ड्रिलिंग मशीन Drilling Machine in Hindi - Diesel Mechanic

Chapter 4.10

कटिंग टूल ड्रिलिंग मशीन और उपयोग प्रकार

Hey friends ये पोस्ट Drilling machine के बारे में बताने के लिए लिखा गया है इस पोस्ट में मैंने आपको Drilling machine के Diesel Mechanic Cours में उपयोग के बारे में बताया है।


ड्रिलिंग मशीन क्या है?

Drilling machine for diesel mechanic

दोस्तों Drilling Machine एक प्रकार का Cutting करने वाला औजार है जिसका प्रयोग हम अपनी आवश्यकता के अनुसार करते हैं , लकड़ी के साथ साथ लोहे को भी काटने का काम करता है।


ड्रिलिंग मशीन के उपयोग -





दोस्तों Drilling Machine के उपयोग हम लकड़ियों (woods) में सुराख करने के लिए करते हैं और लोहे में भी इससे सुराख किया जा सकता है।


Drill Machine का उपयोग आपको सिर्फ डीजल मैकेनिक कोर्स में ही नही देखने को मिलता है बल्कि विभिन्न प्रकार के अन्य उद्योगों में देखने को मिलता है जैसे की हमे लोहे का काम करने वाले दुकानों में।


इसके अलावा लकड़ी का काम करने वाले विभिन्न सामान बनाने वाले इसका उपयोग लकड़ी के अंदर सुराख करने के लिए किया जाता है ताकि उसके अंदर साल निकाले जा सकें। यह बहुत ही अच्छा औजार है किसी भी प्रकार के लकड़ी में छेद करने के लिए या लोहे में छेद करने के लिए।


Drill Machine में हम अब और भी विभिन्न प्रकार के औजार लगाकर उसको अन्य कामों में भी उपयोग कर सकते हैं।


ड्रिल मशीन विभिन्न कैटेगरी में बटा होता है और इसका प्रयोग उपयोगिता के आधार पर किया जाता है जैसे में यहां बात करूं इसके प्रकार की तो यह आकार के आधार पर दो प्रकार के होते हैं।


छोटा ड्रिल मशीन और बड़ा ड्रिल मशीन

1. छोटा ड्रिल मशीन
2. बड़ा ड्रिल मशीन

1. छोटा ड्रिल मशीन - छोटा ड्रिल मशीन ऐसे ड्रिल मशीन होते हैं जिसका उपयोग छोटे छेदों को करने के लिए किया जाता है।

ऐसे जॉब को ड्रिल करने के लिए किया जाता है। जो की हल्के होते हैं। और ज्यादा ठोस नहीं होते हैं इसके छेद करने की न्यूनतम माप 1-2 MM तक भी होती है।
यह ड्रिल मशीन भी दो प्रकार का होता है।


* बीजली पर चलने वाला ड्रिल मशीन - ऐसे मशीन जिसका उपयोग बिना बिजली के नही किया जा सकता तथा जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदल देता है।


* हाँथ से चलने वाला गेयर सिस्टम ड्रिल मशीन - यह मशीन गेयर का उपयोग करके बनाया जाता है और जैसे हम इसके पैडल को घुमाते हैं वह गेयर को घुमाता है और फिर आगे हब लगा होता है जिसमें ड्रिल करने के लिए आगे टीप पर बर्मा लगया जाता है जो की अलग अलग साइज के लगाए जा सकते हैं।


2. बड़ा ड्रिल मसीन - इस प्रकार के ड्रिल मशीन का उपयोग हम ऐसे स्थानों पर करते हैं। जहां पर ज्यादा बड़े छेद करने की आवश्यकता होती है। आजकल इसका उपयोग बड़े मकानों की छत को तोड़ने के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है और साथ ही बड़े आशानी से इसका उपयोग करके हम मकान को तोड़ सकते हैं।


 दीवालों पर छेद करने के लिए भी iसका उपयोग किया जाता है। यह आसानी से छेद कर देता है।


अलग अलग प्रकार के जॉब्स के लिए अलग अलग बर्मा का उपयोग किया जाता है।


Drilling machine के work करने के आधार पर दो प्रकारों में बांटा गया है -

  1. पोर्टेबल ड्रिलिंग मशीन
  2. स्थिर ड्रिलिंग मशीन


1.पोर्टेबल ड्रिलिंग मशीन - 

जैसे की इसके नाम से ही पता चलता है की यह पोर्टेबल है यानी की एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाने योग्य है और यह ऐसे चीजों या Objects के लिए Use होता है जिन चीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक नहीं ले जाया जा सकता है। दोस्तों इस प्रकार के Drill machine को छोटे छोटे कारीगर रखते हैं। यह आकार में भी उतना बड़ा नहीं होता है और इस प्रकार के Tools का प्रयोग बड़ी आसानी के साथ किया जा सकता है। क्योकि इसका वजन ज्यादा नहीं होता है । 

उदाहरण-
इस प्रकार के औजार में Hand drill ,brest drill तथा Raichit ड्रिल Machine आते हैं।

 2.Fixed drill machine ( फिक्स ड्रिल मशीन )-

 इसके नाम से जैसे की पता चलता है स्थिर ड्रिल मशीन अर्थात यह Fixed रहता है और इसका प्रयोग करने के लिए हमें इसके पास जाना पड़ता है तथा इस प्रकार के औजार का प्रयोग किसी बड़े या भारी वस्तु की Drilling के लिए उपयोग में लाया जाता है। यह सभी प्रकार के धातुओं के लिए सक्षम होती है। 


इस प्रकार के ड्रिल मशीन ये है-

  1. बेंच टाइप ड्रिल मशीन
  2. पिलर टाइप ड्रिल मशीन
  3. रेडीयल टाइप ड्रिल मशीन





1.Bach type drill machine - 

यह हाँथ तथा Electricity से चलाई जा सकती है, इस Machine के Head को किसी भी ऊंचाई में set किया जा सकता है। इस प्रकार के feature होने के कारण इससे हम अधिक ऊंचाई(hight) वाले या लम्बे Jobe की drilling इससे कर सकते हैं।


2.पिलर टाइप ड्रिल मशीन - 

इस प्रकार के पिलर ड्रिल मशीन का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है ड्रिलिंग के लिए इसके अलावा इससे 25 MM तक के सुराख इससे किये जा सकते हैं। इसके Drive spindel, piler fite drive तथा Working table आदि मुख्य भाग होते हैं।

ड्रिलिंग करते समय क्या सावधानी-

  1. Drilling करने से पहले हमें इस प्रकार के ड्रिलिंग औजार (tool) का प्रयोग करना चाहीए जिसका Angle धातु के अनुसार हो और वह धातु में अच्छे से सुराख(Drill) कर सके इस प्रकार का कोण(angle) होना चाहिए जिसे DNS कोण कहते हैं।
  2. मशीन की Speed को drill औजार और धातु(object) को देखकर adjust करना चाहिए।
  3. यदि कोई बड़ा सुराख (Hole) करना हो तो वह सुराख करने से पहले हमें छोटा सुराख करना चाहिए।
  4. Drill को फिट करने से पहले हमे Spindle या Drill slip यानी की बर्मा लगाने के स्थान को साफ कर लेना चाहिए।
  5. Drill करने से पहले आपको job के नीचे लकड़ी का टुकड़ा रखना चाहिए ताकि जब Hole हो जाये तो ड्रिलब्लेड का धार खराब ना हो पाये।
  6. Job को Drill करने से पहले यानी की उसमें Hole करने से पहले ठीक प्रकार से clamp कर लेना चाहिये।
  7. Drill करते time कमजोर पकड़ ना रखें इससे Drill के टूटने  का डर रहता है और Job खराब हो सकता है।


आपको ये जानकारी कैसे लगी कमेंट करें। OK. BYE

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