प्रदूषण पर निबंध - Hindi Grammar

निबंध लिखने से पूर्व  उसका रूप रेखा लिखा जाता है, इससे पाठक को आसानी होती है की निबंध में क्या क्या सामग्री है। इस पद्धति को अपनाने से जरूर आपको हिंदी में अच्छे नंबर मिलेंगे। प्रदूषण पर निबंध कैसे लिखे।

Pollution essay in Hindi

रूप-रेखा - प्रस्तावना, प्रदूषण क्या है , प्रदूषण के कारण , प्रदूषण के प्रकार , प्रदूषण सुधार के उपाय

प्रस्तावना - विज्ञान के इस युग में हमें कई लाभ मिला है वही हानि भी हुआ है , इसके कारन प्रदूषण (Pollution) की समस्या उत्त्पन्न हो गया है, जिससे की हमारे दैनिक जीवन में कई समस्याएं उत्त्पन्न हुआ है, यदि इस पर विचार नहीं किया गया तो आगे जाकर गंभीर समस्यायों का सामना करना होगा।

प्रदूषण क्या है 

हवा, पानी और जल पर किसी प्रकार से दुसित होना ही प्रदूषण (Pollution )कहलाता है , जिसका जीवो पर प्रत्यक्ष रूप से प्रभावपड़ता है।

प्रदूषण के कारण 

इसका मुख्या कारण है कारखानों से निकालने वाले धुएं और दुसित पानी जो हवा और पानी को बहुत प्रभावित करते है , इसके आलावा वहां से निकलने वाले धुएं और और कए कतनासक भी प्रदूषण (Pollution ) के कारण है। इसके आलावा पेड़ो को काटने से पर्यावण असंतुलित होता है जसके कारन बाढ़ जैसे प्राकृतिक विपदा आती है।

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प्रदूषण के प्रकार 

1. वायु प्रदूषण (Pollution ) - यह प्रदूषण ज्यादातर निकलने वाले धुएं से अलावा मोटर गाड़ी से है। वायु प्रदूषण हमारे वातावरण के लिए बहुत खतरनाक होता है ये सभी प्रकार के धुएं में कार्बन डाई आक्साइड होता है जो वातावरण को गर्म करता है जिससे की कई प्रकार की समस्या उत्पन्न होता है इसे रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है।

2 . जल प्रदूषण (Pollution )- कहा जाता है जल हि जीवन है लेकिन हम जाने अनजाने में जल को गन्दा कर रहे है कारखाना से निकने वाला पड़उसित पानी हमारे नदी नालो को दुसित कर रहे है और और हम नदी में न जाने कितने कचड़े फैक देते है जिससे की कई बैक्टीरिया जल में पनप जाते है और हमारे सरीर पर बीमारी को जन्म है।

3 . ध्वनि प्रदूषण - आज कल कई प्रकार की कारखाने से निकलने वाले ध्वनि से और बड़े शहरो में वहां की अधिकता से ध्वनि प्रदूषण की समस्या बढ़ी है। जिससे की मानव सरीर पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके उपाय के लिए कारखानों को शहरो से दूर होना चाहिए और वहां का काम उपयोग करना होगा।

प्रदूषण सुधार के उपाय 

प्रदूषण को रोकना हमरी जिम्मेदारी है इसे अगर गंभीरता से नहीं लिया गया तो आगे जाकर और खतरनाक होगा अभी हमारे सामने इसके कारन कई परेशानी उत्पन्न हो रहा है हवा बहुत दुषित होने है , कई प्रकार की नयी बीमारी जन्म ले रही है पर्यावण में कई अनपेक्षित परिवर्तन हो रहे है।

हमें जितना हो सके पेड़ लगाना होगा पेड़ ही है जो कार्बन डाइऑक्साइड को काम कर सकता है और ऑक्सीजन को बड़ा सकता है जिसके कारन पयावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को संतुलित किया जा सकता है।  हमें काम से काम डीजल पेट्रोल से चलने वाले वाहन का इस्तेमाल करना चाहिए जिससे की, हानि करक गैस की काम उत्सर्जन होगा। बैटरी से चलने वाले वाहन का उपयोग इसके लिए उत्तम होगा और साईकल का इतेमाल कारन चाहिए।

कारखानों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार को इस पर नियंत्रण के लिए उपाय ढूढ़ना होगा। कारखानों में एक पैरामीटर के ऊपर प्रदूषण होता है तो उस फ़ैक्टरी को बाद कारन चाहिए या प्रदूषण काम हो ऐसी कारखानों का परिवर्तन करने का आदेश दे सकती है।

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