1 sangya ki paribhasha - संज्ञा 

उत्तर - संज्ञा किसी व्यक्ति, जाती,भाव, स्थान समूह पदार्थ के नाम को संज्ञा कहा जाता है।आसान भाषा में कहे तो किसी भी व्यक्ति वस्तु के नाम को संज्ञा कहा जाता है। जैसे राम अयोध्या का राजकुमार था। इसमें राम और स्थान अयोध्या संज्ञा है। नीचे और उदाहरण है संज्ञा के पांच प्रकार होते है। नीचे अच्छे से समझाया गया है। 


sarvnam ki paribhasha - सर्वनाम 

अब हम पहला प्रश्न देखते है कि सर्वनाम क्या है  इसकी परिभाषा क्या हैसर्वनाम English में इसे pronoun कहते है संज्ञा के स्थान पर उपयोग किया जाने वाला शब्द है। जो कोई भी व्यक्ति या  वस्तु के लिए  use में  किया जाता है। 


visheshan ke prakar - विशेषण 

हिंदी व्याकरण में विशेषण महत्वपूर्ण विषय है विशेषण क्या है और विशेषण के प्रकार (visheshan ke prakar) कितने है, बहुत ही सरल है इस पोस्ट में आपको आसान भाषा में समझने का प्रयास किया गया है मुझे आशा है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद विशेषण आपको पूरी तरह से समझ आ जायेगा इस पोस्ट में मैं विशेषण के जो भी मुख्य बाते है उस को कवर करूँगा। 


doha ki paribhasha - दोहा 

दोहा एक मासिक छंद है जिसके प्रथम और तृतीय चरण में 13,13 मात्राएं होती है।और दूसरे और अंतिम चरण में 11,11 मात्राएं होती है।इसमें 24 ,24 मात्रा की दो पंक्तियां होती है।


chhand ke prakar - छंद 

संस्कृत में सामान्यतः लय को बताने के लिये छन्द शब्द का प्रयोग किया जाता है। विशिष्ट गीत में वर्णों की संख्या और स्थान से सम्बंधित, नियमों को छ्न्द कहते हैं।


ras ki paribhasha - रस 

रस काव्य की आत्मा कहलाता है, जिस प्रकार शरीर का महत्व आत्मा के बिना कुछ नहीं है, उसी प्रकार बिना रस के प्रयोग के कोई भी काव्य का निर्माण नहीं हो सकता है। अर्थात शब्द और अर्थ काव्य का शरीर है जिस प्रकार हमारे अंग शरीर के महत्वपूर्ण भाग हैं उसी प्रकार शब्द होते हैं।


हिंदी साहित्य प्रश्न उत्तर 

1. कबीर की भाषा को किस नाम से पुकारा जाता है। उत्तर  सधुक्कड़ी


kaal ke prakar - काल 

काल के बारे में आपने तो सुना ही होगा यह हिंदी व्याकरण का मुख्या भाग है। हिंदी में काल या इंग्लिश में इसे टेंस के नाम से जानते है। काल के तीन प्रकार होते है भूतकाल , भविष्याकाल और वर्तमानकाल। 


vachan kise kahate hain - वचन  

वचन दो प्रकार के होते है - 1 एकवचन - शब्द के जिस रूप में एक वस्तु या एक पदार्थ का ज्ञान होता है, उसे वचन कहते है, यथा - मैं, गाय, गेंद, मेज आदि। 2. बहुवचन - शब्द के जिस रूप से अधिक वस्तुओं या पदार्थों का ज्ञान होता है, उसे बहुवचन कहते हैं, यथा - हम, गायों, गेंदों, मेजों।

 

10 samas in hindi - समास  

दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बने हुए नवीन एवं सार्थक शब्द को समास कहते हैं। जैसे - नौ ग्रहों का समूह - नवग्रह। समास विग्रह - सामासिक शब्दों के बीच के सम्बन्ध को स्पष्ट करना समास विग्रह कहलाता है। जैसे - राजपुत्र - राजा का पुत्र। सामासिक शब्द - समास के नियमों से निर्मित शब्द सामासिक शब्द कहलाते हैं। समास होने के बाद विभक्तियों के चिन्ह (परसर्ग) लुप्त हो जाते हैं। जैसे - राजपुत्र।



11 alankar in hindi - अलंकार 

अलंकार जो भूषित करे वह अलंकार है। अलंकार, कविता के सौन्दर्य को बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। जिस प्रकार आभूषण से नारी की सुन्दरता बढ़ जाती है , उसी प्रकार अलंकार से कविता की शोभा बढ़ जाती है। कहा गया है  जो अलंकृत करता है, वही अलंकार है।



* निबंध *


  1. Mahatma Gandhi Essay
  2. Water saving in Hindi
  3. air pollution essay in Hindi
  4. environment essay in Hindi
  5. pollution essay in Hindi

पत्र लेखन


पत्र लेखन क्या है 

यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सूचना (Massage) भेजने का माध्यम है। इसके प्रकार की बात करें तो यह मुख्य रूप से दो प्रकार के हो सकते हैं एक औपचारिक पत्र और दूसरा अनौपचारिक पत्र। पत्र लेकिन न केवल एक सूचना भेजने का माध्यम है बल्कि यह एक कला के रूप में विद्यमान है। पुराने जमाने में कई ऐसे लेखक हुए जिन्होंने पत्र के माध्यम से अपने बात कही है जैसे सुभाषचन्द्र को लिखे पत्र में। और गांधी को लिखे पत्र में ऐसे ही कला देखने को मिलते हैं जिससे एक सहज व्यक्तित्व झलकता है।