विश्व के प्रमुख घास के मैदान - vishv ke pramukh ghas ke maidan

घास का मैदान एक ऐसा क्षेत्र होता है, जहाँ अधिकतर घास उगी होती है। यहाँ घास, फूल के साथ साथ जड़ी-बूटियाँ भी मिल सकती हैं। घास के मैदान अंटार्कटिका को छोड़कर सभी महाद्वीपों पर पाए जाते हैं। घास के मैदान पृथ्वी के सबसे बड़े बायोम में से एक हैं, जो पृथ्वी के भूमि क्षेत्र के लगभग 31 से 69 प्रतिशत तक फैले हुए हैं।

विश्व के प्रमुख घास के मैदान

घास के मैदान क्या होते हैं

घास के मैदान ऐसे भू-भाग होते हैं जहाँ मुख्य रूप से घास उगती है और बड़े पेड़ बहुत कम होते है। ये क्षेत्र मध्यम वर्षा और खुले वातावरण के कारण घास की वृद्धि के लिए अनुकूल होते हैं। घास के मैदान पृथ्वी के कई हिस्सों में पाए जाते हैं और इन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

महाद्वीप घास के मैदान का नाम
एशिया स्टेपी (Steppe)
अफ्रीका सवाना (Savanna)
दक्षिण अमेरिका पम्पास (Pampas)
उत्तरी अमेरिका प्रेयरी (Prairie)

घास के मैदानों की जलवायु सामान्यतः शुष्क से अर्ध-शुष्क होती है। यहाँ वर्षा इतनी होती है कि घास उग सके, लेकिन इतनी नहीं कि घने जंगल विकसित हो सकें। गर्मियों में तापमान अधिक और सर्दियों में कम होता है। यहाँ की मिट्टी प्रायः उपजाऊ होती है।

इन मैदानों में अनेक प्रकार के जीव-जंतु पाए जाते हैं। शाकाहारी पशु जैसे हिरण, ज़ेब्रा, बाइसन और मृग यहाँ बड़ी संख्या में रहते हैं, जबकि शेर, चीता और भेड़िये जैसे मांसाहारी जीव उनका शिकार करते हैं।

विश्व के प्रमुख घास के मैदान

घास के मैदान धरती के सबसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र में से एक हैं। ये दुनिया की ज़मीन की सतह का लगभग एक-तिहाई हिस्सा कवर करते हैं और वाइल्डलाइफ़, खेती और इंसानों की रोज़ी-रोटी को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इन विशाल खुले मैदानों में ज़्यादातर घास होती है, और कम बारिश की वजह से पेड़ बहुत कम होते हैं।

1. प्रेयरी घास के मैदान

प्रेयरी पारिस्थितिकी तंत्र को समशीतोष्ण घास का मैदान हैं। इन क्षेत्रों की विशेषताएँ हैं — समशीतोष्ण जलवायु, मध्यम वर्षा, और घास, जड़ी-बूटियाँ व झाड़ियाँ पाई जाती हैं।

समशीतोष्ण घास के मैदान दुनिया के कई हिस्सों में पाए जाते हैं, जैसे:

  1. दक्षिण अमेरिका के पम्पास - अर्जेंटीना, ब्राज़ील, उरुग्वे
  2. यूरोप और एशिया के स्टेपी - रोमानिया, यूक्रेन, रूस, कज़ाख़स्तान

प्रेयरी शब्द फ्रेंच भाषा से लिया गया मुख्यतः उत्तरी अमेरिका के विशाल घास के मैदानों के लिए उपयोग होता है। ये कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका और मैक्सिको के आंतरिक मैदानों में फैले हुए हैं, जिनमें ग्रेट प्लेन्स और पूर्व की अधिक नम पहाड़ी भूमि भी शामिल है।

पश्चिम से पूर्व की ओर प्रेयरी में बदलाव देखा जाता है:

  • शुष्क क्षेत्र में कम घास वाली प्रेयरी
  • मध्य क्षेत्र में मिश्रित घास वाली प्रेयरी
  • अधिक नम और उपजाऊ मिट्टी में लंबी घास वाली प्रेयरी

संयुक्त राज्य अमेरिका में यह क्षेत्र नॉर्थ डकोटा, साउथ डकोटा, नेब्रास्का, कंसास, ओक्लाहोमा सहित कई राज्यों में फैला है। इसके अलावा मोंटाना, व्योमिंग, कोलोराडो, न्यू मैक्सिको, टेक्सास के भाग तथा मिनेसोटा, विस्कॉन्सिन, आयोवा, मिसौरी, इलिनोइस और इंडियाना के क्षेत्र भी इसमें आते हैं। वाशिंगटन का पालूस और कैलिफ़ोर्निया की सेंट्रल वैली भी प्रेयरी क्षेत्र माने जाते हैं।

2. पम्पास घास के मैदान

पम्पास दक्षिण अमेरिका के विशाल और उपजाऊ घास के मैदान हैं, जिनका नाम क्वेशुआ भाषा के शब्द पम्पा से आया है, जिसका अर्थ है मैदान। यह क्षेत्र लगभग 12 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला है और अर्जेंटीना के कई प्रांतों, पूरे उरुग्वे तथा ब्राज़ील के रियो ग्रांडे डो सुल राज्य को शामिल करता है। 

यहाँ की भूमि अधिकतर समतल है, केवल कुछ छोटी पहाड़ियाँ ही इसे बाधित करती हैं। पम्पास की जलवायु समशीतोष्ण है और यहाँ 600 से 1200 मिमी तक वर्षा होती है, जो पूरे वर्ष लगभग समान रूप से वितरित रहती है। उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु के कारण यह क्षेत्र कृषि और पशुपालन, विशेषकर मवेशी और भेड़ पालन, के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

  • स्थान: दक्षिण अमेरिका का दक्षिण-पूर्वी भाग
  • देश: अर्जेंटीना, उरुग्वे और ब्राज़ील (रियो ग्रांडे डो सुल)
  • क्षेत्रफल: लगभग 12 लाख वर्ग किलोमीटर
  • जलवायु: समशीतोष्ण 
  • वर्षा: लगभग 600–1200 मिमी प्रति वर्ष
  • मिट्टी: अत्यंत उपजाऊ, कृषि के लिए उपयुक्त
  • मुख्य गतिविधियाँ: कृषि, मवेशी पालन और भेड़ पालन

    3. स्टेपीज घास के मैदान

    स्टेपी एक प्रकार का घास का मैदान पारिस्थितिक क्षेत्र है, जहाँ घने जंगल नहीं होते और केवल नदियों या झीलों के किनारे ही पेड़ पाए जाते हैं। यह क्षेत्र मुख्य रूप से घास और छोटी झाड़ियों से ढका होता है, जो जलवायु और स्थान के अनुसार बदलती रहती हैं।

    स्टेपी की जलवायु अर्ध-शुष्क होती है — यानी यहाँ इतनी कम वर्षा होती है कि घने जंगल नहीं उग सकते, लेकिन यह पूरी तरह रेगिस्तान भी नहीं होता। मध्य अक्षांशों में स्थित स्टेपी क्षेत्रों में औसतन 250–500 मिमी वर्षा होती है, गर्मियाँ बहुत गर्म और सर्दियाँ अत्यंत ठंडी होती हैं। 

    यहाँ तापमान में मौसम के साथ-साथ दिन और रात में भी काफी अंतर देखा जाता है। इन परिस्थितियों के कारण स्टेपी क्षेत्र विशिष्ट घासभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं।

      4. सवाना घास का मैदान

      सवाना घास का मैदान उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक प्रमुख पारिस्थितिकी तंत्र है। यह मुख्य रूप से अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और भारत के कुछ भागों में पाया जाता है। सवाना क्षेत्र की सबसे बड़ी विशेषता है। कहीं कहीं बबूल और खजूर जैसे पेड़ लंबी घास के साथ पाए जाते है।

      यहाँ की जलवायु गर्म होती है, वर्ष भर तापमान अधिक रहता है, लेकिन वर्षा मौसमी होती है। वर्षा का अधिकांश भाग मानसून या वर्षा ऋतु में होता है, जबकि शुष्क ऋतु लंबी होती है। इसी कारण यहाँ घास तो प्रचुर मात्रा में उगती है, परंतु घने जंगल विकसित नहीं हो पाते।

      सवाना घास के मैदान वन्य जीवों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। यहाँ शाकाहारी जीव जैसे हिरण, ज़ेब्रा, जिराफ़ और हाथी पाए जाते हैं, जबकि मांसाहारी जीवों में शेर और चीता प्रमुख हैं। ये क्षेत्र जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

      इस प्रकार, सवाना घास का मैदान प्राकृतिक संतुलन, वन्य जीवन और मानव आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है।

        5. वेल्ड घास का मैदान

        वेल्ड घास का मैदान दक्षिणी अफ्रीका, विशेषकर दक्षिण अफ्रीका के आंतरिक पठारी भागों में पाया जाने वाला प्रमुख घास का मैदान है। वेल्ड शब्द डच भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है खुला मैदान। यह क्षेत्र विस्तृत घासभूमि, हल्की झाड़ियों और कहीं-कहीं छोटे पेड़ों से युक्त होता है।

        वेल्ड की जलवायु समशीतोष्ण होती है। यहाँ गर्मियों में मध्यम वर्षा होती है, जबकि सर्दियाँ ठंडी और शुष्क रहती हैं। वर्षा की मात्रा के आधार पर वेल्ड को तीन भागों में बाँटा जाता है - हाई वेल्ड, मिड वेल्ड और लो वेल्ड।

        यह क्षेत्र उपजाऊ मिट्टी और विस्तृत चरागाहों के कारण पशुपालन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यहाँ गाय, भेड़ और बकरियों का पालन बड़े पैमाने पर किया जाता है। कुछ भागों में गेहूँ और मक्का जैसी फसलों की खेती भी होती है।

        वन्य जीवन की दृष्टि से भी वेल्ड महत्वपूर्ण है। यहाँ एंटीलोप, ज़ेब्रा और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हालांकि मानव गतिविधियों के कारण प्राकृतिक वनस्पति में कमी आई है, फिर भी यह क्षेत्र दक्षिणी अफ्रीका की अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

          6. डाउन्स घास का मैदान

          डाउन्स घास का मैदान समशीतोष्ण घास के मैदानों का एक प्रमुख प्रकार है, जो मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी भागों में पाया जाता है। ये क्षेत्र उपजाऊ मिट्टी, मध्यम वर्षा और अनुकूल जलवायु के कारण कृषि और पशुपालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

          डाउन्स क्षेत्र की जलवायु समशीतोष्ण होती है, जहाँ गर्मियाँ हल्की गर्म और सर्दियाँ ठंडी होती हैं। यहाँ वर्षा मध्यम मात्रा में होती है, जिससे घास और फसलों की अच्छी वृद्धि संभव होती है। इस क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से छोटी और मुलायम घास पाई जाती है, जो पशुओं के चरने के लिए उपयुक्त होती है।

          डाउन्स घास के मैदान कृषि उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ गेहूँ, जौ और अन्य अनाज की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। साथ ही भेड़ पालन इस क्षेत्र की प्रमुख आर्थिक गतिविधि है, जिससे ऊन उत्पादन में वृद्धि होती है।

          पर्यावरणीय दृष्टि से, डाउन्स क्षेत्र मिट्टी संरक्षण और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि अत्यधिक कृषि और चराई के कारण कुछ क्षेत्रों में प्राकृतिक घासभूमि प्रभावित हुई है, फिर भी यह क्षेत्र ऑस्ट्रेलिया की अर्थव्यवस्था और खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

            7. कैंटरबरी घास का मैदान

            कैंटरबरी घास का मैदान समशीतोष्ण घास के मैदानों का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जो न्यूज़ीलैंड के दक्षिण द्वीप के कैंटरबरी मैदान में स्थित है। यह क्षेत्र विस्तृत समतल भूमि, उपजाऊ मिट्टी और मध्यम जलवायु के कारण कृषि और पशुपालन के लिए प्रसिद्ध है।

            कैंटरबरी क्षेत्र की जलवायु समशीतोष्ण है, जहाँ वर्ष भर मध्यम तापमान और पर्याप्त वर्षा होती है। पास स्थित पर्वतों से आने वाली नदियाँ इस क्षेत्र की भूमि को उपजाऊ बनाती हैं। यहाँ प्राकृतिक रूप से छोटी, हरी और पोषक घास उगती है, जो पशुओं के चरने के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है।

            यह घास का मैदान विशेष रूप से भेड़ पालन और डेयरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ बड़ी मात्रा में ऊन, दूध और मांस का उत्पादन होता है। साथ ही गेहूँ, जौ और चारे की फसलें भी उगाई जाती हैं।

            पर्यावरणीय दृष्टि से, कैंटरबरी घास का मैदान मिट्टी संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है। आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से यह क्षेत्र न्यूज़ीलैंड की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है और विश्व के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में गिना जाता है।

              8. लानोस घास का मैदान

              लानोस घास का मैदान उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों का एक प्रमुख क्षेत्र है, जो दक्षिण अमेरिका के वेनेज़ुएला और कोलंबिया के ओरिनोको नदी बेसिन में फैला हुआ है। लानोस शब्द स्पेनिश भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है विशाल समतल मैदान। यह क्षेत्र विस्तृत घासभूमि, मौसमी दलदलों और विरल वृक्षों से युक्त होता है।

              लानोस क्षेत्र की जलवायु उष्णकटिबंधीय है, जहाँ वर्ष भर गर्म तापमान रहता है। यहाँ वर्षा ऋतु और शुष्क ऋतु स्पष्ट रूप से अलग होती हैं। वर्षा ऋतु में यह क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हो जाता है और विशाल भाग जलमग्न हो जाते हैं, जबकि शुष्क ऋतु में भूमि सूखी और घास से ढकी रहती है।

              यह घास का मैदान जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ कैपीबारा, हिरण, जगुआर, एनाकोंडा और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। नदियों और दलदलों के कारण यह क्षेत्र मछलियों और जलीय जीवों का भी प्रमुख आवास है।

              मानव जीवन के लिए लानोस क्षेत्र पशुपालन के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ बड़े पैमाने पर गाय पालन किया जाता है। साथ ही कुछ भागों में चावल और मक्का जैसी फसलों की खेती भी की जाती है।

              घास के मैदान के मुख्य प्रकार

              घास के मैदान जलवायु, वर्षा और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर विभिन्न प्रकार के होते हैं। घास के मैदान विश्व की पारिस्थितिकी, कृषि और पशुपालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

              1. उष्णकटिबंधीय घास के मैदान

              ये घास के मैदान उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ वर्ष भर गर्म जलवायु रहती है और वर्षा मौसमी होती है। यहाँ लंबी घास के साथ छिटपुट पेड़ भी पाए जाते हैं।

              उदाहरण: अफ्रीका के सवाना, ब्राज़ील का कैंपोस।

              विशेषताएँ:

              • गर्म जलवायु
              • शुष्क और वर्षा ऋतु स्पष्ट
              • जिराफ, हाथी, शेर जैसे वन्यजीव

              2. समशीतोष्ण घास के मैदान

              ये घास के मैदान मध्यम जलवायु वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। यहाँ पेड़ बहुत कम होते हैं और घास छोटी व घनी होती है।

              उदाहरण: प्रेयरी उत्तरी अमेरिका, पम्पास दक्षिण अमेरिका, स्टेपी यूरेशिया, वेल्ड दक्षिण अफ्रीका

              विशेषताएँ:

              • मध्यम वर्षा
              • उपजाऊ मिट्टी
              • गेहूँ और मक्का की खेती के लिए प्रसिद्ध

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