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स्क्रैपर क्या है - scraper tool in Hindi

Chapter 4.8  - स्क्रेपर के प्रयोग और प्रकार

साथियों आप सभी का स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पर आज मैं फिर से बहुत दिनों के बाद डीजल मैकेनिक कोर्स से रिलेटेड टॉपिक पर ब्लॉग लिख रहा हूँ आज मैं आपको स्क्रैपर के बारे में बताने वाला हूँ। इससे पहले मैंने आपको डीजल मैकेनिक कोर्स से रिलेटेड एक और टॉपिक फाइलिंग के बारे में बताया था। तो चलिए शुरू करते हैं आज का टॉपिक स्क्रेपर।

स्क्रैपर क्या है - what is Scraper

दोस्तों स्क्रैपर एक प्रकार का खुरचने के लिए प्रयोग किया जाने वाला औजार है और यह औजार डीजल मैकेनिक कोर्स में कटिंग टूल्स के नाम से जाना जाता है तो दोस्तों इससे पहले मैंने एक और पोस्ट लिखा था जिसमें मैंने आपको कटिंग टूल्स के बारे में बताया था जिसे आप पढ़ सकते हैं।

स्क्रैपर का प्रयोग 

दोस्तों जैसे की मैंने आपको बताया की ये एक प्रकार का कटिंग टूल्स (काटने वाला औजार) है। जिसका प्रयोग लोहे के किसी जॉब की फीनिशिनग के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग हम तब करते हैं जब हमारा जॉब बनकर तैयार हो जाता है और बनने के बाद उस पर कोई खुरदुरी सामग्री बच जाती है तब इसे हटाने के लिए ही इसका प्रयोग करते हैं। 

अर्थात मशीनिंग के पश्चात जॉब की सतह पर शेष हार्ड स्पॉट को खुरचकर अलग करने के लिए किया जाता है। 

स्क्रैपर किस पदार्थ का बना होता है

दोस्तों Scraper के बनावट की बात करें तो यह कई प्रकार से डिजाइन किये हुए होते है और डीजल मैकेनिक अपने हिसाब से इसका प्रयोग करते हैं। दोस्तों इस औजार को स्टील या एलॉय स्टील से बनाया जाता है तथा यह इस प्रकार टैपर (धार) किये हुए होता है की इसके द्वारा 0.002" से 0.003" तक की मोटी धातु की जमी परत को खुरच कर निकाला जा सकता है। इसकी बनावट कई प्रकार की होती है तथा टैग में हैंडिल फिट करके इसका प्रयोग किया जाता है। इनसे चौरस, गोल, तथा तिकोनी सतहों को खुर्चा जा सकता है।

स्क्रैपर का प्रयोग कैसे किया जाता है 

कुछ स्क्रेपर पुश (धकेल) के प्रयोग किये जाते हैं तथा कुछ का प्रयोग पुल (खिच) करके किया जाता है।
किस प्रकार के Scraper सबसे ज्यादा प्रयोग में लाये जाते हैं। ऐसे Scraper सबसे ज्यादा प्रयोग किये जाते हैं जिनकी लम्बाई 100mm से 250mm तक की होती है तथा जिंनकी मोटाई 1mm से 3.5mm तक होती है।

 स्क्रैपर के प्रकार 

scraper kya hai aur kitne prakar ka hota hai

1. फ्लैट स्क्रेपर 

Flat Scraper flat file के समान ही होता है लेकिन इसके आगे का भाग थोड़ा सा चौड़ा होता है और फैला होता है। परन्तु इसके आगे का भाग थोड़ा सा गोलाई लिए होता है और इससे लगभग 75°  के कोण पर धार रखी जाती है। इनका प्रयोग धातु की समतल सतह पर रह गए हाई स्पॉट को खुरचने के लिए किया जाता है।

2. ट्राइएंगुलर स्क्रेपर

Triangular Scraper आकार में तिकोना होते है। परन्तु इनमें आगे की ओर की आकृति नोक जैसे बनी रहती है। इसका प्रयोग मैकेनिक द्वारा तिकोनों जगहों की फीनिशिंग (सफाई) के लिए किया जाता है।

3. हुक स्क्रेपर 

इस प्रकार के स्क्रेपर बनावट इस प्रकार होती है की इसके आगे का आकार मुड़ा हुआ होता है और यह वहां पर ज्यादा प्रयोग किया जाता है जहां पर फ्लैट स्क्रेपर का प्रयोग नहीं किया जा सकता है। 

4. हाफ राउण्ड स्क्रेपर 

इसका आकार भी हाफ राउण्ड फाइल के समान होता है और परन्तु इसकी बॉडी की बात करें तो यह बीच से खोखली होती है और इसका प्रयोग टुकड़ों में बने बेयरिंग तथा बसों को साफ करने (खुरचने) के लिए किया जाता है और इसके बॉडी के दोनों ओर कटिंग एज ग्राईंण्ड किया हुआ होता है।

5. डबल हैंडिल स्क्रेपर 

इस प्रकार के स्क्रेपर में दोनों तरफ हैंडिल फिट किये हुए होते हैं और इस प्रकार के स्क्रेपर के द्वारा आपको कार्य करना आसान व कार्य शीघ्रता से होता है। इनके द्वारा ड्रा फाइलिंग के समान बड़ी सतहों की स्क्रेपिंग की जाती है। इन स्क्रेपरों द्वारा अन्य स्क्रेपरों की अपेक्षा कार्य शीघ्रता व कम समय में किया जा सकता है।

साथियों जिस प्रकार स्क्रेपिंग किया जाता है उस समय क्या क्या सावधानी चाहिए ये इस प्रकार है -

1. जब भी स्क्रेपर का चयन करते हैं तो उस को देखकर स्क्रेपर का चयन करें।
2. स्क्रेपर पर उचित धार लगी होनी चाहिए, अच्छे धार वाले स्क्रेपर का चयन करना चाहिए।
3. स्क्रेपिंग के पहले हाँथ को अच्छे से साफ कर ले और इस बात का हमेशा ख्याल रखें की हाँथ में किसी प्रकार की चकनाई नहीं हो।
4. स्क्रेपर का प्रयोग बिना हैंडिल के प्रयोग नहीं करना चाहिए। 5. स्क्रेपर की धार वाली सतहों पर हाँथ नहीं फेरना चाहिए इससे हाँथ कट भी सकता है।
6. हाई स्पॉट का पता लगाने के लिए आपको सर्फेस प्लेट का प्रयोग करना चाहिए और विभिन्न जगहों की जांच इससे करनी चाहिए।
7. स्क्रेपिंग करने के बाद सर्फेस प्लेट को साफ करना चाहिए।
8. स्क्रेपर को अन्य औजारों के साथ नहीं रखना चाहिए।

आपको ये जानकारी कैसे लगी मेरे साथ शेयर जरुर करें। 

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