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हिंदी भाषा का प्रथम महाकाव्य कौन है

पृथ्वीराज रासो हिन्दी भाषा में लिखा एक महाकाव्य है जिसे हिंदी भाषा का प्रथम महाकाव्य कहा गया है। जिसमें पृथ्वीराज चौहान के जीवन और चरित्र का वर्णन किया गया है। इसके रचयिता चंदबरदाई पृथ्वीराज के बचपन के मित्र और उनके राजकवि थे और उनकी युद्ध यात्राओं के समय वीर रस की कविताओं से सेना को प्रोत्साहित भी करते थे।

1165 से 1192के बीच पृथ्वीराज चौहान का राज्य अजमेर से दिल्ली तक फैला हुआ था। पृथ्वीराज रासो और पृथ्वीराज काव्य के अनुसार पृथ्वीराज का जन्म क्षत्रिय राजपूत कुल में हुआ था। कई कोणों से रासो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पृथ्वीराज एक राजपूत थे, एक क्षत्रिय थे।  

2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के नेतृत्व में दिल्ली में एक समिति बिठाई गई जिसमे 15  से अधिक भारतीय विश्वाध्यालयों के प्रोफेसर को शामिल किया गया, इन 15 + विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने रासो और तमाम इतिहासिक सक्सों का अध्ययन करके पृथ्वीराज चौहान को एक क्षत्रिय राजपूत बताया है तथा उनके दादा अनंगपाल के भी राजपूत होने के तमाम सक्श सबके सामने रखे ,इसकी तमाम जानकारी भारतीय सरकार के वेबसाइट पे है।

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