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अफ्रीका महाद्वीप - africa mahadeep in hindi

अफ्रीका महाद्वीप आबादी और क्षेत्रफल के आधार पर एशिया के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप हैं। इसके अंदर पृथ्वी के कुल क्षेत्र का 6 प्रतिशत और भूमि क्षेत्र का 20 प्रतिशत शामिल है। 2018 तक अफ्रीका महाद्वीप मे 1.3 बिलियन लोग निवास करते थे। यह दुनिया की कुल आबादी का लगभग 16 प्रतिशत है।

अफ्रीका महाद्वीप

सभी महाद्वीपों में अफ्रीका की औसत जनसंख्या सबसे कम है। प्राकृतिक संसाधनों की अधिकता के बावजूद भी अफ्रीका महाद्वीप मे प्रति व्यक्ति आय बहुत कम है। यहाँ के अधिकतक देश बहुत गरीब है। भारत की तरह यहाँ के देश कई सालों तक गुलाम थे।

आजादी के बाद यहाँ के देशों मे तकनीक की कमी के कारण आर्थिक विकास बहुत धीमा रहा हैं। इसके अलावा जंगल और मरुस्थल होने के कारण कृषि उत्पादन बहुत कम होता है। इन्ही कारणों से यहाँ विकास की दर बहुत धीमी रही है।

अफ्रीका महाद्वीप - africa mahadeep in hindi

अफ्रीका महाद्वीप में कितने देश

इस महाद्वीप के उत्तर में भूमध्य सागर, उत्तर-पूर्व में लाल सागर, दक्षिण-पूर्व में हिंद महासागर और पश्चिम में अटलांटिक महासागर स्थित है। अफ्रीका महाद्वीप का कुल क्षेत्रफल 30.37 मिलियन वर्ग किमी हैं। अफ्रीका महाद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप मेडागास्कर हैं जो अफ्रीका के पूर्व मे स्थित हैं। 

अफ्रीका महाद्वीप में 54 मान्यता प्राप्त देश है। जिसमे अल्जीरिया क्षेत्र के हिसाब से सबसे बड़ा देश है। जबकि नाइजीरिया जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ा है। अफ्रीकी देशो ने आर्थिक और सामाजिक कल्याण के लिए एक संघ स्थापना किया है। जिसे अफ्रीकी संघ कहा जाता है इसका मुख्यालय अदीस अबाबा में स्थित है।

अफ्रीका महाद्वीप का सबसे पुराना गणराज्य कांगो लोकतान्त्रिक गणराज्य है। जोकि मध्य अफ्रीका में स्थित है यह देश लगभग 2,344,858 वर्ग किलोमीटर को कवर करता है।

सहारा मरुस्थल

सहारा मरुस्थल का आकार ऐतिहासिक रूप से घटता बड़ता रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण यह मरुस्थल लुप्त भी हो गया था। वैज्ञानिकों का दावा हैं की हिम युग के अंत में, लगभग 10,500 ईसा पूर्व सहारा एक उपजाऊ घाटी बन गई थी। यहाँ के कई पहाड़ों मे की गई चित्रकारी मे इस क्षेत्र को उपजाऊ चित्रण किया गया हैं।

5000 ईसा पूर्व सहारा क्षेत्र तेजी से गर्म होने लगा। लगभग 3500 ईसा पूर्व पृथ्वी की कक्षा में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने के कारण सहारा का क्षेत्र मरुस्थल में परिवर्तित हो गया। यहाँ बसें लोग सहारा क्षेत्र से निकलकर दूसरी घाटी अर्थात नील नदी की ओर चले गए। जहाँ उन्होंने स्थायी बस्तियाँ बनाईं।

मध्य और पूर्वी अफ्रीका में लगातार बारिश की कमी और जलवायु परिवर्तन होने के कारण सहारा मरुस्थल का निर्माण हुआ हैं। पूर्वी अफ्रीका में और इथियोपिया जैसे क्षेत्रों मे पिछले 200 वर्षों से सूखे की स्थिति बनी हुयी है।

अफ्रीका का इतिहास

अफ्रीका को पृथ्वी पर सबसे पुराना बसेरा कहा जाता है। इस महाद्वीप की उत्पत्ति मानव प्रजातियों के साथ हुयी है। 20 वीं शताब्दी के मध्य में, मानवविज्ञानी ने मानव के कई जीवाश्मों और साक्ष्यों की खोज की है। जो शायद 7 मिलियन साल पुराना था। 

शोध से पता चला है, प्रारंभिक एपेलिक मनुष्यों की प्रजातियों से आधुनिक मानव का विकाश हुआ हैं। और वे इसी महाद्वीप में रहा करते थे। होमो सेपियन्स के विकास के बाद अफ्रीका में लगभग 350,000 से 260,000 साल बीपी में महाद्वीप मुख्यतः शिकारी कुत्तों के समूहों द्वारा आबाद था। 

पहले आधुनिक मनुष्यों ने अफ्रीका को छोड़ दिया और दुनिया के बाकी हिस्सों में चले गए। प्राचीन मानव सभ्यताएं प्राचीन मिस्र और फेनिशिया उत्तरी अफ्रीका में उभरीं हैं। इन सभ्यताओं का प्रवास और व्यापार की एक जटिल इतिहास रहा है। सबसे पहले संस्कृतियों और भाषाओं का विकास इसी महाद्वीप में हुआ है।

पिछले 400 वर्षों में अफ्रीका महाद्वीप पर यूरोपीयों का प्रभाव रहा है। 16 वीं शताब्दी के शुरू में यह व्यापार द्वारा संचालित हुआ था। इसके बाद यहाँ के निवासी को दास बनाया गया। और कई लोगो को दस बनाकर अमेरिका ले जाया गया। 

19 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, यूरोपीय देशों ने लगभग सभी अफ्रीकान देशो को उपनिवेश बना लिया था। महाद्वीप से संसाधनों को निकालने और स्थानीय समुदायों का शोषण करने के लिए 20 वीं शताब्दी में अफ्रीका के अधिकांश राज्यों का विखंडन किया गया। ताकि आसानी से वे अपने आकांक्षाओं को पूरा कर सके।

प्रारंभिक सभ्यताएँ

लगभग 3300 ईसा पूर्व में उत्तरी अफ्रीका में प्राचीन मिस्र की फैरोनिक सभ्यता का उदय हुआ था। दुनिया की सबसे लंबे समय तक चलने वाली सभ्यताओं में से एक, मिस्र की सभ्यता का विकास यही हुआ था। मिस्र का प्रभाव आधुनिक लीबिया और नूबिया तक था।

अफ्रीका की यूरोपीय खोज प्राचीन यूनानियों और रोमनों के साथ शुरू हुई। 332 ईसा पूर्व में, सिकंदर महान ने फारसी के कब्जे वाले मिस्र को आजाद करवाया इसलिए उन्हें मुक्तिदाता कहा जाता था। उन्होंने मिस्र में अलेक्जेंड्रिया की स्थापना की गई।

आबादी या जनसंख्या

अफ्रीका की आबादी पिछले 40 वर्षों में तेजी से बढ़ी है। कुछ अफ्रीकी राज्यों में, आधी से अधिक आबादी 25 साल से कम उम्र की है। 1950 में अफ्रीका में कुल लोगों की संख्या 229 मिलियन से बढ़कर 1990 में 630 मिलियन हो गई थी। 

2018 तक, अफ्रीका की जनसंख्या 1.3 बिलियन से अधिक है। अफ्रीका की कुल जनसंख्या कई महाद्वीपों को पार कर गयी है। 1990 के दशक में अफ्रीका की आबादी यूरोप से आगे निकल गई हैं। जबकि अमेरिका से वर्ष 2000 के आसपास आगे निकल गया हैं।

पश्चिम अफ्रीका के लोग मुख्य रूप से नाइजर-कांगो भाषा बोलते हैं। जो ज्यादातर गैर-बंटू शाखाओं से संबंधित हैं। कुछ एफ्रो-एशियाई भाषी समूह भी पाए जाते हैं। नाइजर-कांगो भाषी योरूबा, इग्बो, फुलानी, अकान और वोलोफ जातीय समूह सबसे बड़े हैं।

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