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गेज कितने प्रकार के होते हैं - gauge Kya Hai in Hindi

Chapter 6.7 - गेज और उसके प्रकार

गेज एक प्रकार का डीजल मैकेनिक द्धारा प्रयोग में लाया जाने वाला नापने वाला औजार है जिसका उपयोग मैकेनिक के द्धारा किसी ऐसे खांचे को नापने के लिए किया जाता है जिसको वर्नियर कैलिपर्स या अन्य कैलिपर्स के माध्यम से नहीं नापा जा सकता है। तो यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण औजार है जिसका उपयोग हम डीजल मैकेनिक कोर्स के अंतर्गत करते हैं।

गेज क्या है - What is Gauge

जैसे की आपको पता है की किसी भी मैकेनिकल वर्क करने के लिए हमारे पास उचित औजार का होना आवश्यक होता है और इन्ही औजारों के माध्यम से ही हम अपने कार्य को पूरा कर पाते है जैसे की मैंने इस पोस्ट से पहले और भी कई सारे औजार के बारे में जानकारी दी है जो की इस कोर्स में हमारे द्वारा पढ़े जाते हैं अगर आप डीजल मैकेनिक बनना चाहते हैं तो आपको पुरे औजार के बारे में बेसिक जानकारी होना आवश्यक है नहीं तो आप अपना काम करने में असफल हो जाते हैं। 

गेज मशीन - Gauge machine

डीजल इंजन में मरम्मत व निर्माण का काम करते समय विभिन्न प्रकार के गेजों का प्रयोग किया जाता है। यह ऐसे मापक उपकरण होते हैं। जिनसे किसी पार्ट की तुलनात्मक जांच करते हैं। इसके अतिरिक्त अधिक उत्पादन के साथ परिशुद्धता की गुण प्राप्त करने पर समय की बचत होती है। ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में प्रायः निम्नलिखित गेजों का प्रयोग किया जाता है। 

गेज के प्रकार - Types of Gauge

  1. स्क्रू पिच गेज (Screw Pitch Gauge)
  2. वायर गेज (Wire Gauge)
  3. रेडियस गेज (Radius Gauge)
  4. फिलर गेज (Filler Gauge)
  5. सिलेंडर गेज (Cylinder Gauge)
  6. लिमिट गेज (Limit Gauge)

1. स्क्रू पिच गेज - इंजन व गाड़ियों के सभी भाग नट तथा बोल्टो के द्धारा आपस में एक दूसरे से जुड़े रहते हैं। इन भागों में पकड़ के अनुसार उनके बाहर या अंदर कटी चूड़ियों का चयन किया जाता है इस प्रकार सभी जगह एक जैसी चूड़ियों के नट तथा बोल्ट प्रयोग नहीं किये जाते हैं। नट या बोल्ट में एक इंच में कितनी चुडिया कटी है यह ज्ञात करने के लिए गेज का प्रयोग किया जाता है। यह छोटी चाकू जैसी होती है।

जिसमें कई ब्लेड लगे रहते हैं। जिनमें अलग-अलग नाप व संख्या के खांचे कटे होते हैं। स्क्रू पेंच गेज के द्धारा ही नट या बोल्ट की चूड़ियां की लेंथ पर या लम्बाई पर इंच ज्ञात की जाती है। इसी के अनुसार हमें पता लगता है की इसमें किस प्रकार चूड़ियां कटी हुई हैं। 

2. वायर गेज  - वायर गेज का प्रयोग सभी प्रकार के तारों तथा चददरों की मोटाई ज्ञात करने के लिए किया जाता है। वायर गेज गोल या आयताकार स्टील प्लेट का बना होता है। इसमें अलग-अलग नाप की झर्रियां कटी होती हैं। और उनके सिरों पर छेड़ बना होता है। इन झिर्री तथा छेदों पर उसकी नाप नंबर के रूप में अंकित रहती है। ये नंबर S.W.G.C स्टैंडर्ड वायर गेज कहलाते हैं। 

3. रेडियस गेज - इसके द्धारा किसी जॉब के छोर पर बनी कॉनकीव या कॉन्बॉक्स आकृति को मापा जाता है। इसे फिलेट गेज के नाम से भी जाना जाता है। रेडियस गेज के एक सेट में एक ही रेंज के पत्तिया लगी रहती हैं। अगर बात करें मीट्रिक रेडियस गेज की तो यह निम्न रेज में होती है 

1 से 7 MM-0.5 MM स्टेपो में 
7.5 से 15.MM - 0.5MM स्टेपों में 
15.5 से 25 MM-0.5MM स्टेपो में। 

4. फिलर गेज - छोटे गेप या क्लियरेंस नापने के लिए इस प्रकार के गेज का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के गेज का सबसे ज्यादा प्रयोग इसी क्षेत्र में होता है यानी की ऑटोमोबाइल में होता है। इसके बनावट की बात करें तो यह चाकू के समान होता है और इसमें कई पत्तियाँ लगी होती हैं। जैसे मैंने पहले भी कहा है इन पत्तियों की मोटाई अलग अलग होती है जिससे विभिन्न नाप की या मोटाई के गेज का प्रयोग वभिन्न जगहों पर किया जा सकता है।

Filler Gauge

5. सिलेंडर गेज - जैसे की इसका नाम है उसी के समान इसका काम भी है इस प्रकार के गेज का प्रयोग गाडियोंमें लगे सिलेंडर के के घिसावट का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके आकार की बाती करें तो यह एक छोटी घड़ी के आकार का होता है और इसके साथ एक छड़ तथा दबने वाला पिन लगा होता है। इसे डायल टैस्ट इंडिकेटर भी कहते हैं।

6. लिमिट गेज - जहां अधिक उत्पादन होता है। वहां बनने वाले पार्ट्स का विनिमय शीलता को निर्धारित सीमाओं में बनाकर इन गेजों के द्वारा उन पार्ट्स की लिमिट गेज द्धारा जांच की जाती हैं।

इस प्रकार यहाँ हमने जाना  - गेज के प्रकारों के बारे में और उनकी बनावट के बारे में साथ की कुछ कुछ गेजों के उपयोगिता के बारे में भी हमने इस पोस्ट में पढ़ा आपको कैसे लगी मेरे साथ जरूर शेयर करें।  


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