दिन और रात क्यों होता है - Rexgin

दिन रात क्यों होता है  - जब से मनुष्य को सोचने समझने की शक्ति मिला है। तब से अकास  के बारे में जानने की इच्छा रही है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते बढ़ते कई वैज्ञानिक ने ब्रम्हांड के अनेक राज खोले है। दिन रात का होना एक प्राकृतिक कारन है जो सूर्य और पृथ्वी के चक्कर लगाने से होता है यह भूगोल के विद्याथी के मन में यह सवाल आता ही है। 

दिन और रात क्यों होता है

जब हमे मालुम नहीं था कि पृथ्वी सूर्य का चककर लगता है। तो हम यही मानते थे कि सूर्य सूर्य पृथ्वी का चक्कर लगाता होगा है। लेकिन यह बात सही नहीं है, वैज्ञानिक ने पता लगाया किपृथ्वी सूर्य की परिक्रमा लगाता है। उसी कारण दिन और रात होता है। साथ ही 24 घंटे में पृथ्वी अपना चकरा लगता है, जिस तरफ सूर्य की रौशनी पृथ्वी पर पड़ता है वहदिन होता है उसके पीछे की ओररात होता है। इसी कारण कहीं दिन होता है तो कहीं रात होती है।


Din rat kyo hota hai


चांद ग्रहण और सूर्य ग्रहण क्यों होता है?

ये प्रश्न हमारे में में होता है कि सूर्य ग्रहण क्यों होता है कारण क्या है, तो इस सवाल का जवाब जानते है, - जब सूर्य और चाँद के बीच में पृथ्वी आती है तो उसकी परछाई चाँद पर पड़ती है उसे ही चन्द्र ग्रहण कहते है।

सूर्य ग्रहण किसे कहते है - सूर्य और पृथ्वी के बीच में चांद के आने से सूर्य का कुछ भाग छीप जता है तो उसे ही सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

सूर्य और पृथ्वी की दुरी कितनी है ?

सूर्य की बात करे तो हमारे सौर मंडल का मात्र तारा है जो हमरे पृथ्वी को रौशन करता है क्या आपको पता है की सूर्य के lite को धरती पहुंचने के लिए करीबन 8 minit और 16.6 second का समय लगता है।

सूर्य से पृथ्वी की औसत दुरी करीबन 14,96,00,000 k.m यानि 9,29,60,000 मील है तथा जोपृथ्वी से लगभग 109 गुना अधिक है। सूर्य पृथ्वी की दूर इतना होने बाउजूद सूर्य का प्रकाश मात्र 8 मिनिट में पहुंच जाता है। 

पृथ्वी का क्षेत्रफल कितना है ?

पृथ्वी के सतह का क्षेत्रफल काफी विशाल है वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी के सतह का क्षेत्रफल 510,100,000 km² है। 

पृथ्वी की आयु कितनी है। 

उत्पत्ति हुई है उसका अंत अवश्य होगा अतः पृथ्वी का भी एक आयु आंकी गई है। यह कई लखो साल से ब्रम्हांड पर सूर्य का चक्कर लगा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सभी ग्रह और तारे की एक आयु होती है तथा उसके बाद वह समाप्त हो जाता है। पृथ्वी की आयु लगभग 4.5 अरब वर्ष है।

पृथ्वी का एक मात्र प्राकृतिक उपग्रह है

चांद पृथ्वी का मात्र एक प्राकृतिक ग्रह है यह पृथ्वी से अलग हो गया था पृथ्वी का चक्कर लगाने लगा यह पृथ्वी की ग्रैविटी को बहुत प्रभावित करता है।चाँद के कारण ही समुद्र में ज्वार भटा आता है।

पृथ्वी पर कई बड़े महासागर है इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि जल की पृथ्वी पर काफी अधिक मात्र में है। लेकिन सभी मीठे जल नहीं है अर्थात्  पीने और सिंचाई योग्य नहीं है। पृथ्वी पर 71% भाग जल से घिरा हुआ है और 29% भाग स्थल से धिरा है।

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