ओजोन परत क्या है - what is ozone layer

ओजोन एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला अणु है जो तीन ऑक्सीजन परमाणुओं से बना होता है। इसका रासायनिक सूत्र O3 है। ओजोन शब्द ग्रीक शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है सूंघना होता हैं। इसमे तेज गंध पाई जाती है। 

ओजोन पृथ्वी के वायुमंडल के विभिन्न स्तरों में पाई जाती है। वायुमंडल में लगभग 90% ओजोन पृथ्वी की सतह से 15 से 30 किलोमीटर के बीच में पाई जाती है। यह सूर्य से सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

ओजोन परत क्या है

ओजोन परत ओजोन की उच्च सांद्रता के लिए सामान्य शब्द है जो पृथ्वी की सतह से लगभग 15-30 किमी ऊपर समताप मंडल में पाई जाती है। यह पूरे ग्रह को कवर करता है और सूर्य से हानिकारक पराबैंगनी-बी विकिरण को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करता है।

ओजोन परत क्या है - what is ozone layer

यूवी-बी विकिरण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से त्वचा कैंसर, आनुवंशिक क्षति और मनुष्यों और जानवरों में प्रतिरक्षा प्रणाली का दमन होता है।

मानव गतिविधियों से वातावरण में क्लोरीन और ब्रोमीन परमाणु युक्त रसायन छोड़े जाते हैं। ये रसायन मौसम की स्थितियों के साथ मिलकर ओजोन के अणु को नष्ट करते हैं। ओजोन परत का क्षरण विश्व स्तर पर होता है, हालांकि, अंटार्कटिक के ऊपर ओजोन परत की कमी को ओजोन छिद्र कहा जाता है।

ओजोन परत कहाँ पाई जाती है

ओजोन पृथ्वी की सतह से लगभग 9 से 18 मील अर्थात 15 से 30 किमी की ऊपर समताप मंडल में पाया जाता है। ओजोन एक अणु है जिसमें तीन ऑक्सीजन परमाणु होते हैं। हर समय, समताप मंडल में ओजोन अणु लगातार बनते और नष्ट होते रहते हैं। दशकों के दौरान कुल राशि अपेक्षाकृत स्थिर रही है। 

ओजोन परत सूरज के हानिकारक विकिरण से पृथ्वी के जीवन की रक्षा करता है, लेकिन मानवीय गतिविधियों ने इस ढाल को नुकसान पहुंचाया है। पराबैंगनी (यूवी) विकिरण समय के साथ, फसलों को नुकसान पहुंचाता हैं। साथ ही त्वचा कैंसर और मोतियाबिंद दर को बढ़ावा देता हैं।

ओजोन परत की खोज किसने की थी

ओजोन की परत की खोज 1913 में फैबरी चार्ल्स और हेनरी बुसोन ने की थी। इनसे पहले भी वैज्ञानिकों ने जब सूर्य से आने वाले प्रकाश का अध्ययन किया तो पाया कि पृथ्वी तक रेडियेशन नहीं आ रहा था। वैज्ञानिकों ने इससे यह निष्कर्ष निकाला कि कोई ना कोई तत्व आवश्य पराबैगनी किरणों को सोख रहा है।

वह ओजोन से मैच कर गया, जिससे वैज्ञानिक जान गए कि पृथ्वी के वायुमंडल में ओजोन ही वह तत्व है जो कि पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर रहा है।

इसके गुणों का विस्तार से अध्ययन एम बी डोबसन ने किया था। उन्होने एक सरल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर विकसित किया था जो स्ट्रेटोस्फेरिक ओजोन को भूतल से माप सकता था।

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