इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान कहां स्थित है - Indravati National Park

राष्ट्रीय उद्यान प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र होता है। सार्वजनिक मनोरंजन और  ऐतिहासिक या वैज्ञानिक हित के लिए एक राष्ट्रीय उद्यान को अलग रखा जाता  है, जहाँ पेड़-पौधे और जानवरों उनकी प्राकृतिक अवस्था में रहते है।

छत्तीसगढ़ में 3 राष्ट्रीय उद्यान और 11 वन्यजीव अभयारण्य हैं जो अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और विविध और समृद्ध वनस्पतियों और जीवों का उपहार में हैं। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है।

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान कहां स्थित है

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ राज्य के बीजापुर जिले में स्थित एक खूबसूरत जगह है। इसका नाम पास की इंद्रावती नदी के नाम पर पड़ा है। यह दुर्लभ जंगली भैंसों का घर है। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे बेहतरीन और सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव पार्क है।

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान को कुटरू राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है। इंद्रावती नदी राष्ट्रीय उद्यान के उत्तरी सीमा के साथ बहती है। इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का सबसे बेहतरीन और सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव क्षेत्र और टाइगर रिजर्व है।

यह लगभग 2799 किमी के कुल क्षेत्रफल में फैल हुआ हैं। इस क्षेत्र ने 1981 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा प्राप्त किया और 1983 में भारत के सबसे प्रसिद्ध बाघ अभयारण्यों में से एक बन गया। भारत के प्रसिद्ध टाइगर प्रोजेक्ट के तहत यहाँ पर बाघ की संख्या को बढ़ाने का कार्य किया गया हैं। यह उद्यान मुख्य रूप से समुद्र तल से 177 और 599 मीटर के बीच की ऊंचाई पर स्थित हैं।

जलवायु और पेड़ पौधे 

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान की वनस्पति मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय नम और शुष्क पर्णपाती किस्म की है जिसमें बांस, साल और सागौन पेड़ों की प्रधानता है। विशाल घास के मैदान जंगली  भैंस, चीतल, भौंकने वाले हिरण, नीलगाय और गौर जैसे बड़े शाकाहारी जीवों को भरपूर भोजन प्रदान करते हैं। पार्क में सबसे आम पेड़ सागौन, लेंदिया, सलाई, महुआ, तेंदू, सेमल, हल्दू, बेर और जामुन हैं।

जंगली जानवर 

इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान लुप्तप्राय जंगली एशियाई भैंसों की अंतिम आबादी का घर है। राष्ट्रीय उद्यान कई अनगिनत प्रजातियों का भी घर है। जिसमे गौर, नीलगाय, ब्लैकबक, चौसिंघा, सांभर, चीतल, भारतीय मंटजैक, भारतीय चित्तीदार शेवरोटेन और जंगली सूअर शामिल हैं। 

बड़े शिकारियों का प्रतिनिधित्व बाघ, तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ता और धारीदार लकड़बग्घा द्वारा किया जाता है। छोटे स्तनधारियों में उड़ने वाली गिलहरी, साही, पैंगोलिन, रीसस बंदर और लंगूर शामिल हैं। पार्क में आमतौर पर पाए जाने वाले जानवरों में, मीठे पानी के मगरमच्छ, मॉनिटर छिपकली, भारतीय गिरगिट, करैत, भारतीय अजगर, कोबरा और रसेल वाइपर हैं। यह पार्क बड़ी संख्या में पक्षियों को आश्रय भी देता है जिनमें से पहाड़ी मैना सबसे महत्वपूर्ण प्रजाति है।

परिवहन मार्ग 

बस्तर जिला के मुख्यालय, जगदलपुर से इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान आसानी से पहुँचा जा सकता है। कुटरू गांव, पार्क का मुख्य प्रवेश बिंदु हैं, जो जगदलपुर-भोपालपट्टनम रोड के उत्तर में 22.4 किमी की दूरी पर स्थित है। कुटरू रोड जगदलपुर से 145.6 किमी की दूरी पर है। रायपुर का हवाई अड्डा 486 किमी दूर है जबकि जगदलपुर इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान से 168 किमी है जहाँ पर आपको रेलवे स्टेशन मिल जायेगा। 

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