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सांकेतिक भाषा क्या है - Sign Languages

आशा करता हूं कि आप सभी अच्छे होंगे आज मैं international day of sign language in Hindi के बारे में पोस्ट लिखा है जिसमें मैंने आपको बताया है sign language क्या है?, इस sign languages का विकास भारत में कैस हुआ।


सांकेतिक भाषा क्या है

International Day of Sign Languages इससे पूरे विश्व में 23 सितंबर को मनाया जाता है यह दिन उन लोगों या व्यक्तियों के लिए समर्पित है जो की बोल व सुन नहीं सकते हैं। तथा शारीरिक रूप से अपंग है उन लोगों के लिए इस दिन को समर्पित किया गया है।



यहां पर मैं भारत में प्रयोग किए जाने वाले सांकेतिक भाषा के बारे में थोड़ी सी जानकारी आपको दे दूं-
  1. भारत में सांकेतिक भाषा को सिखाने के लिए 2001 तक कोई औपचारिक कक्षाएं प्रारंभ नहीं की गई थी।
  2. 2003 में की गई गणना के अनुसार लगभग 100 हजार गूंगे और बहरे लोगों के द्वारा संकेतिक भाषा का उपयोग किया  जाता था।
  3. भारत की जो सांकेतिक भाषा है वह पाकिस्तान के सांकेतिक भाषा के समान ही है अर्थात दोनों indo-pak sign language के नाम से जाने जाते हैं।
  4. जिस प्रकार ब्रिटिश साइन लैंग्वेज ISL में हाथों का उपयोग किया जाता है उसी प्रकार भारतीय सांकेतिक भाषा में भी हाथों का ही प्रयोग किया जाता है।
  5. Bhartiya sign language का संबंध नेपाली भाषा से है।
  6. भारतीय भाषा को NCERT ने सन 2006 में शामिल किया और यह भाषा अन्यत्र की भाषा के तरह ही संचार का एक और माध्यम हैं। NCERT ने इसे तृतीय व वर्ग पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया था।
  7. 2008 में भारतीय सांकेतिक भाषा के उपयोगकर्ता लगभग 1.5 million थे।
  8. Ali Yavar Jung National Institute of Speech & Hearing Disabilities (Divyangjan), Mumbai के द्वारा ISL की स्थापना की गई और यहां इसके लिए एक डिप्लोमा कोर्स भी चालू किया गया।

इस बार 2019 में ISDL ने पूरे 1 हफ्ते को international day of sign language के रूप में मनाने का फैसला किया है जिसके सभी दिनों के अलग अलग theme हैं जो कि इस प्रकार हैं Hindi me -
सोमवार, 23 सितंबर - "सभी के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार!"
मंगलवार, 24 सितंबर - "सभी बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
बुधवार, 25 सितंबर - "वरिष्ठ नागरिकों के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
गुरुवार, 26 सितंबर - "सांकेतिक भाषा अधिकार बधिर लोगों और बधिरों विकलांग लोगों के लिए।"
शुक्रवार, 27 सितंबर - "बधिर महिलाओं के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
शनिवार, 28 सितंबर - "बहरे LGBTQ + के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"
रविवार, 29 सितंबर - "बधिर शरणार्थियों के लिए सांकेतिक भाषा अधिकार"

 Interesting fact sign languages in Hindi

  1. Sign language और body language में ज्यादा अंतर नहीं होता है।
  2. 23 सितम्बर को ही इसे मनाने का कारण WFD है क्योंकि इसी दिन इसकी स्थापना की गयी थी। 
  3. अभी भी यहां स्पष्ट नहीं हो सका है कि सांकेतिक भाषा दुनिया भर में कितने प्रकार के हैं।
प्रत्येक जगह की या देश की अपनी मूल सांकेतिक भाषा होती है जो कि अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
  1. सांकेतिक भाषा उतने अधिक प्रचलित नहीं हैं लेकिन फिर भी कई ऐसे संकेतिक भाषाएं हैं जिन्होंने मान्यता प्राप्त कर ली है।
  2. 19वीं शताब्दी में ऐतिहासिक संकेतिक भाषा का विकास अल्फाबेटिक भाषा को देखकर किया गया था।
  3. Pedro poas D. Leon (1520-1584) ने पहले सांकेतिक भाषा की manual वर्णमाला विकसित की थी।
Conclusion
आज 23 सितंबर 2019 को आप सभी को विश्व संकेतिक भाषा दिवस हार्दिक शुभकामनाएं।
इस भाषा का उपयोग सामान्य लोग भी करते हैं अन्य मुख बधिर गुंगे लोगों से बात करने के लिए तो इसे और ज्यादा फैलाए अपने दोस्तों के साथ साइन ऑफ लव थैंक यू।

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