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शब्दों का भंडार क्या है?

 शब्दों का भंडार 

हिंदी साहित्य की हम बात करे तो हिंदी साहित्य में शब्दों का अथाह भंडार है। भंडार का मतलब है खजाना जो कभी खत्म नहीं होने वाला है। भंडार उसे ही कहा जाता है जहां शब्दों की कोई कमी नहीं होती है और शब्दों का भंडार का मतलब यही है की शब्द पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। 

यदि हम बात करें संस्कृत में शब्द भंडार की तो इसमें हमें सबसे ज्यादा शब्द देखने को मिलते हैं हिंदी से भी ज्यादा संस्कृत सभी भाषाओँ की जननी है जिससे अन्य भाषाओँ का विकास हुआ है। 

भाषाओं का विकास शब्दों से होता है जिस भाषा में जितने ज्यादा शब्द होंगे वह भाषा उतना ही समृद्ध होगा विद्वानों का भी यही मानना है। 

शब्दों का भंडार क्या है?

वर्णों के मिलने से शब्द बनते हैं और शब्द के मिलने से भाषा का निर्माण होता है। इस प्रकार जो भाषा जितना ज्यादा प्रचलित होगा उस भाषा का शब्द भंडार भी उतना ही ज्यादा होगा। इसका मतलब है की वहां शब्द की अधिकता होगी शब्द की कमी नहीं होगी। 

भंडार का मतलब होता है कोष या खजाना इस प्रकार शब्द का कोष ही शब्द भंडार है। 

शब्दों का भंडार शब्दों का समूह है जो अपने आप में भाषा को पूर्ण बनाती है। 

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