पुरस्कार कहानी का सारांश - Jaishankar prasad

कहानी - हिन्दी में गद्य लेखन की एक विधा है। 19 वीं सदी में गद्य में एक नई विधा का विकास हुआ जिसे कहानी के नाम से जाना जाता है। पुरस्कार कहानी के नायक का नाम वरुण हैं और नायिका का नाम मधुलिका है। दोनो एक दूसरे से बहुत प्रेम करते थे। यह कहानी त्याग और देश भक्ति को दर्शाती है।

पुरस्कार कहानी का सारांश 

पुरस्कार कहानी का केंद्रीय भाव यह कहानी प्रेम और संघर्ष की कहानी है। इस कहानी की नायिका मधुलिका है। वह अरुण नामक युवक के प्रेम में आसक्त है। साथ ही जन्मभूमि के प्रति भी उसमें अपार भक्ति है। अरुण उसके राज्य पर आक्रमण करना चाहता है। पर मधुलिका कर्तव्य की बलिवेदी पर, अपने प्रेम का बलिदान कर देती है तथा आक्रमण के पूर्व कौशल नरेश को खबर देकर अपनी मातृभूमि की रक्षा करती है। वह पुरस्कार के रूप में, मृत्युदंड मांगती है।

पुरस्कार कहानी जयशंकर प्रसाद पुरस्कार कहानी का सारांश

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