Monday, February 4, 2019

संज्ञा की परिभाषा उदाहरण सहित

नमस्कार दोस्तों  हिंदी व्याकरण में  संज्ञा के बारे में  आज बताने वाला हु की संज्ञा क्या है और संज्ञा के कितने प्रकार है संज्ञा हिंदी व्याकरण में क्यों जरुरी है तो स्टार्ट करते है पहला प्रश्न है 


संज्ञा क्या है ?

उत्तर - संज्ञा किसी व्यक्ति, जाती,भाव, स्थान समूह पदार्थ के नाम को संज्ञा कहा जाता है।आसान भाषा में कहे तो किसी भी व्यक्ति वस्तु के नाम को संज्ञा कहा जाता है।
जैसे राम अयोध्या का राजकुमार था। इसमें राम और स्थान अयोध्या संज्ञा है। नीचे और उदाहरण है संज्ञा के पांच प्रकार होते है। नीचे अच्छे से समझाया गया है





1.राजेश एक विद्यार्थी है।
2. विद्यार्थी पड़ रहे हैं।
3.मेरे मामा ने मुझे सोने कि हार उपहार दी।
4.आज मै बहुत खुश हूं।
5.आज देश की सेना ने विजय प्राप्त की।

यह सब संज्ञा के उदाहरण है।
पहले वाक्य में राजेश शब्द संज्ञा है।क्योंकि वह व्यक्ति का नाम है।


संज्ञा के भेद हैं-
उत्तर - संज्ञा के पांच भेद होते है।  


1 .व्यक्तिवाचक संज्ञा

इसमें किसी एक व्यक्ति, वस्तु या स्थान के लिये जिस नाम का प्रयोगजाता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।जैसे - श्याम, मुंबई, सीता राम आदि। 


2. जातिवाचक संज्ञा

जिस संज्ञा शब्द में किसी व्यक्ति,वस्तु, अथवा किसी स्थान की संपूर्ण जाति का बोध हो, तो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे - मनुष्य, ,पर्वत,मोटर साइकिल, कार, टीवी, पहाड़, तालाब, पशु, पक्षी, लड़का, घोड़ा, बकरी, गाँव, शहर आदि

3.भाववाचक संज्ञा क्या होती है :- 

जिस संज्ञा शब्द से किसी के गुण, दोष, या दशा, स्वाभाव , भाव आदि का बोध हो, वहाँ भाववाचक संज्ञा होता हैं। 
अथार्त जिस शब्द से किसी मनुष्य की दशा या भाव , आदि का पता चलता है। वहा पर भाववाचक संज्ञा होता है।
उदहारण:- गर्मी, घृणा, दुःख , सुख प्यार क्रोध आदि।

4. समूहवाचक संज्ञा क्या होती है :- 

जो संज्ञा शब्द किसी समूह या समुदाय को दर्शाता है उसे समूह वाचक संज्ञा कहते है। अथार्त जो शब्द किसी विशिष्ट या एक ही वस्तुओं के समूह, वर्ग जाति को दर्शाता है वहाँ पर समूहवाचक संज्ञा होता है।
उदहारण :- लकड़ी का गट्ठर , विद्यार्थियों का समूह , भीड़ , सेना आदि।

5.द्रव्यवाचक संज्ञा 

जो शब्द किसी ठोस, पदार्थ, धातु, या द्रव्य का बोध करता हैं, उसे पदार्थ वाचक संज्ञा कहते हैं। द्रव्यवाचक संज्ञाओ को  नापी या तोली जाती है। ये अगणनीय होती हैं।

जैसे- कोयला, पानी, तेल, मग्नीज, सोना, चांदी, हीरा, चीनी, फल, आदि।

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