लेबनान एशिया में स्थित एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध देश है। यह उत्तर और पूर्व में सीरिया, दक्षिण में इज़राइल और पश्चिम में भूमध्य सागर के बीच स्थित है। साइप्रस द्वीप समुद्र के पार पास में ही है।
लेबनान की आबादी पाँच मिलियन से ज़्यादा है, यह 10,452 वर्ग किलोमीटर में फैला है। भौगोलिक दृष्टि से यह पर्वतीय देश है, जहाँ लेबनान पर्वत श्रृंखला और एंटी-लेबनान पर्वत इसकी प्रमुख स्थलाकृतियाँ हैं।
लेबनान की राजधानी क्या है
लेबनान की राजधानी और सबसे बड़ा शहर बेरूत है। लेबनान में लगभग 5000 ईसा पूर्व से लोग रहते आ रहे हैं। यह कभी फोनीशिया का हिस्सा हुआ करता था, जो एक प्राचीन समुद्री सभ्यता थी।
लेबनान का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। प्राचीन काल में यहाँ फिनीशियन सभ्यता विकसित हुई, जिसने समुद्री व्यापार और वर्णमाला के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में यह क्षेत्र रोमन, बीजान्टिन, अरब और उस्मानी साम्राज्य के अधीन रहा। प्रथम विश्व युद्ध के बाद यह फ्रांस के अधीन मंडेट क्षेत्र बना और 1943 में स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा।
देश की जनसंख्या विभिन्न धर्मों और समुदायों का मिश्रण है, जिसमें मुस्लिम, ईसाई, द्रूज़ और अन्य अल्पसंख्यक शामिल हैं। यही धार्मिक विविधता इसकी संस्कृति को समृद्ध बनाती है, लेकिन राजनीतिक व्यवस्था को जटिल भी बनाती है। लेबनान की राजनीतिक प्रणाली सांप्रदायिक शक्ति-साझेदारी पर आधारित है, जिसमें राष्ट्रपति ईसाई, प्रधानमंत्री सुन्नी मुस्लिम और संसद अध्यक्ष शिया मुस्लिम होता है।
आर्थिक दृष्टि से लेबनान ऐतिहासिक रूप से बैंकिंग, व्यापार, पर्यटन और सेवा क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध रहा है। बेरूत को कभी मध्य पूर्व का पेरिस कहा जाता था। यहाँ के समुद्र तट पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हालांकि हाल के वर्षों में आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और 2020 के बेरूत बंदरगाह विस्फोट जैसी घटनाओं ने देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
लेबनान की संस्कृति पर अरब और यूरोपीय प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। यहाँ का भोजन जैसे हम्मस, फलाफल, तब्बूले और शावरमा दुनिया भर में लोकप्रिय है।
लेबनान का भूगोल
लेबनान पश्चिम एशिया में 33°–35° उत्तरी अक्षांश और 35°–37° पूर्वी देशांतर के बीच स्थित एक छोटा लेकिन भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत विविध देश है। यह अरेबियन प्लेट के किनारे पर स्थित है। देश का कुल क्षेत्रफल लगभग 10,452 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें अधिकांश भाग स्थल क्षेत्र है।
लेबनान के पश्चिम में भूमध्य सागर के साथ लगभग 225 किलोमीटर लंबा समुद्र तट है। इसकी सीमाएँ उत्तर और पूर्व में सीरिया तथा दक्षिण में इज़राइल से मिलती हैं। गोलान हाइट्स के समीप स्थित शेबा फार्म्स नामक क्षेत्र पर लेबनान अपना दावा करता है, जिससे यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।
समुद्र तट के समानांतर लेबनान पर्वत श्रृंखला देश की लगभग पूरी लंबाई में फैली है। मुख्यतः चूना पत्थर और बलुआ पत्थर से बनी यह श्रृंखला गहरी और संकरी घाटियों से विभाजित है। इसकी चौड़ाई 10 से 56 किमी के बीच है। इसकी सबसे ऊँची चोटी क़ुरनत अस सवदा (3,088 मीटर) है।
दो पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित बेका घाटी ग्रेट रिफ्ट वैली प्रणाली का हिस्सा है। लगभग 180 किमी लंबी और 10–26 किमी चौड़ी यह घाटी अपनी अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के कारण कृषि के लिए प्रसिद्ध है।
लेबनान की मुद्रा
लेबनान की आधिकारिक मुद्रा लेबनानी पाउंड है, जिसे अरबी भाषा में लिरा लुबनानिया कहा जाता है। इसका अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोड LBP है। लेबनान में दैनिक लेन-देन, वेतन भुगतान और स्थानीय व्यापार मुख्यतः इसी मुद्रा में किया जाता है, हालांकि हाल के आर्थिक संकट के कारण अमेरिकी डॉलर का उपयोग भी व्यापक रूप से बढ़ गया है।
लेबनानी पाउंड को 1920 के दशक में उस समय प्रचलित किया गया जब लेबनान फ्रांसीसी शासन के अधीन था। प्रारंभ में यह फ्रांसीसी फ्रैंक से जुड़ा हुआ था। 1943 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद लेबनान ने अपनी मौद्रिक प्रणाली को मजबूत किया और लेबनानी पाउंड देश की आधिकारिक मुद्रा बन गया।
लेबनानी पाउंड को जारी और नियंत्रित करने का कार्य देश के केंद्रीय बैंक बैंक द लिबान द्वारा किया जाता है। यह संस्था मौद्रिक नीति, मुद्रा आपूर्ति और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाती है।
कई वर्षों तक लेबनानी पाउंड की विनिमय दर स्थिर रही। आधिकारिक रूप से 1 अमेरिकी डॉलर = 1,500 LBP के बराबर है।
लेकिन 2019 के बाद आए गंभीर आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और बैंकिंग प्रणाली के पतन के कारण मुद्रा का भारी अवमूल्यन हुआ। समानांतर बाजार में विनिमय दर अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाली हो गई, जिससे महंगाई दर में तीव्र वृद्धि हुई और आम नागरिकों की क्रय शक्ति घट गई।
प्रचलित नोट और सिक्के
- 1,000
- 5,000
- 10,000
- 20,000
- 50,000
- 100,000 LBP
आर्थिक अस्थिरता के कारण लेबनान में डॉलराइजेशन बढ़ गया है। कई दुकानों, होटलों और सेवाओं में कीमतें सीधे अमेरिकी डॉलर में तय की जाती हैं, जबकि भुगतान स्थानीय मुद्रा या डॉलर दोनों में किया जा सकता है।
लेबनान का इतिहास
लेबनान का इतिहास अत्यंत प्राचीन और बहु-सांस्कृतिक प्रभावों से समृद्ध रहा है। भूमध्य सागर के पूर्वी तट पर स्थित होने के कारण यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही व्यापार, संस्कृति और सभ्यताओं का मिलन बिंदु रहा है।
फिनीशियन सभ्यता
लेबनान का सबसे प्रारंभिक प्रसिद्ध इतिहास फिनीशियन सभ्यता से जुड़ा है, जो लगभग 3000 ईसा पूर्व विकसित हुई। फिनीशियन लोग कुशल नाविक और व्यापारी थे। उन्होंने भूमध्य सागर के तटों पर व्यापारिक उपनिवेश स्थापित किए और विश्व को वर्णमाला की प्रारंभिक प्रणाली दी, जिसने आधुनिक भाषाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टायर, सिडोन और बाइब्लोस जैसे नगर उस समय प्रमुख व्यापारिक केंद्र थे।
साम्राज्यों का शासन
समय के साथ लेबनान विभिन्न शक्तिशाली साम्राज्यों के अधीन आता गया। सबसे पहले यह असीरियाई और बाबुली साम्राज्यों के नियंत्रण में आया, फिर फारसी साम्राज्य का हिस्सा बना। 332 ईसा पूर्व में सिकंदर महान ने इस क्षेत्र पर विजय प्राप्त की, जिसके बाद यहाँ हेलेनिस्टिक संस्कृति का प्रभाव बढ़ा। बाद में यह रोमन साम्राज्य का हिस्सा बना और ईसाई धर्म का प्रसार हुआ। रोमन काल में यहाँ भव्य मंदिर और वास्तुकला का विकास हुआ, जिनके अवशेष आज भी बालबेक जैसे स्थानों पर देखे जा सकते हैं।
अरब और इस्लामी प्रभाव
7वीं शताब्दी में अरब मुस्लिम सेनाओं ने इस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया, जिससे यहाँ इस्लामी संस्कृति और अरबी भाषा का प्रसार हुआ। इसके बाद यह उमय्यद, अब्बासी और फातिमी ख़िलाफ़तों का हिस्सा रहा। मध्यकाल में क्रूसेडरों और मुस्लिम शासकों के बीच संघर्ष हुआ, जिसके बाद अंततः यह उस्मानी (ऑटोमन) साम्राज्य के अधीन आ गया।
उस्मानी शासन और फ्रांसीसी मंडेट
1516 से लेकर प्रथम विश्व युद्ध 1918 तक लेबनान उस्मानी साम्राज्य का हिस्सा रहा। इस अवधि में धार्मिक समुदायों को कुछ स्वायत्तता मिली। प्रथम विश्व युद्ध के बाद उस्मानी साम्राज्य के पतन के साथ यह क्षेत्र फ्रांस के नियंत्रण में आ गया और “फ्रेंच मंडेट ऑफ लेबनान” के रूप में शासित हुआ।
स्वतंत्रता और आधुनिक काल
1943 में लेबनान ने फ्रांस से स्वतंत्रता प्राप्त की। इसके बाद देश ने लोकतांत्रिक प्रणाली अपनाई, लेकिन धार्मिक आधार पर सत्ता-साझेदारी की व्यवस्था ने राजनीति को जटिल बना दिया। 1975 से 1990 तक लेबनान ने एक विनाशकारी गृहयुद्ध का सामना किया, जिसमें विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक गुटों के बीच संघर्ष हुआ।
गृहयुद्ध के बाद पुनर्निर्माण हुआ, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक संकट और क्षेत्रीय संघर्षों का प्रभाव आज भी देखा जाता है। 2020 में बेरूत बंदरगाह विस्फोट ने देश को गहरा आघात पहुँचाया।
लेबनान की जनसंख्या
लेबनान पश्चिम एशिया का एक छोटा देश है, जिसकी जनसंख्या संरचना धार्मिक, सांस्कृतिक और जातीय विविधता के कारण विशेष महत्व रखती है। लेबनान की कुल जनसंख्या लगभग 55 से 60 लाख के बीच मानी जाती है। हालाँकि, आधिकारिक जनगणना 1932 के बाद नहीं हुई है, इसलिए वर्तमान आँकड़े अनुमान पर आधारित हैं।
लेबनान की जनसंख्या में विभिन्न धार्मिक समुदायों का महत्वपूर्ण स्थान है। प्रमुख समुदायों में शामिल हैं:
- सुन्नी मुस्लिम
- शिया मुस्लिम
- मारोनी ईसाई
- ग्रीक ऑर्थोडॉक्स ईसाई
- ड्रूज़ समुदाय
यह धार्मिक विविधता लेबनान की राजनीति और सामाजिक संरचना को भी प्रभावित करती है, क्योंकि सत्ता का विभाजन विभिन्न समुदायों के बीच संतुलित रूप से किया जाता है।
शहरी और ग्रामीण आबादी
लेबनान की लगभग 85–90% जनसंख्या शहरी क्षेत्रों में निवास करती है। राजधानी बेरूत देश का सबसे बड़ा और सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। इसके अलावा त्रिपोली, सैदा (Sidon) और टायर (Tyre) भी प्रमुख शहरी केंद्र हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी अपेक्षाकृत कम है, लेकिन कृषि और पारंपरिक जीवन शैली यहाँ अभी भी महत्वपूर्ण हैं।
जनसंख्या घनत्व
लेबनान का क्षेत्रफल छोटा होने के कारण यहाँ जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक है। औसतन 500 से अधिक व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर निवास करते हैं, जो इसे क्षेत्र के सबसे घनी आबादी वाले देशों में शामिल करता है।
जनसंख्या वृद्धि
लेबनान में जनसंख्या वृद्धि दर कम है। आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता के कारण बड़ी संख्या में युवा विदेशों की ओर पलायन कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप ब्रेन ड्रेन की समस्या उत्पन्न हो रही है।
लेबनान की जनसंख्या उसकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धार्मिक विविधता, शहरीकरण, शरणार्थियों की उपस्थिति और प्रवासन जैसे कारक इसकी जनसंख्या संरचना को विशिष्ट बनाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद, लेबनान की बहुसांस्कृतिक सामाजिक संरचना इसे पश्चिम एशिया के सबसे अनोखे देशों में से एक बनाती है।
अधिक पूछे प्रश्न
लेबनान का क्षेत्रफल कितना है?
लेबनान का कुल क्षेत्रफल लगभग 10,452 वर्ग किलोमीटर है। आकार में छोटा होने के बावजूद, लेबनान में पर्वत, उपजाऊ घाटियाँ, तटीय मैदान और भूमध्य सागर का सुंदर तट शामिल है, जो इसे प्राकृतिक विविधता से समृद्ध बनाता है।
देश के पश्चिम में भूमध्य सागर स्थित है, जबकि पूर्व और उत्तर में सीरिया और दक्षिण में इज़राइल इसकी सीमाएँ बनाते हैं। लेबनान की भौगोलिक स्थिति ऐतिहासिक रूप से इसे व्यापार, संस्कृति और सभ्यताओं के संगम का केंद्र बनाती रही है।
क्षेत्रफल छोटा होने के कारण यहाँ जनसंख्या घनत्व अधिक है, विशेषकर तटीय क्षेत्रों जैसे बेरूत के आसपास। सीमित भूमि संसाधनों के बावजूद, लेबनान कृषि, पर्यटन और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रीय भूमिका निभाता है।
लेबनान अमीर है या गरीब देश?
लेबनान को परंपरागत रूप से मध्य-आय वाला देश माना जाता था, लेकिन वर्तमान आर्थिक स्थिति के कारण इसे गंभीर आर्थिक संकट से जूझता हुआ देश माना जा रहा है। 2019 के बाद से लेबनान में वित्तीय संकट, मुद्रा अवमूल्यन, बैंकिंग प्रणाली का पतन और बेरोज़गारी में भारी वृद्धि देखी गई है।
एक समय था जब राजधानी बेरूत को मध्य पूर्व का पेरिस कहा जाता था, क्योंकि यहाँ बैंकिंग, पर्यटन और व्यापार बहुत विकसित थे। परंतु हाल के वर्षों में आर्थिक कुप्रबंधन, राजनीतिक अस्थिरता और 2020 के बेरूत विस्फोट जैसी घटनाओं ने अर्थव्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया है।
आज लेबनान में बड़ी आबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रही है, जबकि महँगाई और बुनियादी सेवाओं की कमी ने आम नागरिकों की स्थिति कठिन बना दी है। इसलिए कहा जा सकता है कि संसाधनों और क्षमता के बावजूद, वर्तमान समय में लेबनान आर्थिक रूप से कमजोर है।
लेबनान में सबसे बड़ी समस्या क्या है?
लेबनान में सबसे बड़ी समस्या आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता है। लंबे समय से देश में राजनीतिक गतिरोध और भ्रष्टाचार ने सरकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता को कमजोर कर दिया है।
2019 के बाद लेबनान में मुद्रा का भारी अवमूल्यन, बैंकिंग प्रणाली का पतन और महँगाई में असाधारण वृद्धि देखी गई। इससे नागरिकों की जीवनशैली प्रभावित हुई है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
इसके अलावा, ऊर्जा संकट, बेरोज़गारी, और आधारभूत सेवाओं की कमी भी देश की बड़ी चुनौतियाँ हैं। 2020 में बेरूत विस्फोट ने स्थिति और जटिल कर दी।
लेबनान में कौन से धर्म के लोग रहते हैं?
लेबनान अपने धार्मिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ कई धर्मों और संप्रदायों के लोग रहते हैं। प्रमुख धर्म और समुदाय इस प्रकार हैं:
ईसाई धर्म - लेबनान में ईसाई समुदाय काफी बड़ा है। इसमें मुख्य रूप से मारोनी कैथोलिक, ग्रीक ऑर्थोडॉक्स, ग्रीक कैथोलिक, और अर्मेनियाई ईसाई शामिल हैं।
इस्लाम - मुसलमान लेबनान की दूसरी बड़ी आबादी हैं। इसमें सुन्नी और शिया दोनों संप्रदाय शामिल हैं।
अन्य धर्म - इसके अलावा लेबनान में द्रूज़ भी रहते हैं, जो मुख्यतः पहाड़ी क्षेत्रों में बसते हैं। इसके अलावा छोटे समूहों में यहूदी और अन्य धार्मिक समुदाय भी मौजूद हैं।
