इजराइल का क्षेत्रफल कितना है - israel ka area

मध्य पूर्व में स्थित इजराइल एक छोटा लेकिन अत्यंत प्रभावशाली देश है। अपने सीमित क्षेत्रफल के बावजूद यह देश इतिहास, धर्म, राजनीति, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इज़राइल यहूदी, ईसाई और इस्लाम तीनों प्रमुख धर्मों के लिए पवित्र भूमि माना जाता है।

इजराइल एशिया में स्थित एक देश है। जिसकी राजधानी यरुशलम हैं। यहाँ लगभग 90 लाख लोग रहते हैं, जिनमें  से लगभग 74 प्रतिशत यहूदी और लगभग 18 प्रतिशत मुस्लमान हैं। हिब्रू इजराइल की आधिकारिक भाषा है, जबकि अरबी व्यापक रूप से बोली जाती है।

इजराइल का क्षेत्रफल कितना है

  1. इज़राइल का लगभग आधा क्षेत्र मरुस्थल है।
  2. मृत सागर पृथ्वी का सबसे निचला स्थल बिंदु है।
  3. देश का आकार छोटा होने के कारण यात्रा करना अपेक्षाकृत आसान है।
  4. सीमित भूमि के बावजूद यह विश्व के अग्रणी कृषि और तकनीकी देशों में शामिल है।

इजराइल का क्षेत्रफल कितना है

इजराइल एक विविधतापूर्ण देश है। इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 22,145 वर्ग किलोमीटर है और यह उत्तर से दक्षिण तक 424 किलोमीटर लंबा है। यदि केवल भूमि क्षेत्र की बात करें तो यह लगभग 20,770 वर्ग किलोमीटर के आसपास है।

  1. कुल क्षेत्रफल: 22,145 वर्ग किमी
  2. भूमि क्षेत्र: 20,770 वर्ग किमी
  3. जल क्षेत्र: 1,375 वर्ग किमी

जहाँ दक्षिण में रेगिस्तान, उत्तर में बर्फीले पहाड़ और पश्चिम में भूमध्य सागर है। इसकी सीमाएँ उत्तर में लेबनान, उत्तर-पूर्व में सीरिया, पूर्व में जॉर्डन और दक्षिण-पश्चिम में मिस्र से लगती हैं।

इज़राइल के दक्षिण में नेगेव रेगिस्तान है, जो लगभग 16,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है। जूडियन रेगिस्तान मिडिल ईस्ट में एक सूखा इलाका है, जो इज़राइल और वेस्ट बैंक तक फैला हुआ है। यह रेगिस्तान पश्चिम में जूडा हिल्स से लेकर पूर्व में डेड सी तक फैला हुआ है।

माउंट हर्मोन सीरिया और लेबनान के बीच स्थित एक पहाड़ी क्षेत्र है। यह सीरिया की सबसे ऊँचा क्षेत्र है, जो समुद्र तल से 2,814 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। माउंट हर्मोन के दक्षिणी क्षेत्र पर इज़राइल के नियंत्रण में है। जिसे गोलन हाइट्स के नाम से जाना जाता हैं। इसकी अधिकतम ऊंचाई 2,040 मीटर है।

यह क्षेत्रफल के हिसाब से विश्व के छोटे देशों में गिना जाता है। तुलना के लिए, भारत के कई राज्य और यहाँ तक कि कुछ जिले भी इससे बड़े हैं। फिर भी, सीमित भूमि संसाधनों के बावजूद इज़राइल ने कृषि, तकनीक और रक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

क्षेत्रफल की तुलना

मध्य पूर्व में स्थित इज़राइल का कुल क्षेत्रफल लगभग 22,000 वर्ग किलोमीटर है, जो आकार की दृष्टि से बहुत बड़ा नहीं है। यदि भारतीय राज्यों से तुलना करें तो यह लगभग मिज़ोरम (21,081 वर्ग किमी) के बराबर है और मेघालय (22,429 वर्ग किमी) से थोड़ा छोटा है।

हालाँकि क्षेत्रफल छोटा होने के बावजूद इज़राइल का वैश्विक प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। विज्ञान, कृषि तकनीक, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और रक्षा तकनीक जैसे क्षेत्रों में इस देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। सीमित भूमि और संसाधनों के बावजूद यहाँ उन्नत सिंचाई तकनीक, रेगिस्तानी खेती और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था विकसित हुई है।

इजराइल की राजधानी

इजराइल एक मात्र यहूदी देश है। यदि विश्व में कोई भी यहूदी बच्चा जन्म लेता है तो उसे इजराइल की नागरिकता स्वतः मिल जाती है। इजराइल की राजधानी यरुशलम तीन प्रमुख अब्राहमिक धर्मों यहूदी, ईसाई और इस्लाम के लिए एक पवित्र शहर है। दीवार-ए-गिरिया जिसे कोटेल भी कहा जाता है, यहूदियों के लिए सबसे पवित्र स्थल है। जो इसी शहर में स्थित हैं। 

ईसाइयों के लिए यरुशलम वह जगह है जहाँ यीशु मसीह ने अपने अंतिम दिन बिताए, उन्हें सूली पर चढ़ाया गया था। इस्लाम में यरुशलम मक्का और मदीना के बाद तीसरा सबसे पवित्र शहर है। क्योंकि पैगंबर मुहम्मद ने यहीं से मिराज की यात्रा की थी।

टेक्नोलॉजी

इज़राइल विश्व में तकनीक और विकास के क्षेत्र में अग्रणी देशों में से एक है। नई-नई तकनीकों के विकास ने इसे एक वैश्विक टेक्नोलॉजी हब बना दिया है। आकार में इज़राइल भारत के केरल राज्य से भी छोटा है, लेकिन यहाँ के लोगों की देशभक्ति, मेहनत और समर्पण ने इसे अद्वितीय बना दिया हैं। शिक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इज़राइल ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

इज़राइल ने तकनीकी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, चिकित्सा, कृषि, रक्षा और अंतरिक्ष सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसने खुद को एक वैश्विक तकनीकी शक्ति के रूप में स्थापित किया है।

साइबर सुरक्षा - इज़राइल दुनिया में साइबर सुरक्षा का केंद्र माना जाता है। यह चेक पॉइंट, साइबरआर्क और एनएसओ ग्रुप जैसी प्रमुख साइबर सुरक्षा कंपनियों का घर है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस - इज़राइल ने AI और मशीन लर्निंग में भी अभूतपूर्व प्रगति की है। प्रसिद्ध AI कंपनियों में से एक मोबाइलआई है, जिसने शेल्फ ड्राइविंग कार के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। इसके अलावा, ज़ेबरा मेडिकल विजन जैसी कंपनियाँ मेडिकल इमेजिंग में AI का उपयोग कर बीमारियों का शीघ्र पता लगाने में मदद कर रही हैं।

चिकित्सा और जैव प्रौद्योगिकी - इज़राइल चिकित्सा प्रौद्योगिकी में भी आगे है। पिलकैम, एक निगलने योग्य छोटा कैमरा है, जो आंतों की बीमारियों का निदान करने में मदद करता है, इज़रायली वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया था। इसके अलावा, रीवॉक नामक एक एक्सोस्केलेटन सिस्टम विकसित किया गया है, जो लकवाग्रस्त लोगों को फिर से चलने में सहायता करता है।

कृषि - इज़राइल ने आधुनिक कृषि तकनीक में क्रांति ला दी है। इसका सबसे बड़ा योगदान ड्रिप सिंचाई प्रणाली है, जिसे नेटाफिम नामक कंपनी ने विकसित किया है। यह किसानों को पानी का कुशल उपयोग करने में मदद करता है और फसल की पैदावार बढ़ाता है। इज़राइल पानी से लवण और दूसरे खनिजों को हटाने की प्रक्रिया में अग्रणी है। यहाँ 90% से अधिक अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग किया जाता है, जिससे जल संकट से निपटने में मदद मिलती है।

रक्षा - इज़राइल की रक्षा प्रौद्योगिकी दुनिया की सबसे उन्नत प्रणालियों में से एक मानी जाती है। आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली, जिसे राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स ने विकसित किया, हवाई खतरों से सुरक्षा प्रदान करने में बेहद प्रभावी साबित हुई है।

इज़राइल की सैन्य ताकत

1948 से पहले इज़राइल ब्रिटिश शासन के अधीन था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अन्य क्षेत्रों से यहूदी समुदाय के लोग एक अलग राष्ट्र की स्थापना के लिए इस क्षेत्र में बसने लगे। 1947 में यहूदियों और अरबों के बीच संघर्ष हुआ, जिसके परिणामस्वरूप 1948 में इज़राइल का गठन हुआ। अरब देशों ने इज़राइल को नष्ट करने के लिए कई युद्ध किए, लेकिन हर बार इज़राइल ने अपनी रक्षा करने में सफलता हासिल की।

1967 का युद्ध इज़राइल ने मात्र 6 दिनों में सीरिया, जॉर्डन और मिस्र के खिलाफ युद्ध जीतकर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया।

इज़राइल की जनसंख्या सिर्फ 90 लाख है, लेकिन इसकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं में से एक मानी जाती है। जिसकी ताकत विश्व ने तब देखा जब आतंकवादियों ने एक हवाई जहाज को बंधक बना लिया था। तब इजराइल की सेना ने अफ्रीका में जाकर अपने नागरिको की जान बचायी थी।

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