अदन की खाड़ी कहां स्थित है - Gulf of Aden

अदन की खाड़ी स्वेज नहर के माध्यम से भूमध्य सागर और हिंद महासागर को जोड़ने वाले प्रमुख समुद्री मार्ग का हिस्सा है। हर साल लगभग 21,000 जहाज इस मार्ग से गुजरते हैं। फारस की खाड़ी के तेल के परिवहन के कारण यह खाड़ी विश्व व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।

अदन की खाड़ी कहां स्थित है

अदन की खाड़ी हिंद महासागर की एक गहरी और महत्वपूर्ण खाड़ी है। इसके उत्तर में यमन, पश्चिम में जिबूती, पूर्व में अरब सागर और दक्षिण में सोमालिया, सोकोट्रा द्वीपसमूह और गार्डफुई चैनल स्थित हैं। उत्तर-पश्चिम में यह बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य के माध्यम से लाल सागर से जुड़ती है। खाड़ी का क्षेत्रफल लगभग 410,000 वर्ग किलोमीटर है, और यह लगभग 900 किलोमीटर लंबी तथा 500 किलोमीटर चौड़ी है।

अदन की खाड़ी कहां स्थित है

खाड़ी के किनारे यमन का प्रमुख बंदरगाह शहर अदन स्थित है। इसके अलावा यमन के जिंजिबार, शुकरह, मुकल्ला और अश-शिहर जैसे शहर तथा अफ्रीकी तट पर जिबूती, बेरबेरा और बोसासो महत्वपूर्ण हैं।

हालाँकि बड़े पैमाने पर व्यावसायिक मत्स्य उद्योग सीमित है, फिर भी तट के पास कई छोटे मछली पकड़ने वाले गांव बसे हैं। खाड़ी में मछलियाँ, कछुए और झींगे प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यहाँ मुख्य रूप से सार्डिन, टूना, किंगफिश और मैकेरल पकड़ी जाती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में क्रेफ़िश और शार्क का भी शिकार किया जाता है।

अदन की खाड़ी का समुद्री तापमान मौसम और मानसून के अनुसार बदलता रहता है। यहाँ पानी का तापमान लगभग 15°C से 28°C के बीच रहता है। लगभग 10 मीटर गहराई पर खाड़ी के पानी की लवणता पूर्वी सोमाली तट पर 35 % और खाड़ी के मध्य भाग में 37 % तक पाई जाती है।

अदन की खाड़ी विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, विशेषकर फारस की खाड़ी के तेल के परिवहन के लिए। दुनिया में समुद्र के रास्ते भेजे जाने वाले कुल पेट्रोलियम का लगभग 11% हिस्सा स्वेज नहर या आसपास की रिफाइनरियों तक पहुँचने के लिए इसी खाड़ी से होकर गुजरता है।

खाड़ी के प्रमुख बंदरगाहों में यमन के अदन, मुकल्ला, बलहाफ, जिबूती का जिबूती शहर, सोमालीलैंड के ज़ीला और बेरबेरा, तथा सोमालिया का बोसासो शामिल हैं।

अदन की खाड़ी से लगे देश

अदन की खाड़ी हिंद महासागर का एक महत्वपूर्ण समुद्री भाग है। यह अरब प्रायद्वीप और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र के बीच स्थित है। इसके उत्तर में यमन और दक्षिण में सोमालिया तथा जिबूती का क्षेत्र आता है। अदन की खाड़ी लाल सागर को अरब सागर से जोड़ने वाले समुद्री मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका पश्चिमी छोर बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास है।

अदन की खाड़ी से सीधे जुड़े प्रमुख देश निम्नलिखित हैं:

1. यमन

यमन अदन की खाड़ी के उत्तरी किनारे पर स्थित है। देश का महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर अदन इसी खाड़ी के किनारे बसा है। अदन प्राचीन समय से ही व्यापार और समुद्री गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।

2. सोमालिया

सोमालिया अदन की खाड़ी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है। इसकी लंबी समुद्री सीमा इसे हिंद महासागर और अदन की खाड़ी के व्यापारिक मार्गों से जोड़ती है। सोमालिया का उत्तरी क्षेत्र इस खाड़ी के सामने स्थित है।

3. जिबूती

जिबूती अफ्रीका के पूर्वी भाग में स्थित एक छोटा देश है। इसका उत्तरी तट अदन की खाड़ी और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास है। जिबूती का रणनीतिक महत्व बहुत अधिक है, क्योंकि यहां से एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच जाने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग गुजरता है।

अदन की खाड़ी का क्षेत्रफल

अदन की खाड़ी अरब प्रायद्वीप के यमन और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र, विशेष रूप से सोमालिया तथा जिबूती के बीच स्थित है। इसका क्षेत्रफल लगभग 4,10,000 वर्ग किलोमीटर माना जाता है। अलग-अलग भौगोलिक स्रोतों में इसकी सीमाओं को निर्धारित करने के तरीके के कारण क्षेत्रफल के आंकड़े में थोड़ा अंतर हो सकता है।

अदन की खाड़ी की लंबाई लगभग 900 किलोमीटर और इसकी अधिकतम चौड़ाई लगभग 500 किलोमीटर तक मानी जाती है। पश्चिमी दिशा में यह बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के माध्यम से लाल सागर से जुड़ती है, जबकि पूर्व की ओर यह अरब सागर और हिंद महासागर से जुडी है।

इस खाड़ी का क्षेत्रफल भले ही समुद्रों की तुलना में छोटा हो, लेकिन इसका भौगोलिक और सामरिक महत्व बहुत अधिक है। यूरोप और एशिया के बीच होने वाले समुद्री व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग इसके माध्यम से गुजरता है। स्वेज नहर, लाल सागर, बाब-अल-मंदेब, अदन की खाड़ी, अरब सागर का मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है।

इस प्रकार, लगभग 4.1 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाली अदन की खाड़ी एशिया, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ने वाले प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक है।

ऐतिहासिक महत्व

अदन की खाड़ी अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यूरोप और एशिया के बीच आने-जाने वाले अनेक जहाज इस क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। यह मार्ग स्वेज नहर और लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके कारण यमन, सोमालिया और जिबूती का भौगोलिक एवं सामरिक महत्व बढ़ जाता है।

अदन की खाड़ी से लगे प्रमुख देश यमन, सोमालिया और जिबूती हैं। इनके अलावा इसके आसपास का समुद्री क्षेत्र अरब सागर और लाल सागर के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क क्षेत्र बनाता है।

प्राचीन काल में अदन की खाड़ी पश्चिम में मिस्र और रोम तथा पूर्व में भारत, इंडोनेशिया और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक बड़ा केंद्र थी। यमन की धूप, कछुए के खोल और अन्य वस्तुओं की दोनों दिशाओं में भारी मांग थी।

जब मिस्र के नाविकों ने मानसूनी हवाओं का उपयोग कर भारत से सीधा समुद्री व्यापार शुरू किया, तो पुराने कारवां मार्ग कमजोर पड़ गए और इस क्षेत्र में समुद्री डकैती बढ़ने लगी। पहली सदी की प्रसिद्ध पुस्तक एरिथ्रियन सागर की पेरिप्लस उस समय के समुद्री व्यापार का विवरण देती है।

रोमन साम्राज्य के पतन के बाद सीधा व्यापार घट गया, लेकिन अदन के पास स्थित बंदरगाह क्षेत्र लंबे समय तक क्षेत्रीय व्यापार का केंद्र बना रहा। इस्लाम के उदय के बाद, इस खाड़ी के रास्ते अरब लोगों का अफ्रीका की ओर प्रवास भी बढ़ा।

आधुनिक सुरक्षा

2000 के दशक की शुरुआत में, खासकर सोमालिया के गृहयुद्ध के दौरान, अदन की खाड़ी समुद्री डकैती के लिए बदनाम हो गई। लेकिन 2013 के बाद अंतरराष्ट्रीय नौसेना गश्त और निजी सुरक्षा के कारण ऐसी घटनाएँ काफी कम हो गईं।

भारत इस मार्ग से हर साल लगभग 50 अरब डॉलर का आयात और 60 अरब डॉलर का निर्यात करता है, इसलिए अपने व्यापार की सुरक्षा के लिए भारत यहाँ नियमित रूप से युद्धपोत एस्कॉर्ट तैनात करता है।

भूवैज्ञानिक रूप से नई होने के कारण अदन की खाड़ी में समृद्ध जैव विविधता पाई जाती है। यहाँ विभिन्न प्रकार की मछलियाँ, मूंगे, समुद्री पक्षी और अन्य समुद्री जीव रहते हैं। पहले यहाँ प्रदूषण कम होने के कारण पारिस्थितिकी संतुलन अच्छा था, लेकिन अब पर्यावरण संगठनों को चिंता है कि बढ़ता प्रदूषण इस इकोसिस्टम को नुकसान पहुँचा सकता है।

कभी इस खाड़ी में व्हेल, डॉल्फ़िन और डुगोंग बड़ी संख्या में पाए जाते थे, लेकिन 1960–70 के दशक में बड़े पैमाने पर शिकार के कारण इनकी संख्या बहुत घट गई। आज यहाँ केवल कुछ बड़ी व्हेल ही कभी-कभार देखी जाती हैं, जैसे ब्राइड व्हेल, नीली व्हेल, स्पर्म व्हेल और ट्रॉपिकल बॉटलनोज़ व्हेल।

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