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पर्यावरण पर निबंध - Environment essay in Hindi

पर्यावरण के बारे में आप सभी तो जानते ही होंगे लेकिन मैं आज पर्यावरण पर निबंध लिख रहा हूं क्योंकि आज पर्यावरण के प्रति जागरूकता बहुत ही आवश्यक है। और परीक्षा में अक्सर पर्यावरण पर निबंध लिखो जरूर आता है। 

पर्यावण के बारे में अच्छी जानकारी आपको अच्छा अंक प्राप्त करने में जरूर मदद करेगा। तो चलिए जानते है पर्यावरण के बारे में:

पर्यावरण पर निबंध

इस पोस्ट में आपको जानने को मिलेगा पर्यावरण क्या है? पर्यावरण किस से मिलकर बना है पर्यावरण के कौन-कौन से भाग हैं और पर्यावरण से हमें किस प्रकार लाभ की प्राप्ति होती है तथा पर्यावरण से हमें किस प्रकार से हानि होती है और पर्यावरण का सारांश मैंने इस पोस्ट में आपके समक्ष रखने का प्रयास किया है। 

इस आर्टिकल में हमने पर्यावरण पर निबंध 500 शब्दों में लिखा है यदि 200 या 250 शब्दों में निबंध लिखना हो तो आप वाक्यांश को कम कर सकते है। 

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पर्यावरण किसे कहते हैं

यदि हम पर्यावरण शब्द का संधि विच्छेद करें तो यह दो शब्दों से मिलकर बना है। परी और आवरण से परी का अर्थ हमारे आस पास के वातावरण से है और आवरण का अर्थ हमें घेरे हुए चारों ओर की प्राकृतिक वस्तुओं जीव जंतुओं पेड़ पौधों के द्वारा बने आवरण से है। इस प्रकार हमारे आस पास के वातावरण को पर्यावरण कहा जाता है।

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जैसे कि मैंने आपको बताया कि पर्यावरण परी और आवरण अर्थात हमारे चारों ओर के वातावरण और उसमें उपस्थित जीव जंतु से मिलकर बना है। पर्यावरण में मनुष्य के अलावा और भी बहुत सारे जीव जंतु पाए जाते हैं। 

जो कि अपना जीवन यापन इस पृथ्वी पर करते हैं, जिनका इस पृथ्वी पर अलग अलग प्रभाव होता है। पर्यावरण में पाए जाने वाले जीव जंतु और पेड़ पौधों से मिलकर पर्यावरण का निर्माण होता है।

पर्यावरण में कई प्रकार के जीव जंतु पाए जाते हैं और इन जंतुओं के द्वारा कभी-कभी कई ऐसे चीजों का निर्माण होता है। जो कि पर्यावरण को एक नई दिशा की ओर ले जाता है। और पर्यावरण में परिवर्तन करता है। 

इस प्रकार पर्यावरण दोनों प्रकार के सजीव और निर्जीव से मिलकर बना हुआ है। जिनके बिना यह आपस में अधूरे हैं सजीव के बिना निर्जीव अधूरा है और निर्जीव की बिना सजीव अधूरा है।

पर्यावरण के प्रकार

पर्यावरण के प्रकार की बात करें तो यह दो प्रकार का होता है एक मानव निर्मित पर्यावरण और दूसरा प्रकृति द्वारा निर्मित पर्यावरण। 

मानव निर्मित 

पर्यावरण इस प्रकार के पर्यावरण होते हैं, जो कि मनुष्य द्वारा उत्पन्न किए गए वातावरण से निर्मित होते हैं। जैसे कि तालाब में मत्स्य पालन के लिए तैयार किया जाने वाला वातावरण मानव निर्मित पर्यावरण के अंतर्गत आता है। उसी क्रम में कोसा उद्योग के लिए तैयार किए गए वन आदि। मानव निर्मित पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं।

प्राकृतिक पर्यावरण 

प्राकृतिक पर्यावरण में प्रकृति द्वारा चुने गए ही जीव और निर्जीव जीवित रह पाते हैं। जैसे कि कई हजारों साल पहले डायनासोर पाए जाते थे। लेकिन अब नहीं पाए जाते हैं क्योंकि प्राकृतिक परिवर्तन के कारण इनका विनाश हो गया और वे लुप्त हो गए।

पर्यावरण के हित को देखते हुए इसका निर्माण प्रकृति खुद करती है। जैसे कि हम खाद्य श्रृंखला की बात करें तो यहां प्रकृति द्वारा निर्मित पर्यावरण के अंतर्गत ही आएगा क्योंकि प्रकृति कभी भी पर्यावरण का संतुलन नहीं बिगड़ने देती है। 

वहां पर्यावरण के बिगड़ने के कगार पर स्वयं परिवर्तित होकर पर्यावरण के अनुकूल प्रकृति स्वयं निर्मित करती है। इस प्रकार ऐसे पर्यावरण को हम प्राकृतिक पर्यावरण कहते हैं।

पर्यावरण के लाभ

पर्यावरण से होने वाले लाभ की बात करें तो यहां असीमित है और अविश्वसनीय है क्योंकि पर्यावरण ही हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। पर्यावरण के कारण हमें खाद्य, वस्तुएं आसानी से उपलब्ध हो पाती हैं। पर्यावरण से हम बहुत से उपयोगी वस्तुएं अपने दैनिक जीवन के लिए प्राप्त कर सकते हैं। 

पर्यावरण से कई मूल्यवान चीजें हमें प्राप्त होते हैं। पर्यावरण से ही हमें विभिन्न प्रकार के इंधन  की प्राप्ति होती है। हीरा जैसे मूल्यवान वस्तु हमें पर्यावरण में पाए जाने वाले मृदा से प्राप्त होती हैं। जीवन रूपी जल पर्यावरण के कारण ही हमें सुलभ हो पाया है।

पर्यावरण से हानि

पर्यावरण से होने वाली हानियों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाएं आती हैं और इसके अलावा मनुष्य द्वारा निर्मित प्रदूषण के कारण भी प्राकृतिक आपदा व प्रकृति द्वारा होने वाली हानियां कह सकते हैं। 

प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ और सुनामी प्रकृति में परिवर्तन के कारण आते हैं। अम्लीय वर्षा पर्यावरण में परिवर्तन के कारण देखने को मिलते हैं। भूकंप का आना प्राकृतिक है जो कि पर्यावरण के कारण उत्पन्न होती है। 

अत्यधिक मात्रा में गर्मी का बढ़ना पर्यावरण से होने वाली बहुत बड़ी समस्या है। कई मामलों में पर्यावरण में जहां पर जीवन देने योग्य है वहीं कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पर यह मृत्यु का कारण भी बनती है।

Conclusion 

पर्यावरण पर निबंध लिखना बहुत ही कठिन कार्य है क्योंकि इसका क्षेत्र बहुत ही विस्तृत है। इस प्रकार पर्यावरण के सभी क्षेत्रों का संक्षिप्त रूप से वर्णन करना ही पर्यावरण पर निबंध को एक आकर्षक लेख बनाता है। 


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