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भ्रमर-गीत-सार : सूरदास पद क्रमांक 57 की व्याख्या - Rexgin

भ्रमरगीत सूरदास (व्याख्या) भ्रमरगीत सार सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल  पद क्रमांक 57 व्याख्या    57.  निरख अंक स्यामसुंदर के बारबार लावति छाती।  लोचन-जल कागद-मिसि मिलि कै है गई स्याम स्याम …

भ्रमर-गीत-सार : सूरदास पद क्रमांक 56 की व्याख्या - Rexgin

भ्रमर गीत सूरदास (व्याख्या) भ्रमरगीत सार सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल  पद क्रमांक 56 व्याख्या    56. राग मलार  याकी सीख सुनै ब्रज को, रे ? जाकी रहनि कहनि अनमिल, अलि, कहत समुझि अति थोरे।। आपु…

भ्रमर-गीत-सार : सूरदास पद क्रमांक 55 की व्याख्या - Rexgin

भ्रमर गीत सूरदास (व्याख्या) भ्रमर गीत सम्पादक आचार्य रामचंद्र शुक्ल  पद क्रमांक 55 की व्याख्या  55. राम केदारो  जनि चालो, अलि, बात पराई।  ना कोउ कहै सुनै या ब्रज में नइ कीरति सब जाति हिंराई।। ब…

भ्रमर-गीत-सार : सूरदास पद क्रमांक 54 की व्याख्या - Rexgin

भ्रमरगीत सार (व्याख्या) भ्रमरगीत सम्पादक रामचंद्र शुक्ल  पद क्रमांक 54 व्याख्या    54. राग जैतश्री   प्रेमरहित यह जोग कौन काज गायो ? दीनन सों निठुर बचन कहे कहा पायो ? नयनन निज कमलनयन सुंदर मुख हे…

भ्रमर-गीत-सार : सूरदास पद क्रमांक 53 की व्याख्या

संपादक भ्रमरगीत सार रामचंद्र शुक्ल भ्रमर गीत सूरदास पद क्रमांक 53 व्याख्या - भ्रमरगीत सार व्याख्या भ्रमर गीत सूरदास सम्पादक आ. रामचंद्र शुक्ल   पद क्रमांक 53 व्याख्या  फिरि-फिरि कहा सिखावत मौन ? द…

भ्रमर-गीत-सार : सूरदास पद क्रमांक 52 की व्याख्या - Rexgin

भ्रमरगीत सूरदास या  भ्रमरगीत सार रामचंद्र शुक्ल bhramar geet sar surdas भ्रमरगीत सार की व्याख्या राग सारंग पद 52   हमारे हरि हारिल की लकरी।  मन बच क्रम नंदनंदन सो उर यह दृढ़ करि पकरी।। जागत, सोबत, सपन…
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