क्वेस्चनिंग कैसे करें (Questioning in English) मैंने लिखा जरूर है लेकिन मैं यहां पर अपने सवालों में खुद को घिरा हुआ पा रहा हूँ।
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ये लाइन मैं बाद में लिख रहा हूँ मुझे नहीं पता आप इस पुरे पोस्ट को पढ़कर क्या रिएक्ट करोगे बस यहां पर मेरे मन में जो बात चल रही थी उसी को लिखा है। आपको लगता है की इसी तरह के बात आपके दिमाग में भी चलते रहते हैं तो आप भी मेरे को कमेंट करके बताएं यार आज मैं सच में दुखी क्यों हूँ? मुझे खुद नहीं पता ये बस मेरे ख्यालात हैं। इससे मेरे जीवन का कोई संबंध तो हैं लेकिन उतने नहीं जितना मैं मानता हूँ।

आज मैं, न जाने फिर से क्यों उदास हूँ ?

क्या बात है? जो मेरे मन को इतना दुखा रहा है ! न किसी से कह पा रहा है और न ही खुद सम्हल पा रहा है , मैं क्या करूं ?

मुझे ऐसा क्यों लगता है ? मेरा कोई नहीं, मैं इस दुनिया में अपने आप को क्यों अकेला महसूस कर रहा हूँ ?

क्या होगा मेरा ? क्या मैं अपने मन का, अपने सपनों का जीवन जी पाउँगा ? क्या ऐसे सवालों के कारण मेरा मन उदास है ? मुझे नहीं पता ऐसा कैसे हो जाता है।

मुझे ब्लॉग्गिंग अच्छा लगता है। लेकिन जो मेरे संबंधी हैं, उन्हें मेरा यह काम अच्छा नहीं लगता।

लेकिन सच बात कहूँ, मेरे को ऐसे काम बिलकुल भी अच्छे नहीं लगते हैं , जो मुझे पसंद नहीं।

ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए? जब आपको कोई रास्ते नजर नहिं आते हैं।

मेरा मानना है की अगर हम अपने जीवन में अपने हिसाब से कुछ नहीं कर पाते हैं अपनी मर्जी से जिंदगी जी नहीं पाते तो उसका कोई मतलब नहीं है।

फिर भी मन में उलझन इस बात की क्यों है? की क्या मैं जो करना चाहता हूँ ? उससे वे लोग भी खुश होंगें जिनको मैं खुद करना चाहता हूँ ?

या मैं उन लोगों के हिसाब से अपनी जिंदगी जीने लगूँ ? मेरा मन तुरंत जवाब देता है नहीं।

तो फिर मुझे सच में वहीं करना चाहिए जो मेरा करने का मन है। इसके पक्ष में मेरा दिमाग क्या तर्क देता है ?
अपने जीवन को अपने हिसाब से जीने वाला ही सच्चा जीवन जीता है। और जो अपनी इच्छाओं को मार कर जीता है, वह मरे के समान है उसके जीने का कोई मतलब नहीं है मेरे हिसाब से।

तो चाहे लोगों को मेरे इस प्रकार अपने ब्लॉग्गिंग को लेकर करियर बनाने की सोच पर चाहे हसीं आये या वे दुखी हों मुझे कोई मतलब नहीं लेकिन मैं इतना मानता हूँ की आप यदि सफल हो जाते है तब लोगों को आपके ऊपर भरोसा होता है।

लोगों को मुझ पर भरोसा नहीं है मैं अपना सपना पूरा करने के लिए अपने आप को किसी भी हद तक ले जा सकता हूँ।

चाहे लोग मुझसे दुखी हों या नाराज हों मुझे कोई मतलब नहीं रखना है जब तक की मेरे सपने पुरे न हों।

आखिर में वे लोग मेरे तरफ हो जाएंगे क्योकि सफलता मैं मनता हूँ की सफल इंसान को हर कोई पसंद करता और असफल इंसान को हर कोई अपने से दूर रखना चाहता है।

तो मुझे सफल होना है चाहे जो मुझसे नाराज हो या मुझसे खुश हो मुझे कोई मतलब नहीं रखना है आपको जीवन में वहीं करना चाहिए जो आपको आपका मन कहता है। मुझे किसी से कोई मतलब ही नहीं रखना है जितना ज्यादा इम्पोर्टेन्ट मैं आपने जिंदगी को मनता हूँ उतना ही ज्यादा इम्पोर्टेन्ट मैं अपने जीवन में नाम कमाने को मनता हूँ।

क्योकि धन कमाना तो सभी चाहते है और कमाते भी है लेकिन मेरे हिसाब से सहीं मायने में वहीं व्यक्ति अपना जीवन सच्चे मन से जीता है। जो नाम कमा लेता है मैंने शुरू से अब तक सिर्फ और सिर्फ नाम कमाने को महत्व दिया है धन को नहीं क्योकि मुझे लगता है की अगर धन हमारे जीवन को सुख पहुंचाने के जगह दुःख पहुंचाने लगे तो उसका कोई मतलब नहीं है।

उसी धन के कारण यदि लोगों में अपनों में लड़ाई होने लगे तो उस धन का कोई मतलब नहीं है।

यार फिर ऐसा क्यों है की मैं जब दुखी होता हूँ तो मैं चाहता हूँ की वह मेरे अपने मुझे मनाये और वे भी दुखी रहें।

जो भी हो आखिर मैं उन लोगों से प्रभावित क्यों हो रहा हूँ। मुझे अपने हिसाब से ही जीना है मुझे खुशी तभी मिलेगी जब मैं अपने हिसाब से जीवन जीऊंगा।