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synonyms in hindi and english

पर्यायवाची, का हमेशा मतलब है किसी शब्द के अंग्रेजी भाषा में दो या अधिक शब्द जिसका  तो समान  निकटतम समान अर्थ है । यह मात्र अर्थ में समानता से अभिप्राय नहीं रखता है,आमतौर में शब्दों के लिए कुछ निहितार…

cvigil app in hindi

साथियों आप सभी तो जानते ही है की वर्ष 2018 में अभी हाल में राज्यसभा का चुनाव हुआ उसमें कई मामले सामने आये थे तो उसी से निपटने के लिए या कहें चुनाव में होने वाले हेरफेर को रोकने के लि…

सर्वनाम किसे कहते है - सर्वनाम के प्रकार

हैलो फ्रेंड्स आज मै सर्वनाम के बारे में जानकारी  दे रहा हूं। सर्वनाम क्या है और उदाहरण आदि। संज्ञा के बदले में यूज़ करने वाले शब्द को सर्वना…

संज्ञा की परिभाषा उदाहरण सहित - sangya ki paribhasha

नमस्कार दोस्तों हिंदी व्याकरण में संज्ञा के बारे में आज बताने वाला हुं की संज्ञा क्या है और प्रकार कितने है। ये विषय हिंदी में बहुत महत्व रखता हैं। संज्ञा के ज्ञान से हिंदी वाक्य को समझने में आस…

छंद किसे कहते हैं - chhand ke prakar

हेल्लो दोस्तो आपका फिर से स्वागत है। आप इस ब्लॉग के रेगुलर पड़ने वाले है तो आपको पता होगा कि अभी हिंदी ग्रामर मै रस, दोहा और अलंकार की जानकारी दे दी गई है आज हम छंद के बारे में जानेंगे। छंद किसे कहते…

singular and plural numbers in Hindi

Hello दोस्तो आप सबका स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पर आज मै singular and plural number के बारे में लिख रहा हूं। उम्मीद है कि मेरी तरफ से दी जा रही जानकारी आपके लिए help full होगी, तो चलिए start करते है। …

फाइलिंग किसे कहते हैं - filing in Hindi

Chapter 4.6 -  फाइलिंग किसे कहते हैं साथीयों आप सभी का फिर से एक बार मैं स्वागत करता हूँ मेरे ब्लॉग पर आज मैं आपके लिए डीजल मैकेनिक कोर्स में प्रयोग होने वा…

छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य - chhattisgarhi vyakaran

Chhattisgarhi bhasha aur sahitya छत्तीसगढ़ी साहित्य का इतिहास - छत्तीसगढ़ी गद्य की तुलना में छत्तीसगढ़ी गद्य लेखन की परम्परा अधिक प्राचीन है और विकसित भी। हमें गद्य की जानकारी दन्तेव…

हिंदी साहित्य के प्रश्न और उत्तर

नमस्कार दोस्तो आज मै हिंदी साहित्य से संबंधी जानकारी लिख रहा हूँ। उम्मीद है आपको पसंद आयेगा। इसके हिंदी साहित्य से संबधित प्रश्न और उत्तर दिए गए है। जो अक्सर जाते। है। इसके अलावा हिंदी ग्रामर से संब…

रस कितने प्रकार के होते हैं - ras ke prakar

रस काव्य की आत्मा कहलाती है। जिस प्रकार शरीर का महत्व आत्मा के बिना कुछ नहीं है। उसी प्रकार बिना रस के कोई भी काव्य अधूरा होता है। अर्थात शब्द को हम शरीर मान सकते है और रस को आत्मा।  रस क…
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