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Monday, September 30, 2019

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Hello and welcome friends आज है world heart day मैं  आज इस पोस्ट में आपको बताने वाला हूं world heart day से जुड़े कुछ रोचक जानकारी जिसमें मैं आपको बताने वाला हूं world heart day क्यों organize Kiya jata है? और heart disease को कैसे कम किया जा सकता है?

World heart day क्या है?

World heart day पूरे विश्व में मनाया जाता है इस वर्ल्ड हार्ट डे की शुरुआत 2000 में हुई थी। और आज से 19 वर्ष हो गए हैं।
इसे world heart federation जोकि जिनेवा में स्थित है,के द्वारा संचालित किया जाता है।


World heart day क्यों मनाया जाता है?


लोगों को जागरूक (awareness)के लिए उन्हें heart disease के बारे में बताने के लिए यह दिन विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है। पूरे विश्व में मनाया जाता है।

World heart day का थीम क्या है?


इस बार world heart day 2019 का थीम है my heart, your heart .

Main reasons..

इस दिवस को मनाने का एक और मुख्य कारण यह है कि इस बीमारी की वजह से विश्व में लगभग 17.9 million लोग हर वर्ष मर जाते हैं इसी को रोकने के लिए यह दिन विश्व हृदय दिवस के (world heart day) के रूप में मनाया जाता है।
World health federation की वेबसाइट पर जाने पर हमें आज की दिन की बहुत सारी जानकारी मिल सकती है।
इस दिन को क्यों मनाया जा रहा है और इस दिन क्या स्पेशल है इसकी पूरी जानकारी आप वर्ल्ड हेल्प फेडरेशन की वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं।


Interesting fact


इसकी शुरुआत 2000 में हुई थी।
कार्डियोवैस्कुलर डिजीज अभी के समय में मृत्यु का एक मुख्य कारण है इसे रोकने के लिए ही यह कार्यक्रम चालू किया गया था।
World heart day के अवसर पर पूरे विश्व में 1000 से भी ज्यादा activities के रूप में कार्यक्रम किया जाता है।
स्मोकिंग की वजह से लगभग 6 मिलियन लोग हर वर्ष मर जाते हैं जिसमें 10% CVD के कारण होता है।

Conclusion

Heart attack की जानकारी सभी को होनी चाहिए। क्योंकि यहां एक वैश्विक बीमारी है जो कि पूरे विश्व में फैला हुआ है जिसका कारण हमारे दैनिक जीवन का व्यवहार है।

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Friday, September 27, 2019

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Hello and welcome guys आज है NSS DAY तो आप सभी को एनएसएस डे की हार्दिक शुभकामनाएं और मैं अपने ब्लॉग में इवेंट ब्लॉगिंग की तरफ ध्यान दे रहा हूं तो आज मैंने एनएसएस डे के बारे में कुछ जानकारी आपके साथ शेयर की है जानकारी अच्छा लगे तो कमेंट करके जरूर बताना।

NSS Day

NSS क्या है?

NSS जिसको हम राष्ट्रीय सेवा योजना के नाम से भी जानते हैं इस योजना का संचालन युवा कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किया जाता है। NSS भारत सरकार द्वारा चलाए जाने वाला एक ऐसा कार्यक्रम है जोकि युवा छात्र छात्राओं को समाज से जोड़ने के लिए काम करता है।इस योजना से जुड़ने के लिए आपको 10वीं 12वीं से ही अवसर प्राप्त होने लगते हैं इस योजना में जुड़ने वाले लगभग 40000 से 3.8 million छात्र तथा छात्रा हो गए हैं। मार्च 2018 तक।

The NSS Badge

सभी युवा स्वयंसेवक जो NSS में कार्य करते हैं उनके समर्पण के स्वरूप NSS Badge को गर्व और जरूरतमंदों के मदद के भावना से दिया जाता है।

NSS मैं काम करने वालों को जो बेच दिया जाता है वहां बैच में जो 8 लकीर होता है वह कोणार्क मंदिर में उपस्थित पहिए से लिया गया है।जो कि 24 घंटे को दर्शाता है इसका तात्पर्य है कि जो एनएसएस से जुड़े होते हैं वहां 24 घंटे सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।

बैच का लाल रंग एनएसएस में कार्य करने वाले पर ऊर्जा को दर्शाता है।

एनएसएस बैच का नीला रंग उस ब्रह्मांड को दर्शाता है जिसमें मानव कल्याण के लिए कार्य करने वाले एनएसएस के कार्यकर्ताओं को ब्रह्मांड का हिस्सा बताता है।

एनएसएस का मोटो क्या है?

एनएसएस का मोटो है मैं नहीं पर तुम!

NSS में जुड़ने ने वालों को इससे तीन फायदे हैं-

वे एक सफल लीडर बन जाते हैं।
एक ऐसे व्यक्ति बन जाते हैं जो लोगों के नेचर को आसानी से समझ सकने का गुण आ जाता है।
कुशल प्रशासक बन जाते हैं।

मुख्य क्रियाकलाप

NSS के तहत 7 दिनों के कैम्प लगाया जाता है जिसमें लगभग 200 वालेंटियर भाग ले सकते हैं। सामाजिक कार्य को करने के लिए अलग अलग जगह और देश में कैम्प लगाया जाता है।

आज के पोस्ट में बस इतना ही।

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hello and welcome my dear friends आज विश्व पर्यटन दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं आज मैं इसी विषय पर आपसे बात करने वाला हूँ। इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा की विश्व पर्यावरण दिवस क्यों मनाया जाता है? और इसके Themes के बारे में मैं इस पोस्ट में आपको बताऊंगा।

क्या है विश्व पर्यटन दिवस (What is World Tourism Day)

हर वर्ष आज के ही दिन विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व पर्यटन दिवस को मनाने का ध्येय पर्यवरण के प्रति लोगों को जागरूक करना और पर्यवरण के पर्यटको को जागरूक करना है। इसका मुख्य कारण यहीं है की लोग जागरूक हों और देश के ही नहीं बल्कि विश्व को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।


विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत कब हुई?

इस प्रकार के विश्व पर्यटन दिवस की शुरुआत 1980 में हुई थी। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के द्वारा।
आज ही के दिन पर्यावरण दिवस के रूप में क्यों मनाया जाता है?

आज के ही दिन The let igneshiyas amduva atigbee नामक एक नाइजीरिया के राष्ट्र ने सबसे पहले यह कहा था की हर वर्ष 27 सितम्बर को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। और उनके द्वारा इस प्रकार के अनुरोध को सहर्ष स्वीकार किया गया उनके योगदान को देखते हुए।
27 सितम्बर 1970 को UNWTO ने इस प्रकार के कानून को स्वीकारा था। इसी कारण इसी दिन से इसे मानाया जाता है।

इस विश्व पर्यटन दिवस को मनाने के लिए हर साल अलग-अलग देश को सहयोगी देश के रूप में चुना जाता है। इसका फैसला इस्तांबुल ( टर्की ) में हुए बारहवीं UNWTO 1997 के महासभा में लिया गया की एक देश को सहयोगी देश के रूप में हर साल चुना जाएगा। कुछ सहयोगी देश जिसे चुने जा चुके है उनके नाम और जिस वर्ष वे चुने गए थे उनका वर्ष मैने यहां पर लिखा है-


वर्ष.      देश
2006 यूरोप
2007 साउथ एशिया
2008 अमेरिका
2009 अफ्रीका 
2011 में मध्य पूर्व क्षेत्र

इसके कुछ थीम जो विश्व पर्यटन दिवस पर हर साल रखे जाते हैं इस प्रकार है-

  • 1980 सांस्कृतिक विरासत और शांति और आपसी समझ के संरक्षण के लिए पर्यटन का योगदान  
  • 1981  पर्यटन और जीवन की गुणवत्ता
  •  1982  अच्छे मेहमान और अच्छे मेजबान
  • 1984 अंतरराष्ट्रीय समझ, शांति और सहयोग के लिए पर्यटन
  • 1985 युवा पर्यटन: शांति और दोस्ती के लिए सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत
  • 1986 पर्यटन: विश्व शांति के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति1987 विकास के लिए पर्यटन
  • 1988 पर्यटन: सभी के लिए शिक्षा
  • 1989 पर्यटकों का मुक्त आवागमन एक दुनिया बनाता है
  • 1990 पर्यटन: एक अपरिचित उद्योग, एक मुक्त सेवा
  • 1991 संचार, सूचना और शिक्षा: पर्यटन विकास की शक्ति कारक
  • 1992 पर्यटन: एक बढ़ती सामाजिक और आर्थिक एकजुटता का कारक है और लोगों के बीच मुलाकात का
  • 1993 पर्यटन विकास और पर्यावरण संरक्षण: एक स्थायी सद्भाव की ओर
  • 1994 गुणवत्ता वाले कर्मचारी, गुणवत्ता पर्यटन
  • 1995 विश्व व्यापार संगठन: बीस साल से विश्व पर्यटन में सेवारत 
  • 1996 पर्यटन: सहिष्णुता और शांति का एक कारक
  • 1997 पर्यटन: इक्कीसवीं सदी की रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अग्रणी गतिविधि
  • 1998 सार्वजनिक-निजी क्षेत्र भागीदारी: पर्यटन विकास और संवर्धन की कुंजी
  • 1999 पर्यटन: विश्व धरोहर का नयी शताब्दी के लिये संरक्षण
  • 2000 प्रौद्योगिकी और प्रकृति: इक्कीसवीं सदी के प्रारंभ में पर्यटन के लिए दो चुनौतियॉं
  • 2001 पर्यटन: सभ्यताओं के बीच शांति और संवाद के लिए एक उपकरण
  • 2002 पर्यावरण पर्यटन सतत विकास के लिए कुंजी
  • 2003 पर्यटन: गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन और सामाजिक सद्भाव के लिए एक प्रेरणा शक्ति
  • 2004 खेल और पर्यटन: आपसी समझ वालो के लिये दो जीवित बल, संस्कृति और समाज का विकास
  • 2005 यात्रा और परिवहन: जूल्स वर्ने की काल्पनिकता से 21 वीं सदी की वास्तविकता तक 
  • 2006 पर्यटन को समृद्ध बनाना
  • 2007 पर्यटन महिलाओं के लिए दरवाजे खोलता है
  • 2008 जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का जवाब पर्यटन
  • 2009 पर्यटन - विविधता का उत्सव
  • 2010 पर्यटन और जैव विविधता2011 पर्यटन संस्कृति को जोड़ता है।
  • 2012 पर्यटन और ऊर्जावान स्थिरता
  • 2013 पर्यटन और जल: हमारे साझे भविष्य की रक्षा
  • 2014 पर्यटन और सामुदायिक विकास
  • 2015 लाखों पर्यटक, लाखों अवसर
  •  2016  सभी के लिए पर्यटन - विश्वव्यापी पहुंच को बढ़ावा देना
  • 2017 सतत पर्यटन - विकास का एक उपकरण
  • 2018 पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण
  • 2019 पर्यटन और रोजगार: सभी के लिए एक बेहतर भविष्य

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Monday, September 23, 2019

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Hello Rexgins how are you today? आशा करता हूं कि आप सभी अच्छे होंगे आज मैं international day of sign language in Hindi के बारे में पोस्ट लिखा है जिसमें मैंने आपको बताया है sign language क्या है?, इस sign languages का विकास भारत में कैस हुआ।


SIGN LANGUAGE (सांकेतिक भाषा) क्या है?

International Day of Sign Languages इससे पूरे विश्व में 23 सितंबर को मनाया जाता है यह दिन उन लोगों या व्यक्तियों के लिए समर्पित है जो की बोल व सुन नहीं सकते हैं। तथा शारीरिक रूप से अपंग है उन लोगों के लिए इस दिन को समर्पित किया गया है।




यहां पर मैं भारत में प्रयोग किए जाने वाले सांकेतिक भाषा के बारे में थोड़ी सी जानकारी आपको दे दूं-
  1. भारत में सांकेतिक भाषा को सिखाने के लिए 2001 तक कोई औपचारिक कक्षाएं प्रारंभ नहीं की गई थी।
  2. 2003 में की गई गणना के अनुसार लगभग 100 हजार गूंगे और बहरे लोगों के द्वारा संकेतिक भाषा का उपयोग किया  जाता था।
  3. भारत की जो सांकेतिक भाषा है वह पाकिस्तान के सांकेतिक भाषा के समान ही है अर्थात दोनों indo-pak sign language के नाम से जाने जाते हैं।
  4. जिस प्रकार ब्रिटिश साइन लैंग्वेज ISL में हाथों का उपयोग किया जाता है उसी प्रकार भारतीय सांकेतिक भाषा में भी हाथों का ही प्रयोग किया जाता है।
  5. Bhartiya sign language का संबंध नेपाली भाषा से है।
  6. भारतीय भाषा को NCERT ने सन 2006 में शामिल किया और यह भाषा अन्यत्र की भाषा के तरह ही संचार का एक और माध्यम हैं। NCERT ने इसे तृतीय व वर्ग पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया था।
  7. 2008 में भारतीय सांकेतिक भाषा के उपयोगकर्ता लगभग 1.5 million थे।
  8. Ali Yavar Jung National Institute of Speech & Hearing Disabilities (Divyangjan), Mumbai के द्वारा ISL की स्थापना की गई और यहां इसके लिए एक डिप्लोमा कोर्स भी चालू किया गया।
Theme of international day of sign language in 2018
"With sign language everyone is included"



In 2019 theme is
"Sign language rights for all!"

इस बार 2019 में ISDL ने पूरे 1 हफ्ते को international day of sign language के रूप में मनाने का फैसला किया है जिसके सभी दिनों के अलग अलग theme हैं जो कि इस प्रकार हैं Hindi me -
सोमवार, 23 सितंबर - "सभी के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार!"
मंगलवार, 24 सितंबर - "सभी बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
बुधवार, 25 सितंबर - "वरिष्ठ नागरिकों के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
गुरुवार, 26 सितंबर - "सांकेतिक भाषा अधिकार बधिर लोगों और बधिरों विकलांग लोगों के लिए।"
शुक्रवार, 27 सितंबर - "बधिर महिलाओं के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
शनिवार, 28 सितंबर - "बहरे LGBTIQA + के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
रविवार, 29 सितंबर - "बधिर शरणार्थियों के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"

7. Interesting fact sign languages in Hindi


  1. Sign language और body language में ज्यादा अंतर नहीं होता है।
  2. 23 सितम्बर को ही इसे मनाने का कारण WFD है क्योंकि इसी दिन इसकी स्थापना की गयी थी। 
  3. अभी भी यहां स्पष्ट नहीं हो सका है कि सांकेतिक भाषा दुनिया भर में कितने प्रकार के हैं।
प्रत्येक जगह की या देश की अपनी मूल सांकेतिक भाषा होती है जो कि अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
  1. सांकेतिक भाषा उतने अधिक प्रचलित नहीं हैं लेकिन फिर भी कई ऐसे संकेतिक भाषाएं हैं जिन्होंने मान्यता प्राप्त कर ली है।
  2. 19वीं शताब्दी में ऐतिहासिक संकेतिक भाषा का विकास अल्फाबेटिक भाषा को देखकर किया गया था।
  3. Pendro poas D. Leon (1520-1584) ने पहले सांकेतिक भाषा की manual वर्णमाला विकसित की थी।
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Conclusion

आज 23 सितंबर 2019 को आप सभी को विश्व संकेतिक भाषा दिवस हार्दिक शुभकामनाएं।
इस भाषा का उपयोग सामान्य लोग भी करते हैं अन्य मुख बधिर गुंगे लोगों से बात करने के लिए तो इसे और ज्यादा फैलाए अपने दोस्तों के साथ साइन ऑफ लव थैंक यू।

Saturday, September 21, 2019

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गोबर गैस(gobar gas) जिसे हम अंग्रेजी में biogas के नाम से जानते हैं तो मैं आज इसी पर चर्चा करने वाला हूं। इस पोस्ट के माध्यम से मैं आप सभी को गोबर गैस क्या है और गोबर गैस का उपयोग कैसे किया जाता है। बिजनेस मॉडल के तौर पर इसका उपयोग हम कैसे कर सकते हैं इन सभी विषयों पर इस पोस्ट में मैं आपको बताने वाला हूं।


Gobar gas or biogas क्या है  

यहां पर गोबर गैस कहने से इसका अर्थ पूर्ण रूप से अलग हो जाता है। ग्रामीण इलाकों में गोबर जानवरों द्वारा त्याग किया गया मल को कहा जाता है।
इस प्रकार गोबर गैस का अर्थ जानवरों द्वारा त्याग किए गए मल से निकलने वाले गैस से है।

bio-gas kya hai

जानवरों द्वारा त्यागे गए अपशिष्ट पदार्थ का विघटन या गैस को एक यंत्र के माध्यम से बाहर निकाला जाता है। जिसे गोबर गैस संयंत्र का के नाम से जाना जाता है।
गोबर गैस संयंत्र के माध्यम से ही गोबर गैस को निकाला जाता है इसमें जानवरों के मल का महत्वपूर्ण योगदान होता है बिना उनके मल के यह संभव नहीं है।


Gobar gas ka upyog kaise kiya jata hai?





गोबर गैस के उपयोग को देखें तो यहां बहुत ही विस्तृत है और इसका उपयोग हम खाने पकाने के लिए और बस या विभिन्न गाड़ियों के इंधन के रूप में इसका उपयोग हम कर सकते हैं गोबर गैस से निकलने वाले गैस मेथेन गैस होता है जोकि ज्वलनशील होता है।

यह एक प्रकार ऐसा एवं है जिसका उपयोग हम विभिन्न प्रकार से कर सकते हैं और यहां हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले सिलेंडर गैस का स्थान ले सकता है मगर इसमें बहुत सी समस्याएं हैं जो कि इस प्रकार हैं।


Gobar gas plantation samasyaen

इसके लिए बहुत सारे गोबर की आवश्यकता होती है।
गोबर गैस में निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ का निस्तारण इतना आसान नहीं होता है।
अगर हम छोटा संयंत्र बनाते हैं तो कम मात्रा में गैस प्राप्त होते हैं और अगर बड़ा बना देते हैं तो बहुत ज्यादा जगह की आवश्यकता होती है।
बायो गैस के प्लांट से निकलने वाली स्लरी को ले जाने के लिए गाड़ी की आवश्यकता होती है यहां गिली और सुखी दोनों रूप में होती हैं।


Gobar gas sanyantra yah biogas sanyantra se hone wale labh
  1. यहां पर्यावरण के अनुकूल है इससे ज्यादा मात्रा में प्रदूषण नहीं होता है।
  2. और बायोगैस के लिए जो कच्चे माल की आवश्यकता होती है वहां ग्रामीण इलाकों में आसानी से उपलब्ध होती है।
  3. लकड़ी का उपयोग करने से स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है लेकिन इसके उपयोग करने से ऐसी कोई समस्याएं नहीं होती है।
  4. गोबर गैस संयंत्र के उपयोग से खेतों में उपयोग किए जाने वाले जैविक खाद या गुणवत्ता युक्त खाद की प्राप्ति होती है।


Gobar gas business plan
  1. गोबर गैस की उपयोगिता को देखते हुए इसका उपयोग बिजनेस के तौर पर भी किया जा सकता है क्योंकि इससे बहुत ही अच्छा इंधन हमें प्राप्त होता है।
  2. अब इसका अगर हम बिजनेस के तौर पर उपयोग करते हैं तो इसके लिए हमें बहुत सारे गोबर और ज्यादा जगह की आवश्यकता होती है।
  3. मेंटेनेंस करने के लिए पाइप लाइन का उपयोग कर सकते हैं।
  4. Gobar gas business plan के नाम से मैंने एक पोस्ट लिखें उसे पढ़ सकते हैं।


गोबर गैस (बायोगैस) मैं उपलब्ध गैसों का विवरण

  1. गोबर गैस में मेथेन की मात्राओं सबसे ज्यादा 50 से 75% तक होती है।
  2. कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा 25 से 50% तक होती है।
  3. नाइट्रोजन की मात्रा शून्य से 10% तक होती है।
  4. और हाइड्रोजन की मात्रा शून्य से 3 प्रतिशत होती है इसी क्रम में हाइड्रोजन सल्फाइड की मात्रा शून्य से 3% होती है और ऑक्सीजन की मात्रा इसमें बिल्कुल नहीं होती है।

Conclusion

इस प्रकार भारत में अगर गोबर गैस संयंत्र के उपयोगिता को देखें तो यहां हमारे देश के लिए बहुत ही आसान और सरल है क्योंकि हमारे देश में ग्रामीण क्षेत्रीय गांव की जनसंख्या बहुत ज्यादा है यहां पर बहुत सारे जानवर उपलब्ध हैं इस कारण से बायोगैस संयंत्र के लिए या गोबर गैस संयंत्र के लिए कच्चे माल आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं।
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Hello friends जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आजकल पानी की किल्लत सभी जगह हो रही है तो आज का बेरा टॉपिक water save कैसे करना है उसके बारे में इस पोस्ट में मैं पानी किस प्रकार से उपयोगी है और इसे हमें क्यों बचाना चाहिए इस पर चर्चा करूंगा इसके अलावा इस पोस्ट में आपको बताऊंगा कि पानी को किस प्रकार से संरक्षित रखना है।
Save_Water_Hindi

Kya Hai Water Saving


हमारे द्वारा जल का उपयोग बहुत ज्यादा मात्रा भी किया जाता है। इस प्रकार से हमारे द्वारा जल का बहुत ज्यादा मात्रा में दोहन किया जाता है जिसने गर्म पानी की बर्बादी होती है तो इस प्रकार पानी की बर्बादी को कम करना है water saving या जल संरक्षण कहलाता है।




Water Saving की जरूरत क्यों?


दोस्तों आप सभी को यह तो पता होगा ही कि पृथ्वी का लगभग 75% भूभाग में जल पाया जाता है लेकिन मैं आपको बता दूं कि हमारे पृथ्वी पर जो पीने लायक जल की मात्रा है वह बहुत ही कम है जिसके कारण आज जल संकट का सामना हमें करना पड़ रहा है और भविष्य में यहां और भी गंभीर रूप ले सकता है तो इसी को देखते हुए मैंने इस पोस्ट में कुछ अपने तरफ से पानी को या जल को किस प्रकार से बचाया जा सकता है इस बारे में बताया है।
अभी वर्तमान में हमारे लिए सिर्फ पीने के पानी की समस्या का ही सामना नहीं करना पड़ रहा है बल्कि भूजल का जो जल स्तर है वह लगातार नीचे जा रहा है।
जिसके कारण अब कृष्ण ऋतु में पानी के किल्लत का सामना करना पड़ता है और दिल्ली जैसे शहरों में तो पानी की इतनी ज्यादा समस्या है कि लोग खराब पानी से अपना जीवन यापन करने में मजबूर हो जाते हैं तो इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार भी वर्षा जल संरक्षण और इसके अलावा जल संरक्षण के बहुत सारे कदम वहां आगे बढ़ा रहे हैं।

What is the importance of water





अगर पानी के importance की बात करें तो यह हमारे जीवन के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे शरीर का भी लगभग 75% भाग में चल पाया जाता है और इसके बिना हमारे शरीर के जो पाचन क्रिया हैं या जो अन्य एक्टिविटी है वह संभव नहीं है।
इस प्रकार जल है तो कल है और जल ही जीवन है जैसे कथन सत्य प्रतीत होते हैं क्योंकि हम भोजन के बिना तो कुछ समय तक रह सकते हैं लेकिन पानी के बिना एक पल भी नहीं रहा जा सकता है।
इस प्रकार जल का संरक्षण अत्यंत ही आवश्यक है।

Ideas for Water Saving


दोस्तों मैंने यहां पर वर्षा जल संरक्षण के कुछ टिप्स दिए हैं जो कि आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं-

  1. सबसे पहले तो हमें जल का दोहन कम करना चाहिए।
  2. जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाया जा रहे हैं उसका हमें लाभ लेना चाहिए।
  3. Save water save life को चरितार्थ करते हुए हमें जो वर्षा का जल है उसे संरक्षित रखना चाहिए, बांध बनाकर।
  4. Water या जल का उपयोग हमें सोच समझ कर करना चाहिए और सीमित मात्रा में करना चाहिए।
  5. गांव में बहने वाले पानी को छोटे-छोटे बांध बनाकर रोकना चाहिए।
  6. इसके अलावा खेतों में भी छोटे से जल संग्रहण के लिए छोटा सा तलाब बनाना चाहिए और इसका उपयोग हम जब पानी की कमी होगी तब कर सकते हैं।
  7. पानी की कमी या जल स्तर के नीचे जाने के कारण आज ग्लोबल वार्मिंग और ज्यादा बढ़ती जा रही है बढ़ती जा रही है जिसके कारण ताप में वृद्धि होने के साथ साथ पृथ्वी में उपस्थित पानी वाष्प बनकर ऊपर उड़ जाती है।
  8. घरों में उपयोग किए जाने वाले सावर को हमें धीमा वाला सावर का उपयोग करना चाहिए ताकि पानी जल्दी ना बहे।
  9. शौचालय में पानी के उपयोग बाल्टी से करना चाहिए क्योंकि नल से ज्यादा पानी की आवश्यकता पड़ती है।

Advantage of water saving





वैसे तो जल संरक्षण के बहुत सारे लाभ हैं लेकिन मैं यहां पर सभी का जिक्र ना करते हुए एक बात साफ करना चाहूंगा कि- अगर आज हम अगर पानी बचाते हैं तो भविष्य में हमें जब भी किसी भी प्रकार के पानी की आवश्यकता पड़ेगी तो उसके लिए हम निश्चिंत रहेंगे और आने वाले भविष्य में आने वाली पीढ़ी को पानी की कोई कमी नहीं होगी और इससे हमारे पृथ्वी का जो जलस्तर है वह भी ठीक से बना रहेगा जिससे फसलों का उत्पादन हम अच्छे से ले सकते हैं।

Conclusion

जल संरक्षण आज के ही नहीं बल्कि भविष्य के जल संकट से हमें बचा सकता है इसलिए हर संभव हमें जल का उपयोग सोच समझ कर करना चाहिए।

Save water in Hindi के इस पोस्ट में आज के लिए बस इतना ही.
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Friday, September 20, 2019

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Hi friends आप सभी ने सपनों के बारे में तो जरूर सुना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि सपना क्या होता है अगर नहीं तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं आज मैं इसी के बारे में चर्चा करने वाला हूं सपना का मतलब क्या होता है और हमें सपने क्यों आते हैं ।
Sapno ka Matlab Hindi me

सपने क्या होते हैं?


सपने इंसानों द्वारा ही नहीं बल्कि अन्य प्राणियों द्वारा भी देखे जाते हैं। सपना एक प्रकार से जब मनुष्य गहरी निद्रा में होता है तब उस समय हमारा दिमाग ऐसी चीजों में खो जाता है जो सिर्फ कल्पना मात्र होता है जो कि वास्तविक नहीं होता है।
और हमें ऐसा अनुभव होता है कि वहां घटना हमारे साथ ही हो रहा है और वहां सही में हो रहा है।
लेकिन ऐसा नहीं होता है वह सिर्फ कल्पना मात्र होता है जो कि काल्पनिक होता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसके अनेक अर्थ होते हैं जब आप सपने में कुछ देखते हैं तो उसके अलग-अलग मतलब होते हैं जैसे कि आप जब कोई वस्तु देखते हैं या किसी को कार्य करते हुए देखते हैं या किसी मरे हुए व्यक्ति को देखते हैं तो इसके अलग-अलग अर्थ निकलते हैं ज्योतिष शास्त्र में इसके बहुत से उदाहरण आपको देखने को मिल जाएंगे।
हमारा जो दिमाग है वह कभी भी शांत नहीं रहता है जब हम सो जाते हैं तब भी हमारे दिमाग में कुछ ना कुछ चलता रहता है जिसके कारण हमें सपना आते हैं और हम उसे रियल में हो रहा है ऐसे सोचते हैं।
आपने कई बार अनुभव किया होगा कि अगर आप सपने में रो रहे होते हैं तो आप रियल में रोने लग जाते हैं और सही में आपके आंसू निकल रहे होते हैं।

Sapno ka matlab Hindi mein


सपनों के मतलब की बात करें तो यहां पर सपनों के मतलब से ज्योतिष शास्त्र से जुड़ा हुआ है क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में जब आप सपने देखते हैं तो उसके अलग-अलग अर्थ वहां पर निकलते हैं तो इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप कोई सपना देखते हैं या कुछ सपने देखते हैं तो उसके अलग अर्थ निकालकर आपको ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से बताया जाता है और इसी संबंध में लाल किताब जैसे कई पुस्तकें आपको पढ़ने को मिल जाएंगे।

इंटरनेट पर जब आप सर्च मारेंगे कि सपनों का मतलब क्या होता है तो आपको बहुत सारे ऐसे ब्लॉग मिल जाएंगे जिसने आपको सपनों के बारे में बताया गया होगा और ऐसे बहुत से सपने होंगे जो आपने देखे हैं वह उसमें कंटेंट से मिलते जुलते होंगे तो इसके लिए आपने ब्लॉक को पढ़ सकते हैं।

सपने क्यों आते हैं?

अगर हम सपनों के आने की बात करें तो यहां पूर्ण रूप से हमारे दिमाग द्वारा यह हमारे मस्तिष्क के द्वारा एक प्रकार का भ्रम होता है। जो कि किसी कार्य के पूर्णा होने या अधूरे होने पर या जब हम किसी कार्य को सोते वक्त सोच रहे होते हैं तो उसी से संबंधित स्वप्न हमें आते हैं और जो स्वप्न हमें आते हैं वह हमारे दैनिक जीवन में किसी न किसी प्रकार से घटित हो चुके होते हैं या हम जो सपने में देखते हैं उसे हम पहले ही या उस चेहरे को हम पहले ही कहीं ना कहीं देख चुके होते हैं।
सपने में कभी भी हम अपने आप कोई नया चेहरा नहीं बना सकते हैं और यहां जो यहां पर जो चेहरा दिखाई देते हैं वहां पहले हम देख चुके होते हैं या हम पहले सो चुके होते हैं उसी को हम सपने में देखते हैं।

Conclusion

मेरे हिसाब से सपनों का कोई अर्थ नहीं होता है और ना ही इसका कोई मतलब होता है यहां हमारे दिमाग का ही रचाया हुआ एक जाल होता है जो हमें उलझाने की कोशिश करता है।
किसी भी प्रकार के कार्य जिसे हम नहीं कर पाते हैं उसे हम सपने में करने की कोशिश करते हैं।

धन्यवाद।

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