कंप्यूटर वायरस क्या है - Computer Virus

कंप्यूटर वायरस कंप्यूटर के लिए हानिकारक होते है। जिस प्रकर वायरस मनुष्य के शरीर में पहुंच कर कई बीमारिया उत्त्पन्न करती है, उसी प्रकार वायरस भी कंप्यूटर को भी हानि पहुँचाती है। जो महत्वपूर्ण फाइल को डिलीट कर सकती है सिस्टम में कई प्रकार के प्रॉब्लम कर सकते है।

कंप्यूटर वायरस क्या है

यह कंप्यूटर में इंटरनेट, पेन ड्राइव, या अन्य माध्यम से घुस जाता है, ये सामन्य फाइल की तरह नहीं होता है। ये वायरस हमारे महत्वपूर्ण फाइल को क्रप्ट कर देते है। उसके बाद वे फाइल किसी काम का नहीं होता है। ये वायरस एक कंप्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर में भी फ़ैल सकता है।

कंप्यूटर वायरस क्या है

सबसे पहले कंप्यूटर वायरस Bob Thomas ने बनाया था। उन्होंने 1971 में Creeper virus नामक प्रोग्राम बनाया था। उस समय वे BBN Technologies में काम करते थे, जो ARPANET से जुड़ा हुआ था।

क्रीपर वायरस किसी सिस्टम को नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया था, बल्कि यह एक प्रयोग था कि नेटवर्क के माध्यम से एक प्रोग्राम दूसरे कंप्यूटर में कैसे जा सकता है। जब यह प्रोग्राम किसी कंप्यूटर में पहुँचता था, तो स्क्रीन पर यह संदेश दिखाई देता था - "I'm the creeper, catch me if you can!"

इसके बाद Elk Cloner नामक कंप्यूटर वायरस सामने आया। यह पहला ऐसा वायरस था जो Apple II कंप्यूटरों में फैलता था। यह वायरस फ्लॉपी डिस्क के माध्यम से फैलता था। इसे 1982 में Richard Skrenta ने बनाया था, जो उस समय एक स्कूल के छात्र थे।

कंप्यूटर वायरस एक प्रकार का मैलवेयर होता है। जब यह सक्रिय होता है, तो यह अन्य कंप्यूटर प्रोग्रामों को बदलकर उनमें अपना कोड जोड़ देता है और इस तरह अपनी नई कॉपी बना लेता है।

कंप्यूटर वायरस को सामान्यतः एक होस्ट प्रोग्राम की आवश्यकता होती है। वायरस उस प्रोग्राम में अपना कोड जोड़ देता है। जब होस्ट प्रोग्राम चलाया जाता है, तो पहले वायरस सक्रिय हो जाता है, जिससे संक्रमण फैलता है और सिस्टम को नुकसान हो सकता है।

इसके विपरीत, कंप्यूटर वर्म को किसी होस्ट प्रोग्राम की आवश्यकता नहीं होती। यह एक स्वतंत्र प्रोग्राम होता है जो खुद से चल सकता है और नेटवर्क के माध्यम से अन्य कंप्यूटरों पर फैल सकता है।

वायरस बनाने वाले लोग अक्सर सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों और सिस्टम की सुरक्षा कमजोरियों का उपयोग करके कंप्यूटर को संक्रमित करते हैं। कई वायरस ऐसे बनाए जाते हैं जो एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर से बचने के लिए जटिल छिपाव तकनीकों का उपयोग करते हैं।

वायरस बनाने के कई उद्देश्य हो सकते हैं - 

  1. पैसा कमाना 
  2. राजनीतिक संदेश देना
  3. व्यक्तिगत मनोरंजन
  4. सॉफ्टवेयर की कमजोरियों को दिखाना
  5. सिस्टम को नुकसान पहुँचाना
  6. साइबर सुरक्षा 
  7. प्रयोग करना

2013 तक कंप्यूटर वायरस दुनिया भर में हर साल अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे थे। इसके कारण एंटीवायरस सॉफ्टवेयर उद्योग विकसित हुआ, जो विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम के उपयोगकर्ताओं को वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है, चाहे वह भुगतान के साथ हो या मुफ्त।

कंप्यूटर वायरस के प्रकार

वायरस कई प्रकार के होते है, जो अलग अलग तरीके से कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाते है। कुछ वायरस के बारे में निचे दिया गया है।

क्र. वायरस का प्रकार विवरण
1 बूट सेक्टर वायरस यह वायरस कंप्यूटर के बूट सेक्टर को संक्रमित करता है। जब कंप्यूटर चालू होता है, तो यह सबसे पहले सक्रिय हो जाता है।
2 फ़ाइल इन्फ़ेक्टर वायरस यह वायरस .exe या .com फाइलों को संक्रमित करता है। जब संक्रमित फाइल चलाई जाती है, तो वायरस भी सक्रिय हो जाता है।
3 मैक्रो वायरस यह वायरस डॉक्यूमेंट फाइलों में मौजूद मैक्रो के माध्यम से फैलता है।
4 मल्टीपार्टाइट वायरस यह वायरस Boot Sector और Files दोनों को संक्रमित कर सकता है, इसलिए इसे हटाना कठिन होता है।
5 पॉलीमॉर्फिक वायरस यह वायरस हर बार अपनी कोड संरचना बदल लेता है, जिससे एंटीवायरस के लिए इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है।
6 रेजिडेंट वायरस यह वायरस कंप्यूटर की मेमोरी (RAM) में छिपकर रहता है और सिस्टम के चलने के दौरान फाइलों को संक्रमित करता है।
7 डायरेक्ट एक्शन वायरस यह वायरस किसी फाइल के चलने पर तुरंत सक्रिय होकर कुछ फाइलों को संक्रमित करता है और फिर निष्क्रिय हो जाता है।
8 ओवरराइट वायरस यह वायरस फाइल के अंदर के डेटा को ओवरराइट (मिटाकर) अपनी जगह ले लेता है, जिससे फाइल खराब हो जाती है।
9 वेब स्क्रिप्टिंग वायरस यह वायरस वेब पेज या स्क्रिप्ट (JavaScript, HTML) के माध्यम से फैलता है।
10 नेटवर्क वायरस यह वायरस नेटवर्क के माध्यम से एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में फैलता है।

वायरस से बचाव 

यदि आप कोई भी फाइल या एप्लीकेशन डाउनलोड कर रहे हो तो अच्छे वेबसाइट से डाउनलोड करे। फ्री के लालच में कोई इनक्रिप्ट फाइल या अप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचे। स्पैम ईमेल में आये फाइल को डाउनलोड न करे। इस तरह से कंप्यूटर वायरस से आप अपने कंप्यूटर को सुरक्षित कर सकते है। एंटीवायरस को इंसटाल करे और उसे बीच बीच में स्कैन करते रहे।

एंटीवायरस - एंटीवायरस एक प्रकार का प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर होता है। जो हार्म पहुंचाने वाले फाइल एप्लीकेशन या फाइल  को खोज कर उसे मिटा देता है जिससे की आपकी इम्पोर्टेन्ट फाइल सुरक्षित रहे। यह पेड और फ्री दोनों प्रकार की आती है।

Subscribe Our Newsletter