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Friday, October 26, 2018

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हम सब सपने जरूर देखते हैं लेकिन क्या उसे साकार करने का। सोचते हैं आओ जाने सपने कैसे सकार होते हैं !

sapne sakar hote hai

चीन के एक शहर  सान्या में आयोजित विश्व सुंदरी प्रतियोगिता 2017 में भारत की मानुषी छिल्लर ने खिताब जीतकर यह साबित कर दिया की सपने जरूर साकार होते हैं। मानुषी छिल्लर ने बचपन में एक ख्वाब देखा विस्व सुंदरी बनने का और वे सपनों के साथ जीने लगी। मेहनत रंग लायी और मानुषी छिल्लर मात्र 20 वर्ष की आयु में विश्व सुंदरी का सपना साकार कर लिया और हकीकत में बदलकर अपना तथा भारत का नाम रौशन कर दिया। इससे यह साबित होता है की अगर कोई व्यक्ति यह ठान ले की जो मैंने सपने में देखा है उसे हकीकत में करना है तो निश्चय ही सफलता उसके कदम चूमती है।


दिनरात मेहनत करने के बाद भी अगर सफलता ना मिले तो उदास होना तो जायज बात है लेकिन आप इस तरह से उदास ना हो की उम्मीद की किरण ही गायब हो जाये मैं आपके समक्ष एक तथ्य रखने जा रहा हूँ।

मेरे ख्याल से आप सभी जानते होंगे की बिजली सम्बन्धी अनेक आविष्कारकों के जन्म दाता टामस एलवा एडिसन एक रोचक व्यक्तित्व के धनी थे एक बार की बात है जब वे अपने लैब मे प्रयोग कर रहे थे तो उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर आई इस पर उनके सहायक ने पूछा की क्या समस्या का हल मिल गया ? सायद मिल गया। तो उन्होंने कहा नही भाई ये मेरा आखरी प्रयोग भी असफल रहा। अब में नए सिरे से सुकझाने में जुट सकता हूँ मुझे इस प्रयोग को और आगे बढ़ाना होगा , अपने को और ब्यस्त रख पाने के कारण मैं प्रशन्न हूँ।
इससे यह शिक्षा मिलती है की हम सिर्फ सपने ना देखे सपना को साकार करके देखे कितना मजा है सपने और हकीकत में मेरा उद्देश्य मात्र इतना है की आपके सपने अपने हों।


मैंने इस ब्लॉग को इस उद्देश्य से बनाया है की आप सभी प्रकार की गतिविधियों से अवगत रहे। वैश्विक परिदृश्य में जापन में शिन्जो आबे की वापसी हुई। आसियान शिखर सम्मेलन 2017 में भारत अपनी भूमिका का निर्वहन करने में सफलता पूर्वक सफल रहा है। विश्व खाद्य सम्मेलन 2017 में भारत ने वैश्विक निवेश को आकर्षित करने का साकारात्मक प्रयास किया हैं। द ईज ऑफ डूइंग बिजनेश रिपोर्ट के 15 वें संस्करण में भारत ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। आतित से कुछ बेहतर सीखने की दिशा में 19 वीं शताब्दी में हुए भारतीय पुनर्जागरण का अध्ययन एक सार्थक पहल है। इस ब्लॉग मे मैं आपको उन सारी चीजों को तो नही बता सकता लेकिन आप कुछ सपना देखे की मुझे भी कुछ करना है करके तो यह ब्लॉग आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
इस आप तो जानते ही हैं की प्रतियोगिता कितनी बढ़ गयी इस दृष्टि से यह ब्लॉग बनाया गया है। आज इस ग्ला काट प्रतियोगिता में क्या पढ़ने से ज्यादा आवश्यक है क्या नहीं पढ़ना। गलत जानकारी आपको अपने सपने से दूर कर सकती है। इसलिये सही है की परीक्षा को द्यान में रखकर तैयारी की जाये।

इसके बावजूद सपने तभी पूरे होते है, जब सपने को पूरा करने के लिए दिन रात मेहनत की जाये ,वरना सपने देखते देखते ही जिंदगी गुजर  जाती है। कोइ भी सपना पूरा नही होता।

                                                                    और अंत में............
                                                                     अमिताभ बच्चन की फिल्म में ये डायलॉग की.......
                                                      ''हौसला हो बुलन्द तो आंधियों मे भी चिराग जलते हैं''.........
                                                              
                                                                    
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मैं और मेरे विचार

जिंदगी में आप जो पाना चाहते वो कोई नही जानता सिवाय आपके और जिंदगी आपसे क्या चाहता है आप खुद नही जानते इसलिए आपको जिंदगी के साथ ही जीवन बिताना है आपको ये जरूर महसूस होता होगा की आज मैंने ये काम किया तो अच्छा लगा लेकिन आपने कभी ये सोचा की आपके घरवाले आपसे क्या चाहते हैं, घर वालों की ख्वाहिस क्या है मैं आपसे बस इतना कहना चाहता हूँ की आप एक बार अपने घर वालों से बात करके देखें और बात को समझने की कोशिश करें।
क्या मायने रखते हैं घर वालों की ख्वाहिशें ?
जीवन में सबसे बड़ा कर्ज किसका है किसके भरोसे हम अपना जीवन जीते हैं से सब क्या है क्यों है इन सब सवालों के जवाब अगर ढूंढें तो हमें पता चलता है की जीवन में सबसे बड़ा कर्ज माँ पापा का है क्योकि हमारे जीवन में उन्हीं की कृपा है जो आज हम इतने सक्षम हो सके हैं की अपने जीवन की ख्वाहिशे खुद पूरी कर सकते हैं। यदि हम अपने आप को कमजोर माने तो कुछ नहीं कर सकते हैं ?
इसलिए मैं मानता हु की सबसे बड़ा कर्ज अपनो का है अपने माँ , पापा का है।
मैं ये मानता हूँ की यदि आप अपने मन की करना चाहे तो पर भी आप अपनी ख्वाहिशों को पूरा। नही कर सकते हैं, क्योंकि ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए माँ, पापा का आशीर्वाद होना जरूरी है।
जब तक हम पर माँ, पापा की कृपा नहीं होंगी तब तक हमें कोई सफलता नहीं मिल सकती है। ये मेरा मानना है। माँ बाप से बढ़कर और कोई कुछ नही है ,जो है बस उन्हीं की कृपा से है, जब आप सबसे ज्यादा नराज होते हो तो आपको मनाता कौन है और जब आपको पैसे की जरूरत होती है तो आपको देता कौन है। माँ और बाप ना तो फिर आज उनको ये दर्द क्यों है की मेरा बेटा इतना कमजोर कैसे हो गया, वो जीवन के इस सफर में अकेला कैसे हो गया, और अन्य की तरह वो क्यों आगे नहीं बड़ पा रहा है। मैं मानता हूँ की हमारी असफलता के पीछे हमारा ही हाथ होता है क्योंकि ये हम जानते हैं की माँ बाप हमारे लिए क्या मायने रखते हैं। क्योंकि दुनिया में सब दोबारा मिल सकता है लेकिन माँ और बाप आपको दोबारा नहीं मिलते हैं। इसलिए अगर आपको सफल होना है तो अपने माँ बाप की ख्वाहिशों को ध्यान में रख कर कार्य करो आपको सफलता अवश्य मिलेगी ये मैं नही कहता ये तो सब बड़े बड़े सन्त महात्मा भी कहते है इसलिये बडों की ख्वाहिशों को ध्यान में रखकर कार्य करें आशीर्वाद के साथ साथ सफलता भी अवश्य मिलेगी।
सफला के पीछे भागने से यदि सफला मिलती तो आज हर कोई सफल होने के लिए सफलता की तलास में होता और सफल हो गए होते।
लेकिन मैं ये मानता हूँ की सबसे बड़ी सफलता अपनों की खुशी के पीछे भागने में है ना की खुद की खुशी ढूंढने में जियों तो अपनों के लिए ये जीवन भी अपनों ने ही दिया है। सबसे बड़ा कर्ज धन का नही अपनों के प्यार का है अपनों के इस कर्ज को ब्याज के साथ वापस करना अपना धर्म है। इसलिये अपनों (माँ बाप ) की ख्वाहिशों का हमेशा ध्यान रखें और उसे पूरा करने की भरपूर कोशिश करें क्योंकि आपको इसमे जल्दी सफलता मिलेगी और आपको जिंदगी में कभी हारना नहीं पड़ेगा क्योंकि आपके साथ अपनों का प्यार और आशीर्वाद है।
आपको ये आर्टिकल कैसे लगी मुझे टिप्पणी करके बताएं। आपका कीमती समय देने के लिए धन्यवाद। 
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                       साहस और जिद 

https://atozhindime.blogspot.com के सभी पाठकों को खिलावन पटेल के तरफ से नमस्कार और सुस्वागतम् दोस्तो मैं आज आपके सामने अपनी कुछ तर्क को शेयर करना चाहता हूँ जो की इस प्रकार से है-
हम हर वर्ष अपने जीवन कुछ नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते है और जिसे पूरा करने के लिए साहस और जिद के साथ आगे बढ़ना पड़ता है, क्योकि इन दोनो के मिलने से एक ऐसे जादुई ताबीज का निर्माण होता , जिसके सामने सारी बाधाये स्वतः दूर हो जाती हैं।
प्रिय दोस्तों , साहस और जिद के सामने विपरीत समय के निराशाओं के बादल ज्यादा समय तक नहीं टिक पाते हैं, इसलिये अभी तक के सफर की सराहना करते हुए नए वर्ष के नए संकल्प तथा नए उत्साह एवं जोश के साथ नई ऊंचाइयों को पाने की जिद पालन। आप बेशक यह तय नहीं कर सकते हैं की आपके सामने कैसे परिस्थितियां आएंगी, लेकिन आप यह तय कर सकते हैं की उन परीस्थितियों के प्रति आपका नजरिया कैसा होगा एवं उससे आपके लड़ने की जिद क्या होगी ? क्योंकि यही नजरिया आपको आपके संकल्प पूर्ति में सहायक होगा, क्योकिं अपने संकल्पों , सपनों को पाने का साहस और जिद को न अपनाना ही हमारे संकल्पों की पूर्ति में बाधक होता है।
दोस्तों नए वर्ष में कई तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं का सामना आप सभी को करना है, जिसको ध्यान में रखते हुए इस माह मैं आपके सामने ऐसे जानकरी रखने की कोशिश करूँगा जिसमें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, नवीनतम समाचारों के अलावा कई ज्ञानवर्धक लेखों को शामिल किया गया है, जो आप सभी को आने वाले समय में ज्ञानवर्धक व उत्साहवर्धक का कार्य करेंगी।
राष्ट्रीय परिदृश्य में जहां अनुच्छेद -35 (A) के विवादों को सामने रखा गया है वहीं पोषण से सम्बंधित राष्ट्रीय पोषण मिशन से अवगत कराया गया है जिनकी अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एससीओ सम्मेलन 2017 ,भारत-रूस आतंकवाद के मुद्दे के अलावा फिलीपिन्स के बारे में समग्र जानकारी उपलब्ध कराने की मेरी कोशिश रहेगी क्योकि ये कोई मैगजीन तो नहीं है जिसमें सारी जानकारी को एक साथ आपके सामने रख सकूँ लेकिन मैं अपने इस ब्लॉग की सहायता से ये सभी जानकारियां बहुत ही कम समय में उपलब्ध कराने की कोशिश करूँगा। आप इस ब्लॉग के मध्यम से ' स्वतन्त्रता आंदोलन तथा किओसानो की भूमिका ' के साथ-साथ नेट न्यूट्रलिटी , प्राकृतिक विरासत स्थलों की भी जानकारी प्राप्त करेंगे।
साथ ही आईबीपीएस पीओ ( प्रा ) परीक्षा के साल्वड तथा आईबीपीएस क्लर्क मुख्य परीक्षा , बीपीएससी बिहार दारोगा की परीक्षाओं के लिए मॉडल पेपर भी समाहित किया जायेगा उम्मीद है की आप इस अंक से लाभान्वित होंगे।

  1. अतः नव वर्ष में उम्मीद है की https://atozhindime.blogspot.com आपकी सफलता में पूर्ण सहयोगी होगा तथा बाजार में मौजूद अप्रसांगिक और स्तरहीन ज्ञान प्रदान करने वाली अध्ययन सामग्री से आपको बचाते हुए आपके सपनों को पंख लगा उसे हकीकत में बदलने का हौसला प्रदान करेगी।

Wednesday, October 17, 2018

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    Interview ki taiyari kaise kare hindi me

इंटरवियु की तैयारी कैसे करें हिन्दी में ये जानकारी किसी ऐसे साथी के लिए लिखा जा रहा है जो की ये जानना चाह रहा है की इंटरवियु क्या है ? और इसमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं तो आइये शुरू करते हैं अपनी ये ज्ञान यात्रा।
1. इंटरवियु क्या है और क्यों होता है ?
आपको ये तो पता ही होगा की इसे हिन्दी में साक्षात्कार या भेंट वार्ता भी कहा जाता है। साक्षात्कार एक ऐसी द्वि मार्गी प्रक्रिया है जिसमें अपने आप को दुसरे के समक्ष प्रस्तुत करने की जरूरत पड़ती है। और इस प्रकार साक्षात्कार तीन प्रकार से होता है।
(अ) व्यक्तिगत साक्षात्कार
(ब ) विषय के आधार पर या तकनीकी साक्षात्कार एवं तीसरा
( स) समूह परिचर्चा या समूह में साक्षात्कार
इन तीनो प्रकार की साक्षात्कार के माध्यम से व्यक्ति के विभिन्न गुणों को आंका जाता है और परखा जाता है जैसे की उम्मीद्वार के बौद्धिक क्षमता, संचार योग्यता, भाषा-कौशल, आंतरिक एवं बाह्य व्यक्तित्व शीलगुनों , इत्यादि का निरीक्षण एवं आकलन इसके द्वारा किया जाता है।
     अगर अभी वर्तमान की बात करें तो सभी महत्वपूर्ण पदों के लिए और अंतिम चरण के रूप किसी भर्ती के लिए इस प्रकार के इंटरवियु का ही प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के इंटरवियु में सिर्फ आपके पढ़ाई लिखाई को हीं नहीं देखा जाता बल्कि इसमें आपके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का आकलन किया जाता है। इसके आधार पर आपको इसमें अंक दिए जाते हैं। अतः यहां पर एक बात स्पष्ट हो जाती है की इंटरवियु में पास होने पर ही आपको नौकरी मिलेगी और फैल हो जाने पर नहीं किसी भी साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करने के लिए आपमें निम्न गुणों का होना आवश्यक है जो की इस प्रकार है-
1. आपको प्रसन्नचित मुद्रा में रहना होता है।
2. विनम्रता भी जरूरी है।
3. स्वभाविक व्यवहार प्रस्तुत करना चाहिए ना की दिखावटी।
4. शिष्टाचार पूर्ण आचरण करना चाहिए।
5. उदार एवं खुला दृष्टिकोण होना चाहिए।
6. प्रभावशाली अभिव्यक्ति प्रस्तुत करना।
7. स्मरण शक्ति का मजबूत होना बहुत जरूरी है।
8. किसी भी विषय जिसके सम्बन्ध में इंटरवियु होता है उसके तार्किक एवं विश्लेषणात्मक ज्ञान का होना भी जरूरी है।
9. किसी भी विषय हो या कोई भी प्रश्न हो उसके प्रति धनात्मक नजरिया प्रस्तुत करना चाहिए। जिसे POSITIVE Thinking कहा जाता है।
10. हाजिरजवाबी करना बहुत जरूरी है जिससे इंटरवियु लेने वाले को पता चलता है की आप कितने बात करने वाले हैं।
साथियों इन गुणों के अलावा किसी भी इंटरवियु के लिए किसी परीक्षार्थी को क्या करना चाहिए -
     
1. सबसे पहले अपने शैक्षिक योग्यताओं से सम्बंधित प्रमाणपत्र को एक फाइल में क्रमबद्ध रूप से जमा कर रख लेना चाहिए।
2. इस प्रकार के वस्त्र या पोशाख पहने जिसमें आप सहज महसुस करें और साफ , सुंदर पोशाक पहने ये बात आप याद रखें की एक अच्छी पोशाक से व्यक्ति निखरता है।
3. इंटरवियु में जाने से पहले अपने अंदर के व्यवहार को सवारने के साथ-साथ आपको अपने बाह्य व्यहार यानी की अपनी नाखून, बाल , मूंछ ( पुरुष हेतु ) अच्छी तरह से कटी व संवरी हो तथा इसके साथ आपका जुता या सेंडल भी अच्छी तरह पॉलिश होना चाहिए।  
4. इंटरवियु के आधा घण्टा पहले पहुंचे जिससे अनावश्यक तनाव से आप मुक्त हो सकते हैं।
5. इंटरवियु के समय आत्मविश्वास बनाये रखें और सकारात्मक सोच के साथ उत्तर देने की कोशिश करें।
6. स्वयं प्रसन्न रहें जिससे आपकी सकारात्मकता का प्रभाव दूसरों पर पड़े।
7. अगर इंटरवियु कमरे के अंदर ली जा रही हो तो आप पहले अनुमति जरूर ले फिर अंदर जाकर जब वे बैठने के लिए कहें तो बैठे और अपनी सहज तथा सामान्य स्थिति बनाये रखें।
8. इस दौरान आपके चलने , उठने , बैठने आदि सभी बाहरी गतिविधियों को भी देखा जाता है अतः इन सभी का भी आप ख्याल रखें।
9. सटीक उत्तर देने की कोशिश करें क्योकि इस परीक्षा में सिर्फ आपके ज्यादा बोलने या कम बोलने को ही नहीं देखा जाता है बल्कि आपके उत्तर देने के तरीके तथा बात करने के तरीके को भी देखा जाता है।
10. कहते हैं अच्छा सुनने वाला ही एक अच्छा वक्ता होता है और इस प्रकार आप उनकी बातों को अच्छे से समझे उसके बाद ही उत्तर देने का कष्ट करें।
11. किसी प्रश्न को नहीं समझ पाने पर उनसे पुनः प्रश्न दोहराने को विनम्रता पूर्वक कहें। संकोच करने पर आपको ही नुकसान हो सकता है।
12. आप इस इंटरवियु के परिणाम के बारे में ना सोचे और आत्मविश्वास के साथ उत्तर देने की कोशिश करें।
13. जितना हो सके उतना ही उत्तर दे और रटे रटाये उत्तर से बचने की कोशिश करें। तथा ये भी ख्याल रखें जितना पूछा जाता है उतना ही उत्तर दे अगर आप ज्यादा बात करेंगे तो उन्हें अच्छा नहीं लगेगा जिससे आपको कम नम्बर प्राप्त हो सकता है।
14. अब आखिर में इंटरवियु होने के बाद आप उनसे विनम्रता पूर्वक धन्यवाद ज्ञापित करें फिर वहां से निकलते समय ज्यादा हड़बड़ी ना करें और दरवाजा को धीरे से बन्द करें अगर इंटरवियु कमरे के अंदर लिया जा रहा हो तो।
          साथियों ये तो थी मेरे तरफ से बताये गए कुछ टिप्स जिन्हें आप फॉलो करके अच्छे नम्बर ला सकते हैं। अब आपको इंटरवियु के समय क्या नहीं करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए इसके बारे में बताता हूँ। तो चलिए पढ़ना शुरु करते है-
इंटरवियु के समय क्या नहीं करना चाहिए-
1. ध्यान रखें आप किसी भी प्रकार के भड़कीले वस्त्र ना पहने और सिम्पल वस्त्र पहने।
2. इनटरव्यूवर्स सभी अपने अपने क्षेत्र में निपुण होते हैं इस कारण उन्हें किसी भी गलत सूचना देकर भड़काने की कोशिश ना करें।
3. किसी भी प्रकार की अशिष्टता ना दिखाए और गलत व्यवहार ना करें आपमें शिष्टता झलकनी चाहिए।
4. यदि इंटरव्यू लेने वाले आपस में बात कर रहें हो तो आप उन्हें बीच में ना रोके चाहे वे आपके बारे में हो या किसी अन्य चीज जिसके बारे में आप उनसे अधिक जानते हो।
5. कई लोग इंटरव्यु का नाम सुनते ही घबरा जाते है आप ऐसा बिल्कुल ना करें धैर्यता के साथ धैर्य बनाये रखें।
6. उनका काम ही होता है प्रश्न पूछना इस बीच आप उनसे कोई सवाल ना करें अपितु उनकी बातों को ध्यान से सुने।
7. जब आप इंटरव्यु दे रहें हो तो अपने किसी भी अंग को इधर उधर ना हिलाएं जैसे की हाथा को हिलाना, पैर को हिलाना, मेज पर हाथ या उंगली मारना अथवा हाँथ फेककर बात करना आदि वे सभी क्रियाएं ना करें जिससे उन्हें असहज महसूस हो।
8. अपने उत्तर में किसी भी व्यक्ति, संस्था, या राजनीतिक दल पर आरोप ना मढ़ें और ना ही किसी धार्मिक विवाद में पड़े।
9. ऐसे शब्दों के प्रयोग से बचे जो चाटुकारिता के लिए प्रयुक्त होते हों।
10. किसी भी स्थान पर साक्षात्कार हो उस स्थान को छोड़ने की या उस स्थान पर जल्दी पहुंचने की कोशिश ना करें थोड़ा संयम बनाये रखें और सहजता के साथ उस स्थान पर पहुंचे या उस स्थान को छोड़ें।
इस प्रकार सन्तुलित व सहज रूप से इंटरव्यु देने पर आपको सफलता निश्चित रूप से मिलेगी और आप उस कार्य के लिए अवश्य चुने जाएंगे जिसके लिए आपने इतना मेहनत किया है। 
thanks so much for supporting me

Saturday, September 29, 2018

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Time management tips in hindi

आपका स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पर दोस्त आज मैं आपके सामने प्रस्तुत करने जा रहां हूँ समय प्रबन्धन के बारे में कुछ जानकारियां जो आपके लिए उपयोगी हो सकता है । तो दिस्तों आज के भाग दौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास समय नहीं है और ऐसे में समय की बचत बहुत जरूरी है इस लिए मैंने इस पोस्ट को लिखा है। इसमें मैंने समय बचाने के लिए 10 टिप्स दिए है जो आपके Time management में सहायता कर सकता है।
आप किसी भी सफल व्यक्ति या महापुरुषो की जीवनी को देखे आपको उसमें ऐसा कुछ देखने को जरूर मिलेगा जिससे आप समय की बचत के बारे में सोच सकते हैं और समय बलवान होता है। समय आने पर निर्धन भी अमीर हो जाता है तथा समय आने पर अमीर भी गरीब हो जाता है ऐसे में किस समय किस कार्य को करना चाहिए ये जानना बहुत ही जरूरी है।
हिन्दी में आपने एक कहावत भी सुनी होगी जो की इस प्रकार है- अब पच्छताये होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत।
अर्थात- खेत मे लगे फसल को जब चिड़िया चुग जाती है या खा जाती है उसके बाद हमारे पास पच्छताने के सिवा कोई रास्ता नहीं होता है क्योकि समय तो निकल चुका होता है।
समय प्रबंधन के 10 तरीके इन हिन्दी-

  • 1. सबसे पहले मेरा टिप्स ये है की आपके मन में जो भी कार्य करने की तैयारी है उसको आप एक कागज में लिख लें और फिर उसके हिसाब से कार्य प्रारम्भ करें।
  • 2. इसके बाद आप अपना कार्य को उसके आवश्यकता के हिसाब से विभिन्न वर्गों में बाट लें फिर उसको आप a b c d इस प्रकार ग्रेड दें फिर अपना कार्य प्रारम्भ करें जिससे आपका अन्य अनावश्यक काम से समय बच सकता है।
  • 3. जब आप कार्य कर रहें हों उस समय अगर बीच में कोई काम आ जाये तो आप उसे आप उसकी आवश्यकता के हिसाब से करें यदी आवश्यक ना हो तो उसे आखरी में करें या उसे बीच में करें।
  • 4. किसी भी काम को जल्दी करने के लिए उसके समान को हमारे पास होना बहुत ही जरूरी है। इसलिये आप सभी सामान को अपने पास रखें।
  • 5. जब आप किसी कार्य को कर लें तो आपको सभी समान को एक जगह व्यवस्थित करके रख लेना चाहिए ताकि अगले दिन उसे ढूंढने में समय बर्बाद ना हो।
  • 6. समय प्रबन्धन करना आसान काम नही है इसलिए आप अपनी कार्य की समय सारणी को एक दिन पहले ही तैयार कर लें।
  • 7. जब आप काम कर रहे हो और वो काम आपको बोझिल लगे तो उसे आप कुछ समय के लिए छोड़ दें क्योकि आपकी रुचि ना होने पर उस काम में अधिक समय लगेगा और समय बर्बाद होगा।
  • 8. कोई भी काम हो उसे उसके समय पर करना चाहिए उससे जल्दी करने की हड़बड़ी में आपका नुकशान हो सकता है जिससे समय बर्बाद बहुत ज्यादा होता है।
  • 9. जिस काम को आप करते जाते है उसे राईट का चिन्ह लगा कर संकेत करते जाये जिससे आपको पता चलता जायेगा की कौन सा काम बाँकी है।
  • 10. आप अपने वातावरण को साफ रखें जिससे कार्य में मन लगेगा और वह आसान हो जायेगा। अनावश्यक तनाव से बचें।

  ये तो थी मेरे हिसाब से समय बचाने की एक छोटी सी पहल और अन्य जानकारियों के लिए जुड़े रहें मेरे साथ
      धन्यवाद!