Showing posts with label CG news. Show all posts
Showing posts with label CG news. Show all posts

Sunday, September 8, 2019

,
Hello and welcome साथियों आपने Global Warming के बारे में तो सुना होगा। आज मैं इसी के बारे में बातें करने वाला हूँ क्या होता है? ग्लोबल वार्मिंग? और इससे कैसे निपटना है? क्या कारण है Global Warming का और इससे कैसे नुकसान पहुंच रहा है। इन सभी तमाम बातों पर आज मैं चर्चा करने वाला हूँ तो lets Start baby






ग्लोबल वार्मिंग (Kya hai Global Warming)

Hey Friends आपने अनुभव किया होगा की हर साल हमारे लिए गर्मी का दिन बहुत ही तकलीफ वाला होता जा रहा है जिसके कारण धूप में भी निकलना बहुत कठिन होता जा रहा है। और साथ ही साथ प्रदूषण भी इतना ज्यादा होता जा रहा है की जीना मुश्किल होता जा रहा है आपने कई बार दिल्ली मुम्बई जैसे शहरों के प्रदूषण के बारे में भी सुना होगा की वहां कितना ज्यादा प्रदूषण का स्तर पहुंच चुका है लोगों को गर्मी के दिनों में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तो ग्लोबल वार्मिंग हमारे पृथ्वी पर पड़ने वाला ऐसा रभाव है जिसके कारण न तो प्रदूषण में कमी आ रही है और न ही तापमान में कमी आ रही है।
तो इस प्रकार से ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) को परिभाषित किया जा सकता है-
जैसे की हमारे क्षेत्र का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है उसी प्रकार पूरे विश्व का या कहें लगातार पृथ्वी के तापमान में भी लगातार वृध्दि होती जा रही है।
"इस प्रकार साल दर साल पृथ्वी का तापमान का बढ़ना Global Warming कहलाता है।"

क्या कारण है Global Warming का
(What is the Reasion of Global Warming)





दोस्तो आपको बता दें की ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) का मुख्य कारण कार्बन-डाइऑक्साइड, मेथेन तथा क्लोरो-फ्लोरो कार्बन की मात्रा में अनावश्यक वृद्धि है। जिसके कारण Global Warming बढ़ते जा रहा है। पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ते जा रहा है। जिसके कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है।

कार्बन-डाइऑक्साइड की मात्रा क्यो बढ़ रही है?

दोस्तो जैसे की आप जानते है की अब बढ़ती जनसंख्या तथा अन्य कारणों के कारण पेड़-पौधों की संख्या लगातार कम होती जा रही जिसके कारण कार्बन-डाइऑक्साइड का उपयोग पौधों की संख्या कम होने से उचित मात्रा में नहीं हो पाता है और सन्तुलन बिगड़ता जा रहा है। इसके साथ ही और भी बहुत से कारण है जैसे हमारे द्वारा गन्दगी को बढ़ावा देना और साफ सफाई न रखना।

मेथेन की मात्रा क्यों बढ़ रही है?

हमारे द्वारा समुद्रों से निकाले जाने वाले विभिन्न प्रकार के ईंधनों के द्वारा इसका उत्पादन किया जाता है और यह वायुमण्डल में तेजी से फैल रहा है जिसके कारण यहां के वातावरण में बहुत ही ज्यादा वृद्धि हो रही है आप जब खाना बनाते है किसी सिलेंडर में भरे गैस से तब आपने उसकी गर्मी जरूर महसूस की होगी की वह कितना गर्म होता है थी उसी प्रकार यही गैस पृथ्वी के तापमान को भी गर्म कर रहा है। इसका उत्पादन जानवरों द्वारा जैसे गाय और बैल के अपशिष्ट के द्वारा भी निकलता है और भी बहुत सारे कारण है जैसे की कारखाने के जल के द्वारा तथा उसके धुंए के कारण भी मेथेन गैस का निष्काशन किया जाता है।

CFC यानी क्लोरो फ्लोरो कार्बन

इस प्रकार के गैस का उत्पादन हमारे ओजोन परत के कम होने के कारण और अधिक बढ़ता जा रहा है। और ओजोन परत को हानि कार्बन डाईऑक्साइड तथा मेथेन से सबसे ज्यादा हो रहा है।

ग्लोबल वॉर्मिंग से बचने के उपाय
Protection For Global Warming


  1. इससे बचने के लिए गन्दगी कम करना होगा। 
  2. औद्योगिक उत्पादन को ज्यादा बढ़ावा न देते हुए मानव निर्मित वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। 
  3. कार्बन-डाईऑक्साइड की मात्रा को कम करने के लिए पौधे लगाए जाने चाहिए। 
  4. मेथेन गैस का उत्पादन सबसे ज्यादा द्रव्य ईंधन द्वारा होता इस कारण इसको कम करने के लिए उचित व्यवस्था करना चाहिए। 

Conclusion :-





  • यह सिर्फ हमारे देश की ही समस्या नहीं है बल्कि यह पूरे विश्व की समस्या है इसको लेकर पूरे विश्व के द्वारा संगठन भी बनाये गए है और कई सारे ऐसे भी देश है जो की इसे अपने लिए बहुत ही ज्वलन्त समस्या बता रहे हैं। 
  • आपको बता दूँ की चीन में वायु प्रदूषण इस हद तक पहुच गया है की अब वहां शुद्ध हवा के लिए कैन का इस्तेमाल होने लगा है। अगर ऐसे ही स्थिति बनी रही तो वो दिन दूर नहीं है जब भारत जैसे देश में भी इसी प्रकार के कैन बिकने लगे।  
  • भारत में ऐसे तो अन्य देशों के हिसाब से बहुत ज्यादा मात्रा में खेती की जाती है जिसके कारण यहाँ अभी यह परेशानी सबसे ज्यादा गर्मियों के मौसम में देखने को मिलता है।
  • ग्लोबल वार्मिंग के कारण आज बड़े-बड़े बर्फ से बने ग्लेशियर पिघलने लगे हैं।  







Thursday, September 5, 2019

,

शिक्षक दिवस Teachers Day

Friday, May 17, 2019

,
मेरे सभी दोस्तों का एक बार फिर से स्वागत करता हूँ।
आज मैं आपको पं. रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के द्वारा लिए जाने वाले CBS परीक्षा के बारे में बताने वाला हूँ। इसका सार लास्ट में है आप लास्ट तक पढ़ें आपको पोस्ट जरूर अच्छा लगेगा।

क्या है CBS Entrance Screening Test 2019

ये एक प्रकार का Test (परीक्षा) है जो कि pt. Ravishankar shukla University के द्वारा लिया जाता है।





CBS-Entrance Screening Test 2019

क्या योग्यता होना चाहिए इस CBS Exam में भाग लेने के लिए?

इस CBS-EST 2019 में भाग लेने के लिए आपको 12वीं पास होना आवश्यक है न्यूनतम 55% अंकों के साथ अगर आप किसी भी कैटेगरी से bilong नहीं करते हैं हो आपका 12वीं में 60% होना अनिवार्य है। आपके 12वीं पास करने का माध्यम हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों में से कोई भी एक होना चाहिए।
अगर उम्र की बात करें तो CBS में Exam दिलाने के लिए आपका जन्म 01 जुलाई 1999 को या के बाद होना चाहिये।

CBS EST 2019 में किस आधार पर चयन किया  जाता है?

जैसे कि मैंने आपको पहले ही बताया है कि इसके लिए आपको पेपर दिलाना होता है और जब आप पेपर में पास हो जाते हैं तब वहां पर CBS (Centre for Basic Science) में Admission के लिए मेरिट लिस्ट निकाला जाता है।
जिसके आधार पर वहां पर आपका चयन किया जाता है।
तो पेपर दिलाने से कुछ नहीं होने वाला आपको अच्छे नम्बर लाने की होंगें CBS 2019 या किसी भी सत्र के CBS Exam हो उसमें।
तभी आपको इसमें Admission मिलेगा।

CBS Exam में कितने सीट का आरक्षण है?

आपके लिए यहाँ पर कुल 60 दिए जाते हैं जिसे फिर Category के हिसाब से अलग अलग विभाजित किया गया है।
और आपको Counseling के समय निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता होगी। आपके पास होना अनिवार्य है।

CBS-EST 2019 Examination Schedule

इस परीक्षा का आयोजन रविशंकर यूनिवर्सिटी के द्वारा 11 जून 2019 को किया जाएगा।
तथा परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर के 2 बजे तक का रहेगा।

Examination rule

तथा विद्यार्थोयों को परीक्षा हाल में आधे घण्टे पहले उपस्थित होना है। 11 बज के 30 मिनट के कोई भी परीक्षा में बैठ नहीं सकते है।
परीक्षा पूर्ण हो जाने के बाद परीक्षार्थी अपना रिजल्ट 20 जून को CBS के वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
जो विद्यार्थी इस परीक्षा जो पास कर लेते हैं उन्हें काउंसलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

Questions type

प्रश्न पत्र दो भाग में बटा होगा एक भाग Compulsory होगा। और दूसरा भाग Optional होगा।
पेपर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होंगे।

Syllabus

CBS का Syllabus 11वीं और 12वीं के अनुसार होगा। जैसे कि आपने CGBSE से Exam पास किया है तो आपका प्रश्न पेपर इसके अनुसार होगा।

CBS Form कैसे भरना है

To Apply for CBS-EST 2019 फार्म online भरना है भरने के लिए आप इसकी वेबसाइट www.cbsraipur.ac.in पर जाएं। और फॉर्म भरें।

Application Fee:

आपको इसमें अपने Category ये हिसाब से फीस जमा करने होते हैं। पिछले कई साल के मुकाबले इस साल मुझे इसका फीस कुछ ज्यादा लग रहा है। इसमें जो आप फीस जमा करते हैं उसका कोई रिफंड नहीं होता है। यानी कि वापसी नहीं होता है। तो आप सावधानी से फीस जमा करें।
Fees For OBC and GENERAL - 1000/-
Fees For ST and SC Category-  550/-
अगर और ज्यादा जानकारी चाहते है तो आप सीधे CBS बोर्ड से मेल के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Email: cbsprsu@gmail.com

Conclusion:





इस परीक्षा को दिलाने का क्या फायदा है? ये सवाल आप सभी के मन में उठ रहा होगा तो इसी का जवाब देने जा रहा हूँ मैं।
इस परीक्षा को अगर आप दिलाते हैं और पास हो जाते है सलेक्शन हो जाता है आपका तो आपको हर महीने आपको 5000 रुपये का स्कॉलरशिप दिया जाता है।
तथा इसके अलावा जो विद्यार्थी जो मेधावी छात्र या छात्रा होते हैं उनको गर्मी में बाहर ले जाने के लिए 20000 रुपये दिए जाते हैं।
आप भी चाहते हैं कि आपके परिवार का या आपका कोई मित्र ऐसी पढाई करे तो आप उन सभी को ये जानकारी शेयर करें।
क्या पता उनका भला हो जाये।
मिलते हैं अगले पोस्ट के साथ तब तक के लिए
thanks

Tuesday, February 26, 2019

,
Welcome my dear friends सभी का फिर से एक बार स्वागत (Welcome) करता हूँ , मेरे इस ब्लॉग(blog) पर , कल मैंने आपको बताया था । विश्व युद्ध के बारे में पढना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें
C.G. engineerings college raipur, durg, bhilai,raygarh,etc.

CHHATTISGARH ENGINEERING COLLEGE


साथियों आज मैं आपको छत्तीसगढ़ ( Chhattisgarh ) के इंजीनियरिंग(Engineering) कॉलेज(College) के बारे में बताने या कहें Introduce करने वाला हूँ, इस पोस्ट को पढ़ने पर आपको पता चलेगा की कौन सा College Chhattisgarh के किस जिले में या किस शहर(City) में स्थित है। तो चलिए शुरू करता हूँ-

Top 6 Engineering college of Chhattishgarah


1. रायपुर में दो Engineering College है - Engineering Institute or College, Raipur Institute of  Technology





2. बिलासपुर में तीन कॉलेज हैं -  Engineering College , Institute of technology , guru ghasidas वि.वि. , चौकसे (chowsay)कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ।


3. जगदलपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज है ।



4. रायगढ़ में - किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी।


5.  दुर्ग (durg) में तीन कॉलेज(College) हैं - Bhilai Institute of technology , chhatra pati shiva ji Institute of technology, Roongta college of Engineering.


6. भिलाई में दो कॉलेज है - एम. पी. क्रिश्चियन( crichiyan college of Engineering) , श्री शंकराचार्य ( shankara College of Engineering) कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ।


साथियों मुझे तो बस इतने कॉलेज के बारे में पता है अगर आपको और भी किसी टॉपिक के बारे में जानना है नीचे दिए लिंक के माध्यम से जान सकते हैं।
धन्यवाद!

thanks so much for supporting me

Thursday, January 24, 2019

,
मेरे सभी साथियों का एक बार फिर से स्वागत है मेरे ब्लॉग www.rexgin.in पर जिसमें आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ Natraj studio mahasamund से जुड़ी कुछ जानकारियों को लेकर।
मेरा तो मन था की मैं आपके लिए कोई वीडियो बनाऊ करके लेकिन मेरे पास कैमरे की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण मैं सिर्फ आपको लिखकर बता रहा हूँ आप इसे पढ़ के समझे अगर आप कहेंगे तो इस बार आपके लिए उनके साथ विडियो बनाने के लिए भी मैं उनसे Request करूँगा तो चलिए शुरू करते हैं -

Natraj studio mahasamund


www.rexgin.in

परिचय-

Natraj music mahasamund एक Music company है जिसकी अपनी अलग पहचान है और जो की youtube के माध्यम से पूरे छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि वर्ड के किसी भी कोने में पहुंचने की काबिलियत रखता है और यह पूरे छत्तीसगढ़ में फेमस है। आप Natraj studio को Google map में भी सर्च कर सकते हैं।



Natraj music company के Director का नाम क्या है? और कहाँ के रहने वाले हैं?

Natraj music mahasamund के Director का नाम धनुर्जय पटेल है जो कि महासमुंद जिले के ही है और वे यहां 15 साल पहले आये थे। उनका Proper घर झालम बसना ब्लॉक है जिला महासमुंद है। लेकिन उनका स्टूडियो महासमुंद में है जो की बेहद खुशी की बात है। 
 
दोस्तों ये मेरे द्वारा किसी से लिया गया पहला ज्ञान है या कहें पहला इंटरव्यू है।  जिसमें मैं उतना ज्यादा Frank नहीं था। जितना एक interviewer को या सवाल जवाब करने वाले को होना चाहिए। फिर भी मैंने जितना बात किया उसे आपके साथ शेयर कर रहा हूँ।

हम दो झने वहाँ पर गए थे मैं खिलावन पटेल और घनश्याम नायक जिनका Youtube पर TV G STATUS के नाम से Youtbe Channel है।

सबसे पहला सवाल मेरा ये था की Natraj music ka purpose kya hai

उनका उद्देश्य उन्ही की जुबानी सुनना चाहेंगे तो मैं आपके लिए वो आवाज भी डालूँगा जो मैंने उनसे बात करते वक्त record किया था। तो सुनना है ? कमेंट करके बताएं!

उनका उद्देश्य है गरीब तबके के कलाकारों को कम फिस पर मंच उपलब्ध कराना है। और वे कहते हैं की यहां पर महासमुंद में ऐसे बहुत से कलाकार हैं और उन कलाकारों में से बहुत से ऐसे कलाकार भी है जिनके पास पैसे की कमी है। और जो रायपुर जाने से डरते हैं। और रायपुर के स्टूडियो में बहुत ज्यादा भीड़ भी रहता है, तो भीड़ का सामना नहीं कर पाते हैं। कई कलाकार ऐसे होते हैं जो की छोटे-छोटे मंच पर कलाकारी करते हैं और बाहर बड़े मंच पर निकलने के लिए उनके मन में घबराहट भी होती है तो जब हमने Natraj studio को start किया तो उन्हें Invite किया हमने उनसे कहा की हम आपको एक मंच दे रहे हैं एक आप आये।
और रायपुर से बहुत कम बजट में बहुत ही कम बजट में हमने यहां पर studio start किया और अभी तक कम बजट में ही काम कर रहे हैं इसमें हमारे फिस में कोई Growth नहीं हुई है। फिस वही है।
तो अब उससे कलाकार आने लगे और उनको यहां पर मंच दिया गया। और बड़े studio में क्या होता है जो पहले बार गा रहे होते है उनको वहां पे मौका नहीं मिल पाता था या भगा दिया जाता था। या फिर कोई बड़े स्टूडियो में चांस नहीं मिलता कोई नए कलाकारों को खास तौर पे। ये आप सभी जानते हैं, वे कहते हैं start तो करो तो ये स्टार्ट करते करते जो नीचे के कलाकार मेरा मतलब जो छोटे कलाकार हैं उन लोग उभरते गए। हम लोगों ने कभी बड़े कलाकार को नहीं बुलाया वे अपने इक्क्षा से यहां आये हैं और जितने हमारे पास कलाकार आये हैं एक गांव से है या महासमुंद जिले से लगभग बाहर से भी आते हैं। आज के Date में MP और भोपाल तक के भी कलाकार यहा आ चुके हैं।
लेकिन यहां जो है सबसे पहले प्राथमिकता जो दी जाती है वो है महासमुंद जिले के कलाकार और जो छत्तीसगढ़ के कलाकार है उनको, जिनको मंच प्रदान नहीं हुआ है अभी तक ये उनके लिए ही है।

Natraj music kis tarah ka video Banata hai

हम हमारे Channel में सांस्कृतिक और परिवार के साथ बैठकर देखे जा सकने वाले वीडियो और ऑडियो डालते हैं जो की छत्तीसगढ़ संस्कृति से जुड़े होते हैं।

Natraj studio को आप कहाँ तक लेकर जाना चाहते हो ?

Natraj music अब कहाँ से कहाँ तक जा सकता है वो तो नटराज, स्टूडियो ही जानता है उनका मतलब है जहाँ तक सम्भव हो उसे लेकर जाएंगे। और उनका कहना है की नटराज में कोई ऐसा कलाकार ना रहे जो की बाद में ये कहे की अरे यार मिस कर दिया करके।

आप जो Youtube में वीडियो डालते हैं उससे क्या फायदा होता है ?


इससे ये हुआ की नटराज का प्रचार हुआ साथ ही साथ आपने देखा होगा की कोई भी कलाकार जब पहले गाना गाता है तो वो अपने आप को अच्छे से रिप्रजेंट नहीं कर पाता है और इसे देखकर लोग motivate होते हैं की अरे यार जब वो इस प्रकार से वहां जाकर गा सकता है तो मैं क्यों नहीं करके उनको Motivation मिलता है। और वे कलाकार यहां पर आने लगे। जो छोटे छोटे कलाकार है उनको इससे ये फायदा हुआ की यहां YOUTUBE के माध्यम से लोग उनको ज्यादा जानने लगे और हमारे द्वारा उनके Video पर उनका नम्बर भी दिया जाता है जिससे वे लोग सीधे किसी कार्यक्रम से जुड़ सकते है। फिर जुड़ने के बाद वे नटराज को धन्यवाद देते हैं तो एक परिवार की तरह माहौल क्रिएट हो गया।

यहां पर गाने वाले किस कलाकार से प्रभावित हुए हैं आप ?

वे कहते हैं की हाँ एक दो ऐसे कलाकार है जो की मौके के तलास में यहां पर आये थे और जिनको बहुत ज्यादा गाने के बारे में वो Knowledge भी नहीं था। और आज उनका नाम चलता है कई सारे कार्यक्रम दे रहे हैं और लोग अवार्ड भी प्राप्त कर रहे हैं।
फिर मैंने कहा एक-कात कलाकार ( गायक या गायिका ) का नाम बता दें जो की यहां से। निकल कर उस मुकाम तक पहुंचे हैं।
गायत्री मोंगरे , प्रभा यादव जैसे कलाकार हैं जिनसे वे प्रभावित हैं।

अपने सबस्क्राइबर बढ़ाना चाहते है या नहीं ?

इस पर वे कहते हैं की आपने देखा होगा की लगभग हर Youtuber यह कहता है की मेरे चैनल को लाइक व सब्सक्राइब जरूर करें या लिखा होता है Subscribe करके।
आपने देखा होगा की हमारे चैनल में आज तक ऐसे किसी भी प्रकार Logo या चिन्ह नहीं मिलेंगे।
वे कहते हैं की आपकी इच्छा है की अगर आपको गाने पसन्द आ रहे हैं तो Definitely आप Subscribe करोगे ही। ये आपके ऊपर है हम अच्छे चीज देंगे , तो आप हमारे पास आएंगे इसलिए हम उसके ऊपर Depend नहीं हैं।

Natraj Music mahasamund सबसे ज्यादा किस प्रकार के वीडियो बनाना पसन्द है?

हम सुआ, ददरिया, कर्मा, पारिवारिक ,पारम्परिक छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ की माटि से सम्बंधित वीडियो बनाना पसन्द करते हैं। ये विषय में काम करने को सबसे ज्यादा अच्छा लगता है। क्योकि ऐसे विषयों से हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति झलकती और जुड़ी होती है।

क्या आप बड़े कलाकारों को यहां पर बुलाकर गाना गवाना चाहते है ?

वे कहते है , देखिए जैसे की बड़े कलाकार हैं दुकालू यादव, अलका चन्द्राकर, चम्पा निषाद ऐसे कलाकार को बुलाने के लिए बजट की आवश्यकता होती है अगर कोई इसके लिए फायनेंस करता है तो हम उन्हें बुला सकते है और एक बात जो चम्पा निषाद जी हैं वे यहां पहले भी आकर गाना गा चुकीं हैं। जब वे साधारण गायिका थी। अभी हाल में film में गाना गाने के बाद वे यहां पर नहीं आई हैं।
तो बड़े कलाकारों को हम अभी तक बुलाये नहीं है। हम लोग हमेशा जमीन से जुड़े जो कलाकार हैं उन्हीं से गाना गवाया है।

आप भविष्य में चाहते हैं की बड़े कलाकार जैसे दुकालू यादव यहां आकर गीत गाये या नहीं ?

इस बात पर वे कहते हैं की कौन नहीं चाहता की वे आकर यहां गाना गायें हा हम बिल्कुल उन्हें भविष्य में बुलाना चाहेंगे।
लेकिन होता क्या है अगर उनके लिए कोई फायनेनश करे तो ये सम्भव है क्योकि वे कम पैसे में तो यहां नहीं आएंगे। हमारा मोटिव ये रहता है की यहीं काम हम छोटे कलाकार के लिए करें।
हमारा एक और मोटिव है की महासमुंद जिले के कलाकार और जिले का नाम पूरे छत्तीसगढ़ में फैलाएं या बताये की यहां पर भी कलाकार हैं।

Youtube में वीडियो डालने का ख्याल कहाँ से आया ?

अब तो आपको पता ही है की वीडियो के लिए CD , DVD के जमाना तो खत्म हो गया है अब उसके बाद हमें हमारे Natraj studio के प्रचार के लिए हमने सोचा की हमारे कलाकार हमसे कैसे जुड़े कैसे हम तक पहुंचे तो हमने देखा की आज कल youtube बहुत ज्यादा चर्चा में है तो इस कारण से हम इस पर पहुचे और वीडियो डालना स्टार्ट किया। और जैसे जैसे लिंक हम शेयर करते गए वैसे वैसे हमारा प्रचार होता गया।

क्या आपका कोई website है ?

इस पर कहते हैं नहीं हमारा कोई Website नहीं है। इस जवाब पर मेरा प्रश्न था की ऐसे क्यों ?
उनका जवाब आया इसकी अभी जरूरत नहीं लोगों को मालूम है की नटराज क्या है ? और लोग आसानी से यहां पर पहुंच जाते हैं।

आपका क्या कोई भविष्य में website बनाने का उद्देश्य है ?

हां हम बना सकते है भविष्य में।
नटराज नाम आपके मन में कहाँ से आया ?
तो वे कहते है की नटराज मुझे बहुत ही पसन्द है। बचपन से यह नाम उनको पसन्द था इसलिए उन्होंने यह नाम रखा।

Natraj music के प्रचार के लिए youtube के अलावा और क्या क्या किया है ?

हमने बस सोशल मीडिया like facebook and whatsapp इसके लिए चुना है और हम इस पर इसके बारे में डालते रहते हैं।

इसके बाद मेरा प्रश्न था क्या मैं इसको अपने facebook पर शेयर कर सकता हूँ ?
तो उनका कहना था बीलकुल आप कर सकते हैं और उसके बाद मेरा प्रश्न था क्या आपका वीडियो मैं अपने ब्लॉग में डॉल सकता हूँ - उनका जवाब था हाँ आप use कर सकते हैं। आप अपने हिसाब से कोई भी वीडियो डाल सकते है।

Youtube में सबसे पहला वीडियो कब डाले थे ?
देखिए youtube को चालू किये हुए तीन साल हो गए हैं। यानी की तीन साल में यह music company आज छत्तीसगढ़ के दूसरे नम्बर पर है।
अगर आप चाहें तो उनका वीडियो यहां पर देख सकते है या उनके youtube channel पर भी जाकर देख सकते हैं।
आपको ये जानकारी कैसे लगी मेरे साथ शेयर करें अगर आपको जानकारी अच्छी लगी तो कमेंट जरूर करें।

ताकि आपके लिए ऐसे ही नई नई जानकारी लाते रहें।

धन्यवाद !

Monday, January 21, 2019

,
मित्र आपका स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पर एक बार फिर से धन्यवाद मेरे ब्लॉग पर आने के लिए, मेरे लेख को पढ़ने के लिए।



आज मैं बात कर रहा हूँ हमारे current CM माननीय भूपेश बघेल जी के बारे में जो की आज दिनांक 20/01/2019 को महासमुंद जिले में आये हुए थे। उनके आने   के उपलक्ष्य में यहां पर बहुत सारी सुविधाये उपलब्ध कराई गयी थीं। उनके चाहने वालो के लिये यहां पर भोजन की व्यवस्था भी की गयी थी मैं तो पूरे कार्यक्रम में नहीं था लेकिन जिस समय से वहां पर रुका था उसी समय की बात को आपको बता रहा हूँ।

भूपेश बघेल का आगमन महासमुंद में

सबसे पहले आपको उस जगह का नाम बता देता हूँ जहां पर उस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन चन्द्रनाहू शिक्षण समिति के प्रांगण में या कहें उसके मैदान में किया गया था जो की बागबाहरा रोड पर है। आप चाहे तो उसे Google map में भी देख सकते हैं। इस जगह पर अभी से नहीं बल्कि अनेक सालों से शिक्षण का कार्यक्रम चनद्रनाहूँ शिक्षण समिति द्वारा चलाया जा रहा है। जो की कक्षा पहली से लेकर बारहवी तक छत्तीसगढ़ स्कूल के नाम से संचालित है और यहॉं पर कॉलेज भी है जो की शांत्रीबाई कला ,वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय के नाम से जाना जाता है जिसकी अलग ही पहचान है। आप चाहें तो इसके बारे में भी जान सकते हैं मैंने इसके बारे में भी लिखा है।


bhupesh Baghel

अब बात करते हैं की यहां पर क्या हुआ जब मैं वहां पर पहुंचा, पूरा मैदान भीड़ से लबा लब भरा था और वहाँ सामने हमारे CM माननीय भूपेश बघेल जी (2018-19) भाषण दे रहे थे।
किसान की कर्ज माफी के बारे में वे कह रहे थे की कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ मे सबसे ज्यादा मूल्य में धान खरीदने वाली सरकार है।

किसान के कर्ज माफी के विषय में कह रहे थे कांग्रेस सरकार के छत्तीसगढ़ में सत्ता में आते ही उसने किसानों के कर्जे माफ़ करना शुरू कर दिया।

वे चर्चा कर रहे थे किसानों के ऊपर उनका जो बात है मुझे अच्छा लगा क्योकि वे आज की ज्वलन्त समस्या पर बात कर रहे थे आज पशुपालन किसान के लिए ही नहीं बल्कि सभी के लिए दूभर हो गया है आज हर कोई ये नहीं करना चाहता और वह गायों तथा बछड़ों को खुला छोड़ देते हैं जिससे किसान भी परेसान तो होते हैं लेकिन खुद भी इसके जिम्मेदार हैं।

पशुपालन के लिए वे एक योजना पर बोले वह योजना यह थी की आप यदि पशुपालन करना चाहते हैं तो सरकार आपको मदद करेगी वो कैसे आप जब फसल कमा लेते हैं तो उस फसल के अपसिस्ट को आग लगा देते हैं लेकिन अब सरकार ऐसे करने से रोकने के लिए एक योजना बना रही है जिसमें आपको अपने खेत में उपस्थित अपशिष्ट पदार्थ को पशुओं के चारा के रूप में एक योजना के तहत एकत्रित कराया जाएगा और इसके पैसे सरकार वहन करेगी। तो इससे होगा क्या कई बेरोजगार को रोजगार मिलेगा और यह काम रोजगार गारन्टी के समान ही होगा। जिसमें चारे को एकत्रित किया जायेगा।


इससे क्या होगा अब आपको सड़कों में जानवरों की संख्या में कमी देखने को मिलेगी साथ ही साथ आपको एक दिन ऐसा भी आएगा की आप सड़क पर एक भी जानवर खुले घूमते हुए नहीं देख पाएंगे।
और चरवाहों को सम्मान भी मिलेगा। इस योजना से क्योकि आप हर समय तो पशुओं को बांध कर नहीं रख सकते ना। अब जगह नहीं है चराने के लिए तो वो बात अलग है।

इससे और क्या क्या लाभ होगा ?

1. इसकी लागू करने से सड़कों पर जानवरों का भीड़ कम हो जायेगा जिससे दुर्घटना कम हो जायेगा।2. दूसरी बात लोगों को इससे जैविक खाद भी प्राप्त होगा।
3. ईंधन के रूप में Bio gass मिल जायेगा।
4. रोजगार के रूप में आप दूध को बेच सकते हैं।
5. LPG गैस की आवश्यकता खत्म।
6. यूरिया के जगह जैविक खाद।


इससे और भी अनेक लाभ है।


अब इस योजना के बाद उन्होंने बात की शराब बंदी की उन्होंने ने भी कहा शराब किसी भी इंसान को बर्बाद कर देता है और शराब ही इसका कारण है आज की बर्बादी का इसे बन्द करना बहुत जरुरी है अगर इसे बन्द नहीं किया गया तो काफी देर हो जायेगी। इसलिए इसे बन्द करने के लिए मैं एक समिति गठित करूँगा जिसमें मैं अपने चुने हुए अधिकारियों नेताओं से सर्वे कराऊंगा की शराब को बन्द किया जाये या नहीं तब फिर उसके बाद निर्णय लिया जायेगा। की क्या करना है। मैं चाहूँ तो शराब को आज अभी बंद करा दूँ लेकिन क्या मैं पीने वाले को रोक सकता हूँ नहीं, उन्होंने कहा। इसको रोकने के लिए समाज को भी आगे आना होगा। समाज के पदाधिकारीयों को भी इसे रोकने में मदद करना होगा। शराब तो बंद हो जायेगा लेकिन इससे एक और समस्या उत्पन्न होगी वो है घर-घर में शराब का बनाया जाना और छोटी छोटी शराब की तस्करी करना।

तो इसे रोकने के लिए सरकार को आपके मदद की आवश्यकता है इसे बिना आपके मदद के कोई नहीं रोक सकता आज रोक दिए तो फिर कल चालू हो जायेगा शराब का चोरी छुपके बनना तो इसके लिए समाज में रहकर इससे लड़ना पड़ेगा।
इसके बाद उन्होंने कहा शराब के रोकने के प्रति अगर ज्यादा रिस्पांस आता है तो हम अगले आने वाले साल में पूर्ण रूप से बंद कर देंगे।




शराब बंदी के बाद उन्होंने राहुल गांधी के रायपुर आने की बात कही और कहा आप सभी उस कार्यक्रम में आमन्त्रित हैं। उसी दिन किसानों के कर्ज माफी के प्रमाणपत्र भी वितरित किये जाएंगे।
उन्होंने किसानों द्वारा किसान समितियों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोश में दान करने वालों का धन्यवाद ज्ञापित किया और फिर अपने सहायता कोश के बारे में उन्होंने कहा इस कोश के पैसे का उपयोग उन जरूरत मन्द विद्यार्थियों के लिए किया जाता है उन जरूरत मंद लोगों के लिए किया जाता है जिनको इसकी आवश्यकता होती है।

एक बार फिर उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया और फिर वाणी को विराम दिया।
आपको ये जानकारी कैसे लगी मेरे साथ जरूर शेयर करें अगर आप इसी तरह की और जानकारी चाहते हैं तो कमेंट करके एक बार जरूर बताएं।
आपका मित्र,आपका साथी,आपका दोस्त ।

Tuesday, January 8, 2019

,
साथियों आप सभी का फिर से एक मैं स्वागत करता हूँ   आज हम बात करने वाले हैं स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली (जिला महासमुंद) में संचालित विषय के बारे में इससे पहले हमने उसके बारे में संक्षिप्त परिचय दिया था। आप इस महाविद्यलय के इतिहास के बारे में जानना चाहते हैं तो उस पोस्ट को जरूर पढ़े।

शासकीय महाविद्यालय सरायपाली 

अब बात करते हैं यहां संचालित विषय के बारे में -
यह महाविद्यालय पं. रविशंकर शुक्ल वि.वि. रायपुर (छ.ग.) से सम्बद्ध है। अतः वि.वि. के पाठ्यक्रमानुसार यहां निम्नलिखित स्नातक व स्नाकोत्तर स्तर की अध्ययन व्यवस्था है :-

saraipali college

कला संकाय (ART GROUP)

स्नातक कक्षाएं -
बी.ए. - जिसमें आपके first year से लेकर तक final year यहां पर उपलब्ध हैं इन कक्षाओं में उपलब्ध विषय की बात करें तो इस प्रकार है -
अनिवार्य विषय में है - 1. आधार पाठ्यक्रम हिन्दी भाषा , अंग्रेजी भाषा।
first year में अभी पर्यावरण का पेपर अनिवार्य हो गया है इसलिए ये भी सामिल है।
2. पर्यावरण एवं मानवाधिकार।

इसके अलावा आपको तीन विषय वैकल्पिक रूप से लेने होते हैं जिसे आप अपने मन से चुन सकते हैं। जो की इस प्रकार से हैं -
1. राजनीति विज्ञान
2. हिन्दी साहित्य
3. भूगोल
4. अर्थ शास्त्र
5. इतिहास

आप जिस विषय को FIRST YEAR में चुनते हैं वहीं विषय आपके Second और Third Year में भी होता है।
विज्ञान संकाय की बात करें तो यहां पर आपको first year से लेकर final तक इस प्रकार के विषय मिलते हैं-
बी.एस.सी. इसमें भी अनिवार्य विषय होते हैं जो की हिन्दी भाषा और अंग्रेजी भाषा हैं इसके अलावा पर्यावरण first year के लिए complsury है।
विज्ञान संकाय में दो समूह आते है एक गणित और दूसरा जीव विज्ञान समूह।


गणित समूह के विषय -

1. गणित
2. भौतिक शास्त्र
3. रसायन शास्त्र/कम्प्यूटर साइंस
जीव विज्ञान समूह -
1. प्राणी शास्त्र
2. वनस्पति शास्त्र
3. रसायन शास्त्र
इसी प्रकार यहां पर स्नाकोत्तर कक्षाये भी चल रहीं है जो की निम्न प्रकार से विषय यहां संचालित हैं।
स्नातकोत्तर कक्षाएं -   इस महाविद्यालय में कला संकाय के अंतर्गत M.A., राजनीति विज्ञान , भूगोल, हिन्दी तथा वाणिज्य संकाय के अंतर्गत एम.कॉम. की कक्षाएं सेमेस्टर पध्दति से संचालित है।
स्व वित्तीय योजनान्तर्गत संचालित पाठ्यक्रम :-
1) पी.जी.डी.सी.ए.
2) बी.एस.सी. कम्प्यूटर साइंस
3) डी.सी.ए.।
NOT : महाविद्यालय में M. A. हिन्दी , अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान एवम् संस्कृत विषय में स्वाध्यायी छात्र छात्राओं के लिए परीक्षा केन्द्र की व्यवस्था है।
इस प्रकार यहां पर आपके लिए बहुत सारे तो नहीं लेकिन इतने मुख्य विषय हैं जो की यहां पर संचालित होते हैं।

अब बात करते हैं यहां इन विषयों पर आरक्षित सीटों की
विभिन्न कक्षाओं में उपलब्ध स्थान
कला संकाय स्नातक कक्षाएं -
B.A. भाग एक 180 सीट
B.A. भाग दो 180 सीट
B.A. भाग तीन 180 सीट


विज्ञान संकाय -

बी.एस.सी. भाग एक से लेकर तीन तक - 160 बायो समूह 115 , गणित समूह 45 ये तीनों भाग के लिए अलग अलग हर साल के लिए सीट आरक्षित होते हैं।
टीप :-विज्ञान संकाय के अंतर्गत गणित समूह के साथ कम्प्यूटर विज्ञान हेतु 25 सीट निर्धारित है।
स्नातकोत्तर कक्षाएं -
राजनीति विज्ञान - 15 सीट
भूगोल -15 सीट
हिन्दी - 15 सीट
वाणिज्य एम.कॉम. - 25
पी.जी.डी.सी.ए. - 45
डी.सी.ए. - 40 सीट


आपने जो सीट देखें हैं उनमें वि.वि. / शासन के नियमानुसार परिवर्तन सम्भावित है।
इसके अलावा आगामी समय में और कोई परिवर्तन होता है तो आपको सूचना अपडेट कर दिया जायेगा यदि आप इस ब्लॉग को Subscribe करते हैं तो आप अपटूडेट रहते हैं ऐसी ही अन्य जानकारियों से तो बने रहिये मेरे साथ।
ज्यादा जानकारी के लिए इनका वेबसाईट देखें -
सरायपाली कॉलेज वेबसाइट -
,
आज हम बात करने वाले स्व. राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली ( जिला-महासमुंद ) के बारे में इससे पहले भी मैंने आपके साथ दो कॉलेज शांत्रीबाई (प्राइवेट) और वल्लभाचार्य ( शासकीय ) महाविद्यालय के बारे में लिखा था। अगर आप उनके बारे में जानना चाहते हैं तो जान सकते है वहां पर उन कॉलेज के वेबसाइट के लिंक भी दिए गए हैं।
आज का हमारा टॉपिक है शासकीय महाविद्यालय सरायपाली तो चलिए शुरू करते हैं-

GOVT COLLEGE SARAIPALI उद्देश्य से -

1) अध्यनरत छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु पर्याप्त अवसर देना इस कॉलेज का पहला उद्देश्य है।
2) चारित्रिक, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास हेतु समुचित अवसर प्रदान करना इसका दूसरा उद्देश्य है।
3) छात्र-छात्राओं में सामाजिक संवेदनशीलता जागृत करना।


4) छात्र-छात्राओं में मानवीय गुणों का विकास करना।
5) समाज के लिए आदर्श नागरिक तैयार करना ये उनके आखरी और पांचवे उद्देश्य में से एक है।
सरायपाली शासकीय महाविद्यालय का संक्षिप्त इतिहास

saraipali govt college

Govt College Saraipali Establishment

स्व. राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय , सरायपाली जिला महासमुंद पिन 493558 का संक्षिप्त इस्तीहास कहता है की सरायपाली में उच्च शिक्षा हेतु इसकी स्थापना 1 जुलाई 1972 को बागबाहरा शिक्षा समिति द्वारा इसकी स्थापना की गई। पहले यह फूलझर स्टेट के अंतर्गत आता था इसलिए इसका पहला नाम फूलझर महाविद्यालय सरायपाली रखा गया था। 1 अक्टूबर 1986 को इस निजी महाविद्यालय को शासन द्वारा अधिग्रहित किया गया। और इसका नाम शासकीय फूलझर महाविद्यालय , सरायपाली रखा गया तथा बाद में फिर से छत्तीसगढ़ शासन ने 15-01-2003 के आदेशानुसार इस महाविद्यालय का नाम स्व. राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय , सरायपाली , जिला-महासमुंद रखा गया।

Subject of sraipali govt college 

इस महाविद्यालय में 1972 से 1982 के समय में स्नातक स्तर कला संकाय में हिन्दी, अर्थशास्त्र इतिहास व राजनीति विज्ञान की अध्ययन व्यवस्था थी। और यहीं व्यवस्था आगे चलकर सन 1982 से 1988 तक महाविद्यालय में B.COM व M.A. हिन्दी की कक्षाएं भी संचालित हुई थी। लेकिन शासकीय बनाने के लिए कई बाधाएं आई इसके कारण इन कक्षाओं को बन्द कर दिया गया था।
दिसम्बर 1987 से इस महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर भूगोल विषय तथा एम. ए. राजनीति विज्ञान की कक्षाये प्रारम्भ हुई। इसी तरह दिसम्बर 1992 में विज्ञान संकाय की स्नातक कक्षाये प्रारम्भ की गई, जिसमें बायो और गणित विषय समूह की अध्ययन व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत सत्र 2006-2007 से महाविद्यालय में पी.जी.डी.सी.ए., बी.एस.सी. (कम्प्यूटर साइंस) की कक्षाएं प्रारम्भ की गई हैं।
सन 1972 से महाविद्यालय पूर्व शासकीय बी.टी.आई भवन में संचालित है। इस भवन में विज्ञान संकाय की कक्षाएं संचालित है। शासन ने महाविद्यालय को 6.288 हेक्टेयर भूमि आबंटित कर हस्तांतरित किया है। जिसमें कला संकाय हेतु भवन निर्माण हो चुका है।

सत्र 2006-07 में महाविद्यालय भवन के पूर्ण होने के बाद कला संकाय की कक्षाएं संचालित हैं।
साथियों सभी जानकारी एक पोस्ट में लिख पाना बहुत आसान है लेकिन पढ़ने वालों के लिए थोड़ा बोरिंग हो जाता है इसलिए मैंने स्व राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली में संचालित विषय के बारे में एक पोस्ट अलग से लिखा है जिसे आप पढ़ सकते हैं।
आपको ये जानकारी कैसे लगी मेरे साथ शेयर जरूर करें और अपने दोस्तों तक भी पहुचाये।
ज्यादा जानकारी के लिए इनका website देखें -
धन्यवाद! मिलते हैं अगले नए टॉपिक के साथ।

Wednesday, December 5, 2018

,
साथियों मैं आपका फिर से एक बार स्वागत करता हूँ मेरे इस ब्लॉग पर आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ , महासमुंद के शांत्री बाई कला, वाणिज्य, विज्ञान महाविद्यालय , महासमुंद के बारे में कुछ जानकारियों को लेकर आया हूँ , साथियों सबसे पहले मैं आपको इसका थोड़ा अस्सा परिचय दे  देता हूँ -

शांत्री बाई कला, वाणिज्य , विज्ञान महाविद्यालय , महासमुंद

परिचय -

इस परिचय को मेरे द्वारा इस कॉलेज की विवरण पुस्तिका में बताये अनुसार लिखा जा रहा है, इस महाविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहू शिक्षण समिति महासमुंद के द्वारा सितम्बर सन 1993 में की गयी है, चूंकि महासमुंद विकासखण्ड के अंतर्गत केवल एकमात्र शासकीय महाविद्यालय होने के कारण क्षेत्र के छात्र / छात्राओं के प्रवेश की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस महाविद्यालय की स्थापना की गई है जो स्थापना से आज तक विकास की ओर निरन्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में यहां कला, वाणिज्य एवं विज्ञान में स्तानक एवं कम्प्यूटर एवं स्नाकोत्तर स्तर पर अध्यापन व्यवस्था है ।


Shantri bai college Mahasamund


सत्र 2007-08 से महाविद्यालय में बी.एड. की कक्षा संचालित हो रही है जो राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसन्धान परिषद, भोपाल NCTE तथा उच्च शिक्षा छ.ग. शासन से अनुमोदित एवं पं. रविशंकर वि.वि. से सम्बद्धता प्राप्त है।
यानी की ये महाविद्यालय पूर्ण रूप से मान्यता प्राप्त है अपने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा ये बहुत अच्छी बात है क्योकि आप जो भी कोर्स करते हैं उसका मान्यता प्राप्त होना उतना ही आवश्यक होता है जितना के पेपर में पेन के होने जितना ।

बिना किसी मान्यता के कोई जॉब नहीं देता है, वैसे भी ये पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है ये बहुत खुशी की बात है खुशी की बात इसलिए क्योकि ये हमारे छत्तीसगढ़ के नम्बर वन रैंकिंग वाला कॉलेज है जिसे NAAC द्वारा A सर्टिफिकेट प्राप्त है।

शांत्री बाई महाविद्यालय में कौन-कौन से विषय उपलब्ध हैं-

बी.ए.

स्नातक :-

विषय:- (1) आधार पाठ्यक्रम जो की अनिवार्य है जिसमें हिंदी और इंग्लिश भाषा आता है।




  •  1. अंग्रेजी भाषा 2. हिंदी भाषा 3. पर्यावरण विज्ञान
  • 2. निम्न में से कोई तीन इसका मतलब ये है की आप इन अनिवार्य विषय को छोड़ के तीन सब्जेक्ट और चुन सकते हैं।
  • A भूगोल ( Geography )
  • B हिन्दी साहित्य ( hindi latrature )
  • C अर्थशास्त्र ( Economy )
  • D राजनीतिक शास्त्र / गृह विज्ञान ( political science/ home science )
  • E इतिहास ( Histry )
  • F समाज शास्त्र ( Sociology )
  • G गृह विज्ञान

ये तो थी कला संकाय से जुड़े स्नातक विषय के बारे में जानकारी अब बात करते हैं , विज्ञान संकाय से जुड़े विषय के बारे में -
बी.एस.सी. :-
1. जीव विज्ञान समूह :-

  1. प्राणी शास्त्र
  2. वनस्पति शास्त्र
  3. रसायन शास्त्र
कम्प्यूटर विभाग
बी.सी.ए. :-
न्यूनतम अहर्ता : में 12 वीं ( 10+2 ) उत्तीर्ण ( विज्ञान विषय को प्राथमिकता )
बी.एस.सी. :- ( कम्प्यूटर साइंस )
न्यूनतम अहर्ता : गणित विषय के साथ में 12 वीं ( 10+2 ) उत्तीर्ण

  1. भौतिक शास्त्र
  2. गणित
  3. कम्प्यूटर साइंस
  4. रसायन शास्त्र

कम्प्यूूटर संकाय

पी.जी.डी. सी.ए. :-

इस डिप्लोमा कोर्स हेतु इस पाठ्यक्रम में आयु सीमा का बंधन नहीं रहेगा।
विश्वविद्यालय के आदेशानुसार।
न्यूनतम अहर्ता : स्नातक
अवधि : एक - वर्ष (2 सेमेस्टर)
तो साथियों ये तो हुई इस कॉलेज में उपलब्ध विषय के बारे में जानकारी अब मैं बताने वाला हूँ इस कॉलेज में उपलब्ध सीट के सभी विषय में उपलब्ध सीट के बारे में

विभिन्न कक्षाओं में प्रवेशार्थियों के लिए निर्धारित सीट


  1. बी.ए. - 150
  2. बी.एस. सी. विज्ञान समूह - 120
  3. बी.एस.सी. कम्प्यूटर साइंस - 30
  4. बी.सी.ए. - 30
  5. पी.जी.डी. सी.ए. - 40

साथियों ये तो हुई संकाय के सीट के बारे में संक्षिप्त जानकारियां । अब आपको ले चलते हैं इस कॉलेज की फैसिलिटी की ओर -
यहाँ पर वे सभी फैसिलिटी उपलब्ध हैं , जैसे एक सामान्य कॉलेजों में होती है। यहाँ पर खेल-कूद की बात करें तो वे सभी खेल खेले जाते हैं जो कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेले जाते हैं। यहां पर कबड्डी में ये तीन बार चैंपियन रह चुका है , इसके अलावा कॉलेज में बहुत से ऐसी एक्टिविटी होती रहती है जिससे आपके मानसिक विकास भी होता है।

स्कॉलरशिप का स्किम भी यहाँ पर लागू होता है क्योंकि ये पूर्ण रूप से सरकार के द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय है।

ग्रन्थालय की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
इसके अलावा इस कॉलेज में खेल के लिए बहुत बड़ा मैदान है जिसमें क्रिकेट और फुटबॉल की प्रैक्टिस की जा सकती है।

मुफ्त Wi- Fi की सुविधा भी प्रदान किया गया है ।
इस महाविद्यालय के विवरण पुस्तिका में लिखे आदर्श वाक्य इस प्रकार है-
 विद्या ददाति विनयम विनियादि पात्रत्वाम।पात्रत्वाम धनाद धर्माह ततः सुखम।शैले शैले न मणिक्यम भौतिक्यम न गजै गजै ।साधवो न ही सर्वत्र चन्दनम न वनै-वनै। ।
इन सभी के अलावा और भी जानकारी या अपडेट रहना चाहते है तो यहाँ क्लिक करें जो आपको उस वेबसाइट में ले जाएगा जिस पर इस कॉलेज के बारे में बहुत सारी जानकारियाँ उपलब्ध होती है ।

Monday, October 22, 2018

,

छत्तीसगढ़ में ऐसे तो बहुत से कॉलेज हैं , लेकिन महासमुंद शासकीय महाविद्यालय की बात करें तो ये बागबाहरा कॉलेज से जुड़ा हुआ कह सकते हैं क्योंकि मैंने महासमुंद कॉलेज का विवरणिका पढ़ा है और उसमें बताये अनुसार मैं आपको बता रहा हूँ। आज के व्यस्त युग हर किसी के पास समय नहीं होता की वो किसी का विवरणिका पढ़े इसीलिए मैंने सोचा की चलो कुछ अपने क्षेत्र के कॉलेज के बारे में लिखा जाये।

महासमुंद स्थित शासकीय महाविद्यालय

दोस्तों मैंने जो कॉलेज के बारे में पढ़ा था उसी के बारे में आपसे चर्चा कर रहा हूँ। सबसे पहली बात जब किसी चीज की होती तो उसकी शुरुआत कैसे हुई इसके बारे में बताया जाता है। इस कॉलेज का शुभारम्भ सन्1965 को की गयी। इसको शुरुआत करने में सहयोग बागबाहरा शिक्षा समिति की ओर से की गयी।

govt collage

पहले यह महाविद्यालय निजी थी लेकिन इसको बाद में शासन के अधीन कर दिया गया। इसको 1 सितम्बर 1981 को शासन के अधीन किया गया। शासन के हाँथ में सौपने के बाद इस महाविद्यालय के विकास के नए सोपान का प्राम्भ हुआ। इस महा विद्यालय में निम्न विषयों का सञ्चालन होता है। जिनमें से रसायन को मैं महत्वपूर्ण मानता हूँ क्योंकि आज इस कम्पीटीशन के जमाने आप जब भी बाहरी लोगों से बाते करते होंगे तो सुना होगा की सबसे ज्यादा रसायन विषय को कठिन माना जाता है लेकिन में मानता हूँ की विषय को कठिन ना कहकर उसके बारे में समझना चाहिए , मैं इसलिए ऐसा कह रहा हूँ क्योंकि मैंने भी विज्ञान विषय लेकर पढ़ाई किया है तथा अभी मैं कॉलेज की ही पढ़ाई कर रहा हूँ। इस कॉलेज में इस विषय के अलावा अन्य विषयों में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान में स्नातक के साथ हिन्दी, अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, इतिहास , अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, वाणिज्य एवं रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर स्तर की अध्यापन व्यवस्था यानी की पढ़ने की सुविधा उपलब्ध है। यह एक मान्यता प्राप्त शोध केंद्र है तथा महासमुंद जिले का एक मात्र कॉलेज है।


यहां पर स्ववित्तीय योजना के अंतर्गत P.G.D.C.A./D.C.A. का अध्यापन कार्य किया जाता है। जो की काफी पहले या विगत वर्षों से प्रारम्भ हो चुका है। और कम्प्यूटर शिक्षा को देखते हुए यहां पर समस्त छात्र छात्राओं के लिए कम्प्यूटर शिक्षा की व्यवस्था की बात इस विवरणिका मे बताई गयी थी जिसे मैंने पढ़ा था लेकिन ये कन्फर्म नही है की ये स्टार्ट हो गया है या नही।
यहां पर विद्यार्थियों के विकास के लिए या कहें बहुमुखी विकास के लिए विभिन्न प्रकार की खेलकूद तथा NCC एवं NSS की बालक बालिका इकाई की गतिविधियाँ , युथ रेडक्रास का गठन ,  सांस्कृतीक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यहां पर पैकिंग तथा बढ़िया प्लेशमेंट है। यहां पर विशाल सभागार तथा ग्रन्थालय की सुविधा भी उपलब्ध है।

इस महाविद्यालय के लक्ष्य की बात करें तो ये बताते हैं या इन्होंने लिखा है की

1. अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु पर्याप्त अवसर प्रदान  करना।
2. चारित्रिक, शारीरिक एवं बौद्धिक विकास हेतु समुचित अवसर प्रदान करना।
3. छात्र-छात्राओं में सामाजिक संवेदनशीलता जागृत करना।
4. समाज के लिए एक आदर्श नागरिक के रूप में तैयार करना।
              
  उम्मीद है आपको ये जानकरियाँ पसन्द आयी होंगी लेकिन इसमें कुछ भी त्रुटि हो तथा कुछ भी गलती हो तो कमेंट करके बताएं मैं भरपूर कोशिश करूँगा कमी को दूर करने की।
अन्य जानकारियों के लिए लिंक www.rexgin.in
                               धन्यवाद!     
thanks so much for supporting me