वचन किसे कहते है - वचन के प्रकार

हिंदी व्याकरण में वचन का एक महत्वपूर्ण स्थान हैं। इसका उपयोग किसी वाक्य में एक व्यक्ति, वस्तु या अनेक व्यक्ति, वस्तु के बारे में बात की जा रही हैं इसकी जानकारी प्राप्त होती हैं।

उदाहरण राम जा रहा हैं। इस वाक्य में राम के बारे में बताया गया हैं की वह कही जा रहा हैं। अर्थात इसमें एक व्यक्ति के बारे में बताया गया हैं। इसी प्रकार वाक्य में संख्या का बोध वचन कहलाता हैं।

वचन किसे कहते है

संज्ञा के जिस रूप से संख्या का बोध होता है उसे हिंदी में वचन कहते हैं अथार्त संज्ञा , सर्वनाम , विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध वचन हैं।

    वचन की परिभाषा 

    परिभाषा - संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से उसके एक या अनेक होने का बोध हो, उसे वचन कहते हैं। अर्थात संख्या का बोध ही हिंदी व्याकरण में वचन कहलाता है। 

    परिभाषा - शब्दों के संख्यात्मक  रुप को वचन कहते हैं। संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से एक या एक से अधिक होने का बोध हो उसे वचन कहते हैं। लड़के भाग रहे है। एक बहुवचन का उदहारण हैं। 

    1. राम ने दो केले खाए।
    2. कक्षा आठवीं वी में 50 छात्र है।
    3. हमारे इलाके में दो स्कूल है।
    4. राम ने बाजार से 12 केले लाए। 
    5. स्कूल मे 101 विद्यार्थी पढ़ते हैं। 
    6. मेरी बहनें हैं। 
    7. सेनादाल की 10 टुकड़िया बनायीं गयी हैं। 
    8. कृष्ण ने 1001 कन्याओं को राक्षस से बचाया। 
    9. मेरे दो भाई हैं। 
    10. कंस ने लोगो पर अत्यचारकिये हैं।

    पहले वचन के प्रकार को जानना आवश्यक हैं। उसके बाद आपको अच्छे से समझा आ जायेगा की वचन क्या हैं। हिंदी में वचन के कई मायने हो सकते हैं। वचन का अर्थ किसी को प्रॉमिस करना भी होता हैं। अपने यह शब्द सुना ही होगा? मैं आपको वचन देता हूँ।

    वचन के प्रकार 

    वचन दो प्रकार के होते है एक वचन और बहुवचन

    1 एकवचन - किसी शब्द से एक ही वस्तु का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं। जैसे-लड़का, गाय, सिपाही, बच्चा, कपड़ा, माता, माला, पुस्तक, स्त्री, टोपी बंदर, मोर आदि।

    2 बहुवचन -  शब्द में एक से अधिक संख्या का बोध हो उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे-लड़के, गायें, कपड़े, टोपियाँ, मालाएँ, माताएँ, पुस्तकें, वधुएँ, गुरुजन, रोटियाँ, स्त्रियाँ, लताएँ, बेटे आदि।

    वचन क्या है वचन की परिभाषा वचन के प्रकार वचन परिवर्तन के नियमबहुवचन बनाने के नियम vachan in Hindi

    बहुवचन बनाने के लिए नियम 

    आकारांत पुलिंग शब्दों के अंत में  ए लगाए जाते हैं। जैसे : लड़का - लड़के, घोड़ा-घोड़े, बेटा - बेटे।

    अकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों में एँ का प्रयोग किया हैं। जैसे : बात - बातें, आँख - आंखें, पुस्तक - पुस्तकें।

    इकारान्त स्त्रीलिंग शब्दों में या लगा देते हैं। जैसे : जाति - जातियाँ, नदी - नदियाँ, लड़की - लड़कियाँ।

    स्त्रीलिंग में अंतिम उ, ऊ में ए जोड़कर दीर्घ ऊ का हस्व हो जाता है। जैसे : वस्तु - वस्तुएँ, बहु - बहुएँ। 

    कुछ शब्दों में गण, जन आदि शब्द लगाकर बहुवचन बनाया जाता है। जैसे : नेता - नेतागण, सुधी - सुधिजन।

    नोट - कुछ शब्द दोनों वचनों में एक जैसे होते हैं। जैसे - क्षमा, जल, प्रेम, गिरि, पिता, चाचा, मित्र, फल, बाजार, फूल, दादा, राजा, विद्यार्थी आदि।

    वचन के वाक्य & वचन के उदाहरण

    आकारांत पुलिंग के उदाहरण 

    1. लड़का खेल रहा हैं। - एक वचन 
    लड़के खेल रहे हैं।  - बहुवचन 

    2. घोड़ा चारा खा रहा हैं। - एक वचन 
    घोड़े चारा खा रहा हैं। - बहुवचन

    3. सुसमा के बेटा ने स्कूल में टॉप किया हैं। - एक वचन 
    सुसमा के दोनों बेटे ने कक्षा में टॉप किया हैं। - बहुवचन

    अकारान्त स्त्रीलिंग  के उदाहरण

    1. आप मुझसे ऐसे बात नहीं कर सकते हैं। - एक वचन 
    आप मुझसे ऐसी बातें नहीं कर सकते हैं। - बहुवचन

    2. आंख का फड़कनाएक क्रिया है। - एक वचन 
    आँखे जो देखती है वह कभी कभी सच नहीं होता हैं। - बहुवचन

    वचन बदलो 

    एकवचन  बहुवचन 
    बहन  बहनें
    सड़क  सड़के
    गाय  गायें
    बात  बातें
    कौआ  कौए
    गधा  गधे
    केला  केले
    बेटा  बेटे
    कविता  कविताएँ
    लता  लताएँ
    कली  कलियाँ
    नीति  नीतियाँ
    कॉपी  कॉपियाँ
    लड़की  लड़कियाँ
    थाली  थालियाँ
    नारी  नारियाँ
    गौ  गौएँ
    बहू  बहूएँ
    वधू  वधुएँ
    वस्तु  वस्तुएँ
    धातु  धातुएँ
    मित्र  मित्रवर्ग
    विद्यार्थी  विद्यार्थीगण
    सेना  सेनादल
    गुरु  गुरुजन
    श्रोता  श्रोताजन
    पत्ता  पत्ते
    बेटा  बेटे
    लड़का  लड़के

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