रहीम के दोहे अर्थ सहित - rahim ke dohe in hindi

सबसे पहले आपको रहीम के बारे में कुछ बता देता हूँ जब हम कोई भी किताब पढ़ते हैं तो उसके लेखक के बारे में हमें जानना उतना ही जरूरी हो जाता है। 

रहीम के दोहे अर्थ सहित

खीरा सिर ते काटिए, मलियत लोन लगाय।
रहिमन करुए मुखन को, चहियत इहै सजाय।।

भावार्थ - यहां पर रहीम कवि इन पंक्तियों के माध्यम से हमें सन्देश दे रहें हैं की हमें कटु वचन बोलने वाले के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। 

कवि कहते हैं की जैसे की हम खीरा के सिर को काटते हैं और उसमें नमक को लगाते हैं ताकि उसकी कड़वाहट दूर हो जाए करके। उसी प्रकार रहिमन दास जी कहते हैं की हमें कटू वचन बोलने वाले के मुख को भी इसी प्रकार कि सजा देनी चाहिए। 

Rahim ke Dohe Class 9 in hindi रहीम के दोहे कक्षा 9 रहीम के दोहे अर्थ सहित रहीम का जीवन परिचय

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