कजाकिस्तान मध्य एशिया महाद्वीप में स्थित एक महत्वपूर्ण देश है। जिसका एक छोटा सा हिस्सा पूर्वी यूरोप से लगता है। इसकी सीमाएँ रूस, चीन, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान से लगती हैं, और कैस्पियन सागर के किनारे इसका समुद्र तट है।
कजाकिस्तान की राजधानी
कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना है, जबकि सबसे बड़ा शहर अल्माटी है, 1997 से पहले यह कजाकिस्तान की राजधानी हुआ करती थी। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व का नौवाँ सबसे बड़ा देश और दुनिया का सबसे बड़ा स्थलरुद्ध (चारो ओर जमीन से घिरा हुआ) राष्ट्र है।
देश का अधिकांश भूभाग मैदानों और पठारों से बना है, जबकि दक्षिण और पूर्वी क्षेत्रों में ऊँचे पर्वत पाए जाते हैं। कजाकिस्तान की जनसंख्या लगभग 2 करोड़ है और विशाल क्षेत्रफल के कारण यहाँ जनसंख्या घनत्व बहुत कम है।
जातीय संरचना की दृष्टि से यहाँ कज़ाख मूल के लोग बहुसंख्यक हैं, जबकि एक बड़ी रूसी अल्पसंख्यक आबादी भी निवास करती है। कजाकिस्तान एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है; यहाँ अधिकांश नागरिक इस्लाम धर्म का पालन करते हैं, जबकि उल्लेखनीय संख्या में ईसाई समुदाय भी मौजूद है।
कजाकिस्तान प्राकृतिक संसाधनों, सांस्कृतिक विविधता और विशाल भौगोलिक विस्तार के कारण मध्य एशिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
| राजधानी | अस्ताना |
| सबसे बड़ा शहर | अल्माटी |
| महाद्वीप | एशिया |
| क्षेत्रफल | लगभग 27,24,900 वर्ग किमी |
| जनसंख्या | लगभग 2 करोड़ |
| मुद्रा | कज़ाखस्तानी तेंगे |
| आधिकारिक भाषा | कज़ाख |
| अन्य प्रचलित भाषा | रूसी |
| शासन प्रणाली | गणतंत्र |
| मुख्य धर्म | इस्लाम, ईसाई धर्म |
| स्वतंत्रता वर्ष | 1991 (सोवियत संघ से) |
कजाकिस्तान की मुद्रा
कजाकिस्तान की मुद्रा कज़ाखस्तानी तेंगे है। इसका प्रचलन वर्ष 1993 में शुरू हुआ, जब कजाकिस्तान ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद अपनी अलग आर्थिक पहचान स्थापित की। इससे पहले देश में रूबल का उपयोग किया जाता था।
तेंगे नाम प्राचीन तुर्किक शब्द तंगा से लिया गया है, जिसका अर्थ सिक्का या मुद्रा से संबंधित है। यह नाम मध्य एशिया के ऐतिहासिक व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। तेंगे को 100 छोटे भागों में विभाजित किया जाता है।
मुद्रा का प्रबंधन और जारी करने का कार्य नेशनल बैंक ऑफ कज़ाखस्तान द्वारा किया जाता है। यह बैंक देश की मौद्रिक नीति तय करता है, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने का प्रयास करता है और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कजाकिस्तान की अर्थव्यवस्था तेल, प्राकृतिक गैस और खनिज संसाधनों पर आधारित है, इसलिए तेंगे का मूल्य वैश्विक ऊर्जा कीमतों और निर्यात आय से प्रभावित होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट आने पर तेंगे पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि ऊर्जा निर्यात में वृद्धि से इसकी स्थिति मजबूत होती है।
कजाकिस्तान का इतिहास
पुरातात्त्विक साक्ष्यों से पता चलता है कि कजाकिस्तान में प्रागैतिहासिक मानव समुदाय रहते थे, जो शिकार, संग्रह और पशुपालन पर आधारित जीवन शैली अपनाते थे।
विशेष रूप से बोताई संस्कृति को विश्व की उन प्रारंभिक संस्कृतियों में गिना जाता है, जिन्होंने सबसे पहले घोड़ों को पालतू बनाया। यह संस्कृति उत्तरी कजाकिस्तान के विस्तृत घास के मैदानों में विकसित हुई और घोड़े का उपयोग परिवहन, युद्ध और पशुपालन में करने लगे।
इन प्रारंभिक निवासियों की जातीय संरचना मिश्रित थी। वे मुख्यतः प्राचीन यूरोपीय मूल के समूहों से जुड़े थे, जिन पर समय के साथ पूर्वी एशियाई आबादी का भी प्रभाव पड़ा। यह मिश्रण आगे चलकर मध्य एशिया की विविध जनजातीय पहचान का आधार बना।
यह क्षेत्र प्राचीन काल से बसा हुआ है। इतिहास में कजाकिस्तान के क्षेत्र पर खानाबदोश जनजातियों, मंगोल साम्राज्य और बाद में रूसी साम्राज्य का शासन रहा है। सोवियत काल के दौरान, कजाकिस्तान सोवियत संघ का हिस्सा था। 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यह एक स्वतंत्र देश बन गया।
आज कजाकिस्तान मध्य एशिया की सबसे सशक्त अर्थव्यवस्थाओं में से एक माना जाता है। इसकी आर्थिक मजबूती का मुख्य आधार तेल, प्राकृतिक गैस और विविध खनिज संसाधनों का विशाल भंडार है। ऊर्जा निर्यात से होने वाली आय ने देश के बुनियादी ढाँचे, उद्योग और शहरी विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाया है।
पड़ोसी देशों की तुलना में यहाँ का जीवन स्तर अपेक्षाकृत ऊँचा है। बेहतर शहरी सुविधाएँ, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और बढ़ते औद्योगिक अवसरों ने नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है।
राजनीतिक रूप से कजाकिस्तान एक गणतंत्र देश है, किंतु इसकी शासन प्रणाली को अक्सर केंद्रीकृत और सत्तावादी प्रवृत्ति वाला माना जाता है। वर्ष 2019 के बाद से सरकार द्वारा प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने, नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने और राजनीतिक सुधारों की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कजाकिस्तान सक्रिय भूमिका निभाता है। यह संयुक्त राष्ट्र सहित अनेक वैश्विक और क्षेत्रीय संगठनों का सदस्य है, और ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग तथा शांति स्थापना जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण भागीदारी निभाता है।
कजाकिस्तान की जनसंख्या
कज़ाकिस्तान की जनसंख्या पिछले कुछ दशकों में महत्वपूर्ण बदलावों से गुज़री है। आज यह देश मध्य एशिया का एक प्रमुख राष्ट्र है, जहाँ जनसंख्या वृद्धि, प्रवासन और आर्थिक विकास ने जनसांख्यिकीय संरचना को प्रभावित किया है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार कज़ाकिस्तान की कुल आबादी लगभग 2 करोड़ (20 मिलियन) के आसपास मानी जाती है।
संयुक्त राष्ट्र के World Population Prospects 2022 के अनुसार, 2022 में कज़ाकिस्तान की अनुमानित जनसंख्या 19,196,465 थी। वहीं आधिकारिक अनुमानों के अनुसार नवंबर 2023 तक यह संख्या बढ़कर 20 मिलियन के करीब पहुँचने की संभावना जताई गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि देश में स्थिर और सकारात्मक जनसंख्या वृद्धि हो रही है।
कज़ाकिस्तान एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जहाँ विभिन्न आस्थाओं के लोग शांति और सह-अस्तित्व के साथ रहते हैं। 2021 की जनगणना के अनुसार देश में लगभग 69.3% आबादी मुस्लिम है, इसके बाद 17.2% लोग ईसाई हैं। लगभग 0.2% लोग अन्य धर्मों विशेष रूप से बौद्ध और यहूदी धर्म का पालन करते हैं।
इसके अतिरिक्त, 11.01% लोगों ने अपनी धार्मिक पहचान बताने से इनकार किया, जबकि लगभग 2.25% लोग स्वयं को नास्तिक मानते हैं। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि कज़ाकिस्तान में धार्मिक पहचान व्यक्तिगत विकल्प के रूप में देखी जाती है और समाज में विचारों की विविधता मौजूद है।
कज़ाकिस्तान का संविधान देश को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य घोषित करता है और धार्मिक स्वतंत्रता की पूर्ण स्वतंत्रा देता है। संविधान का अनुच्छेद 39 स्पष्ट रूप से कहता है कि नागरिकों के अधिकारों और स्वतंत्रताओं पर किसी भी प्रकार का अनुचित प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।
कजाकिस्तान की भाषा
कज़ाकिस्तान आधिकारिक रूप से एक द्विभाषी देश है, जहाँ कज़ाख और रूसी दोनों भाषाओं का व्यापक उपयोग होता है। यह भाषाई व्यवस्था देश की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, बहु-जातीय समाज और प्रशासनिक आवश्यकताओं को दर्शाती है।
राज्य भाषा - कज़ाख
कज़ाख भाषा, जो तुर्किक भाषाओं की उप-शाखा से संबंधित है, इसे देश की राज्य भाषा का दर्जा प्राप्त है। 2021 की जनगणना के अनुसार, लगभग 80.1% आबादी कज़ाख भाषा को बोल सकती है। हालांकि दैनिक उपयोग के स्तर पर आँकड़े कुछ कम हैं। केवल 63.4% कज़ाख जाति के लोग और कुल आबादी के लगभग 49.3% लोग ही रोज़मर्रा की बातचीत में कज़ाख का उपयोग करते हैं।
आधिकारिक भाषा - रूसी
रूसी भाषा को कज़ाख के बराबर आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है। 2021 तक लगभग 83.7% आबादी रूसी बोल सकती थी, जिससे यह देश में सबसे व्यापक रूप से समझी जाने वाली भाषा बन जाती है। रूसी का उपयोग विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और सरकारी कार्य में व्यापक रूप से किया जाता है।
अन्य भाषाएँ
कज़ाकिस्तान में एक बहु-जातीय समाज है, इसलिए यहाँ कई अल्पसंख्यक भाषाएँ भी बोली जाती हैं, जैसे:
- उज़्बेक
- यूक्रेनी
- उइगर
- किर्गिज़
- तातार
- जर्मन
सोवियत संघ के विघटन के बाद से अंग्रेज़ी और तुर्की भाषाएँ युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही हैं। शिक्षा प्रणाली में कज़ाख, रूसी या दोनों भाषाओं में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है।
