सऊदी अरब पश्चिम एशिया का एक प्रमुख देश है। यह अरब प्रायद्वीप के अधिकांश हिस्से में फैला हुआ है और क्षेत्रफल के हिसाब से मध्य पूर्व का सबसे बड़ा देश है। इसके पश्चिम में लाल सागर, पूर्व में फ़ारसी खाड़ी और चारों ओर कई अरब देश स्थित हैं।
सऊदी अरब की राजधानी क्या है
सऊदी अरब की राजधानी रियाद है, जबकि जेद्दा, मक्का और मदीना इसके प्रमुख शहर हैं। मक्का और मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल हैं।
सऊदी अरब का अधिकतर हिस्सा रेगिस्तान है, जहाँ पहाड़ और सूखे मैदान पाए जाते हैं। यहाँ की जनसंख्या लगभग 3.2 करोड़ है और यह अरब दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में से एक है।
यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही सभ्यताओं का केंद्र रहा है। इस्लाम धर्म का उदय 7वीं सदी में यहीं से हुआ। पैगंबर हज़रत मुहम्मद ने अरब लोगों को एकजुट किया, जिसके बाद इस्लाम दुनिया के कई हिस्सों में फैला।
आधुनिक सऊदी अरब की स्थापना 1932 में किंग अब्दुलअज़ीज़ ने की थी। तब से यह देश हाउस ऑफ सऊद के शासन में एक पूर्ण राजशाही है। यहाँ इस्लाम आधिकारिक धर्म और अरबी आधिकारिक भाषा है।
1938 में तेल की खोज के बाद सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल हो गया। इसकी अर्थव्यवस्था मध्य पूर्व एशिया की सबसे बड़ी है और यह G20 का एकमात्र अरब सदस्य है।
यहाँ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ मुफ्त हैं, व्यक्तिगत आयकर नहीं लिया जाता और जीवन स्तर काफ़ी ऊँचा है। देश की आबादी युवा है और बड़ी संख्या में विदेशी कामगार यहाँ रहते हैं।
सऊदी अरब संयुक्त राष्ट्र, OPEC, अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सदस्य है और क्षेत्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण शक्ति माना जाता है।
सऊदी अरब का भूगोल
सऊदी अरब पश्चिमी एशिया में स्थित है और अरब प्रायद्वीप का सबसे बड़ा देश है। यह देश लाल सागर और फारस की खाड़ी से घिरा हुआ है। इसकी लंबी समुद्री तटरेखाएँ व्यापार और शिपिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर कच्चे तेल के निर्यात में। सऊदी अरब अरब प्रायद्वीप का लगभग 80% हिस्सा घेरता है।
सऊदी अरब की सीमाएँ सात देशों से मिलती हैं, जिनमें इराक, कुवैत, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और यमन शामिल हैं। इनमें से कुछ सीमाएँ पूरी तरह तय नहीं हैं, इसलिए देश का सटीक क्षेत्रफल अलग-अलग अनुमानों में थोड़ा भिन्न बताया जाता है। सामान्यतः इसका क्षेत्रफल लगभग 22 लाख वर्ग किलोमीटर माना जाता है। देश का 7% से भी कम भाग खेती के लिए उपयुक्त है। आबादी मुख्य रूप से तटीय क्षेत्रों, नखलिस्तानों और कुछ शहरों में केंद्रित है, जबकि बड़े हिस्से रेगिस्तान हैं।
भूवैज्ञानिक रूप से, अरब प्रायद्वीप एक बहुत प्राचीन भूमि है। यहाँ की चट्टानें लाखों साल पुरानी हैं। भूगर्भीय हलचलों के कारण लाल सागर का निर्माण हुआ, जो ग्रेट रिफ्ट घाटी का हिस्सा है। यह दरार उत्तर में भूमध्य सागर से लेकर दक्षिण में अफ्रीका तक फैली हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अरब प्रायद्वीप धीरे-धीरे घूम रहा है, और भविष्य में फारस की खाड़ी एक झील में बदल सकती है।
सऊदी अरब का अधिकांश भाग रेगिस्तानी पठार नजद में फैला हुआ है, जिसे तीन बड़े रेगिस्तान घेरे हुए हैं:
1. अन-नफूद रेगिस्तान
यह देश के उत्तर में स्थित है और लाल रंग की रेत के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ ऊँचे-ऊँचे रेत के टीले हैं। सर्दियों में थोड़ी बारिश होने से घास उगती है, जिससे खानाबदोश लोग अपने पशुओं को चराते हैं।
2. एड-दहना रेगिस्तान
यह अन-नफूद और रुब अल-खाली को जोड़ने वाला एक संकरा रेगिस्तान है। इसे 'रेत की नदी' भी कहा जाता है। यहाँ भी लाल रेत पाई जाती है, लेकिन पानी के स्रोत कम हैं।
3. रुब अल-खाली
यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे दुर्गम रेगिस्तानों में से एक है। इसका क्षेत्रफल लगभग 5.5 लाख वर्ग किलोमीटर है। यहाँ ऊँचे रेत के पहाड़, नमक के मैदान और विशाल रेत की चादरें हैं। यह इलाका लगभग निर्जन है और केवल कुछ बेडूइन जनजातियाँ ही यहाँ रहती हैं।
कुल मिलाकर, सऊदी अरब का भूगोल विशाल रेगिस्तानों, पठारों और सीमित उपजाऊ क्षेत्रों से बना है, जिसने इसके जीवन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया है।
सऊदी अरब की जनसंख्या
2022 तक सऊदी अरब की कुल आबादी लगभग 3 करोड़ 21 लाख थी, जिससे यह अरब दुनिया का चौथा सबसे अधिक आबादी वाला देश बनता है। देश की कुल आबादी में लगभग 42% लोग प्रवासी हैं, जो मुख्य रूप से मध्य पूर्व, एशिया और अफ्रीका से आते हैं।
1950 में सऊदी अरब की आबादी केवल 30 लाख के आसपास थी, लेकिन इसके बाद जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ी। 20वीं सदी में यहाँ जनसंख्या वृद्धि दर दुनिया की सबसे ऊँची दरों में से एक थी। वर्तमान में भी आबादी लगभग 1.6% प्रति वर्ष की दर से बढ़ रही है। इसी कारण सऊदी अरब की आबादी काफी युवा है - आधी से अधिक जनसंख्या 25 वर्ष से कम उम्र की है।
जातीय दृष्टि से, सऊदी नागरिकों में लगभग 90% अरब और 10% अफ्रीकी-अरब हैं। आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा हिजाज़ क्षेत्र में रहता है, जहाँ देश की लगभग एक-तिहाई जनसंख्या निवास करती है। इसके बाद नजद क्षेत्र और पूर्वी प्रांत आते हैं।
1970 से पहले अधिकांश सऊदी लोग ग्रामीण इलाकों में रहते थे, लेकिन पिछले कुछ दशकों में देश में तेज़ी से शहरीकरण हुआ है। 2023 तक लगभग 85% आबादी शहरों में रहने लगी है, खासकर रियाद, जेद्दा और दम्मम जैसे बड़े शहरों में।
1960 के दशक की शुरुआत में सऊदी अरब में गुलामों की संख्या लगभग 3 लाख मानी जाती थी। हालांकि, 1962 में गुलामी को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है।
सऊदी अरब का इतिहास
सऊदी अरब का इतिहास एक राष्ट्र के रूप में 1727 से शुरू होता है, जब मध्य अरब में अल सऊद वंश का उदय हुआ और दिरियाह अमीरात की स्थापना हुई। इस्लाम से पहले भी यह क्षेत्र कई प्राचीन सभ्यताओं का केंद्र रहा है और यहाँ मानव जीवन के बहुत पुराने प्रमाण मिलते हैं।
इस्लाम का उदय 7वीं सदी में आज के सऊदी अरब में हुआ। पैगंबर मुहम्मद ने अरब के लोगों को एकजुट किया और एक इस्लामी राज्य की स्थापना की। 632 ई. में उनकी मृत्यु के बाद, इस्लाम तेजी से फैला और अरब से बाहर एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बड़े हिस्सों तक पहुँच गया। इसी दौर में राशिदुन, उमय्यद, अब्बासी और फातिमी खिलाफत जैसे शक्तिशाली इस्लामी शासन स्थापित हुए।
आधुनिक सऊदी अरब का क्षेत्र पहले चार मुख्य भागों में बँटा हुआ था - हेजाज़, नजद, पूर्वी अरब और दक्षिणी क्षेत्र असीर। इन सभी क्षेत्रों को एकजुट कर 1932 में अब्दुलअज़ीज़ बिन अब्दुल रहमान ने आधुनिक सऊदी अरब की स्थापना की। उन्होंने 1902 में रियाद पर कब्ज़ा करके अपने अभियान की शुरुआत की।
सऊदी अरब एक पूर्ण राजशाही है और यहाँ शासन इस्लामी सिद्धांतों पर आधारित है। इसे दो पवित्र मस्जिदों की भूमि भी कहा जाता है, क्योंकि मक्का की मस्जिद अल-हरम और मदीना की मस्जिद अल-नबवी यहाँ स्थित हैं, जो इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल हैं।
1938 में सऊदी अरब में तेल की खोज हुई, जिसने देश की किस्मत बदल दी। आज सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में से एक है और इसके पास विशाल तेल और गैस भंडार हैं, जिससे यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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