Gauge Measurement tool for Diesel Mechanic course in Hindi


डीजल मैकेनिक पाठ्यक्रम के लिए गेज माप उपकरण

गेज एक प्रकार का डीजल मैकेनिक द्धारा प्रयोग में लाया जाने वाला नापने वाला औजार है जिसका उपयोग मैकेनिक के द्धारा किसी ऐसे खांचे को नापने के लिए किया जाता है जिसको वर्नियर कैलिपर्स या अन्य कैलिपर्स के माध्यम से नहीं नापा जा सकता है। तो यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण औजार है जिसका उपयोग हम डीजल मैकेनिक कोर्स के अंतर्गत करते हैं। 

What are mechanical gauges?(मैकेनिकल गेज क्या हैं?)

जैसे की आपको पता है की किसी भी मैकेनिकल वर्क करने के लिए हमारे पास उचित औजार का होना आवश्यक होता है और इन्ही औजारों के माध्यम से ही हम अपने कार्य को पूरा कर पाते है जैसे की मैंने इस पोस्ट से पहले और भी कई सारे औजार के बारे में जानकारी दी है जो की इस कोर्स में हमारे द्वारा पढ़े जाते हैं अगर आप डीजल मैकेनिक बनना चाहते हैं तो आपको पुरे औजार के बारे में बेसिक जानकारी होना आवश्यक है नहीं तो आप अपना काम करने में असफल हो जाते हैं। 
डीजल इंजन में मरम्मत व निर्माण का काम करते समय विभिन्न प्रकार के गेजों का प्रयोग किया जाता है। यह ऐसे मापक उपकरण होते हैं। जिनसे किसी पार्ट की तुलनात्मक जांच करते हैं। इसके अतिरिक्त अधिक उत्पादन के साथ परिशुद्धता की गुण प्राप्त करने पर समय की बचत होती है। ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में प्रायः निम्नलिखित गेजों का प्रयोग किया जाता है। 

Types of gauge:-
  1. स्क्रू पिच गेज 
  2. वायर गेज रेडियस गेज 
  3. रेडियस गेज 
  4. फिलर गेज 
  5. सिलेंडर गेज 
  6. लिमिट गेज 
1. स्क्रू पिच गेज :- इंजन व गाड़ियों के सभी भाग नट तथा बोल्टो के द्धारा आपस में एक दूसरे से जुड़े रहते हैं। इन भागों में पकड़ के अनुसार उनके बाहर या अंदर कटी चूड़ियों का चयन किया जाता है इस प्रकार सभी जगह एक जैसी चूड़ियों के नट तथा बोल्ट प्रयोग नहीं किये जाते हैं। नट या बोल्ट में एक इंच में कितनी चुडिया कटी है यह ज्ञात करने के लिए गेज का प्रयोग किया जाता है। यह छोटी चाकू जैसी होती है। जिसमें कई ब्लेड लगे रहते हैं। जिनमें अलग-अलग नाप व संख्या के खांचे कटे होते हैं। स्क्रू पेंच गेज के द्धारा ही नट या बोल्ट की चूड़ियां की लेंथ पर या लम्बाई पर इंच ज्ञात की जाती है। इसी के अनुसार हमें पता लगता है की इसमें किस प्रकार चूड़ियां कटी हुई हैं। 

2. वायर गेज(Wire Gauge):- वायर गेज का प्रयोग सभी प्रकार के तारों तथा चददरों की मोटाई ज्ञात करने के लिए किया जाता है। वायर गेज गोल या आयताकार स्टील प्लेट का बना होता है। इसमें अलग-अलग नाप की झर्रियां कटी होती हैं। और उनके सिरों पर छेड़ बना होता है। इन झिर्री तथा छेदों पर उसकी नाप नंबर के रूप में अंकित रहती है। ये नंबर S.W.G.C स्टैंडर्ड वायर गेज कहलाते हैं। 

3. रेडियस गेज (REDIUS GAUGES):- इसके द्धारा किसी जॉब के छोर पर बनी कॉनकीव या कॉन्बॉक्स आकृति को मापा जाता है। इसे फिलेट गेज के नाम से भी जाना जाता है। रेडियस गेज के एक सेट में एक ही रेंज के पत्तिया लगी रहती हैं। अगर बात करें मीट्रिक रेडियस गेज की तो यह निम्न रेज में होती है :-

1 से 7 MM-0.5 MM स्टेपो में 
7.5 से 15.MM - 0.5MM स्टेपों में 
15.5 से 25MM-0.5MM स्टेपो में। 

4. फिलर गेज :- छोटे गेप या क्लियरेंस नापने के लिए इस प्रकार के गेज का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के गेज का सबसे ज्यादा प्रयोग इसी क्षेत्र में होता है यानी की ऑटोमोबाइल में होता है। इसके बनावट की बात करें तो यह चाकू के समान होता है और इसमें कई पत्तियाँ लगी होती हैं। जैसे मैंने पहले भी कहा है इन पत्तियों की मोटाई अलग अलग होती है जिससे विभिन्न नाप की या मोटाई के गेज का प्रयोग वभिन्न जगहों पर किया जा सकता है।

Filler Gauge

5. सिलेंडर गेज :- जैसे की इसका नाम है उसी के समान इसका काम भी है इस प्रकार के गेज का प्रयोग गाडियोंमें लगे सिलेंडर के के घिसावट का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसके आकार की बाती करें तो यह एक छोटी घड़ी के आकार का होता है और इसके साथ एक छड़ तथा दबने वाला पिन लगा होता है। इसे डायल टैस्ट इंडिकेटर भी कहते हैं।

6. लिमिट गेज :- जहां अधिक उत्पादन होता है। वहां बनने वाले पार्ट्स का विनिमय शीलता को निर्धारित सीमाओं में बनाकर इन गेजों के द्वारा उन पार्ट्स की लिमिट गेज द्धारा जांच की जाती हैं।

इस प्रकार यहाँ हमने जाना 

गेज के प्रकारों के बारे में और उनकी बनावट के बारे में साथ की कुछ कुछ गेजों के उपयोगिता के बारे में भी हमने इस पोस्ट में पढ़ा आपको कैसे लगी मेरे साथ जरूर शेयर करें।  

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