संज्ञा की परिभाषा और उसके भेद - Hindi Grammar

नमस्कार दोस्तों हिंदी व्याकरण में संज्ञा के बारे में आज बताने वाला हुं की संज्ञा क्या है और प्रकार कितने है संज्ञा हिंदी व्याकरण में क्यों ज़रुरी है तो शुरु करते है।   

संज्ञा की परिभाषा

उत्तर - संज्ञा किसी व्यक्ति, जाती, भाव, स्थान समूह पदार्थ के नाम को संज्ञा कहा जाता है। आसान भाषा में कहे तो किसी भी व्यक्ति वस्तु के नाम को संज्ञा कहा जाता है। जैसे राम अयोध्या का राजकुमार था। इसमें राम और स्थान अयोध्या संज्ञा है। नीचे और उदाहरण है संज्ञा के पांच प्रकार होते है। नीचे अच्छे से सुझाया गया है। 

संज्ञा के उदाहरण वाक्य

1.राजेश एक विद्यार्थी है।
2. विद्यार्थी पड़ रहे हैं।
3.मेरे मामा ने मुझे सोने कि हार उपहार दी।
4.आज मैं बहुत खुश हूं।
5.आज देश की सेना ने विजय प्राप्त की।

यह सब संज्ञा के उदाहरण है। पहले वाक्य में राजेश शब्द संज्ञा है। क्योंकि वह व्यक्ति का नाम है।


sangya ki paribhasha

संज्ञा के भेद हैं उत्तर - संज्ञा के पांच भेद होते है।   

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा

इसमें किसी एक व्यक्ति, वस्तु या स्थान के लिये जिस नाम का प्रयोग किया जाता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे - 

  • व्यक्ति का नाम- रवीना, सीमा, सोनिया गाँधी, श्याम, हरि, सुरेश, सचिन आदि।
  • वस्तु का नाम- घर, कार, टाटा चाय, कुरान, गीता, रामायण आदि।
  • स्थान का नाम- ताजमहल, कुतुबमीनार, जयपुर आदि।
  • दिशाओं के नाम- उत्तर, पश्चिम, दक्षिण, पूर्व।
  • देशों के नाम- भारत, जापान, अमेरिका, पाकिस्तान, बर्मा।
  • राष्ट्रीय जातियों के नाम- भारतीय, रूसी, अमेरिकी।
  • समुद्र के नाम- काला सागर, भू मध्य सागर, हिन्द महासागर, प्रशांत महासागर

2. जातिवाचक संज्ञा

जिस संज्ञा शब्द में किसी व्यक्ति,वस्तु, अथवा किसी स्थान की संपूर्ण जाति का बोध हो, तो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे - मनुष्य, ,पर्वत, मोटर साइकिल, कार, टीवी, पहाड़, तालाब,  पशु, पक्षी, लड़का, घोड़ा, बकरी, गाँव, शहर आदि

  • 'लड़का' से राजेश, सतीश, दिनेश आदि सभी 'लड़कों का बोध होता है।
  • 'पशु-पक्षियों' से गाय, घोड़ा, कुत्ता आदि सभी जाति का बोध होता है।
  • 'वस्तु' से मकान कुर्सी, पुस्तक, कलम आदि का बोध होता है।
  • 'नदी' से गंगा यमुना, कावेरी आदि सभी नदियों का बोध होता है।
  • 'मनुष्य' कहने से संसार की मनुष्य-जाति का बोध होता है।
  • 'पहाड़' कहने से संसार के सभी पहाड़ों का बोध होता हैं।

3. भाववाचक संज्ञा

जिस संज्ञा शब्द से किसी के गुण, दोष, या दशा, स्वभाव, भाव आदि का बोध हो, वहाँ भाव वाचक संज्ञा होता हैं।  अथार्त जिस शब्द से किसी मनुष्य की दशा या भाव, आदि का पता चलता है। वह पर भाव वाचक संज्ञा होता है

उदाहरण :- गर्मी, घृणा, दुःख , सुख प्यार क्रोध आदि।

4. समूहवाचक संज्ञा

जो संज्ञा शब्द किसी समूह या समुदाय को दर्शाता है उसे समूह वाचक संज्ञा कहते है। अथार्त जो शब्द किसी विशिष्ट या एक ही वस्तुओं के समूह, वर्ग जाति को दर्शाता है वहाँ पर समूहवाचक संज्ञा होता है। 

उदहारण :- लकड़ी का गट्ठर , विद्यार्थियों का समूह , भीड़ , सेना आदि।

5. द्रव्यवाचक संज्ञा 

जो शब्द किसी ठोस, पदार्थ, धातु, या द्रव्य का बोध करता हैं, उसे पदार्थ वाचक संज्ञा कहते हैं। द्रव्यवाचक संज्ञाओ को  नापी या तोली जाती है। ये अगणनीय होती हैं। 

उदहारण :- कोयला, पानी, तेल, मग्नीज, सोना, चांदी, हीरा, चीनी, फल, आदि


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