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भारत के पड़ोसी देशों के नाम - bharat ke padosi desh

भारत उत्तर में जम्मू और कश्मीर से दक्षिण में कन्याकुमारी तक लगभग 3,214 किलोमीटर तक फैला है। इसकी चौड़ाई पश्चिम में गुजरात से पूर्व में अरुणाचल प्रदेश तक 2,933 किलोमीटर है। जैसे जैसे हम दक्षिण की ओर बढ़ते हैं भारत घटता जाता है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है। जनसंख्या के अनुसार भारत दूसरा सबसे बड़ा देश है। 

भारत एशिया महाद्वीप का क्षेत्रफल की दृष्टि से तीसरा बड़ा देश है और जनसंख्या के अनुसार चीन के बाद दूसरा नंबर का देश है। भारत में सबसे ज्यादा युवा की संख्या है। भारत की स्थल सीमा को स्पर्श करने वाले 7 देश है पश्चिम में पाकिस्तान, अफगानिस्तान उत्तर में चीन, नेपालभूटान और पूर्व बांग्लादेश तथा म्यानमार और दक्षिण में श्रीलंका व् मालदीव है। यह दोनों देश भारत के साथ जल सिमा साझा करते है। 

 पूर्ण जानकारी के लिए पढ़े - भारत देश 

भारत के पड़ोसी देशों के नाम - bharat ke padosi desh

भारत के 7 पड़ोसी देश

Desh Rajdhani
पाकिस्तान इस्लामाबाद
चीन  बीजिंग
बांग्लादेश  ढाका 
म्यांमार  नैप्यीदा 
नेपाल  काडमांडू 
भूटान  थिम्फू 
श्रीलंका कोलम्बो
अफगानिस्तान  काबुल 
मालदीव  माले 

भारत के पड़ोसी देशों से संबंध

विदेश मंत्रालय, भारत के विदेशी संबंधों के संचालन के लिए जिम्मेदार सरकारी एजेंसी है। विश्व की तीसरी सबसे बड़ी सैन्य व्यय, चौथी सबसे बड़ी सशस्त्र बल, जीडीपी दरों से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और क्रय शक्ति समानता के मामले में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ, भारत एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति, एक परमाणु शक्ति है।

1947 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से, भारत को अब एक नए औद्योगिक देश के रूप में वर्गीकृत किया गया है और अन्य देशो के साथ विदेशी संबंधों का एक व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका  के साथ के साथ शामिल हैं। भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन के संस्थापक सदस्य के रूप में भी एक प्रमुख प्रभाव डालता है। 

हाल के दशकों में, भारत ने एक अधिक विस्तृत विदेश नीति अपनाई है जिसमें सार्क देशों के साथ अन्य पूर्वी एशियाई देशों से व्यापक आर्थिक और रणनीतिक संबंध बनाने की ओर ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा, भारत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के संस्थापक सदस्यों में से एक था- संयुक्त राष्ट्र, एशियाई विकास बैंक, न्यू डेवलपमेंट ब्रिक्स बैंक, और जी -20, जिसे व्यापक रूप से उभरते और विकसित देशों का मुख्य आर्थिक केंद्र माना जाता है।

1. अफगानिस्तान 

भारत और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंध परंपरागत रूप से मजबूत और मैत्रीपूर्ण रहे हैं। जबकि भारत 1980 के दशक में सोवियत समर्थित लोकतांत्रिक गणराज्य अफगानिस्तान को मान्यता देने वाला एकमात्र दक्षिण एशियाई देश था, इसके संबंध अफगान गृहयुद्धों और 1990 के दशक में इस्लामी तालिबान के शासन के दौरान कम हो गए थे। भारत ने तालिबान को उखाड़ फेंकने में सहायता की और मानवीय और पुनर्निर्माण सहायता का सबसे बड़ा क्षेत्रीय प्रदाता बन गया।

2. पाकिस्तान

ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जातीय संबंधों के बावजूद, भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध 1947 में भारत के विभाजन के बाद से अविश्वास और संदेह के वर्षों से त्रस्त रहा हैं। भारत और उसके पश्चिमी पड़ोसी के बीच विवाद का प्रमुख स्रोत कश्मीर संघर्ष रहा है। पश्तून आदिवासियों और पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों के आक्रमण के बाद, जम्मू और कश्मीर के डोगरा साम्राज्य के हिंदू महाराजा, हरि सिंह और उसके मुस्लिम प्रधान मंत्री, शेख अब्दुल्ला ने नई दिल्ली के साथ एक विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए। 

पहला कश्मीर युद्ध भारतीय सेना द्वारा राज्य की राजधानी श्रीनगर में प्रवेश करने के बाद शुरू हुआ, ताकि क्षेत्र को हमलावर बलों से सुरक्षित किया जा सके। दिसंबर 1948 में युद्ध समाप्त हुआ जब नियंत्रण रेखा ने तत्कालीन रियासत को पाकिस्तान (उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों) और भारत (दक्षिणी, मध्य और उत्तरपूर्वी क्षेत्रों) द्वारा प्रशासित क्षेत्रों में विभाजित किया।

3. बांग्लादेश

भारत दूसरा देश था जिसने बांग्लादेश को एक अलग और स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी, ऐसा 6 दिसंबर 1971 को किया गया। भारत ने बांग्लादेशियों के साथ 1971 में बांग्लादेश को पश्चिमी पाकिस्तान से मुक्त कराने के लिए लड़ाई लड़ी। भारत के साथ बांग्लादेश के संबंध सिंचाई और भूमि सीमा के मामले में कठिन रहे हैं। 1976 के बाद के विवाद रहा हालाँकि, 1972 और 1996 में अवामी लीग द्वारा गठित सरकारों के दौरान भारत के बांग्लादेश के साथ अनुकूल संबंध रहे हैं। 

4. नेपाल

भारत और नेपाल के बीच संबंध घनिष्ठ हैं, लेकिन सीमा विवाद, भूगोल, अर्थशास्त्र, बड़ी शक्ति-छोटे शक्ति संबंधों में निहित समस्याओं और दोनों देशों की सीमाओं को ओवरलैप करने वाली सामान्य जातीय और भाषाई पहचान से उत्पन्न कठिनाइयों से भरा हुआ है। 1950 में नई दिल्ली और काठमांडू ने शांति और मित्रता की संधि और दोनों देशों के बीच सुरक्षा संबंधों को परिभाषित करने वाले गुप्त पत्रों के साथ अपने अंतर्संबंधित संबंधों की शुरुआत की।

5. भूटान

ऐतिहासिक रूप से भारत के साथ घनिष्ठ संबंध रहे हैं। दोनों देशों ने 1949 में एक मैत्री संधि पर हस्ताक्षर किए, जहां भारत भूटान को विदेशी संबंधों में सहायता करेगा। 8 फरवरी 2007 को, भूटानी राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के तहत भारत-भूटान मैत्री संधि को काफी हद तक संशोधित किया गया था। भारत सरकार भूटान के आंतरिक प्रशासन में कोई हस्तक्षेप नहीं करने का वचन देती है। अपनी ओर से भूटान सरकार भारत सरकार की सलाह से निर्देशित होने के लिए सहमत है। 

6. चीन 

1962 के भारत-चीन युद्ध, 1967 के नाथू ला और चो ला की घटनाओं, और अक्साई चिन और अरुणाचल प्रदेश पर जारी सीमा विवादों के बावजूद, 1988 से चीन-भारत संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हुआ है। दोनों देशों ने तनाव को कम करने की मांग की है। सीमांत, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों का विस्तार करना प्रारम्भ किया।

2004 के बाद से, चीन और भारत दोनों के आर्थिक उत्थान ने भी दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध बनाने में मदद की है। 2013-14 में चीन-भारतीय व्यापार 65.47 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिससे चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया।  भारत और चीन के बीच बढ़ती आर्थिक निर्भरता ने भी दोनों देशों को राजनीतिक रूप से करीब ला दिया है। 

2021 में भारत चीन सीमा विवाद फिर से गहरा गया है। दोने देशो दे सैनिक सामने थी और झाड़फे भी हुए जिसके कारण व्यापर में भी कमी देखि गयी। 

7. म्यांमार 

1948 में ग्रेट ब्रिटेन से बर्मा की स्वतंत्रता के बाद भारत ने राजनयिक संबंध स्थापित किए। कई वर्षों तक सांस्कृतिक संबंधों और वाणिज्य हितों और बर्मा में भारतीय समुदाय की उपस्थिति के कारण भारत-बर्मा संबंध काफी मजबूत थे।

जब म्यांमार क्षेत्रीय विद्रोहों से जूझ रहा था तब भारत ने काफी सहायता प्रदान की थी। हालांकि, बर्मा की सेना द्वारा लोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकने से संबंधों में तनाव पैदा हो गया। दुनिया के अधिकांश देशो के साथ, भारत इस दमन की निंदा। जिससे म्यांमार ने दुनिया से अपना अलगाव बढ़ गया। 

8. मालदीव

मालदीव की विदेश नीति पर भारत का काफी प्रभाव है और विशेष रूप से 1988 में ऑपरेशन कैक्टस के बाद व्यापक सुरक्षा सहयोग प्रदान करता है, जिसके दौरान भारत ने देश पर आक्रमण करने वाले तमिल भाड़े के सैनिकों को खदेड़ दिया था।

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ, सार्क अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका को एक साथ लाता है।  देश सार्क में बहुत सक्रिय भूमिका निभाता है। 

9. श्रीलंका

श्रीलंका और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक रूप से अच्छा संबंध रहा है। श्रीलंका भी भारतीय महाकाव्य रामायण में मुख्य फोकस बिंदु में से एक है, जो रावण का देश है जिसने सीता का अपहरण किया था। दोनों देश लगभग समान नस्लीय और सांस्कृतिक संबंध साझा करते हैं। 

पारंपरिक श्रीलंकाई इतिहास के अनुसार, श्रीलंका के राजा देवनमपिया तिस्सा के शासनकाल के दौरान, भारतीय सम्राट अशोक के पुत्र आदरणीय महिंदा द्वारा चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में श्रीलंका में बौद्ध धर्म की शुरुआत की गई थी। इस समय के दौरान, बोधि वृक्ष का एक पौधा श्रीलंका लाया गया और पहले मठों और बौद्ध स्मारकों की स्थापना की गई।

भारत और पड़ोसी देशों की सीमा 

भारत की सीमा अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका हैं। भारत उत्तरी गोलार्ध में अक्षांशीय रूप से और पूर्वी गोलार्ध में अनुदैर्ध्य रूप से स्थित है। भारत कुल 9 देश के साथ सीमा साझा करते हैं। इनमें से 7 देश भूमि सीमा साझा करते हैं जबकि 2 देश भारत के साथ समुद्री सीमा साझा करते हैं। भू-सीमाओं की दृष्टि से भूटान भारत का सबसे छोटा पड़ोसी देश है।

भारत पाकिस्तान सीमा

भारत के पश्चिम में स्थित पाकिस्तान का क्षेत्रफल 7,96,940 किमी है। यह विश्व में आकार की दृस्टि से 36 वा स्थान रखता है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद है। पाकिस्तान के साथ भारत का संबंघ बहुत ख़राब रहे है। दोनों देशो ने कई बार पहल तो की है पर कोई खास नतीजा सामने निकल कर नहीं आये है। 

भारत पाक सिमा रेखा को रेडक्लिफ लाइन कहा जाता है। जिसकी लम्बाई लगभग 2900 किलोमीटर है। इस सिमा का निर्धारण 17 अगस्त 1947 को हुआ था। भारत के राजस्थान, पंजाबहरियाणा और गुजरात साथ ही जम्मू और कश्मीर पाकिस्तान की सिमा से लगा हुआ है। यह दोनों देश थल सिमा के साथ-साथ जल सिमा भी साझा करते है।  

भारत पाक सिमा पीओके को लेकर विवाद है या जम्मू और कश्मीर में है। दोनों देश इस पर अपना दावा करते है। सन् 1965 में पाकिस्तान ने भारत पर इसी कारण से हमला किया था। जो 22 दिनों तक चला था। 

भारत-चीन सीमा

चीन एशिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। चीन की जनसख्या 1.393 बिलियन है। यह विश्व की सबसे अधिक आबादी वाला देश है।  इसका क्षेत्रफल 9,597,000 किमी है। चीन की स्थापना  220 से 206 ईसा पूर्व किन वंश के राजा ने की थी। 

भारत के उत्तर में स्थित चीन की सिमा उत्तर भारत के इन राज्यों से जुड़ती है। अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केंद शासित प्रदेश लद्दाक।    

भारत-चीन सिमा को मेक मोहन रेखा कहा जाता है। जिसकी लम्बाई 890 किलोमीटर है। 1914 में शिमला समझौता के तहत इसका निर्धारण किया गया था। इस सिमा को लेकर चीन विवाद करता रहता है। वह तो अरूणाचल प्रदेश पर भी अपना दवा करता है। 

1962 में चीन सेना भारत के लद्दाक क्षेत्र पर खुस ए थे जिसके कारण दोनों देशो में युद्ध हुआ। और चीन ने भारत के कुछ क्षेत्र अपने अधीन कर लिया। जिसे loc कहा जाता है। आये दिन चीन और भारत में सिमा को लेकर विवाद होता रहा है। 2020 में तो दोनों देशो के सैनिको के बीच हिंसक झड़पे भी हुयी हैं।    

भारत नेपाल सीमा

नेपाल भारत के उत्तर में स्थित एक लैंडलॉक देश है। यह 147181 वर्ग किलोमीटर में फैला है। विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउन्ट एवरेस्ट नेपाल में है। इस देश की संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोग यहाँ सैर करने आते है। यहाँ की राष्ट्रीय भाषा नेपाली है इसके अलावा हिंदी भाषा भी बोली जाती है। 

नेपाल भारत के साथ 1751 किलोमीटर सिमा साझा करती है। बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्त्तरप्रदेश, सिक्किम राज्य नेपाल की सिमा से लगे है। 

भारत सरकार ने नेपाल सीमा पर 3853 करोड़ रूपए की लागत से 1377 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया है। जिसमे उत्तराखंड, बिहार और  उत्तरप्रदेश राज्य शामिल है। भारत और नेपाल की संस्कृति समान है। यही कारण है की दोनों देश के सम्बद्ध प्राचीन कल से है अच्छे रहे है। 

हलाकि दोनों देशो में कभी मतभेद हुए है। परन्तु इससे ज्यादा दोनों देशो के सम्बंद में दूरिया दक्खने को नहीं मिलती है। कुछ समय पहले नेपाल ने भारत पर आरोप लगाए थे की वे नेपाल के अंदर सड़को का निर्माण कर रहे है। जिसके कारण लोगो में आक्रोश की भावना देखने को मिला था। जल्द ही दोनों देशो ने इसे शांतिपूर्ण तरीके से निपटा लिया।   

भारत भूटान सीमा

भूटान भारत में हिमालय में बसा हुआ है, इसकी राजधानी थिम्फू है। भूटान का क्षेत्रफल 47,000 वर्ग किलोमीटर है. यह देश चीन और भारत के सिमा से गिरा हुआ है। अतः यह एक लैंडलॉक देश है। भूटान में पर्वतीय क्षेत्र की अधिकता होने के कारन इसे उबड़ खाबड़ वाला देश भी कहा जाता है। यहाँ पे 100 किमी की दुरी में 150 से 70000 मीटर ता की उचाई पायी जाती है। 

भारत भूटान के साथ 699 किलोमीटर सिमा साझा करता है। भूटान से लगे राज्य सिक्किम, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और असम है। भारत-भूटान सिमा पर 131 चौकिया स्थापित की गयी है। 

भारत भूटान का संबंध मैत्रीपूर्ण रहे है। इन दोने देशो के बीच दार्जलिंग में 8 अगस्त 1949 को रक्षा और निति पर एक समझौता भी हुआ था। काफी लम्बे समय के बाद 2007 में इस समझौते में कुछ बदलाव किये गए।

भौगोलिक दृस्टि से भूटान भारत के लिए एक महत्पूर्ण देश है। क्योकि चीन और भारत के बीच स्थित यह देश पूर्वोत्तर भारत के चिकन नेक से जुड़ा हुआ है। यही कारण है की भारत डोकलाम विवाद में भूटान की सहायता किया। यदि चीन तिब्बत की तरह भूटान पर कब्ज़ा कर लेता है तो भारत के लिए मुश्किल हो सकती है।  

श्रीलंका भारत सीम

भारत के दक्षिण में स्थित श्रीलंका एक द्वीप देश है इसकी राजधानी कोलम्बो है इसका कुल क्षेत्रफल 65,610 वर्ग किलोमीटर है। श्रीलंका की प्राचीन राजधानी अनुराधापुरा था। श्रीलंका की आधिकारिक भाषा सिंहली है इसके अलावा यहाँ तमिल भी बोली जाती है।  

भारत और श्रीलंका की दुरी 271 किलोमीटर है समुद्र में श्रीलंका और भारत के बीच कई छोटे छोटे द्वीप है। 

भारत और श्रीलंका समुद्री सिमा साझा करते है। इसमें राम सेतु, पाक जल डमरू मन्नार की खाड़ी और लक्षदीप का सागर शामिल है। इन दोने देशो की सुनिचत नहीं है इसके कारण भारत के मछुवारे गलती से श्रीलंका के सिमा में चले जाते है। जहा पे श्रीलंकाई सैनिक इनपर गोलिया चला देता है। या गिरप्तार कर लेते है। 

भारत और श्रीलंका की संबंध राजनैतिक और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह देश भारत के दक्षिण में स्थित है। और चीन भारत को घेरने के लिए भारत के पड़ोस देशो को यूज़ कर रहा है। अतः भारत यही चाहता है अपने पडोसी देशो से मित्रपूर्ण संबंध स्थापित रहे। वैसे भारत और श्रीलंका का सम्बन्ध अच्छा रहा है।  

भारत बांग्लादेश सीमा

बांग्लादेश भारत इ पूर्व में स्थित है। कुल क्षेत्रफल 144,000 वर्ग किलोमीटर है। बांग्लादेश 8 अलग अलग भागो में बटा हुआ है। जिसे डिवीजन के नाम से जाना जाता है। बांग्लादेश की सिमा असम, मिजोरम, त्रिपुरा,        मेघालय और पश्चिम बंगाल से लगती है। 

भारत बांग्लादेश की सिमा रेखा की लंबाई 4096 किलोमीटर है। साथ ही दोनों देश जल सिमा भी साझा करते है। इन देशो की सिमा निर्धारण 1947 को हुआ था। जब यह क्षेत्र पाकिस्तान के अंतर्गत आता था। 

भारत और बांग्लादेश के संबंध अछे रहे है। बांग्लादेश इंडिया के किये काफी अहमियत रखता है। भारत इस देश को तीन और के घेरता है। इन दोनों देशो के सिमा पर सेना उपस्थित है। कई बार इन दोनों देशो के बीच सीमा विवाद हुए है। लेकिन या अतीत का विषय है। आधुनिक समय में भारत का बांग्लादेश से मधुर संबंध स्थापित हुए है।

भारत म्यांमार सीमा रेखा 

म्यांमार भारत के पूर्व में स्थित देश है जिसकी राजधानी नैप्यीदा है। इसका क्षेत्रफल  676,575 वर्ग किलोमीटर है। म्यांमार की सिमा भारत के अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम , मणिपुर और नागालैंड राज्य से लगी हुयी है। म्यांमार भारत के साथ 1643 किलोमीटर की अंतरास्ट्रीय सिमा साझा करती है। जिसे भारत-म्यांमार सिमा रेखा कहा जाता है। 

मालदीव और भारत सीमा 

मालदीव भारत के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 430 किमी की दूरी पर स्थित लक्षद्वीप सागर में एक द्वीप राष्ट्र है। द्वीप वास्तव में एक ज्वालामुखीय रिज और उत्तरी और मध्य हिंद महासागर के बीच फैले समुद्री पठार हैं।

मालदीव गणराज्य भारत और  श्रीलंका के साथ हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सीमा साझा करता है। द्वीपसमूह में भूमध्य रेखा को पार करते हुए उत्तर से दक्षिण तक 860 किमी की लंबाई में फैले एटोल की एक श्रृंखला है। देश लगभग 1200 प्रवाल द्वीपों से बना है। 

भारत अफगानिस्तान सीमा 

उत्तर-पश्चिम में भारत और अफगानिस्तान के बीच एक छोटी सी सीमा है। भारत द्वारा दावा की गई भूमि के अनुसार, यह अफगानिस्तान के साथ एक सीमा साझा करता है।

भारत द्वारा वास्तविक दावा की गई भूमि के अनुसार, यह अफगानिस्तान के साथ सीमा साझा करता है। हालांकि, वह दावा किया गया क्षेत्र वर्तमान में पाकिस्तान के नियंत्रण में है। इसलिए, यदि हम केवल भारत द्वारा नियंत्रित क्षेत्र को शामिल करते हैं, तो यह अफगानिस्तान के साथ सीमा साझा नहीं करता है।

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