हैल्लो  दोस्तों न्यूटन के गति के नियम के बारे में बताने वाला हूँ तो चलिए शुरू करता हूँ। न्यूटन के गति के नियम की विशेषता इस प्रकार है-


न्यूटन के गति के प्रथम नियम की विशेषता -


(i) वस्तुओं की आरम्भिक अवस्था ( गति या विराम की अवस्था ) में स्वतः परिवर्तन नहीं होता है।
(ii) प्रथम नियम को " जड़त्व का नियम " भी कहा जाता है।
(iii) प्रथम नियम से बल की परिभाषा प्राप्त होती है।
उदाहरण -
1. चलती हुई गाड़ी के अचानक रुकने पर उसमें बैठे यात्री का आगे की ओर झुक जाना ।
2. रुकी हुई गाड़ी के अचानक चल पड़ने पर उसमें बैठे यात्री का पीछे की ओर झुक जाना।
3. गोली मारने पर कांच में गोल छेद हो जाना ।
4. कम्बल को डंडे से पीटने पर धूल-कणों का झड़ना।


इसी प्रकार से दूसरा नियम इस प्रकार है-


(i) वस्तु के संयोग में परिवर्तन की दर उस पर लगने वाले बल के समानुपाती होती है तथा परिवर्तन बल की दिशा में होता है ।
(ii) द्वितीय नियम से बल का व्यंजक ( F=m*a ) प्राप्त है ।

उदाहरण-

(1) तेज गति से आती हुई गेंद को कैच करते समय क्रिकेट खिलाड़ी अपने हांथों को पीछे की ओर खींचता है ।
(2) गाड़ियों में स्प्रिंग एवं शॉक एब्जॉरबर का लगाया जाना।
(3) कील को अधिक गहरे तक गड़ाने के लिए भारी हथौड़े का प्रयोग किया जाता है।
(4) कराटे खिलाड़ी द्वारा हाँथ के प्रहार से ईंटों की पट्टी तोड़ना।

न्यूटन के गति के तृतीय नियम -

(i) प्रत्येक क्रिया के बराबर, परन्तु विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया होती है।
(ii) तृतीय नियम को ' क्रिया-प्रति क्रिया का नियम ' भी कहते हैं।

उदाहरण-


1. रॉकेट का आगे की ओर बढ़ना ।
2. बन्दूक से गोली निकलने पर पीछे की ओर झटका लगना।
3. नाव से जमीन पर कूदने पर नाव का विपरीत दिशा में अथवा पीछे हटना।

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