इंटरनेट का जनक किसे कहा जाता है - father of internet in hindi

आज हम इंटरनेट के युग में रहते हैं। यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण है अब हम इंटरनेट के बिना जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। इंटरनेट विज्ञान और आधुनिक तकनीक का आविष्कार है। हम इंटरनेट की मदद से बड़े और छोटे संदेशों को पहले से अधिक तेजी से भेज सकते हैं।

इंटरनेट का जनक किसे कहा जाता है

विंट सेर्फ़ को इंटरनेट का जनक कहा जाता है, विंट सेर्फ़ आईपी प्रोटोकॉल और इंटरनेट के डिजाइनर हैं। इंटरनेट विकास के लिए दिसंबर 1997 में अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने इंटरनेट की स्थापना और विकास के लिए विंट सेर्फ़ और उनके सहयोगी, रॉबर्ट ई. कान को यू.एस. नेशनल मेडल ऑफ़ टेक्नोलॉजी प्रदान किया था। 2004 में विंट सेर्फ़ को एलन एम. ट्यूरिंग पुरस्कार दिया गया था। 

इंटरनेट का जनक किसे कहा जाता है - father of internet in hindi

विंट सेर्फ़ ने अपना काम यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी में शुरू किया, जो इंटरनेट से संबंधित डेटा पैकेट और सुरक्षा तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 2005 से उन्होंने Google के उपाध्यक्ष और मुख्य इंटरनेट प्रचारक के रूप में कार्य किया है। इस भूमिका में वह उन्नत इंटरनेट-आधारित उत्पादों और सेवाओं के विकास का समर्थन करने के लिए नई सक्षम प्रौद्योगिकियों की पहचान करने के लिए जिम्मेदार है।

इंटरनेट क्या है

यह एक ऐसा कंप्यूटर का जाल है जिसमे सभी कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़े होते है। और सूचनाओं का आदान प्रदान करते है। इंटरनेट की खीज ने मनुष्य के विकाश में अहम् रोल अदा किया है। इसकी मदद से किसी भी जानकारी को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इंटरनेट ने विश्व को समेत कर रख दिया है।

इंटरनेट का उपयोग

इंटरनेट का उपयोग विभिन्न चीजों को करने के लिए किया जा सकता है जैसे आप सीख सकते हैं, शोध कर सकते हैं, लिख सकते हैं, साझा कर सकते हैं, प्राप्त कर सकते हैं, ई-मेल कर सकते हैं और इंटरनेट पर सर्फ कर सकते हैं।

इंटरनेट के कारण, हमारे जीवन में कई परिवर्तन हुए हैं जब हमारे पास इंटरनेट नहीं था। तो पैसे भेजने या जमा करने, टिकट बुक करने आदि के लिए मेल भेजने के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ता है। लेकिन इंटरनेट की मदद से ये सभी चीजें काफी आसान हो गयी हैं। साथ ही, हमें कतारों में खड़े होने और समय को बर्बाद करने की आवश्यकता नहीं है।

इंटरनेट के उपयोग से कागज का उपयोग काम हुआ है जिसके कारण पेड़ को कागज के लिए काटना काम हुआ है। हालांकि, इसमें कोई संदेह नहीं है कि इंटरनेट ने हमारे जीवन को आसान और सुविधाजनक बना दिया है लेकिन हम यह नहीं भूल सकते की इससे अतीत में कई बड़ी समस्याएं पैदा हुई हैं। और समय के साथ, हम इसके आदी होते जा रहे हैं।

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