Showing posts with label Diesel machanic cors Hindi me. Show all posts
Showing posts with label Diesel machanic cors Hindi me. Show all posts

Monday, October 21, 2019

,
 आज हम बात करने वाले है डीजल मैकेनिक कोर्स में प्रयोग होने वाले नापने वाले औजार के बारे में इस पोस्ट को लिखने से पहले मैंने आपके लिए इसी से रिलेटेड और भी दो पोस्ट लिखें हैं जिसमें मैंने आपको बताया है स्टील फुट रूल के बारे में और स्टील मेजरिंग टेप के बारे  में इस पोस्ट में मैं आपको बताने वाला हूँ कैलिपर के बारे में इससे पहले हम इसके बारे में डिटेल से जाने चलिए जानते हैं यह होता क्या है ?
Caliper

क्या होता है कैलिपर्स?

जैसे की आप जानते ही है की किसी डीजल मशीन में या किसी भी प्रकार के ऐसे मशीन में कई ऐसे पार्ट लगे होते हैं जिसके नाप लेने में साधारण स्टील टेप का उपयोग नहीं किया जा सकता है और यह बहुत ही कठिन कार्य होता है कई जगह तो ऐसे होते हैं जहां पर टेप को भी नहीं घुसाया जा सकता है और ऐसे भी जगह होते हैं जहां पर अगर माप लेने में थोड़ी भी चूक अगर हमरे होती है तो वह पार्ट खराब हो सकता है और साथ ही अगर वह पार्ट मशीन से ही जुड़ा हो तो वह मशीन पूरा खराब हो सकता हैं।  इसी से बचने के लिए इस प्रकार के कैलिपर्स का प्रयोग किया जाता है।

किसीे गोले अथवा खोखले जॉब की साधारण माप लेने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

कैलिपर्स र्थ किस पदार्थ के बनाये जाते हैं ?


इस प्रकार के कैलिपर्स का निर्माण स्टेनलेस स्टील से किया जाता है जिससे यह बहुत ही सख्त होता है और यह स्तेन लेस होता है यानी की तन्यता नहीं होती है।

इस प्रकार के मैपिंग टूल से किस प्रकार नाप लिया जाता है ?

इस प्रकार के टूल से माप लेने के लिए इसमें जो दो टांगें होती हैं उनका प्रयोग किया जाता है और साथ ही जब हम माप लेते हैं तो इन दोनों टांगों का प्रयोग करके ही इसका माप लिया जाता है इनके टांगों को फैलाया जाता है और दोनों टांगों को जॉब से स्पर्श कराया जाता है जिससे उनकी दुरी या गेप का पता हमें चल जाता है।
इस दुरी को स्टील फुट रॉड के ऊपर दर्शाया जाता है या पढ़ा जा सकता हैं।

नाप लेते समय क्या सावधानी बरतना चाहिए ?
इस प्रकार के टूल का प्रयोग इस प्रकार से करना चाहिए की यह जॉब से ज्यादा रगड़ ना खाये और ज्यादा ढीला भी ना रहे और न ही ज्यादा कड़ा न हो इससे जो माप लेते हैं उसे स्टील फुट रूल के द्वारा पढ़ा जाता है।

 यह दो प्रकार का होता है -

  1. आउट साइड कैलिपर्स 
  2. इन साइड कैलिपर्स 
अगले पोस्ट में हम बात करने वाले हैं माइक्रोमीटर के बारे में आज के पोस्ट में बस इतना ही धन्यवाद!

इन्हें भी पढ़ के देखे कैसे लगता है कमेंट करके बताएं 
,
Hello and  welcome my dear friend आज मै आपको बताने वाला हूँ डीजल मैकेनिक कोर्स में प्रयोग में लाये जाने वाले खोलने एवं बाँधने वाले औजार के बारे में इससे पहले आप इस पोस्ट के बारे में जाने आपको बता दे की इससे पहले मैंने इसी के सम्बंध और भी पोस्ट लिखे है जिसमें मैंने आपको अलग अलग पोस्ट के माध्यम से इस खोलने एवं बाँधने वाले औजार के बारे में बताया है जैसे मेरे पोस्ट थे। खोलने एवं बाँधने वाले औजार पेचकस, प्लास, स्पैनर के बारे में बताया था और आज हम आपको बताने वाले हैं हैमर जिसे आम बोलचाल की भाषा में हथोड़ा कहा जाता है।

हैमर (हथोड़ा) क्या है?

किसी भी प्रकार के धातु एवं ऐसे चीज जिनको निकालने के लिए ज्यादा बल की आवश्यकता होती है तो उसके लिए इस प्रकार के टूल का उपयोग ज्यादा किया जाता है।  अर्थात किसी वस्तु को ठोकने मोड़ने या सीधा करने के लिए हैमर का प्रयोग किया जाता है।

हैमर को किस धातु से बनाया जाता है?
हथोड़े को कास्ट स्टील या कार्बन स्टील के बने होते हैं

हैमर कैसे दीखता है?

हैमर एक लोहे के टुकड़े होते है या इसे प्लास्टिक से बनाया जाता है कई जगहों पर यह लोहे का हथोड़ा काम नहीं आता है।  हथोड़े में हैंडिल लगा होता है।  जिसे बैच लगाकर टाइट कर देते हैं।  इससे क्या होता है हैंडिल से हथोड़े के हेड का निकलना इतना आसान नहीं होता है। और भय भी नहीं रहता है।
इस प्रकार ये हैमर का आकार और वजन उसके आकार पर निर्भर करता है। तथा इसके बड़े आकार को घन के नाम से भी जाना जाता है जिसका प्रयोग बड़े धातुओं को अन्य आकार में परिवर्तित करने के लिए प्रयोग किया जाता है।

हैमर के मुख्य भाग कौन-कौन से हैं ?

  1. फेस 
  2. पोल 
  3. नैक 
  4. चीक 
  5. वैज 
  6. आई होल 
  7. पीन 
  8. हैण्डल 
अब यह उपयोगिता के अनुसार कई प्रकार के हो सकते हैं तथा इसके अलावा यह 250 ग्राम से 1 किलो या उससे ज्यादा के भी हो सकते हैं।

हैमर या हथौड़ा कितने प्रकार का होता है ?

हैमर को उनके कार्य के आधार पर निम्न प्रकारों में बांटा गया है -

  1. बाल पीन हैमर 
  2. क्रास पीन हैमर 
  3. स्ट्रेट हैमर 
  4. स्लेज हैमर 
  5. सॉफ्ट हैमर आदि इसके अलावा और भी हो सकते हैं। 
1. बाल पीन हैमर - इस प्रकार के हथौड़े का सबसे ज्यादा प्रयोग गैरेजो में या सामान्य काम करने वाले लोगों के द्धारा  किया जाता है. इस प्रकार के हैमर में एक ओर प्लेन होता है तो दूसरी ओर हथोड़े का भाग तीन चौथाई गोल टेपर होता है। या कहें बाल जैसेपिन बना  होता है इस कारण इसे बाल पीन हैमर के नाम से भी जाना जाता है.इसका प्रयोग रिपीट को ठोकने अथवा फैलाने के लिए किया जाता है।  यह बहुत ही उपयोगी औजार है जिसका प्रयोग किसी मशीन को खोलने एवं बाँधने के लिए किया जाता है।

2. क्रास पीन हैमर - इस प्रकार के क्रास पीन हैमर का उपयोग V आकार के ग्रूव बनाने में किया जाता है क्योकि इसके पीछे का भाग तो फेस होता जिसे प्लेन भी कहते हैं तथा दूसरी ओर क्रॉस के रूप हैंडिल के समकोण पर टेपर हुआ रहता है इसी कारण इसका प्रयोग V आकार के खांचे बनाने के लिए किया जा सकता है। इसका उपयोग चैनल बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

3. स्ट्रेट पीन हैमर - यह हैमर लगभग क्रॉस पीन हैमर के समान होता है लेकिन इसका जो पीन होता है वह हैमर के हैंडिल  सीध में होता है। इसका प्रयोग क्रॉस पीन  हैमर के समान चैनल बनाने V ग्रूव बनाने तथा रिवेट को फैलाने आदि के लिए किया जाता है।

4. स्लेज हैमर - इस प्रकार के हैमर घन भी कहलाते हैं। इनका अधिकतर उपयोग ब्लैक स्मिथी के कार्यों में गोल रॉड स्मरिया एंगल आयरन चैनल या फ़्लैट आयरन को सीधा करने मोड़ने या काटने के लिए किया जाता है। इसका आकार डबल फेस हैमर के समान होता है।

सॉफ्ट हैमर

5. सॉफ्ट हैमर - जिन जॉब में  हथोड़ों से चोट मारने पर उस पर निशान आने का भय रहता है। उन जॉबों के लिए नर्म या सॉफ्ट हैमर का प्रयोग किया जाता है।  यह हैमर लकड़ी, बैकलाइट, प्लास्टिक, पीतल , ताँबे , या एल्युमिनियम आदि नर्म धातुओं के बनाये जाते हैं।

सारांश - इस पोस्ट में हमने जाना हैमर के बारे में तो यहां पर यह स्पस्ट हो जाता है की यह एक महत्वपूर्ण औजार है जिसका प्रयोग हम मशीन को खोलने एवं बाँधने के लिये करते हैं. इन प्रकारों के अलावा यह उपयोगकर्ता के अनुसार और भी प्रकार के हो सकते हैं. जैस की चिपिंग हैमर , लॉय हैमर आदि।

इन्हें भी देखें और जाने डीजल मैकेनिक कोर्स से रिलेटेड टॉपिक्स के बारे में -

Friday, October 18, 2019

,
आपका स्वागत है मेरे ब्लॉग पर आज मै आपके लिए लेकर आया हूँ डीजल मैकेनिक में उसे होने वाले खोलने एवं बाँधने वाले औजार को लेकर आज हम बात करेंगे की कैसे हम स्पेनर का उपयोग करके किसी मशीन को खोल सकते एवं बाँध सकते हैं इससे पहले मैंने आपके लिए एक पोस्ट और लिखा था जिसमें मैंने आपको बताया था इसी खोलने एवं बाँधने के लिए उपयोग किया जाने वाला औजार Pechkas और प्लायर के बारे में आपको बताया था आज के इस पोस्ट में चलिए पढ़ते हैं स्पैनर के बारे में
Kholne Ewam Badhane Wale Aujar Spanner Diesel Mechanic Course

स्पैनर क्या है?

किसी मशीन को खोलने एवं बाँधने के लिए सबसे अधिक प्रयोग हम हो या कोई और हो इसी स्पैनर का प्रयोग करता है. आम बोलचाल की भाषा में इसे ज्यादातर चाबी के नाम से जाना जाता है.




स्पैनर किस पदार्थ के बने होते है?

स्पैनर को ज्यादातर ड्राप फोर्ज स्टील या हाई कार्बन स्टील के बनाया जाता है.

स्पैनर कैसे कैसे आकार का होता है?

स्पैनर के आकार की बात करें तो इसका आकार इसकी उपयोगिता के आधार पर निर्भर करता है. कार्य किस प्रकार के करना है उस हिसाब से इसे अलग अलग बनाया जा सकता है. अब बात करते है इसके प्रकारों की तो यह निम्न प्रकार का होता है-

स्पैनर का प्रकार 

  1. ओपन एण्ड स्पैनर
  2. डबल एण्ड स्पैनर
  3. रिंग  स्पैनर 
  4. सॉकेट स्पैनर 
  5. एडजस्टेबल स्पैनर 
  6. हुक स्पैनर  
  7. एलेन स्पैनर 
1. ओपन एण्ड स्पैनर -
                               इस  प्रकार के स्पैनर में केवल एक और खुला हुआ भाग होता है जिससे नट को फसाया जाता है. और उसे खोला जाता है एवं कसा जाता है. इसे एक और नाम सिंगल एन्ड स्पैनर के नाम से भी जाना जाता है. इसकी माप या साइज को मापने की बात करें तो इसे बीच से नाप कर इसके साईज को नाप कर बताया जाता है।

2. डबल एण्ड स्पैनर -
                            इस प्रकार के स्पैनर भी ओपन एण्ड स्पैनर के समान होता है. फर्क सिर्फ इतना होता है की इसके दोनों और खुला हुआ भाग होता है जो की अलग अलग नाप का होता है और इसे उनके सिरों पर लिखा जाता है. इसके दोनों सिरों में जो ओपन हैड बनाया जाता है वह प्रायः 30 से 150 अंश के कोण पर बनाया जाता है. इस प्रकार के स्पैनर में इस प्रकार की सुविधा होने के कारण इसका प्रयोग सबसे ज्यादा किया जाता है. लेकिन इसकी खराबी यह है की यह जल्दी ख़राब होता है और ठीक से नही फसा पाने पर नट के हेड को ख़राब कर देता है.

3. रिंग स्पैनर -
                          इस प्रकार के स्पैनर में दोनों ओर या एक ओर गोल गोल छल्ले बने होते हैं  या कहें रिंग के समान रचनाये होती है जिसमें नट को फंसाया जाता है. और खोला एवं कसा जाता है इसी लिए इसे खोलने एवं बाँधने वाले औजार कहा जाता है. ये छल्ले (रिंग ) बॉडी से विपरीत दिशा में थोड़े से झुके हुए होते हैं.

4. सॉकेट स्पैनर -
                          इस प्रकार के स्पैनर गोल गुटको के रूप में आते है इसके एक सिरे में चौकोर खाचा बना होता है जो की एक ही साइज का होता है. और दूसरे और अलग अलग साईज के गोल ( रिंग ) गुटकों के रूप में आते हैं. यह गोल गुटके अलग अलग माप के बनाये या बने होते है जो की विभीन्न साइज के नट को खोलने एवं कसने के लिए उपयोग किया जाता है. इसमें भी रिंग स्पैनर के समान खाँचे कटे होते हैं।

5. एडजस्टेबल स्पैनर -
                          जैंसे की इसका नाम है एडजस्टेबल स्पैनर उसी प्रकार इसे एडजस्ट किया जा सकता है।  और इसक प्रकार के स्पैनर का प्रयोग वहां किया जाता है जहां पर किसी अन्य प्रकार के स्पैनर फीट नहीं होते हैं।  इस प्रकार के स्पैनर को स्क्रू रिंच के नाम से भी जाना जाता है क्योकि इसे एक स्क्रू की भाँती कंट्रोल करने के लिए हेड में एक स्क्रू लगा होता है।

6. हुक स्पैनर -
                        इस प्रकार के स्पैनर के आकार के बात करें तो यह C  के आकार का होता है। इसका प्रयोग राउंड नट के लिए किया जाता है। इसके सिरे पर पिन  बना होता है।

7. एलेन की -
                       इस प्रकार स्पैनर का प्रयोग ऐसे नटों को खोलने एवं कसने में किया जाता है जिसके हेड पर छह कोर वाले खांचे बने होते हैं यह छः पहल वाला ठोस पसली रॉड होता है. यह एक ओर से 90 अंश के कोण पर झुका होता है।




सावधानियाँ 

  1. सही माप के स्पैनर का ही प्रयोग करना चाहिए नहीं तो नट या  बोल्ट का हेड ख़राब जो सकता है। 
  2. स्पैनर के दूसरे सिरे का प्रयोग पाइप के साथ नट खोलने या कसने के लिए नहीं करना चाहिए। 
  3. स्पैनर को  हैमर से नहीं ठोकना चाहिए क्योकि इससे इसके टूटने का खतरा रहता है। 
सारांश - जब भी हम किसी स्पैनर का प्रयोग करें सावधानी के साथ करें और उचित स्पैनर का प्रयोग करना चाहिए इसको ठीक से पकड़ना चाहिए। और फिर जोर लगाना चाहिए।


Sunday, October 13, 2019

,
Hello and welcome friend आज हम बात करने वाले हैं हम खोलने एवं बांधने वाले औजार प्लास (plier) के बारे में जिसमें मैं आपको बताऊंगा प्लास क्या है और यह कितने प्रकार का होता है?
दोस्तों इससे पहले जो मैंने पोस्ट किया था मैंने उसमें आपको बताया था पेचकश के बारे में यह भी एक assembling and opening tool है।

प्लास क्या है?

प्लास यह एक बहु उपयोगी औजार है जिसका प्रयोग वस्तुओं को पकड़ने के लिए और छोटे-मोटे तार को काटने व मोड़ने के लिए किया जाता है। यह 6 inch से 10 इंच तक की लंबाई के हो सकते हैं या उससे बड़े भी हो सकते हैं यह उसके उपयोगिता के आधार पर निर्भर करता है।




प्लास के प्रकार

  1. Flat या combination प्लास
  2. Long nose plas
  3. Sleep join plas
  4. Gais plas
  5. Side cutting plas
  6. Vice grip plas
1.Flat or combination plier
flat and combine plier
इस प्रकार के प्लास का उपयोग लगभग सभी कार्यों के लिए किया जाता है जैसे बिजली की फिटिंग के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है लेकिन इस प्रकार के प्लास में इंसुलेटेड प्लास्टिक के कवर लगे होते हैं। इस प्रकार के प्लास में आगे का भाग चपटा होता है और बीच का भाग गोल दातनुमा होता है। और इसका एक साइड धार वाला होता है जिसका प्रयोग तार को काटने के लिए करते हैं।

2.Long nose plier
long nose plier

इस प्रकार के प्लास के जबड़े लंबाई में टेपर लिए होते हैं और इनमें काटने वाली धार नहीं होती है इनका प्रयोग ऐसे स्थानों पर किया जाता है जहां कंबीनेशन प्लास का उपयोग नहीं किया जा सकता और पर्याप्त स्थान नहीं होता उस जगह पर इसका प्रयोग करते हैं विशेष रुप से इनका प्रयोग गोल्ड स्मिथ रेडियो तथा टीवी के कार्यों में तारों की गुंडी बनाने उन्हें मोड़ने आदि के लिए किया जाता है इनके द्वारा बेरिंग लॉक भी खोले जा सकते हैं।

3.Slip joint plier
Slip joint plier

इस प्रकार इसका जैसा नाम है उसी प्रकार इसे जोड़ पर से खीसका कर इसके जबड़े के साइज को बढ़ाया जा सकता है या कहे इसे कम या ज्यादा खोला जा सकता है। इसका प्रयोग ज्यादातर नट बोल्ट को टाइट करने के लिए क्या जाता है, इसमें तार को काटने के लिए कोई आकार नहीं होता है।

4.Gas plier
gas plier

जैसे कि इसका नाम है गैस प्लास इसका उपयोग गैस पाइप के स्क्रू व बोल्ट को टाइट करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा आयल पाइप पर लगे नटों को खोलने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। इसे सुविधाजनक स्लिप ज्वाइंट प्लास के समान छोटा या बड़ा किया जा सकता है।

5.Side cutting plas
side cutting plier

इस प्रकार के प्लास का उपयोग तारों को काटने के लिए किया जाता है बिजली की तारों को इसके द्वारा वस्तु को पकड़ा या मोड़ा नहीं जा सकता है। अन्य छोटे-मोटे तारों को भी इससे काट सकते हैं।

6.Vice grip plier
vice grip plier

यहां बहु उपयोगी प्लास है इसके जबड़ों को छोटा बड़ा किया जा सकता है इसे रिंच या वॉइस के समान भी प्रयोग कर सकते हैं।




सुरक्षा एवं सावधानियां


  1. साइड कटिंग प्लास से अच्छे स्टील की तार तथा किले आदि नहीं काटने चाहिए।
  2. काम को देखते हुए उसमें कुछ होने वाले प्लास का ही उपयोग करना चाहिए।
  3. प्लास का उपयोग हैमर के समान नहीं करना चाहिए इससे ठोकना नहीं चाहिए।
  4. विद्युत कार्यों के लिए इंसुलेटेड प्लास का उपयोग करना चाहिए।
  5. Long nose plas का नोज खराब हो जाने पर इसे ग्राइंडर से ग्राइंडिंग करके प्रयोग करना चाहिए।
Conclusion

प्लास का उपयोग ज्यादातर लोग समान्य कार्यों के लिए करते है और यह बहु उपयोगी औजार है जो खोलने एवं बांधने के लिए किया जाता है।

Read also



Saturday, October 12, 2019

,
Hello and welcome friend आज मैं आपसे बात करने वाला हूं डीजल मैकेनिक कोर्स से रिलेटेड खोलने एवं बांधने वाले औजार के बारे में जिसमें मैं आपसे बात करूंगा पेचकस के बारे में तो चलिए शुरू करते हैं।
standard screwdriver offset screwdriver ratchet screwdriver Phillips screwdriver
Screwdriver

क्या है पेचकस?(pechkas kya hai)


दोस्तों आपने पेचकस को एक और नाम से सुना होगा जिसको हम स्क्रुड्राइवर कहते हैं स्क्रुड्राइवर छोटा बड़ा होता है अपने काम के अनुसार यह हो सकता है। हर सभी को टेस्टर के बारे में मालूम ही होगा जिससे हम बिजली के करंट का पता लगाते हैं तो पेचकस भी उसी प्रकार का होता है लेकिन यह आकार में बड़ा होता है।
तो इससे अब क्लियर हो गया होगा कि पेचकस क्या है?
स्क्रू ड्राइवर का प्रयोग किसी स्क्रू को खोलने या कसने के लिए प्रयोग किया जाता है।




पेचकस के भाग(pechkas ke bhag)


  • Blade cheap
  • Sank
  • Handle


Blade cheap
पेचकस के आगे का भाग blade cheap कहलाता है।
Sank
पेचकस का मध्य भाग जोकि गोल होता है वहां सैंक कहलाता है।
Handle
पेचकस का ऊपरी भाग जिस को पकड़ कर घुमाया जाता है वहां हैंडल कहलाता है।

पेचकस के प्रकार(pechkas ke prakar)

लंबाई के आधार पर फैसला निम्न प्रकार के होते हैं


  1. साधारण फ्लैट पेचकस
  2. आफसेट पेचकस
  3. रैचिट पेचकस
  4. फिलिप्स पेचकस


1.साधारण फ्लैट पेचकस(simple pechkas)

यह साधारण पेचकस होते हैं और जिस प्रकार सभी पेचकस खोलने एवं कसने के लिए प्रयोग किए जाते हैं यह विभिन्न साइज छोटे बड़े आकार के होते हैं इन पर लकड़ी या प्लास्टिक का हैंडल लगा होता है यह कार्य के अनुसार लाइट ड्यूटी स्क्रुड्राइवर होते हैं इनका बीट यानी आगे का भाग चपटा होता है।

2.ऑफसेट पेचकस(offset pechkas)

इस प्रकार के पेचकस के आगे का भाग भी चपटा होता है और पीछे का भाग भी चपटा होता है लेकिन इसकी दोनों ओर के आखरी छोर 90 अंश के कोण पर मूडे होते हैं। इस प्रकार के पेचकस का प्रयोग उन स्थानों पर किया जाता है जहां पर साधारण पेचकस का उपयोग नहीं किया जा सकता या वह तिरछा होता है।
इसका मतलब है सकरी जगहों पर इस प्रकार की पेचकस का उपयोग किया जाता है।

3.रैचिट पेचकस (rachit pechkas)

इस प्रकार के रैचिट पेचकस में स्प्रिंग लगे होते हैं और रैचिट हैंडल के अंदर यह फिट होते हैं। और हैंडल के बाहर एक बटन होता है जिसे दबाने पर स्प्रिंग द्वारा रैचिट पेचकस के सैंक को घुमाने लगता है और बटन को छोड़ने पर वह घुमाना बंद कर देता है और पुनः अपनी स्थिति में वापस लौट आता है इस प्रकार के पेचकस का प्रयोग करने से बहुत ही शीघ्रता से पैचो को खोला जा सकता है।

4.फिलिप्स पेचकस (Philips pechkas)

Philips pechkas ऐसे पेचकस होते हैं जिनके आगे का भाग 4 पहल में कटा होता है और इसका प्रयोग ऐसे स्क्रू को खोलने में किया जाता है जिसके ऊपर क्रॉस का या क्रॉस के आकार का ग्रुव बना होता है या खाजा बना होता है। यह विभिन्न नंबर्स के अनुसार माप के आते हैं।




Conclusion

पेचकस एक महत्वपूर्ण औजार है जिसका प्रयोग हम डीजल मैकेनिक कोर्स के अंतर्गत करते हैं। इसके प्रकार को हम अन्य आधारों पर भी बांट सकते हैं।

Read also