें पहला शब्द भू और दूसरा शब्द गोल है यहां पर भू का अर्थ होता है पृथ्वी और गोल का अर्थ होता है प्राकृतिक स्वरूप का अध्ययन। इस प्रकार भूगोल में पृथ्वी के प्राकृतिक वातावरण और उसकी विभिन्नता का अध्ययन किया जाता है।

Geography India in Hindi

अब भारत की जियोग्राफी की बात करें तो यहां पर भारत का जो भूगोल है वहां क्षेत्र विशेष के कारण अलग-अलग प्रकार का पाया जाता है और यहां अनेक प्रकार के जीव जंतु भी पाए जाते हैं। इस प्रकार यहां पर अनेक प्रकार की जलवायु क्षेत्र होने के कारण भिन्न-भिन्न प्रकार के जीव जंतुओं का होना स्वाभाविक है।

Geography of India Hindi

भारत के जियोग्राफी की विशेषता की बात करें तो यहां पर भारत के भूगोल की अनेक विशेषताएं हैं जो कि अन्य देशों के कंपैरिजन में बहुत ही भिन्न है।
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भारत की भौगोलिक विशेषताएं 

  1. भारत में 6 प्रकार की ऋतुएं पाई जाती हैं।
  2. इन सभी ऋतु का अलग-अलग प्रभाव होता है।
  3. सभी ऋतुओं का एक निश्चित समय होता है।
  4. छह प्रकार की ऋतु है इस प्रकार हैं बसंत ऋतु, ग्रीष्म ऋतु, वर्षा ऋतु, हेमंत ऋतु, शरद ऋतु, शिशिर ऋतु।
इस प्रकार इन छह ऋतु में सबसे ज्यादा पसंद बसंत रितु को किया जाता है। और जैसे कि इनका नाम है उसी प्रकार इनका प्रभाव भी होता है जैसे यहां पर बसंत ऋतु की बात करें तो यहां पर इस मौसम में मौसम बहुत ही सुहावने होते हैं और ना ज्यादा ठंड होती है और ना ही ज्यादा गर्मी पड़ती है। इसी प्रकार ग्रीष्म ऋतु की बात करें तो इस ऋतु में गर्मी का सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है और सूरज तेज होता है। और इसी प्रकार के अन्य रितु जैसे शरद ऋतु की बात करें तो इस ऋतु में सर्दियों का मौसम चलता है जिस कारण से से शरद ऋतु कहा जाता है।

भारत का भूगोल की विभिन्नता 

  1. भारत का भूगोल अन्य देशों की तुलना में अधिक भिन्न है क्योंकि जहां अन्य देशों में सिर्फ एक से दो ऋतु में ही पाए जाते हैं वही भारत में छह प्रकार की ऋतु में पाए जाते हैं जो कि अपना अलग-अलग स्थान रखते हैं।
  2. अन्य देशों में एक ऋतु जैसे कि शरद ऋतु पाई जाती है तो वहां सिर्फ सर्दी ही पड़ती रहती है साल भर लेकिन भारत की बात करें तो यहां 1 साल में छह ऋतु है।
  3. अन्य देशों में मौसम एक ही बना रहता है लेकिन भारत में 1 साल में मौसम छह प्रकार से परिवर्तित होता है।
  4. भारत में सभी प्रकार की विभिन्नता आएं इस मौसम परिवर्तन के कारण देखने को मिलता है लेकिन अन्य देशों में इस प्रकार की विभिन्नता देखने को नहीं मिलता है।
  5. यहां अलग-अलग मौसम होने के कारण सभी प्रकार के कृषि कार्य या कहें मौसमी फसलों का उत्पादन अत्यधिक मात्रा में होता है।
  6. भारत कृषि प्रधान देश अपने भूगोल के कारण ही कल आप आए हैं क्योंकि अगर इसका भूगोल वैसा नहीं होता तो इस प्रकार के विभिन्न प्रकार के फसलों का उत्पादन संभव नहीं हो पाता।
  7. अन्य देशों की तुलना में यहां खाद्य पदार्थों का उत्पादन अत्यधिक मात्रा में होता है जो कि भूगोल के कारण ही संभव हो सका है।

Conclusion

इस प्रकार भारत की भूगोल को देखें तो यह अन्य देशों से पूर्णता भिन्न है।


इन्हें भी पढ़ें

Monday, September 23, 2019

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Hello friends आप सभी का स्वागत है आज मैं बात करने वाला हूं भूगोल के बारे में इस पोस्ट में मैं आपको भूगोल के बारे में About geography in Hindi इस पोस्ट में मैं आपके साथ शेयर करने वाला हूं भूगोल के बारे में 13 interesting fact चलिए शुरू कर दो पढ़ना

13 interesting fact about geography in Hindi


About geography


भूगोल के बारे में हिंदी में (About Geography in Hindi)
  1. भूगोल में भू का अर्थ पृथ्वी से है और उसके आकार को गोल बताता है।
  2. भूगोल शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग इरेटोस्थनीज ने तीसरे शताब्दी ईसा पूर्व किया था।
  3. भूगोल सबसे प्राचीनतम विज्ञान है जो कि यूनानी वैज्ञानिकों के कार्यों में हमें देखने को मिलता है इसको सर्वप्रथम विशिष्ट विज्ञान के रूप में मान्यता प्राचीन यूनानी विद्वान इरेटोस्थनीज ने दी थी।
  4. भूगोल के संबंध में सबसे ज्यादा वैज्ञानिक हमें देने का श्रेया यूनान को जाता है जिन्होंने हमें होमर, डेरेटोड्स, थेल्स, अरस्तू, और इरेटोस्थनीज जैसी वैज्ञानिकों को हमें दिया।
  5. भूगोल को 3 विभाग में बांटा गया है जो कि है गणितीय भूगोल, भौतिक भूगोल, मानव भूगोल।
  6. पृथ्वी को 8 महाद्वीप में बांटा गया है जोकि हैं एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया अंटार्कटिका।
  7. भूगोल में पांच महासागर में बांटा गया है जोकि हैं अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, दक्षिण महासागर।
  8. भूगोल का संबंध में प्राकृतिक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान दोनों से है।
  9. इस प्रकार भूगोल के संबंध सभी विज्ञानों से है चाहे वह विज्ञान शुद्ध प्राकृतिक विज्ञान हो अथवा मानवीय सामाजिक विज्ञान हो।
  10. गणितीय भूगोल के कारण ही में पृथ्वी के पृष्ठ पर उपस्थित बिंदुओं का त्रिविम स्थिति का निर्धारण संभव हो सका है।
  11. भौतिक भूगोल धरातल पर अलग-अलग जगह घटनाओं के वितरण की व्याख्या व अध्ययन कराता है जैसे भूविज्ञान, मौसम विज्ञान, जंतु विज्ञान, रसायन शास्त्र, से जुडा है। 
  12. मानव भूगोल मानव के क्रियाकलापों या मानव समाज के क्रियाकलापों के कारण बने भूगोल को मानव भूगोल कहा जाता है।
  13. पृथ्वी के आकार आकृति गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र पृष्ठभूमि या वो पृष्ठ बहुत बड़ी क्षेत्रों का निर्धारण भूगोल के द्वारा ही किया जाता है।

Conclusion (उपसंहार)

किस प्रकार देखा जाए तो भूगोल ही सभी वैज्ञानिक संबंधी विषयों का उद्गम स्रोत है। और सभी विज्ञान का आरंभ इस भूगोल से हुए हैं।

इन्हें भी पढ़ें
Environment aise in Hindi
Gobar gas kya hai
Water saving in Hindi
Sapnon ka matlab Hindi mein

Thursday, February 21, 2019

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जब से human को सोचने समझने की शक्ति मिला है। तब से अकास sky के बारे में जानने की इच्छा रही है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते बढ़ते कई scientist ने ब्रम्हांड के अनेक राज खोले है।

  दिन और रात क्यों होता है?

जब हमे मालुम नहीं था कि पृथ्वी earth सूर्य की round marta है। तो हम यही मानते थे कि सूर्य sun पृथ्वी का चक्कर लगाता होगा है। लेकिन यह बात सही नहीं है, scientists ने पता लगाया कि earth सूर्य की परिक्रमा लगाता है। उसी कारण day and night  होता है। साथ ही 24 hour में earth अपना चकरा लगता है, जिस तरफ sun light पृथ्वी पर पड़ता है वह day होता है उसके पीछे की ओर night होता है। इसी कारण कहीं day होता है तो कहीं night ।



 चांद ग्रहण और सूर्य ग्रहण क्यों होता है?

ये Question हमारे में में होता है कि Surya ग्रहण क्यों होता है कारण क्या है, तो इस सवाल का जवाब जानते है Moon Eclipse kise hota hai - जब sun और moon के बीच में earth आती है तो उसकी परछाई moon पर पड़ती है उसे ही चन्द्र ग्रहण कहते है।

सूर्य ग्रहण किसे कहते है - सूर्य और पृथ्वी के बीच में चांद के आने से सूर्य का कुछ भाग छीप जता है तो उसे ही सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

 सूर्य और पृथ्वी की दुरी कितनी है ?





Sun की बात करे तो हमारे सौर मंडल का मात्र तारा है जो हमरे Earth को रौशन करता है क्या आपको पता है की sun के lite को धरती पहुंचने के लिए करीबन 8 minit और 16.6 second का time लगता है।
Sun से पृथ्वी की औसत distance करीबन 14,96,00,000 k.m यानि 9,29,60,000 मील है तथा जो earth से लगभग 109 गुना अधिक है। sun पृथ्वी की दूर इतना होने बाउजूद sun का lite मात्र 8 मिनिट में पहुंच जाता है.


पृथ्वी का क्षेत्रफल कितना है ?

पृथ्वी के सतह का क्षेत्रफल काफी विशाल है वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी के सतह का क्षेत्रफल 510,100,000 km² है। 





पृथ्वी की आयु कितनी है। 

उत्पत्ति हुई है उसका अंत अवश्य होगा अतः earth का भी एक आयु आंकी गई है। यह कई लखो years से ब्रम्हांड पर sun ka rounds laga रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सभी ग्रह और तारे की एक आयु होती है तथा उसके बाद वह समाप्त हो जाता है। पृथ्वी की आयु लगभग 4.5 अरब वर्ष है।

पृथ्वी का एक मात्र प्राकृतिक उपग्रह है

चांद पृथ्वी का मात्र एक प्राकृतिक ग्रह है यह पृथ्वी से अलग हो गया था पृथ्वी का चक्कर लगाने लगा यह पृथ्वी की Gravity को बहुत प्रभावित करता है। Moon  कारण ही समुद्र में ज्वार भटा आता है।

Earth पर कई बड़े महासागर है इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि जल की पृथ्वी पर काफी अधिक मात्र में है। लेकिन सभी मीठे जल नहीं है अर्थात्  पीने और सिंचाई योग्य नहीं है। पृथ्वी पर 71% भाग जल से घिरा हुआ है और 29% भाग स्थल से धिरा है।