शब्द किसे कहते हैं - Hindi Grammar


शब्द विचार


शब्दों के बारे में विचार करना जैसे शब्द क्या है?, शब्द कैसे बना?, शब्द की विशेषताएं, शब्द के प्रकार,  आदि के बारे में विचार करना ही शब्द विचार है। आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग में जिसमें हम हिंदी भाषा के व्याकरण के अंतर्गत शब्द विचार इस पोस्ट में हम शब्द को लेकर विचार करने वाले हैं विभिन्न प्रकार के शब्दों पर चर्चा हम यहां पर करने वाले हैं। तो आइये जानते हैं।

शब्द विचार के बारे में जानने से पहले आइये जानते हैं शब्द के बारे में कुछ बातें जो की हमें जानना जरूरी है तो चलिए शुरू करते हैं..

शब्द किसे कहते हैं

वर्णों के सार्थक समूह को ही शब्द कहते हैं। यहाँ पर सार्थक समूह का मतलब है, एक शब्द में आने वाले वर्ण जो की व्यवस्थित क्रम में हों। जैसे की आम का आ के बाद म का आना। एक शब्द बनता हैं जिसका सार्थक अर्थ होता है। यह दो वर्णों के मिलने से बना है। आ एक वर्ण है, जो की दीर्घ स्वर है और वर्णमाला में अ के बाद आता है। उसी प्रकार म भी एक वर्ण है जो की व्यंजन है और प वर्ग में आता है। इन वर्ण, स्वर, व्यंजन के बारे में पहले से मैंने एक पोस्ट लिखा है आप जरूर देखें लिंक निचे है।

शब्द क्या हैं शब्द की विशेषताएँ - Hindi Grammar

शब्द की विशेषताएं

सभी शब्दों के वर्णों का क्रम निश्चित होता है ; जैसे- आम का ही उदाहरण ले या आप अपने मन से किसी शब्द का उदाहरण लें और इसे उलट कर देखें उसका कोई सार्थक शब्द नहीं बनेगा लेकिन इसमें कुछ अपवाद हैं जैसे कड़क इसको उलटने पर भी ऐसा ही अर्थ निकलता है जिसका सार्थक अर्थ होता है। जबकि आम की उलटने पर मआ हो जाता है जिसका कोई सार्थक अर्थ नही है। सभी शब्दों का कोई न कोई अर्थ निश्चित होता है। शब्दों के द्वारा ही वाक्य रचना होती है। जिसके बारे में हम आगे पढने वाले हैं। 

पद किसे कहते हैं

जब शब्दों का प्रयोग वाक्यों में व्याकरण के नियमों के अनुसार होता है, तब वह पद कहलाता है। यानी स्वतंत्र रहने वाले शब्द व्याकरणिक संस्कार पाकर पद बन जाते हैं; जैसे- लड़के ने फूल तोड़ा। यह वाक्य लड़के, फूल, तोड़ा शब्द से बना है, लेकिन वाक्य प्रयुक्त होने पर (लड़के ने फूल तोड़ा) पद बन जाएगा।

शब्द के प्रकार 

शब्दों का वर्गीकरण - हिंदी व्याकरण में शब्दों का पांच प्रकार से वर्गीकरण किया गया है जो की इस प्रकार है -

  1. उत्पत्ति के या स्त्रोत के आधार पर। 
  2. अर्थ के आधार पर। 
  3. रचना या बनावट के आधार पर। 
  4. प्रयोग के आधार पर। 
  5. व्याकरणिक प्रकार्य के आधार पर। 

आइये आगे इन्ही प्रकारों के आधार पर शब्दों के प्रकार को विस्तार से पढ़ते हैं-

1. उत्पत्ति या स्त्रोत के आधार पर - इस आधार पर यह देखा जाता है की भाषा का उद्गम या उत्पत्ति कहाँ से हुई है कहाँ से लिया गया है इसे देखा जाता है। इस उत्पत्ति के आधार पर शब्दों का वर्गीकरण को पांच प्रकारों में बांटा गया है जो की इस प्रकार है -

  1. तत्सम शब्द 
  2. तद्भव शब्द 
  3. देशज शब्द 
  4. विदेशी शब्द 
  5. संकर शब्द 
तत्सम शब्द किसे कहते हैं

1. तत्सम शब्द- इन तत्सम शब्द को सुनकर आपको लगता होगा की यह तत्सम शब्द क्या हैं? तो आपको बता दें तत्सम शब्द हिंदी भाषा में लिए गए ऐसे शब्द हैं जो की संस्कृत से लिये गए हैं तथा इनका ज्यों का त्यों प्रयोग किया जाता है। मतलब इनका रूप परिवर्तन नही होता है बिना किसी प्रकार के परिवर्तन के उसका प्रयोग किया जाता है।

जैसे- अग्नि, सूर्य, चंद्र, माता, पिता, पुत्र आदि। 

2. तद्भव शब्द- तत+भव से बना शब्द है जिसका अर्थ होता है उसके समान मतलब इस प्रकार के शब्दों को भी संस्कृत से लिया जाता हैं लेकिन इसके रूप में थोड़ा परिवर्तन किया जाता है उसी रूप में स्वीकार नही किया जाता है। जैसे- अग्नि का ही उदाहरण लें तो अग्नि का आग हो जाता है। 

आइये देखते हैं कुछ तत्सम शब्दों और तद्भव शब्दों के रूप किस प्रकार परिवर्तन होते हैं निचे दिया गया है-

तत्समतद्भव तत्समतद्भव तत्सम तद्भव
कार्य काम उच्च ऊंचा ग्रामगाँव
गृह घर सर्प साँप पितृ पिता
आम्र आम भ्राता भाई दुर्बल दुबला
दुग्ध दूध मुक्तामोती श्वेतसफेद
भगिनी बहन स्वर्णकार सुनार वार्ता बात
वर्षबरस विवाहब्याहमयूर मोर
ग्राहक गाहक सप्त सात

देशज शब्द - उन शब्दों को देशज शब्द के रूप में जाना जाता है जिनके स्त्रोत का पता न हो और जो की विदेशी भी न हो ऐसे शब्दों को देशज शब्द कहा जाता है। जैसे- डिब्बा, खिड़की, लकड़ी, रोटी, लड़का, लोटा, पेट आदि।

विदेशी शब्द- जैसे की इसके नाम से ही स्पष्ट है ऐसे शब्द जो की अंग्रेजी, अरबी, फ़ारसी, पुर्तगाली, चीन, फ्रांसीसी आदि से हिंदी में आएं हों उन्हें ही विदेशी शब्द के नाम से जाना जाता है।

कुछ उदाहरण यहां पर दिया गया है-


अंग्रेजी शब्द नर्स, टिकट, टेलीफोन, मोटर, डॉक्टर, स्टॉप, फ़ुटबाल, स्टेशन, पुलिस आदि।
अरबी-फारसी शब्दकागज, बेगम, तकदीर, जहाज, सजा, बगीचा, किनारा, जनाना आदि।
तुर्की तोप, लाश, तौलिया, गलीचा, बहादुर, कालीन, बावर्ची आदि।
फ्रांसीसी कूपन, कार्टून, कर्फ्यू, पुलिस, काजू, बिगुल, कारतूस आदि।
चीनी लीची, पटाखा, तूफ़ान, चाय आदि।
पुर्तगाली औलिया, गिरजा, बाल्टी, अलमारी, ऑलपिन, साबुन, गोदाम आदि।
यूनानी डैल्टा, टेलफोन, टेलीग्राम, एटम आदि।
जापानी रिक्शा, इस्पात आदि।

संकर शब्द- जैसे की विज्ञान में किन्हीं दो पौधों के बीच में संकर कराने पर नए पौधे का निर्माण होता है उसी प्रकार से  ये संकर शब्द बने होते हैं। जो भिन्न-भिन्न भाषाओं के शब्दों के सार्थक मेल से बने हैं, उन्हें संकर शब्द कहते हैं।
जैसे- रेलगाड़ी में रेल जो है वह अंग्रेजी शब्द है, तथा गाड़ी हिंदी शब्द है जो की हिंदी भाषा से लिया गया है। इसी प्रकार इस शब्द को देखें ऑपरेशन-कक्ष यहाँ ऑपरेशन अंग्रेजी शब्द है और कक्ष संस्कृत शब्द है।

इन अन्य उदाहरणों से भी समझने का प्रयास करें - डाकखाना, जिलाधीश, सिनेमाघर, लाठीचार्ज, मालगोदाम, वर्षगांठ आदि। आइये अब जानते हैं अर्थ के आधार पर शब्दों के प्रकार के बार में -

2. अर्थ के आधार पर- अर्थ के आधार पर शब्दों को छः प्रकार में बांटा गया है। जो की इस प्रकार हैं-

  1. एकार्थी शब्द 
  2. अनेकार्थी शब्द 
  3. समानार्थी शब्द अथवा पर्यायवाची शब्द 
  4. विपरीतार्थी शब्द अथवा विलोम शब्द 
  5. समरूपी या श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द 
  6. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द 

आइये इनके बारे में विस्तार से जानने का प्रयास करते हैं -

1. एकार्थी शब्द- नाम से पता चलता है एकार्थी मतलब एक अर्थ वाला अतः इस प्रकार के शब्दों का सदा एक-सा अर्थ रहता है। जैसे- प्रधानमंत्री, संसद, सम्राट, राष्ट्रपति आदि।

2. अनेकार्थी शब्द- अनेक मतलब एक से अधिक इस प्रकार अनेकार्थी शब्द ऐसे शब्द होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं। जैसे देखते हैं कुछ उदाहरण

अंक- गिनती के अंक (संख्या), भाग, नाटक का एक अभ्यास
सर- तालाब, चिंता, बाण

3. समानार्थी अथवा पर्यायवाची शब्द- यहां पर समानार्थी का मतलब होता है समान अर्थ वाले शब्द ऐसे शब्द जिनके अर्थ एक-दूसरे के समान हो समानार्थी या पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।
जैसे-

शब्द पर्यायवाची रूप शब्दपर्यायवाची रूप
उत्तम उत्कृष्ट, श्रेष्ठ, बढ़िया हवा हवा वायु, समीर, अनिल
पक्षीपंछी, खग, विहग कमल पंकज, जलज, वारिज
शोभा सौंदर्य, सुंदरता, सुषमाघोड़ा अश्व, हय, तुरंग
अंबर आकाश गगन नभ भूमि पृथ्वी, धरा, वसुधा, धरती

4. विपरीतार्थी अथवा विलोम शब्द - जो शब्द परस्पर विपरीत अर्थ देते हैं उन्हें हम विलोम या विपरीतार्थ शब्द के रूप में जानते हैं समान्य भाषा में कहें तो ऐसे शब्द जिनके अर्थ एक दूसरे से बिलकुल उल्टे हों उन्हें हम विलोम शब्द कहतें हैं। जैसे-

शब्दविलोम शब्द विलोम
अर्थ अनर्थ घातप्रतिघात
उर्वर ऊसर अनुराग विराग
सुख दुःख रक्षक भक्षक
अनुजअग्रजशयन जागरण
रातदिनसुबह साम

5. समरूपी या श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द- समरूपी अर्थात समान रूप इस प्रकार के शब्द उच्चारण में तो लगभग एक समान लगते हैं लेकिन जिनके अर्थ अलग अलग होते हैं। ऐसे शब्दों को ही श्रुतिसम भिन्नार्थक या समरूपी शब्द के नाम से जाना जाता है। जैसे

शब्दअर्थशब्द अर्थ
ग्रह पृथ्वीकर्मकाम
गृह घर क्रमसिलसिला

6. अनेक शब्दों के लिए एक शब्द - जिन शब्दों का प्रयोग वाक्यांश अथवा शब्द समूह के स्थान पर किया जाता है, जैसे की किसी उद्देश्य या कार्य को एक शब्द के माध्यम से कहना। उन्हें ही हम अनेक शब्दों के लिए एक शब्द कहते हैं। जैसे

अच्छे भाग्य वाला - सौभाग्यशाली
जिसकी कोई कीमत न हो - अमूल्य

3. रचना के आधार पर - आइये अब देखते हैं रचना के आधार पर शब्द के तीन प्रकार जो की इस प्रकार हैं-
  1. रूढ़ शब्द 
  2. यौगिक शब्द 
  3. योगरूपक शब्द 
1. रूढ़ शब्द - ऐसे शब्द जिनका प्रयोग विशेष अर्थ के लिए किया जाता है तथा जिनके अलग होने पर मतलब संधि विच्छेद करने पर कोई अर्थ नही निकलता है उन्हें रूढ़ शब्द के नाम से जाना जाता है। ऐसे शब्द एक परम्परा के तरह प्रयोग किये जाते हैं। जैसे 
रात, दिन, पुस्तक, घोडा आदि। 

2. यौगिक शब्द - ये ऐसे शब्द हैं जिनका अर्थ संधि विच्छेद करने पर अलग अलग लेकिन सार्थक अर्थ निकलता है उन्हें ही यौगिक शब्द कहते हैं, या इसे इस प्रकार भी परिभाषित किया जा सकता है वे शब्द जो सार्थक खंडों के योग से बनाए जाते हैं, यौगिक शब्द कहलाते हैं। जैसे 
विज्ञान (वि+ज्ञान) , राजकुमार (राज + कुमार) 
विद्यालय (विद्या + आलय) पीतांबर (पीत + अंबर)
इन यौगिक शब्दों को उपसर्ग, प्रत्यय को जोड़कर भी बनाया जा सकता है। 

3. योगरूढ़  शब्द - यौगिक शब्द होते हुए भी जो शब्द किसी विशेष अर्थ का बोध कराते हैं, उन्हें योगरूढ़ शब्द कहते हैं; जैसे 
पंकज, अर्थात कमल, नीलकंठ अर्थात शिव। 

4. प्रयोग के आधार पर - प्रयोग के आधार पर शब्द के तीन प्रकार होते हैं जो इस प्रकार हैं 
  1. सामान्य शब्द 
  2. तकनीकी शब्द 
  3. अर्धतकनीकी शब्द 
1. सामान्य शब्द - जो शब्द हम दैनिक जीवन में आम बोलचाल में प्रयोग करते हैं, उन्हें सामान्य शब्द कहते है; जैसे 
खाना, मकान, विद्यालय, दूध, कमरा आदि। 

2. तकनीकी शब्द - जिन शब्दों का संबंध विभिन्न विषयों, व्यवसायों और विज्ञान आदि से होता है, उन्हें तकनीकी शब्द कहते हैं; जैसे 
कम्प्यूटर, रसायन, रेखाचित्र आदि। 

3. अर्द्ध-तकनीकी शब्द - जो शब्द तकनीकी होते हुए भी आम आदमी के जीवन में अधिक प्रचलन के कारण सामान्य लोगों द्वारा प्रयोग किए जाते हैं। तकनीकी लोग उन शब्दों का निश्चित अर्थ में प्रयोग करते हैं जबकि साधारण आदमी उन्हें सामान्य शब्द के रूप में प्रयोग करता है। जैसे 
चुनाव, कानून, नाटक आदि आदि। 

5. व्याकरणिक प्रकार्य के आधार पर - इस व्याकरणिक प्रकार्य के आधार पर शब्द के दो प्रकार होते हैं-
  1. विकारी शब्द 
  2. अविकारी शब्द 
विकारी शब्द - जो शब्द अपना रूप, वाक्य के समय अर्थात काल, लिंग, वचन, कारक आदि के कारण बदलते रहते हैं। उन्हें विकारी शब्द कहते हैं। विकारी शब्द के चार भेद होते हैं जो की इस प्रकार है - संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया।

अविकारी शब्द - ऐसे शब्द जिसका प्रयोग किसी भी समय या काल में लिंग के साथ या वचन के साथ करने पर जिसके रूप में कोई परिवर्तन न हो उन्हें अविकारी शब्द कहते हैं। अविकारी शब्दों के चार प्रकार इस प्रकार हैं - क्रियाविशेषण, सम्बोधन, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक। 

आइये देखें अभी तक हमने इस पोस्ट से क्या क्या जाना - 

  • वर्णों के सार्थक समूह को शब्द कहते हैं। 
  • जब शब्दों का प्रयोग वाक्यों में व्याकरण के नियमों के अनुसार होता है, तब वह पद कहलाता है। 
  • हिंदी व्याकरण में शब्दों का वर्गीकरण पांच आधारों पर किया जाता है- 
  1. उत्पत्ति या स्त्रोत के आधार पर 
  2. अर्थ के आधार पर 
  3. रचना के आधार पर 
  4. प्रयोग के आधार पर 
  5. व्याकरणिक प्रकार्य के आधार पर 

1. शब्द विचार से जुड़े प्रश्न और उत्तर जो आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं-

(क) तत्सम और तद्भव शब्दों के दो-दो उदाहरण बताओ।
(ख) कोई दो तुर्की शब्द बाताओ।
(ग) अर्थ की आधार पर शब्द के कितने भेद होते हैं? बताओ।

2. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

(क) शब्द किसे कहते हैं, हिंदी व्याकरण में शब्दों का वर्गीकरण कितने आधार पर होता है? विस्तार से लीखो।
(ख) यौगिक तथा योगरूढ़ शब्दों में उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट करो।
(ग) विकारी तथा अविकारी शब्द में अंतर स्पष्ट करो।

3. बॉक्स में दिए गए शब्दों के प्रयोग से रिक्त स्थान भरिए-

सर्वनाम विशेषण भिन्नार्थक एकार्थी तत्सम

(1) संस्कृत के वह शब्द जिन्हें संस्कृत के रूप में ही हिंदी में स्वीकार किया जाता है, उन्हें_______कहते हैं।
(2) जिन शब्दों का अर्थ सदा एक-सा रहता है, उन्हें ______ शब्द कहते हैं।
(3) ऐसे शब्द जो उच्चारण करने में एक जैसे लगे परन्तु अर्थ अलग-अलग देते हों, वे ______ शब्द कहलाते हैं।
(4) विकारी शब्द के चार भेद होते हैं-संज्ञा, ______ , _______ और क्रिया।

4. सही विकल्प वाले प्रश्न इस शब्द विचार से पूछे जा सकते हैं

(क) जब शब्दों का प्रयोग वाक्यों में किया जाता है, तब वे क्या कहलाते हैं।
  1. शब्द 
  2. पद 
  3. वाक्य 
(ख) हिंदी व्याकरण में शब्दों का प्रयोग कितने प्रकार से किया जाता है?
  1. तीन 
  2. पाँच 
  3. चार 
(ग) निम्न शब्दों में कौन-सा शब्द तद्भव है?
  1. भ्राता 
  2. भाई 
  3. उपर्युक्त सभी 
(घ) स्टेशन शब्द कौन-सी भाषा का है?
  1. यूनानी 
  2. अंग्रेजी 
  3. जापानी 
5. निम्नलिखित शब्दों के अनेकार्थी रूप लिखिए 
  1. रस 
  2.  पतंग
  3. दंड़ 
  4. जलज 
यदि आपको शब्द विचार से जुड़े इन सभी प्रश्नों के उत्तर चाहते हो तो कम से कम एक कमेंट करें हां आंसर चाहिए करके और ब्लॉग को सब्स्क्राइब करें ताकि उत्तर आपको मिले सबसे पहले धन्यवाद!

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