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अर्थशास्त्र से जुड़े प्रश्न उत्तर - economics in Hindi question answer

1. लेखांकन क्या है

लेखांकन एक व्यवसाय से संबंधित वित्तीय लेनदेन को रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया है। लेखांकन प्रक्रिया में इन लेन-देन का सारांश, विश्लेषण और रिपोर्ट करना शामिल है, निरीक्षण एजेंसियों, नियामकों और कर संग्रह संस्थाओं को।

2. शेयर बाजार क्या है

शेयर बाजार वह जगह है जहां स्टॉक एक्सचेंज में निवेशकों या व्यापारियों द्वारा सभी वित्तीय प्रतिभूतियों को खरीदा या बेचा जाता है।  शेयर खरीदकर, आप कंपनी के भीतर निवेश करते हैं। क्योंकि कंपनी बढ़ती है तो आपके शेयर का मूल्य भी बढ़ ता है।

3. व्यष्टि अर्थशास्त्र की उचित परिभाषा दीजिए

प्रोफेसर बोर्डिंग के अनुसार "व्यष्टि अर्थशास्त्र विशिष्ट फार्म, विशिष्ट परिवारों, व्यक्तिगत कीमतो, मजदूरियों, आयो, व्यक्तिगत उद्योगों एवं विशिष्ट वस्तुओं का अध्ययन है।"

4. समष्टि अर्थशास्त्र किसे कहते हैं

समष्टि अर्थशास्त्र आर्थिक विश्लेषण के उस शाखा को कहते हैं। जो समस्त अर्थव्यवस्था तथा अर्थव्यवस्था से संबंधित बड़े उद्योगों व अवसरों का जैसे कुल राष्ट्रीय उत्पादन, कुल राष्ट्रीय आय, कुल विनियोग, कुल रोजगार, कुल उपभोग आदि का पारस्परिक संबंधों के साथ अध्ययन करता है।

5. समष्टि अर्थशास्त्र की परिभाषा

समष्टि अर्थशास्त्र का संबंध व्यक्तिगत मात्राओं के अध्ययन से नहीं बल्कि इन मात्राओं के समूह से होता है। इनका संबंध व्यक्तिगत आय सुना होगा राष्ट्रीय आय से होता है। व्यक्तिगत कीमतों से नहीं बल्कि कीमतों के स्तर से होता है। व्यक्तिगत उत्पादन से नहीं बल्कि राष्ट्रीय उत्पादन से होता है।

6. बाजार किसे कहते हैं

अर्थशास्त्र में बाजार का अर्थ उस समस्त क्षेत्र से होता है, जिसमें क्रेता विक्रेता फैले हुए होते हैं, तथा आपस में प्रतियोगिता और मोलभाव करते हैं।

7. स्थानीय बाजार किसे कहते हैं

जब किसी वस्तु का क्रय विक्रय एक निश्चित क्षेत्र तक ही सीमित होता है तो उस वस्तु के बाजार को स्थानीय बाजार कहते हैं जैसे दूध सब्जी मछली आदि।

8. अंतर्राष्ट्रीय बाजार किसे कहते हैं

जब किसी वस्तु की मांग पूरे विश्व में होती है तो उस वस्तु का बाजार को अंतरराष्ट्रीय बाजार कहते हैं जैसे सोना चांदी एवं कीमती पदार्थ आदि।

9. अति अल्पकालीन बाजार किसे कहते हैं

जब किसी वस्तु की पूर्ति उसके उपलब्ध स्टॉक तक ही सीमित होती है तो उसे अति अल्पकालीन बाजार कहते हैं।

10. पुण प्रतियोगी बाजार किसे कहते हैं

जब बाजार में किसी वस्तु के क्रय विक्रय के लिए क्रेता व विक्रेताओं के बीच अधिकतम प्रतियोगिता होती है तब बाजार को पूर्ण प्रतियोगिता बाजार कहते हैं।

11. एकाधिकार बाजार किसे कहते हैं

जब किसी बाजार में केवल एक ही उत्पादक एवं विक्रेता होता है। तो उसे एकाधिकार बाजार कहते हैं। एकाधिकारी का अपनी वस्तु की कीमत तथा उसकी पूर्ति पर पूर्ण नियंत्रण होता है।

12. मुद्रा प्रसार

अर्थशास्त्र में मुद्रा प्रसार से आशय उस स्थिति से है जिसमें वस्तुओं के मूल्य बढ़ते हैं, तथा मुद्रा का मूल्य गिरता है। किसी भी कारण से उत्पादन में कमी या प्रचलन में मुद्रा की वृद्धि से मुद्रा मांग के बीच असंतुलन की स्थिति मुद्रा स्फीति है।

13. केंद्रीय सहकारी बैंक किसे कहते हैं

जिला सहकारी बैंक को ही केंद्रीय सरकारी बैंक से नाम से जाना जाता है। इसका कार्य क्षेत्र एक जिला तक ही सीमित रहता है।

14. शेयर किसे कहते हैं

हिंदी में अंश और अंग्रेजी में शेयर कहा जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ हिस्सा या भाग से होता है। इस प्रकार कंपनी की कुल पूंजी एक निश्चित हिस्से अथवा भागों में विभाजित होता है। इन्हें भागों को शेयर कहते हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी 

शेयर बाजार को स्टॉक एक्सचेंज के नाम से जाना जाता है।

भारत का शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान है।

शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कंपनियों की संख्या की दृष्टि से अमेरिका विश्व का द्वितीय स्थान है।

भारतीय औद्योगिक विकास बैंक ही राष्ट्रीय शेयर बाजार का प्रमुख प्रवर्तक है।

राष्ट्रीय शेयर बाजार का मुख्यालय दक्षिण मुंबई में वर्ली है।

जिस बाजार में शेयरों अंश पत्रों का क्रय विक्रय होता है उसे शेयर बाजार कहा जाता है। 

भारत में 24 मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज है।

सेबी का पूरा नाम सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया है।

भारत में निक्षेप निधि प्रणाली की अवधारणा को 7 जनवरी सन 1996 में स्वीकार किया गया है।

15. पदार्थ मुद्रा किसे कहते हैं

यदि मुद्रा धातु की बनी होती है, तो उसे पदार्थ मुद्रा या धातु मुद्रा कहते हैं। इसका अंकित मूल्य एवं यथार्थ मूल्य बराबर होता है।

16. बैंक क्या है

बैंक वहां संस्था है, जो मुद्रा में व्यवसाय करती है। यह एक ऐसा प्रतिष्ठान है। जहां धन का जमा, संरक्षण तथा निर्गमन होता है, तथा ऋण एवं कटौती की सुविधाएं प्रदान की जाती है। और एक स्थान से दूसरे स्थान पर रकम भेजने की व्यवस्था होती है।

17. देसी बैंकर किसे कहते हैं

देसी बैंकर उस व्यक्ति अथवा फॉर्म को कहते हैं, जो जमा स्वीकार करते हैं। हुंडियो का व्यवसाय करते हैं, एवं ऋण प्रदान करते हैं।

18. व्यापारिक बैंक किसे कहते हैं

व्यापारिक बैंक का अर्थ उन बैंकों से होता है। जिसकी स्थापना भारतीय कंपनी अधिनियम के अंतर्गत की गई है, और जो सभी साधारण बैंकिंग कार्य को संपन्न करते हैं। जैसे इलाहाबाद बैंक पंजाब नेशनल बैंक आदि।

19. परिवर्तनशील मुद्रा क्या है

जब किसी देश में पत्र मुद्रा इस प्रकार जारी की जाती है। कि उनको जनता किसी भी समय स्वर्ण अथवा रजत में परिवर्तित कर सकती हैं। तब इस प्रकार के पत्र मुद्रा को परिवर्तनशील मुद्रा कहते हैं। इस प्रकार की गारंटी दिए जाने पर जनता का विश्वास पत्र मुद्रा में बना रहता है। तथा केवल आवश्यकता पड़ने पर ही पत्र मुद्रा को बहुमूल्य धातु में परिवर्तित की जाती है।

20. वितरण किसे कहते हैं

अर्थशास्त्र में वितरण से तात्पर्य उत्पादन के विभिन्न साधनों द्वारा उत्पादित धन को पुनः उन्ही साधनों के मध्य वितरित करने की क्रिया से है।

21. ब्याज की परिभाषा लिखिए

ब्याज एक निश्चित समय अवधि के लिए तरलता पसंदगी के परित्याग का पुरस्कार है। 

राष्ट्रीय आय का वह भाग, जो पूंजीपति को उसके पूंजी की सेवाओं के लिए दिया जाता है। अर्थशास्त्र में ब्याज कहलाता है, ब्याज शब्द का प्रयोग दो अर्थों में किया जाता है। कुल ब्याज और शुद्ध ब्याज।

22. आभास लगान किसे कहते हैं

अल्प काल में मनुष्य द्वारा निर्मित पूंजीगत वस्तुओं के द्वारा वस्तुओं की मांग बढ़ने के कारण उस वस्तुओं को जो अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। वही आभास लगान है। 

23. कर किसे कहते हैं

कर मुद्रा के रूप में एक अनिवार्य अंशदान है। जो नागरिकों के सामान्य हित एवं कल्याण के लिए सरकार द्वारा नागरिकों से वसूल किया जाता है।

24. प्रत्यक्ष कर किसे कहते हैं

 प्रत्यक्ष कर वह होता है, जो उस व्यक्ति पर लगाया जाता है। जिसके द्वारा कर का भार वाहन किया जाता है। जैसे आयकर तथा संपत्ति कर आदि।

25. आप प्रत्यक्ष कर किसे कहते हैं

अप्रत्यक्ष कर वहां होता है, जो एक व्यक्ति पर लगाया जाता है। किंतु आंशिक अथवा पूर्ण रूप से दूसरे व्यक्ति द्वारा वाहन किया जाता है। जैसे बिक्री कर मनोरंजन कर आदि।

26. लाभ किसे कहते हैं

राष्ट्रीय आय का वह भाग जो साहसी को उसकी सेवा के बदले दिया जाता है लाभ कहलाता है। कुल उत्पादन में सेल लगान मजदूरी में ब्याज के भुगतान करने के बाद जो कुछ बचता है, वह साहसी को लाभ के रूप में दिया जाता है। इस प्रकार कुल उत्पादन तथा उत्पादन की कुल लागत में जो अंतर होता है वही लाभ है।

लाभ राष्ट्रीय आय का अकेला ऐसा भाग है जो ऋण आत्मक भी हो सकता है। लाभ को निम्न प्रकार से परिभाषित किया गया है स्पीट के अनुसार सामान्यतया: लाभ जोखिम उठाने का भुगतान है। 

लाभ साहस का पुरस्कार है। लाभ का पहले से निश्चित समझौता के अंतर्गत भुगतान नहीं होता। यह एक अवशिष्ट बचत होती है। जो साहसी को उत्पादन के अन्य साधनों के पुरस्कार चुकाने के बाद लाभ के रूप में प्राप्त होती है। लाभ अनिश्चित होता है। लाभ ऋणात्मक भी हो सकता है अर्थात लाभ-हानि के रूप में बदल सकता है। यह जोखिम उठाने अनिश्चितता वाहन करने एवं नए परिवर्तनों को उत्पादन में लागू करने का पुरस्कार होता है।

27. राजस्व किसे कहते हैं

राजस्व शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है राजन + स्व। जिसका अर्थ है राजा का धन राजनीतिक दृष्टि से राजा को समाज का प्रतिनिधित्व करने वाला मुख्य माना जाता है। 

राजनीतिक दृष्टि से राजस्व का अर्थ समाज के मुख्याया अर्थात राजा के धन से है, जिसके अंतर्गत हम यहां अध्ययन करते हैं कि राजा धन कहां से और किस प्रकार से प्राप्त करता है। तथा उस धन को किस प्रकार खर्च करता है। इस प्रकार राजस्व में हम सरकार के आय और व्यय एवं उसके द्वारा लिए जाने वाले ऋण का अध्ययन करते हैं।

राजस्व को लोकवित्त भी कहते हैं लोक वित्त भी दो शब्दों लोक और वित से मिलकर बना है। लोग का अर्थ है जनसमूह से लिया जाता है। जबकि वित्त का अर्थ मुद्रा से लिया जाता है। इस प्रकार जन समूह में वे सार्वजनिक संस्थाएं आती है। जो जनता के प्रतिनिधि के रूप में काम करती है।

इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, नगर पालिका, नगर निगम, नगर पंचायत आदि शामिल होती हैं। इस प्रकार लोक वित्त में उक्त सार्वजनिक संस्थाओं के वित्तीय व्यवस्थाओं का अध्ययन ही राजस्व है।

28. मुद्रा का चलन कैसे शुरू हुआ

प्राचीन काल से ही सिक्के का इस्तेमाल होता आया है। लेकिन उस समय मुद्रा सोने या चांदी के होते थे। जिसकी आवश्यकता लेन-देन से महसूस हुयी। भारत में मुद्रा 1994 में छापा गया था। जो की एक रूपए का था। 

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