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M.A. HINDI Second Sem PAPER FIFTH Solved Paper 2019

M.A. HINDI Second Sem PAPER FIFTH (उत्तर मध्यकाल से आधुनिक काल तक) Solved Paper 2019

M.A. HINDI (Second Semester)
EXAMINATION, MAY/JUNE, 2019
PAPER FIFTH 
(उत्तर मध्यकाल से आधुनिक काल तक)
Time : Three Hours        M.M. 80
नोट : निर्देशानुसार सभी खण्डों के उत्तर दीजिए। 
खण्ड-अ
                       (वस्तुनिष्ट/बहुविकल्पीय प्रश्न)             प्रत्येक 1
नोट : सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(1.) रामचन्द्र शुक्ल ने रीतिकाल की समय सीमा क्या मानी है?
(अ) सं. 1050 से 1375 तक
(ब) सं. 1700 से 1900 तक
(स) सं. 1375 से 1900 तक
(द) सं. 1900 से अब तक।
उत्तर- (ब) सं. 1700 से 1900 तक

(2) रीतिकाल को अलंकृत काल किस आलोचक ने कहा है ?
(अ) डॉ. रामकुमार वर्मा
(ब) रामचन्द्र शुक्ल
(स) मिश्रबन्धु
(द) हजारी प्रसाद द्विवेदी
उत्तर- (स) मिश्रबन्धु।

(3) 'कविप्रिया' किसकी रचना है?
(अ) घनानन्द
(ब) बिहारी
(स) विद्यापति
(द) केशवदास
उत्तर- (द) केशवदास

(4) तीसरा तारसप्तक का प्रकाशन किस वर्ष हुआ?
(अ) 1951
(ब) 1943
(स) 1959
(द) 1979
उत्तर- (स) 1959

(5) 'कामायनी' तीसरे सर्ग का नाम क्या है?
(अ) आशा
(ब) चिन्ता
(स) लज्जा
(द) श्रद्धा
उत्तर- (द) श्रद्धा

(6) 'हिंदी साहित्य की बीसवीं शताब्दी' के लेखक कौन हैं?
(अ) नन्द दुलारे
(ब) डॉ. नामवर सिंह
(स) रामचन्द्र शुक्ल
(द) हजारी प्रसाद द्विवेदी।
उत्तर- (अ) नन्द दुलारे वाजपेयी।

(7) "नील परिधान बीच सुकुमार, खुल रहा मृदुल अधखुला अंग। " किस कवि की पंक्ति है?
(अ) सुमित्रानन्दन पन्त
(ब) जयशंकर प्रसाद
(स) महादेवी वर्मा
(द) सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
उत्तर- (ब) जयशंकर प्रसाद।

(8) 'मैला आँचल' किसकी रचना है?
(अ) फणीश्वर नाथ रेणु
(ब) नागार्जुन
(स) रांगेय राघव
(द) अमृतलाल नागर
उत्तर- (अ) फणीश्वर नाथ रेणु

(9) 'अशोक के फूल निबन्ध' के लेखक कौन हैं?
(अ) गुलाब राय
(ब) विद्यानिवास मिश्र
(स) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(द) रामचन्द्र शुक्ल
उत्तर- (स) हजारी प्रसाद द्विवेदी

(10) हिंदी साहित्य के 'महाप्राण' किस कवि के लिये प्रयुक्त होता है?
(अ) सुमित्रानन्दन पन्त
(ब) जयशंकर प्रसाद
(स) माखनलाल चतुर्वेदी
(द) सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
उत्तर- (द) सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

(11) 'चिन्तामणि' किसकी रचना है?
(अ) विद्यानिवास मिश्र
(ब) रामचन्द्र शुक्ल
(स) हजारी प्रसाद द्विवेदी
(द) चन्द्रधर शर्मा 'गुलेरी'
उत्तर- (ब) रामचन्द्र शुक्ल

(12) 'एक टोकरी भर मिट्टी' कहानी किसकी है?
(अ) किशोरीलाल गोस्वामी
(ब) मुंशी इंशा अल्ला खाँ
(स) माधवराव सप्रे
(द) रामचन्द्र शुक्ल
उत्तर- (स) माधवराव सप्रे

(13) 'आधे-अधूरे' नाटक के लेखक कौन हैं?
(अ) मोहन राकेश
(ब) कमलेश्वर
(स) राजेन्द्र यादव
(द) सुरेंद्र वर्मा
उत्तर- (अ) मोहन राकेश

(14) 'घुमक्कड़शास्त्र' किसकी रचना है?
(अ) राहुल सांकृत्यायन
(ब) रामवृक्ष बेनीपुरी
(स) बालकृष्ण भट्ट
(द) निर्मल वर्मा
उत्तर- (अ) राहुल सांकृत्यायन

(15) 'जागरण सुधार काल' किसे कहा जाता है?
(अ) भारतेंदु युग
(ब) छायावाद
(स) प्रगतिवाद
(द) द्विवेदी युग
उत्तर- (द) द्विवेदी युग

(16) "रावरे रूप की रीति अनूप, नयो-नयो लागत ज्यौं-ज्यौं निहारिये" किस कवि की पंक्ति है?
(अ) बिहारी
(ब) घनानन्द
(स) पद्माकर
(द) भूषण
उत्तर- (ब) घनानन्द।

(17) "सन्देश नही में यहाँ स्वर्ग का लाया, इस धरती को ही स्वर्ग बनाने आया। " उक्त काव्यपंक्ति किस महाकाव्य की है?
(अ) कामायनी
(ब) लोकायतन
(स) साकेत
(द) प्रिय प्रवास।
उत्तर- (स) साकेत।

(18) 'कारवाँ' एकांकी के लेखक कौन हैं?
(अ) भुवनेश्वर
(ब) उपेन्द्रनाथ 'अश्क'
(स) जगदीश चन्द्र माथुर
(द) रामकुमार वर्मा।
उत्तर- (अ) भुवनेश्वर।

(19) 'अंधा युग' किसकी रचना है?
(अ) दुष्यंत कुमार
(ब) मोहन राकेश
(स) धर्मवीर भारती
(द) भगवतीचरण वर्मा।
उत्तर- (स) धर्मवीर भारती।

(20) 'बादलों के घेरे' किसकी कहानी है ?
(अ) कृष्णा सोबती
(ब) मन्नू भंडारी
(स) मैत्रेयी पुष्पा
(द) उषा प्रियंवदा।
उत्तर- (अ) कृष्णा सोबती।

खण्ड-ब
(अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

नोट: कीन्ही आठ प्रश्नों के उत्तर लगभग तीन वाक्यों में दीजिये।

1. रीतिकाल के तीन रचनाकारों के नाम लिखिये।
उत्तर- रीतिकाल के तीन रचनाकारों के नाम इस प्रकार हैं-

  1. केशवदास
  2. चिंतामणि त्रिपाठी (मणिमाल)
  3. मतिराम
  4. भिखारीदास
  5. महाकवि देव 

2. द्वितीय तारसप्तक के कवियों के नाम लिखिए।
उत्तर- द्वितीय तारसप्तक के कवियों के नाम इस प्रकार हैं :-

  1. भवानी प्रसाद मिश्र
  2. शकुंतला माथुर
  3. नरेश मेहता
  4. रघुवीर सहाय
  5. शमशेर बहादुर सिंह
  6. हरिनारायण व्यास
  7. धर्मवीर भारती

3. द्विवेदी युग के कवियों के नाम लिखिए।
उत्तर- द्विवेदी युग के कवियों के नाम इस प्रकार हैं-

  1. मैथिलीशरण गुप्त
  2. अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध'
  3. श्रीधर पाठक
  4. रामनरेश त्रिपाठी
  5. जगन्नाथदास रत्नाकर आदि यशस्वी कवि हैं। 

4. सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचनाओं को लिखिये।
उत्तर- सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की रचनाएँ इस प्रकार हैं-
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला (1898-19610) -
  1. अनामिका
  2. परिमल
  3. गीतिका
  4. तुलसीदास
  5. आराधना
  6. कुकुरमुत्ता
  7. अणिमा
  8. नए पत्ते
  9. बेला
  10. अर्चना।
5. प्रयोगवाद की तीन विशेषताएं लिखिए
उत्तर- प्रयोगवाद की तीन विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

  1. समसामयिक जीवन का यथार्थ चित्रण
  2. घोर वैयक्तिकता
  3. विद्रोह का स्वर
  4. लघु मानव की प्रतिष्ठा
  5. अनास्थावादी तथा संशयात्मक स्वर 

6. रीतिसिद्ध कवियों के नाम और उनकी एक-एक रचना लिखिए।
उत्तर- रीतिकाल के कवियों के नाम एवं उनकी रचनाए-

  1. बिहारी - बीहारी सतसई
  2. भूपति - भूपति सतसई
  3. हठी जी - श्री राधा सुधासतक
  4. ग्वाल कवि - कवि हृदय विनोद। 

7. शुक्ल युगीन कीन्ही तीन निबन्धकारों के नाम लिखिये।
उत्तर- शुक्ल युगीन कीन्ही तीन निबन्धकारों के नाम इस प्रकार हैं-

  1. आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी
  2. डॉ. श्यामसुंदर दास
  3. पदमसिंह शर्मा
  4. अध्यापक पूर्णसिंह
  5. चन्द्रधर शर्मा गुलेरी

8. कहानी के तत्व लिखिए।
उत्तर- किसी भी कहानी के तत्व को छः प्रकारों में बांटा जा सकता है जो की इस प्रकार है-
कहानी के प्रमुख तत्व-

  1. कथानक या कथावस्तु
  2. पात्र चरित्र चित्रण
  3. कथोपकथन या संवाद
  4. देशकाल या वातावरण
  5. भाषा शैली
  6. उद्देश्य। 

9. उपन्यास की परिभाषा लिखिये।
उत्तर- उपन्यास की परिभाषा - उपन्यास शब्द ' उप ' और ' न्यास ' से मिलकर बना है। 'उप' का अर्थ समीप और न्यास का अर्थ रखना या स्थापित करना। अर्थात उपन्यास वह है जिसमे मानव जीवन के किसी तत्व को युक्तियुक्त के रूप में समन्वित कर समीप रखा जाए।

10. द्विवेदी युगीन काव्य की तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर- द्विवेदी युग की काव्य विशेषताएँ -

  1. राष्ट्रीयता भावना
  2. मानवतावाद
  3. नीति और आदर्श। 

खण्ड-स
(लघु उत्तरीय प्रश्न)

नोट : किन्हीं आठ प्रश्नों के उत्तर लगभग 75 शब्दों में दीजिये।
1. रीतिकाल के कवियों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर- रीतिकाल- सन 1700 
ई. के आस-पास भक्तिधारा की हिंदी कविता में एक नया मोड़ आया। इसे विशेषतहः तात्कालिक दरबारी संस्कृति और संस्कृत साहित्य से पोषण मिला। संस्कृत साहित्यशास्त्र के नियमों के प्रभाव ने इस समय के काव्य को शास्त्रीय अनुशासन की ओर उन्मुख किया हिंदी में ' रीति ' या ' काव्यरीति ' शब्द का प्रयोग काव्यशास्त्र के लिए हुआ था। इसलिए काव्यशास्त्रबध्द सामान्य सृजन प्रवृत्ति और रस अलंकार आदि के निरूपक बहुसंख्यक लक्षण ग्रन्थों को ध्यान में रखते हुए इस समय के काव्य को रीतिकाव्य कहा गया। इस काव्य की श्रृंगारी प्रवृत्तियों में पुरानी परम्परा के स्पष्ट संकेत संस्कृत, प्राकृत, अपभ्रंश, फारसी और हिंदी के आदिकाव्य तथा कृष्णकाव्य की श्रृंगारी प्रवृत्तियों में मिलती हैं। 
रीतिकाल के कवियों का वर्गीकरण उनकी रचना के आधार पर किया गया है-
रीतिबद्ध कवि
रीतिसिद्ध कवि 
रीतिमुक्त कवि

1. रीतिबद्ध कवि - पहला वर्ग रीतिबद्ध कवियों का है जिसके प्रतिनिधि केशव चिंतामणि, भिखारीदास, देव मतिराम और पद्माकर आदि हैं। इन कवियों ने दोहों में रस, अलंकार और नायिका के लक्षण देखकर कवित्त सवैये में प्रेम और सौंदर्य की कलापूर्ण मार्मिक व्यंजना की है। संस्कृत साहित्यशास्त्र में निरूपित शास्त्रीय चर्चा का अनुसरण मात्र इनमें अधिक हैं। पर कुछ ने थोड़ी मौलिकता भी दिखाई, जैसे - भिखारीदास का हिंदी छंदों का निरूपण। 
रीतिबद्ध प्रमुख कवि- 
केशवदास- रसिकप्रिया
चिंतामणि त्रिपाठी - कविकल्पतरु
मतिराम - फ़ूलमन्जरी

2. रीतिसिद्ध कवि -  
 2. भारतेंदु युग के प्रमुख साहित्यकारों की चर्चा कीजिए।
3. प्रगतिवादी काव्य प्रवृत्तिय को रेखांकित कीजिए।
4. आँचलिक उपन्यास की विशेषताएँ लिखिए।
5. समकालीन हिंदी कविता पर एक टिप्पणी लिखिए।
6. प्रेमचन्दोत्तर हिंदी कहानी पर प्रकाश डालिए।
7. उपन्यास और कहानी में अंतर स्पष्ट कीजिए।
8. नई कविता की प्रमख प्रवृत्तियों को लिखिए।
9. महाकाव्य और खण्ड काव्य में अंतर स्पष्ट कीजिए।
10. नवगीत लेखन पर चर्चा कीजिए।

खण्ड-द
(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)    प्रत्येक 5

नोट : किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।

1. हिंदी निबन्ध के विकासक्रम की चर्चा कीजिए।
2. रीतिकाल की प्रवृत्तियों पर प्रकाश डालिए।
3. छायावाद का समय एवं प्रवृत्तियों को लिखिए।
4. 'गीति नाटकों पर प्रकाश डालिए।
5. प्रेमचन्द युगीन कहानियों पर प्रकाश डालिए। 
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