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चंद्रमा किसे कहते हैं - Moon in Hindi

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Moon in hindi
चन्द्रमा की मुख्य जानकारी
पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी 384,400 km
पृथ्वी का चक्कर 27.3 दिन
चन्द्रमा का गुरुत्वाकर्षण 1.62 m/s²
चंद्रमा का आकार 1,737.1 km
चन्द्रमा आयु 4.53 billion years
चंद्रमा का द्रव्यमान 7.35 x 10 19 टन
चंद्रमा का तापमान 127 ° C
अंग्रेजी नाम MOON

चंद्रमा किसे कहते हैं

चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है। येे पृथ्वी के व्यास का एक-चौथाई है। और सौर मंडल का पांचवा सबसे बड़ा उपग्रह है। चंद्रमा 384,400 किमी के औसत दूरी पर, पृथ्वी की परिक्रमा करता है।

इसका गुरुत्वाकर्षण प्रभाव, पृथ्वी के ज्वार-भाटे और दिन को थोड़ा लंबा करता है। चंद्रमा को एक चट्टानी पिंड के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसमें वायुमंडल, जलमंडल, या गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र का अभाव है। और इसकी सतह का गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी के 0.1654 ग्राम के बराबर में है।

पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा 27.3 दिनों में पूरा करता है। चाँद पृथ्वी के ग्रुत्वकर्षण से बंधा हुआ है। इसी कारण चंदमा पृथ्वी का चक्कर लगाती है। 

चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान

चंद्रमा पर पहुंचने वाली पहली मानव निर्मित वस्तु लूना 2 थी जो सोवियत संघ ने 1959 में अंतरिक्ष यान से भेजा था।  इसके बाद 1966 में लूना 9 द्वारा पहली सफल सॉफ्ट लैंडिंग हुई। अब तक का एकमात्र मानव चंद्र मिशन संयुक्त राज्य अमेरिका का नासा अपोलो कार्यक्रम है। जिसने 1968 में अपोलो 8 के साथ पहले मानवयुक्त चंद्र अभियान की शुरुआत की थी। 

 उसके बाद छ: बार चाँद पर मनुष्यों को 1969 और 1972 के बीच रिसर्च के लिए बेजा गया था। ये मिसन में चाँद के मिट्टी के नमूने लाये गए थे इससे चंद्रमा की उत्पत्ति, आंतरिक संरचना और इतिहास की विस्तृत जानकारी मिली है। 

एक थ्योरी के अनुसार चंद्रमा लगभग 4.51 बिलियन साल पहले बना था। पृथ्वी पर एक विशालय काय पिंड के टकराने से धरती का कुछ टुकड़ा अलग हो गया और चन्द्रमा (moon) का निर्माण हुआ है। 

भारत का चंद्र मिशन 

चंद्रयान -1, भारत का प्रथम चंद्र मिशन, एस डी एस सी, शार, था जिसे श्रीहरिकोटा से 22 अक्तूबर, 2008 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था। ये अंतरिक्षयान 100 कि.मी. की ऊँचाई पर चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा था। अंतरिक्षयान भारत, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्वीडन और बल्गेरिया में निर्मित 11 वैज्ञानिक उपकरणों को वहन का अंतरिक्ष में ले गया था।

चंद्रयान 2 - 18 सितंबर 2008 को मनमोहन सिंह ने मिशन को मंजूरी दी। मिशन को जनवरी 2013 में स्थगित कर 2016 में प्रक्षेपित करने का निर्णय लिया गया। क्योकि भारत के पास कोई भरी उपग्रह को प्रक्षेपित करने का यान नहीं था। और रूस सेसहायता करने से मना कर दिया था। तभी भारत में स्वदेशी यान बनाने पर काम की शुरुआत हुयी। जो 2016 को सफलता पूर्वक तैयार किया गया। 

इस मिसन में एक रोबोट को चाँद के सतह पर उतारने की योजना थी और एक उपग्रह चंदमा का परिक्रमा करके उनसे  जानकारी साझा करने वाला था। लेकिन कुछ तकनिकी कारण से रोबोट का सॉफ्ट लैंडिग नहीं हो पाया और उससे कनेक्टन टूट गया। यह मिशन के तहत चाँद पर पानी की खोज और उसके भूमि का परीक्षण करना था।  

Names of Moon in Hindi

पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह का अंग्रेजी नाम moon है। moon अंग्रेजी mōna से लिया गया है। कभी-कभी वैज्ञानिक चाँद के लिए लूना शब्द का उपयोग करते है। 

चाँद को हिंदी में आदि नमो से जाना जाता है - मयंक, विधु, सुधाकर, कलानिधि, निशापति, शशांक, चंद्रमा, चन्द्र, शशि, हिमकर, राकेश, रजनीश, हिमांशु। 

चन्द्रमा की उत्त्पति 

नए अनुसंधान के अनुसार, सौर प्रणाली की उत्पत्ति के कुछ 50  मिलियन वर्ष पहले चंद्रमा की रचना 4. 51 अरब साल पहले हुई थी। उस समय पृथ्वी बहुत गर्म थी और अपनी परिधि में बहुत तेज गति से रही थी। जिसके कारण पृथ्वी के छोटे छोटे टुकड़े अंतरिक्ष में बिखरने लगे कई परिवर्तन के बाद वे इकट्ठा होकर के पिंड में परिवर्तित हो गया और पृथ्वी की परिक्रमा करने लगा। जिसे हम आज चंद के नाम से जानते है। 

एक अन्य सिद्धांत के अनुशार मंगल के आकार का पिंड पृथ्वी से टकरा गया जिसके परिणाम स्वरुप पृथ्वी के कक्षा में छोटे छोटे पिंड घूमने लगे जो आगे चलकर एकत्र होने लगे और इस प्रकार चन्द्रमा की उत्त्पति हुयी।  

Facts in moon Hindi 

चंद्रमा लगभग 4.5 बिलियन वर्ष पुराना है और हमारे सौर मंडल का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है।

पृथ्वी के बनने के लगभग 30-50 मिलियन वर्ष बाद चंद्रमा बना

चंद्रमा तब अस्तित्व में आया जब एक बड़ी वस्तु पृथ्वी से टकराई और चट्टानों को नष्ट कर दिया, जो पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करने लगे।

चंद्रमा के उचित नक्शे बनाने वाला पहला आदमी गैलीलियो था। उसने दूरबीन का आविष्कार उस समय नहीं किया था लेकिन 1609 तक उसने एक ऐसी दूरबीन विकसित कर ली थी जो 20 गुना तक वस्तुओं को बढ़ा सकती थी।

1959 में चंद्रमा पर पहुंचने वाला पहला अंतरिक्ष यान लूना 1 था जो यूएसएसआर द्वारा प्रक्षेपित एक सोवियत क्राफ्ट था। नासा के अपोलो 11 मिशन से 1969 में पहली बार मानवयुक्त यान चंद्रमा पर लैंडिंग हुई थी।



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