नर्मदा नदी की सहायक नदी कौन सी है - narmada nadi

नर्मदा नदी भारत की 5वीं सबसे लंबी नदी है और पश्चिम की ओर बहने वाली  सबसे लंबी नदी है। यह नदी भारत में मध्य प्रदेश और गुजरात राज्यों से होकर बहती है। नर्मदा को इन दोनों राज्यों की जीवनरेखा कहा जाता है।

नर्मदा नदी मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में अमरकंटक पठार से निकलती है। यह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच पारंपरिक सीमा बनाती है और 1,312 किमी पश्चिम की ओर बहने के बाद खंभात की खाड़ी से होते हुए अरब सागर में मिल जाती है।

नर्मदा नदी की सहायक नदी कौन सी है

नर्मदा नदी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है, जो मध्य भारत से होकर पश्चिम दिशा में बहती हुई अरब सागर में गिरती है। इसे रेवा भी कहा जाता है। नर्मदा नदी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात से होकर गुजरती है और अपने मार्ग में अनेक सहायक नदियों से जल प्राप्त करती है। ये सहायक नदियाँ नर्मदा के जलस्तर, कृषि, पारिस्थितिकी और मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

1. तवा नदी - तवा नदी का उद्गम सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से होता है। यह मध्य प्रदेश से होकर बहती है और नर्मदा नदी की सबसे लंबी एवं प्रमुख सहायक नदी मानी जाती है। तवा बाँध के कारण यह क्षेत्र सिंचाई, जलविद्युत और पेयजल आपूर्ति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2. बंजर नदी - बंजर नदी का उद्गम मैकल पर्वत से होता है और यह मध्य प्रदेश में बहती है। यह नदी आसपास के क्षेत्रों को कृषि के लिए आवश्यक जल उपलब्ध कराती है, जिससे स्थानीय किसानों की आजीविका मजबूत होती है।

3. शक्कर नदी - शक्कर नदी मध्य प्रदेश की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह मुख्य रूप से स्थानीय सिंचाई व्यवस्था को सहारा देती है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के लिए उपयोगी जल प्रदान करती है।

4. दूधी नदी - दूधी नदी की विशेषता यह है कि वर्षा ऋतु में इसका जल प्रवाह अत्यंत तीव्र हो जाता है। मानसून के दौरान यह नर्मदा नदी के जलस्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

5. गंजाल नदी - गंजाल नदी का उद्गम सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला से होता है। यह नदी विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है, क्योंकि इसका जल दैनिक जीवन, कृषि और पशुपालन में उपयोग होता है।

6. हिरन नदी - हिरन नदी मध्य प्रदेश में बहने वाली नर्मदा की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह नर्मदा नदी में जल की निरंतरता बनाए रखने में सहायक होती है, खासकर शुष्क मौसम के दौरान।

7. कोरनी नदी - कोरनी नदी आकार में भले ही छोटी हो, लेकिन यह नर्मदा नदी की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है। यह स्थानीय जल संतुलन बनाए रखने और आसपास के क्षेत्रों को जल उपलब्ध कराने में योगदान देती है।

नर्मदा का महत्व

  • कृषि के लिए उपयोगी: ये नदियाँ सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराती हैं
  • जल संरक्षण: भूजल स्तर बनाए रखने में सहायक
  • जैव विविधता: वन्यजीव और जलीय जीवन का संरक्षण
  • आर्थिक विकास: बाँध, बिजली उत्पादन और रोजगार

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