ads

How to start a mushroom business जानें हिंदी में

 भारत में मशरूम की खेती को लेकर बहुत ही ज्यादा प्रयास किये जा रहे हैं इसका  मुख्य कारण है, कम लागत और अच्छा मुनाफ़ा आपका स्वागत है। हमारे Blog Rexgin.in में हम बात करने वाले हैं मशरूम की खेती के बारे में अभी हमारा 17 Business Idea in hindi का Series चल रहा है जिसमे हम Business Ideas आपके साथ Share कर रहें हैं पिछले Post में हमने जाना था Blog Business के बारे में जिसमें हमने आपको बताया था की कैसे आप Blog को एक Business के रूप में खड़ा कर सकते हैं। 

चलिए अब बात करते हैं Mushroom Business के बारे में तो मैंने देखा है बहुत सारे Bloggers इस Topics पर तो Post लिख रहें हैं और बता भी रहे हैं तो ज्यादा चर्चा हम इसको कैसे उगाना है इस पर नहीं करने वाले हैं। 

चुकी हम एक Business की तरह इसको करने वाले हैं तो एक Business man के रूप में हम इस पर बात करने वाले हैं। 

मशरूम की खेती के लिए हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए? 

(Mushroom farming business plan)

मशरूम की खेती करने के लिए किसी बहुत बड़े जगह की आवश्यकता नहीं होती है आप आधे एकड़ या एक कमरे से ही शुरुआत कर सकते हैं। कमरा आपका 10*10 का हो या इससे बड़ा या छोटा कोई फर्क नहीं पड़ता है। 

आप जितना ज्यादा उत्पादन लेना चाहते हैं उतना बड़ा कमरा आपको सलेक्ट करने की आवश्यकता होती है। 

अब चलिए बात करते हैं इसे उगाने की मशरूम को आखिर किस प्रकार तैयार करके बाजार में उतारा जाता है? और इसकी खेती कैसे की जाती है मैं इसके ज्यादा डिटेल में नहीं जा रहा क्योकि बहुत सारी जानकारियाँ Internet पर उपलब्ध हैं। क्योकि हम यहां पर बात करने वाले हैं Mushroom Business की और Business मतलब उत्पादन से ज्यादा महत्व बेचने को दिया जाता है तो चलिए थोड़ा सा जान लेते हैं उत्पादन कैसे करना है उसके बाद पुरे डिटेल में जानेंगे की बेचना कैसे है व्यापार को बढ़ाना कैसे है?

मशरूम उगाने की तैयारी कैसे करें? मशरूम कैसे उगाई जाती है?

देखिये मैंने ज्यादा अच्छे शब्दों का प्रयोग तो नहीं किया है लेकिन आपको समझ में आ जाएगा पढ़ना Start करें। मैं Step-by-Step आपको बताने वाला हूँ। 

  1. सबसे पहले हमें मशरूम उगाने के लिए जो Row Material अपशिष्ट पदार्थ की आवश्यकता होती है वो है भूसा (गेंहूँ या धान) की जिसे कलगी कहते हैं मैं छत्तीसगढ़ से हूँ तो इसे हमारे यहां भूसा कहा जाता है तो आपको जरूरत के हिसाब से भूसा ले लेना है। अब आपको बैग तैयार करनी है छोटे-छोटे वो जो छोटे वाले आलू की बोरी आती है ना उसमें आपको बारीक भुसों को भर लेना है। फिर बेग तैयार करने के बाद आपको इसे एक रसायन में डुबोना है। 
  2. सबसे पहले हमारे पास एक टब होना चाहिए जिसमें करीब 40-50  लीटर वाला होना चाहिए या इससे छोटा भी चलेगा अब इसमें रसायन या घोल तैयार करना है। 
  3. पानी के अंदर हमें करीब 40 से 50 लीटर पानी के अंदर 1.5 किलो चुना, 50 ग्राम Bliching Powder, और एक छोटा ढक्कन फोर्मलिन (Formalin) उस टब में डालना है। अब अच्छे से इसे घोल लेना है घोलने के बाद। 
  4. तैयार किये गए भूसे के बैग को उस पानी में डुबोना है और अच्छे से डुबाने के बाद उसके ऊपर पत्थर या कोई भी भारी चीज रख देना है जिसे वह ऊपर ना आ सके। और उसे पन्ने से या झिल्ली के टुकड़े से ढक के बाँध देना है। 24 घंटे के लिए। 
  5. अब जब 24 घंटे पुरे हो जाए तब उसे आपको टब या टैंक से निकाल लेना है। निकालने के बाद उसके पानी को निकलने के लिए 24 घण्टे तक छोड़ देना है फिर पानी के पूरी तरह निकल जाने के बाद,
  6. अब पानी 24 घंटे में पूरी तरह से भूसा से अलग हो गया होगा अब बैग को नमी वाले जगह में या जहाँ थोड़ी बहुत छाया हो वहां पर खोलना है और उसे फैला देना है। 
  7. उसके बाद उसके ऊपर आपको चुना पाउडर को छान करके डालना है मतलब बारीक चुना पाउडर का उपयोग उसमें मिलाने के लिए करना है ताकि उसमें किसी भी प्रकार के अन्य कीड़े मकोड़े न लगें। चुना को अच्छे से मिलाइये भूसे के साथ और हाँ चुने में एक दो दवाई जैसे Bavistin Powder और Paraxin 500 की Capsule को मिक्स करना है एक किलो चुना में करीब दो Capsule आपको Use करने हैं। 
  8. अब उसे भूसे में अच्छे से मिला ले उसके बाद आपको पेपर बैग लेना है जो की आपके हिसाब से या 12*18 का होना चाहिए अब सबसे पहले उसमें आपको बाजार से लाया गया स्पॉन (Spawn) डालना है या आप खुद बना सकते हैं तो उसे आपको उसमें डालना है सबसे निचे में फिर उसके ऊपर मिक्स किये गए भूसे को डालने हैं ऐसे करके 3 से 5 लेयर बनाये और जिसके बीच बीच में आपको स्पॉन (Spawn) को डालना है। इसकी मात्रा आपको अपने हिसाब से देख कर डालनी है। 
  9. एक एक करके ऐसे बैग्स आपको तैयार करने के बाद उस बैग में अगल बगल हमें छेद करने होते हैं और उस छेद को कॉटन से बंद कर दिए रहते हैं उसी समय फिर आपको उसे हैंगिंग मैथड हो या रैक मैथड जो भी मैथड पसंद हो उस हिसाब से बैग को कमरे के अंदर रख देने हैं। 
  10. हैगिंग मतलब टांग देने हैं रस्सी के सहारे रैक मतलब रेख या तख्ता बना के रख देने है जैसे दुकानों में समान रखते हैं वैसे ही। 
  11. अब 15 दिनों के बाद आपको रूई को निकाल लेने हैं रूई को निकालने के 25 दिन बाद आपको मशरूम बैग के बाहर निकलते दिखने लगेंगे।
  12. हमने जो पूरी बात करी है वह मिल्की मशरूम की खेती की है और इसी प्रकार आपको बटन मशरूम को भी उगाना होता है। निचे वीडियो डाल दिया है ज्यादा जानकारी के लिए देख सकते हैं। 

अगर आपको लेख समझ में ना आया हो तो वीडियो देख सकते हैं। लिंक निचे हैं 


आइये अब बात करें इसे बेचने की और प्रॉफिट की 

Mushroom farming business profit

  1. आम तौर पर किसान जो सब्जी उगाते हैं उसकी कीमत 8 से 10 रूपये में चालु होकर अधिकतम 20 से 30 रूपये में जाकर अटक जाती है। 
  2. लेकिन वहीं बात करें मशरूम की तो इसकी Starting price ही 100 रूपये से होती है और इसके अलग अलग किस्में होती हैं जिसका दाम अलग अलग होता है और सभी के दाम 100 रूपये किलो से ऊपर होते हैं क्योकि इसका उत्पादन बहुत कम किसान करते हैं। 
  3. मार्केट में इसकी मांग बहुत होती है खासकर शहरों में गाँव में उतना ज्यादा नहीं है क्योकि ग्रामीण इलाकों में वन्य मशरूम या पैर से निकले मशरूम को खाया जाता है। लेकिन गावों में भी अब इसकी बढ़ रही है और इसका कारण है वर्षा कम होना जिसकी वजह से प्राकृतिक मशरूम नही मिल पाता। 
  4. इस प्रकार बाजार में या लोकल एरिये में भी इसकी मांग बढ़ती जा रही है जिससे प्रॉफिट साफ़ नजर आता है। अगर आपके समान की गुणवत्ता अच्छी है तो और ज्यादा अच्छे दाम आपको मिल जाते हैं। 

मैंने तो सुना है की कई मशरूम ऐसे हैं जिनका दाम 2 लाख रूपये किलो से चालु होता है। उगाने के बाद अभी के समय में बेचना सबसे मुश्किल काम है और ग्रामीण इलाकों में मंडी की भी सुविधा नही होती है। तो इसको बेचने के कुछ आसान तरिके इस प्रकार हैं -

  • आपको सबसे पहले तो रिसर्च करनी है की कौन सी मशरूम को लोग लेना पसंद करते हैं फिर उसी मशरूम या उससे भी अच्छी मशरूम की फसल आपको तैयार करनी है। 
  • इसको अब आप ऑनलाइन बेच सकते हैं जैसे की Amazon पर और Flipkart पर या अन्य किसी ऐसे साइट पर जहां पर Growsary Product को लिस्ट किया जाता है जैसे की Jio Mart आदि पर, बहुत सी साइट है। जहां आप इसे ऑनलाइन बेच सकतेह हैं। बस आपको वहां पर अपनी आईडी बनानी है फिर आपको प्रोडक्ट को लिस्ट करना है और ऑडर आये तब उसे डिलीवर कर देना है। 
  • अब बात करते हैं ऑफलाइन बेचने की तो आपको इसके लिए दो तीन आदमी की जरूरत पड़ेगी जो इसे लेकर गलियों में घूम-घूम कर बेचेंगे। या फिर आप ऐसा करें किसी ऐसे दूकान से सम्पर्क करके वहां अपने मशरूम की स्टॉक जमा करा दें फिर वहा से जिन लोगों को लेना होगा ले लेंगें। 
  • इसे बेचने को लेकर ज्यादा परेशानी मात्र गाँव वाले इलाकों में जो की शहर से बहुत दूर हैं और जो गाँव शहर के नजदीक हैं उन्हें कोई परेशानी नहीं है। क्योकि उनके लिए मंडी भी उपलब्ध होता है। 

तो इस प्रकार से आप अपने मशरूम को बेच सकते हैं। 

मशरूम की खेती के साथ इन बातों का रखें ध्यान। 

  1. साफ़ सुथरे जगहों में इसकी खेती करें क्योकि यह कवक या फंगी है जिसमें आसानी से बिमारी पैदा करने वाले जीव पनप सकते हैं। 
  2. भूसे (गेंहूं की कलगी) को अच्छे से न्युट्रिलाइज करें चुना वगैरा मिलाकर। 
  3. कमरे का तापमान मेजर करते रहें वैसे मिल्की मशरूम 30 से 35 डिग्री में भी उगा सकते हैं। 
  4. कमरे में ज्यादा खिड़खी न हो ज्यादा प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती है। 

तो इस प्रकार से आप इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं आपने मशरूम लेडी (दिव्या रावत) का नाम तो सूना ही होगा जिन्होंने एक नया इतिहास रचा है इस क्षेत्र में और राष्ट्रपति जी ने उन्हें सम्मानित भी किया है। 

उनके बारे में जानना चाहते हैं तो लिंक नीचे है यूट्यूब पर देख सकते हैं। 


आपको जानकारी कैसी लगी शेयर करें हमारे साथ बने रहने के लिए धन्यवाद !

Related Posts
Subscribe Our Newsletter