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Hindi grammar class 5

Hindi grammar class 5 - हिंदी व्याकरण CBSE के साथ-साथ राज्य बोर्ड के छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 2021-2022 के लिए है। यहां हम भाषा और व्याकरण, वर्ण विचार, संज्ञा, वचन, लिंग, कारक, सर्वनाम, विशेष, क्रिया, काल, वाक्य और शब्द निर्माण आदि के बारे में जानेंगे।

Hindi grammar class 5

Chapter 1 भाषा 

भाषा की परिभाषा - भाषा भाष धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है सुचना। इस प्रकार भाषा एक प्रकार के सुचना का काम करता है। अपने भावों विचारों को व्यक्त करने का यह सिर्फ एक माध्यम नहीं है इसके अलावा और भी माध्यम हैं लेकन भाषा एक ऐसा माध्यम है जिसका की प्रयोग वृहद मात्रा में अर्थात बहुत ज्यादा होता है।


Chapter 2 वर्ण विचार

वर्ण विचार व्याकरण का मूल है इसमें वर्णों के उच्चारण, आकार और शब्द बनाने के नियमों का वर्णन हो। वर्ण जिसे अक्षर भी कहा जाता है। हिंदी में 52 वर्ण या अक्षर होते है। इन्ही वर्णो के मेल से शब्द का निर्माण होता है। यहां पर वर्ण को इस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है - वर्ण भाषा की सबसे छोटी इकाई है जिसके और टुकड़े नही किये जा सकते हैं।


Chapter 3 संज्ञा

किसी भी व्यक्ति वस्तु या स्थान के नाम को संज्ञा कहते है। जैसे राम, घर, दिल्ली ,मनुष्य, विद्यालय, कक्षा, देश, हिमालय आदि। एक वाक्य में, संज्ञाएं, प्रत्यक्ष वस्तु, अप्रत्यक्ष वस्तु, विषय पूरक, वस्तु पूरक, आश्रित या विशेषण की भूमिका निभा सकती हैं। व्यक्ति, वस्तु, जाती, भाव, स्थान समूह, पदार्थ के नाम को संज्ञा कहा जाता है। अर्थात् नाम ही संज्ञा है।

Chapter 4 लिंग

जेंडर का अर्थ - संज्ञा के जिस रूप से उसके पुरुष अथवा स्त्री जाति का बोध होता है, उसे लिंग या जेंडर कहते हैं। नीचे लिंग के कुछ उदाहरण लिखें हैं - तान्या खेल रही है। तेजस्विनी गाना गा रही है। अरुण मेला देखने गया। लड़की सुंदर है। शिक्षक हमें बुला रहें हैं। नाना जी टीवी में कुछ देख रहे हैं।


Chapter 5 वचन 

संज्ञा के जिस रूप से संख्या का बोध होता है उसे हिंदी में वचन कहते हैं अथार्त संज्ञा , सर्वनाम , विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का पता चले वचन हैं। जैसे राम ने दो केले खाए। कक्षा आठवीं वी में 50 छात्र है।


Chapter 6 कारक

संज्ञा अथवा सर्वनाम के जिस रूप से उसका संबंध क्रिया के साथ जाना जाता है, उसे कारक कहते हैं। आपने अभी जो वाक्य देखें हैं वहां पर पहले उदाहरण में संबंध कारक "ने" और "का" का प्रयोग किया गया है। उसी प्रकार दुसरे उदाहरण में "सम्बन्ध कारक ने" और "करण कारक से" का प्रयोग किया गया है। 


Chapter 7 सर्वनाम

संज्ञा के स्थान पर उपयोग किया जाने वाला शब्द को सर्वनाम कहते है। उदाहरण मैं, वह, यह, वे, तुम, उसका आदि। सर्वनाम को अंग्रेजी में इसे प्रोनाउन कहते है।मैं , मेरा, इसका, उसकी , हम ,हमारा, खुद , वह , उसका और स्वयं शामिल हैं। 


Chapter 8 विशेषण

संज्ञा अथवा सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, आकर, उम्र, संख्या, रंग आदि) बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं। जैसे "पुराना" "हरा" और "हंसमुख" विशेषणों के उदाहरण हैं। विशेषण संज्ञा या सर्वनाम का वर्णन करता हैं। उदहारण - काला घोड़ा जा रहा है। बादल नीला है।


Chapter 9 क्रिया

सबसे पहले आइये जानते हैं किया की परिभाषा क्रिया को किस प्रकार परिभाषित किया जा सकता है तो की परिभाषा कुछ इस प्रकार है - परिभाषा - वे शब्द जो किसी कार्य के करने, घटित होने या किसी स्थिति का बोध कराते हैं, उन्हें क्रिया कहते हैं। आइये कुछ वाक्यों को पढ़ें जिसमें क्रिया का उपयोग किया गया है और उसे समझने की कोशिश करें। मैं बाजार जा रहा हूँ।


Chapter 10 काल

समय को ही काल कहा जाता है। क्रिया के जिस रूप से कार्य के होने का समय पता चले उसे काल कहते हैं। अथार्त कार्य – के समय और उसकी पूर्ण और अपूर्ण अवस्था के ज्ञान को काल कहते हैं। काल के तीन भेद है। 1. भूतकाल,  2. भविष्य काल  3. वर्तमान काल,


Chapter 11 वाक्य

किसी भी कथन का पूरा भाव प्रकट करने वाले सार्थक शब्द समूह के मेल को वाक्य कहते हैं। आइये हम कुछ वाक्यों को पढ़ें और समझने की कोशिस करें। खिलावन अपना घर का काम स्वयं करता है। मैं खाना खा रहा हूँ। आपने देखा की इन वाक्यों में शब्दों को एक निश्चित क्रम में व्यवस्थित किया गया है और इसी कारण इसका एक सार्थक अर्थ प्रकट हुआ है। 


Chapter 12 पत्र लेखन

यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक सूचना भेजने का माध्यम है। इसके प्रकार की बात करें तो यह मुख्य रूप से दो प्रकार के हो सकते हैं एक औपचारिक पत्र और दूसरा अनौपचारिक पत्र। पत्र लेकिन न केवल एक सूचना भेजने का माध्यम है बल्कि यह एक कला के रूप में विद्यमान है। 


Chapter 13 अपठित गद्यांश

जिस गद्यांश को अपनी पाठ्य पुस्तक में पढ़ा नहीं गया हो, उसे अपठित गद्यांश कहते हैं। इसमें गद्यांश पर आधरित कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके निरंतर अभ्यास से विद्यार्थियों को अर्थ ग्रहण क्षमता का विकास होता है। बहुत से लोगों से मित्रता करना भी ठीक नहीं है क्योंकि सच्ची और आदर्श मैत्री एक-दो से ही सम्भव है। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी को भी अपने प्रेम और विश्वास में लेने से पहले खूब जाँच-परख लेना चाहिए और फिर धीरे-धीरे निरन्तर अपने प्रेम को प्रगाढ़ता प्रदान करते रहना चाहिए।


Chapter 14 मुहावरे

मुहावरे और लोकोक्तियों का प्रयोग जब हम अपनी बोली में या भाषा में करते हैं तो उससे एक आकर्षण हमारे द्वारा दी जा रही भाषण में या बोली में उत्पन्न होती है। जो की काफी ज्यादा प्रभावित करती है आपके बोलने के तौर तरिके से लोग प्रभावित होते हैं।


Chapter 15 विराम-चिह्न

विराम का अर्थ होता है ठहराव अर्थात रुकना। हिंदी भाषा में हो या अन्य किसी अंग्रेजी में जब इसको लिखित रूप में प्रयोग किया जाता है तो विशेष स्थानों पर रुकने के लिए या यूं कहें रुकने का संकेत करने के लिए विराम चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। जैसे - मनोज मुन्तशिर को रोको, मत जाने दो।


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