Time Management In Hindi

हेलो यारों कैसे हो आप आई होप आप सभी बहुत खुश होंगे यार पता ही नहीं चलता दिन कैसे बित गया, कितना कुछ सोचा था कितना कुछ करना था यार पता ही नहीं चला दिन कैसे बीत गया
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तो ऐसे ख्याल आपके भी दिमाग में आते होंगे ना तो इसी का हल लेकर मैं आज आपके लिए लेकर आया हूँ समय प्रबंधन की जानकारी को लेकर तो चलिए जानते हैं।
हे.. हे.. हे... हैलो 

जिसको ये नहीं पता चलता न की उसका टाइम कैसे बीत रहा है उसको ये भी पता नहीं चलता की उसकी लाईफ कैसे बीतती है, क्योकि हमारा हर दिन मिलता जाता है और हमारा लाईफ बना देता है। हमारा हर दिन कैसे बिट रहा है उसपे डिपेंड करता है की हमारी लाईफ कैसे बीते और यह हर दिन सबको एक जैसे मिलता है सभी के पास सेम टाईम है 24 घंटे हैं लेकिन डिफ़रेंस ये है की कौन कैसे अपने दिन को मैनेज करता है या कर रहा है। और अगर आप अपने दिनों को सहीं से प्लान करके मैनेज कर पाते हो तो कम टाईम पर ज्यादा अचीव कर पाते हो आपका स्ट्रेस रिड्यूस रहता है टाईम वेस्ट नहीं होता और आपको ज्यादा ओपर्चुनिटिस मिलता है तो इस पोस्ट में मैं आपसे अपनी फैमली के साथ यानी की आप सबके साथ शेयर करूंगा कुछ ऐसे टीप्स और हाउ टू प्लान युवर डे एफेक्टिवली। 

1. मेक अ टू डू लिस्ट


आपके पास हमेशा एक टू डू लिस्ट होनी चाहिए जो आपके नजर के सामने और जिगर के पास हो किसी भी लीडर या विनर या अचीवर या इफेक्टिव लोगों से पूछ कर देखो की आज के डे का क्या प्लान है उनके सामने उनका प्लान हमेशा रिटन में पता होता है प्री प्लाण्ड होता है की आज कब क्या करना है ? जब आप अपने टास्क को माईंड में रखते हो न तो अपने माईंड को स्ट्रैस में रखते हो, टेंसन में रखते हो याद रखना पड़ता है। कब क्या करना है, लेकिन आप अगर सब लिख लेते हो तो आप अपने माईन्ड को फ्री कर देते हो आप दिन के कंट्रोल में नहीं रहते, दिन आपके कंट्रोल में आ जाता है। फिर आगे इम्पॉर्टेंड काम न आपको डिस्ट्रैक नहीं करते जिसकी वजह से ऐसे... 

ओ सीड ! आज बील भरना था यार.... 

या फिर ऐसे.. 

आज फिर मीटिंग कैंसल हो गयी यार... 

ऐसे 

उसको बर्थडे भी वीस नहीं किया ..!

और फिर ऐसे 

यार मेरे काम न हमेशा लास्ट मूमेंट पर होते हैं !

 स्ट्रेस आपको नही बदलते और मैंने अपने काम से खुद भी यह महसूस किया है मेरे काम से ही मुझे फीडबैक मिला है की टू डू लीस्ट का यूज करने की वजह से दिन के 22 से 25% एफिशिएंसी बढ़ जाती है यानी दिन के 20-25% प्रोडक्टिविटी बढ़ जाती है। 
 मतलब नो प्लान नो चैन 

इस टू डू लिस्ट को बनाने का एक और फायदा है की हम अपने दिन के सबसे प्रोडक्टिव टाइम एंड नॉन प्रोडक्टिव टाइम के हिसाब से अपने दिन को प्लान कर सकते हैं, फॉर एक्जाम्पल आपको लगता है की सूबे का टाईम आपके लिए बहुत प्रोडक्टिव है एंड इवनिंग में बहुत डिस्ट्रैक्शन होती हैं तो वह टाइम इम्पोर्टेन्ट नहीं होता है तो आप इम्पोर्टेन्ट चीजों को सूबे के टाइम में प्लान कर सकते हो ऐसा करने से टाइम इधर उधर की चीजों में हवा नहीं होगा।

यार प्लान बनाने के लिए भी प्लान करना होगा सो दैट हमारा प्लान हमारे दिन के हिसाब से चले....

2. तो ये प्लान कब बनाना होगा ?

जब आप टू डू लिस्ट बनाये तब ये करें !

बेस्ट तो ये रहेगा की आपके अगले दिन का टू डू लिस्ट पिछले दिन रेडी होनी चाहिए।
एक अच्छी हैबिट तो ये रहेगी की आप रात को सोने से पहले अगले दिन की टू डू लिस्ट बनाओ इससे आपको नींद भी अच्छी आएगी क्योकि आपका माईन्ड रिलैक्स होगा फ्री होगा पता होगा कल क्या करना है सब ओर्गनइज्ड होगा एंड अगले दिन सूबे उठ के आप अपना फ्रेश दिमाग एक्शन्स में लगा पाओगे ना की ये सोचने में की आज क्या करना है और जितना हो सके ना टाईम को शेड्यूल करो की मुझे दिन में कब कब क्या क्या करना है इससे आपके माइंड में टेंशन कम रहेगी और आपको अपने दिन पर कंट्रोल नजर आएगा एन्ड इन केस आपके लिए पॉसिबल नहीं है की पिछली रात को अगले दिन को प्लान करना उस केस में सूबे उठ के आप लिए ये पहला काम होना चाहिए की आज कब क्या करना है।

3. एक टू डू लिस्ट कैसे बनाये ?


ये सिखने के लिए आपको सात राइटर्स को स्टडीज़ करना होगा चार वर्कशॉप अटेंड करने होंगे और लाखों रुपये खर्च करने होंगे  !!!

ओ ओ ओ आई एम् जस्ट जोकिंग ओके आपको इतने बुक्स पढ़ने की जरूरत नहीं है मैंने बहुत सारे राइटर्स को स्टडी किया है वीडियो देखें हैं आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं मैंने अपना एक्सपीरिएंस यहां शेयर किया है।
टू डू लिस्ट बनाने के कई मेथडस हैं जैसे -

ABC सिस्टम
अर्जेंट / इम्पोर्टेन्ट मैट्रिक्स
एक्शन / प्रायोरिटी मैट्रिक्स
परेटो सिस्टम
और इन्वेंट्री सिस्टम

लेकिन मैं आपसे कॉम्प्लेक्स मेथड शेयर करू और आप उनको यूज न कर पाओ तो इस पोस्ट का और आपके इस टाइम का कोई फायदा नहीं होगा।

तो मैं आपसे वो वाला मेथड शेयर कर रहा हूँ जो सबसे सिम्पल है ईजी टू यूज है टाइम मैनेज मेन्ट की डायरीज और मोबाइल एप्प्स में आपको कॉमन मिलेगा। और दमदार है।

और वह मेथड है एबीसी सिस्टम
हमारे टाइम मैनेजमेंट में गड़बड़ तब हो जाती है जब हम अपने अर्जेंट और इंपॉर्टेंट काम को मिस कर जाते हैं इसलिए जो भी काम हमने लिखी हैं जो भी टास्क बनाए हैं उनको तीन कैटेगरी में डिवाइस करना होगा और फिर उनको उनकी पैर प्रायोरिटी के हिसाब से उनकी एजेंसी उनकी प्रीकैरिटी उनके इंपॉर्टेंस उनके के बेनिफिट्स के हिसाब से उस काम को कंप्लीट करना होगा सो अब  एबीसी सिस्टम के हिसाब से हमारे लिस्ट की फर्स्ट कैटीग्री होनी चाहिए A जिसमें हमें ऐसे काम को रखना होगा जिसके कारण या तो हमें बहुत ज्यादा नुकशान हो सकता है या इसके कारण आने वाला समय में यह काम बहुत ज्यादा हो सकता है तो फिर इस काम को हम उदाहरण के हिसाब से समझे तो यहां पर जैसे बिल को पे करना या किसी चैप्टर को पढ़ना किसी स्टूडेंट के मामले में यदि पेपर कल हो तब इसको करना है और यह बहुत ही आवश्यक है।

तो इस प्रकार से हमें बहुत ही ज्यादा आवश्यक काम को A कैटेग्री में रखना है।

अब बात आती है B कैटेगरी की तो इसमें हमें ऐसे काम को रखना है जो आपके हर रोज के लाईफ में शामिल हैं या ये वो काम हैं जिन्हें आप रोज अपने प्रिऑरिटीज के हिसाब से करने होते है तो ऐसे में अगर उदाहरण के माध्यम से आपको बताऊ तो यह काम इस प्रकार से हो सकता है जैसे-

स्टूडेंट के लिए डेली का पढ़ना और जॉब के लिए जॉब करने जाना यह सब इस कैटिगरी में आएगा। जो आप हर रोज करते हैं।

अब बात करें कैटेगरी C की तो इसके अंदर ऐसे काम हो सकते हैं जो न तो आपके लिए जरूरी है और न ही आपके लिए उतना ज्यादा महत्व रखता है तो इस समय आप अपनी हॉबी को रख सकते हैं या आपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए की जाने वाली स्टडी को रख सकते हैं। जैसे की हमें गेम खेलना है या किसी प्रकार का काम जैसे रेफ्रिजररेटर बनाना है तो इसकी आवश्यकता आपको गर्मी में पड़ने वाली है तो इसे आप C कैटेगरी में रख सकते हैं क्योकि इसकी जरूरत हमें अभी नहीं है।

ऐसा करने से क्या होगा ? आप अच्छे ऐसे काम करते हैं तो आपके A  और B टास्क अच्छे से होंगे मोटिवेटेड रहेंगे क्योकि इस प्रकार के काम से आप में कोई प्रकार का टेंसन नहीं होता है। लेकिन जैसे आप इस काम को नहीं करते हैं तो हो सकता है यह आगे चलकर आपके लिए आवश्यक हो जाए।

ऐसे ही आप अपने सभी काम को उनके इम्पोर्टेन्ट के हिसाब से तीन केटेगरी में बाँट लो और जब भी कोई इम्पोर्टेन्ट काम आ जाए तब आप इस लिस्ट को एक बार देखें और फिर उस काम को करें।

जैसे ही आपका दिन शुरू हो आप सबसे पहले अपने A केटेगरी के काम पर फोकस करें फिर B केटेगरी के काम पर फिर देन C केटेगरी के काम पर। ऐसे में आप अगर कोई एप्पल का फोन यूज करते हैं तो रिमाइंडर का या कलेंडर का यूज कर सकते हैं।

या फिर आप अगर एंड्रॉइड फोन का यूज करते हैं तो आप अपने लिए उसमें टू डू लिस्ट बना सकते हैं। या इन एप्स को डाउनलोड कर सकते हैं। गूगल किप एनी डु अंडर लिस्ट आदि ऐसे ऐप यूज कर सकते हैं जिसमें अलार्म सेट किया जा सकता है।

अब काम हो गया पुरा सारा समय हो जाएगा मैनेज नहीं नहीं। ...

अभी और काम बांकी है पर्याप्त मार्जिन और ब्रेक रखें

शुरू-शुरू में क्या होता है हम अपने काम को बहुत ज्यादा प्लान कर लेते हैं और सोचते हैं की यह काम नहीं कर रहा है तो हमें ये नहीं करने हैं हमें अपने लिस्ट को इतना ज्यादा मुश्किल भरा नहीं रखना है की इससे हमें ऊबन होने लगे।

कई बार कोई अमेजेंसी आ सकता कोई काम लम्बा खींच सकता है या कोई गलती हो सकती है जिसके कारण काम नहीं हो सकता है।

तो इस कारण से हमें अपने दिन में कुछ मार्जिन लेकर कुछ ब्रेक लेकर चलना पड़ेगा और पर्याप्त समय बचाकर चलना पड़ेगा।

और वो टाइम बच गया तो वो होगा आपका बोनस टाइम मैं आपके लिए इस पोस्ट में कहीं आपको हर समय व्यस्त रहने को नहीं कह रहा की आप हर समय व्यस्त रहो। आपको मैं ये कह रहा हूँ की आप अपने समय को बेहतर ढंग से समय के साथ उपयोग कर सकते हैं।

यह बोनस समय वो हो सकता है जिसमें आप कोई भी काम कर सकते हैं और आपको अपने हिसाब से ही मैनेज करके चलना होता है तो आपको मैं बता दूँ। हमारा जो पर्शनल लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ है वह दोनों जरूरी होता है अगर आप समय के हिसाब से अपने आप को मैनेज करके चलोगे तो यह आपके लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

अगर ऐसे मैनेज करके चलोगे तो दोनों तरफ ध्यान दे पाओगे। नेक्स्ट

4. अपने आप का मूल्यांकन करें

किसी भी चिक को करने के लिए अपने चेक करते रहना चाहिए। अपने टाइम मेनेजमेंट को भी सहीं तरिके से करने के लिए डे लोग बनाओ और देखो की क्या सहीं चल रहा है और क्या सहीं किया जा सकता है।

डे लोग मतलब अपने लिस्ट को मूल्यांकन करना देखना कभी कभी अपने टू डू लिस्ट को रात को देखें और सोचे क्या सभी काम हो रहें हैं। क्या हर काम समय से हो रहा है यह चेक करना है। यदि नहीं हो रहा है तो उसे मैनेज करके चलना है। अगर कोई काम नहीं हो रहा है तो देखें की कोई काम बहुत ज्यादा हैवी तो नहीं हो गया उसे समझने की कोशिश करें उसे हल करने का प्रयास करें।

उसमें किसी ऐसे काम को देखने की कोशिश करने जिसे आप छोड़ सकते हैं और आपका टाइम बच सकता है जिसम आपके करने या ना करने पर आपको ज्यादा नुक्सान न हो या कोई नुकसान न हो।

जैसे की आप सूबे उठते हैं सोशल मिडिया जैसे फेसबुक इंस्टाग्राम चलाते हैं तो इसमें आपके 25 से 30 मिनट यूँ ही निकल जाते हैं।

जब आप अपने लिए Day Log बना पाएंगे तो आप अपने लिए सोच पाएंगे की क्या आपने करना है और किसमें आपका जो समय है वह बच रहा है।

इससे आपको बहुत फायदा मिलेगा जैसे इस काम को मैं बाद में करूँ या फिर रुक के करूं। ऐसे तो आपको कभी कभी अपने लिए डे लॉग बनाते रहना चाहिए। और आखरी पॉइंट है आपके लिए।

5. इसे एक आदत बनाओ

जैसे की आप किसी काम को करते जाते हैं। करते जाते हैं तो वह हमारे लिए आसान हो जाता है और उसका अभ्यास हमें हो जाता है उस काम में हम Expert हो जाते हैं और फिर हमें सरल लगने लगता है।

इसी प्रकार आप हर रोज यदि टू डु लॉग बनाते जायेंगे तो यह आपके लिए और भी ज्यादा सरल हो जायेगा और एक समय ऐसा आएगा की आप उस काम में परफेक्ट हो जायेंगे।

अभी तक मैंने जितनी बातें आपसे की हैं उसका सारांश मैं आपको बता देता हूँ क्या है पूरा काम जिसको आपको याद रखना है और उसके हिसाब से आप अपना दिन का हो या रात का पूरा समय बिता सकते हैं। मैं कहूंगा एक सफलता भरी जीवन आपको जीना चाहिए।

6. सारांश

१. आपको अपना प्लान हो सके तो लिखित में हीं बनाना चाहिए।
2. जब भी आप प्लान बनाये तो कोशिश करें की उसे आप अगले दिन पहले रात हो ही बना लें।
3. आपने जो प्लान बनाया है उसको महत्व देते हुए ABC कैटेगरी में बांटे और टेक्नोलॉजी का प्रयोग रिमाइंडर के रूप में करें।
4. लिस्ट को छोटा और उसमें छोटा छोटा ब्रेक भी रखें।
5. अपने आप को अपने से पूछे क्या मैंने जो लिस्ट बनाया है उसके हिसाब से वर्क क्र पा रहा हूँ।
6. इसको एक आदत बना लें फिर देखें कैसे आपका लाइफ परिवर्तित हो जाएगा।

यह सब एक यूटूबर के स्पीच को मैंने कलेक्ट करके लिखा है चाहें तो आप उसका वीडियो देख सकते हैं यह वीडिया है Him-eesh Madaan का जिसे आप देखकर और आसानी से समझ सकते हैं।
Himesh Madan ek entrepreneur hai aur YouTube par video dalte Hain vahan jyadatar gyanvardhak hote Hain.

आपका दिन शुभ हो धन्यवाद !