visheshan ke prakar विशेषण के अर्थ और भेद - हिंदी व्याकरण

हिंदी व्याकरण में विशेषण महत्वपूर्ण विषय है विशेषण क्या है और विशेषण के प्रकार (visheshan ke prakar) कितने है, बहुत ही सरल है इस पोस्ट में आपको आसान भाषा में समझने का प्रयास किया गया है मुझे आशा है की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद विशेषण आपको पूरी तरह से समझ आ जायेगा इस पोस्ट में मैं विशेषण के जो भी मुख्य बाते है उस को कवर करूँगा। 

मुख्य बिन्दु - 
  1. विशेषण अर्थ और परिभाषा
  2. विशेषण के प्रकार या भेद 
  3. गुणवाचक विशेषण 
  4. संख्यावाचक विशेषण 
  5. परिणामवाचक विशेषण 
  6. सार्वनामिक विशेषण  
सिंपल भाषा में कहा जाये तो विशेषण वे शब्द होते है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता को बताते है। अर्थात वे शब्द जो विशेषता बताये वह विशेषण है नीचे कुछ उदाहरण है इससे आपको विशेषण किसे कहते है समझ आ जायेगा। 

उदाहरण -
  1. कला घोड़ा जा रहा है। 
  2. बादल नीला है। 
  3. राजु खुश है क्योंकि वह परीक्षा में पास हो गया। 
  4. मित्र ईमानदार है। 
  5. सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल अच्छा है। 
  6. बलैक बोर्ड काला है। 
  7. मिना दुखी है। 
  8. क्रिकेट ग्यारह खिलाड़ी खेलते है। 
  9. रेशम मुलायम होता है। 
  10. भारत विकासशील देश है।    

इन उदाहरणों में आपको जो हाईलाइट शब्द दिख रहे है वह शब्द विशेषण है आपको मैं विशेषण को ढूढ़ने का तरीका बताता हूँ। ज्यादातर वाक्य में यह होता है। किसी भी वाक्य के कर्ता शब्द के बाद क्या प्रश्न करने पर उस वाक्य की विशेषण को ढूंढा जा सकता है।


visheshan ke prakar image Hindi grammar

वाक्य - काला घोड़ा जा रहा है। यदि हम इस वाक्य में कर्ता के बाद क्या प्रश्न जोड़ दे तो हमें विशेषण मिल जायेगा जैसे - घोड़ा क्या है ? उत्तर - काला तो काला विशेषण होगा।  किसी वाक्य में अन्य प्रश्न का उपयोग करना होता है जैसे - यह वाक्य है 1. क्रिकेट ग्यारह खिलाड़ी खेलते है। इसमें हम कितने प्रश्न का उपयोग करेंगे तो विशेषण मिल जायेगा क्रिकेट कितने खिलाड़ी खेलते है उत्तर - ग्यारह तो यह शब्द इस वाक्य का विशेषण है। कई वाक्य इसके अपवाद हो सकते है।  

अब विशेष्य के बारे में जान लेते है वाक्य में जिस शब्द की विशेषता जतायी जाती है उसे विशेष्य कहा जाता है।भारत विकासशील देश है। इस उदाहरण में भारत विशेष्य है। क्योंकि भारत की विशेषता बताई जा रही है की भारत विकासशील है। आपको विशेषण और विशेष्य  समझ में आ गया तो आपके लिए विशेषण आसान हो जायेगा।  



विशेषण का अर्थ या परिभाषा    

उत्तर - विशेषण के अर्थ - वाक्य में किसी संज्ञा नाम अथवा सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। मुख्यतः विशेषण किसी शब्द की विशेषता को बताता है।  जैसे - सफ़ेद  कुत्ता जा रहा है। इस वाक्य में 'सफ़ेद ' विशेषण है और कुत्ता विशेष्य है।  

जिस शब्द (संज्ञा अथवा सर्वनाम) की विशेषता बतायी जाती है उसे विशेष्य कहते हैं। इस  वाक्य में 'कुत्ता' विशेष्य है। और सफ़ेद विशेषण है।  

विशेषण के उदाहरण -
  1. मेहनती स्टूडेंट सफलता पाते हैं।
  2. आकाश नीला है। 
  3. यह स्केटपेन लाल रंग का है। 
  4. राम अच्छा लड़का है। 
  5. रायपुर  स्वच्छ नगर है।
  6. वह फूल पीला है।
  7. ऐसा आदमी कहाँ मिलेगा?  
Read also -  दोहा किसे कहते हैं 

इन वाक्यों में मेहनती, नीला, लाल, अच्छा, स्वच्छ, पीला और ऐसा शब्द विशेषण हैं। जो क्रमशः स्टूडेंट ,आकाश, स्केटपेन, राम, रायपुर , वह और आदमी की विशेषता बताते हैं। विशेषण शब्द जिसकी विशेषता बताये, उसे विशेष्य कहते हैं, अतः स्टूडेंट, आकाश, स्केटपेन, राम,  रायपुर, वह और आदमी शब्द विशेष्य हैं।

विशेषण के भेद या visheshan ke prakar 

विशेषण के चार भेद है या चार प्रकार है। विशेषण के भेद या प्रकार एक ही होता है, यदि विशेषण के कितने भेद है प्रश्न आये तो आपका उत्तर चार ही होना चाहिए। नीचे विस्तार से समझाया गया है। visheshan ke prakar को 

  1. गुणवाचक विशेषण 
  2. संख्यावाचक विशेषण 
  3. परिमाणवाचक विशेषण 
  4. सार्वनामिक विशेषण

1. गुणवाचक विशेषण

गुणवाचक विशेषण में गुण के अलावा और कई विशेषता को बतलाता बतलाता है इसमें यह ध्यान देने वाली बात है। 

गुण वाचक विशेषण का अर्थ - जिस शब्द में संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, दिशा, आकर, अवस्था, स्थान, गंध आदि का बोध होता है, उसे गुणवाचक विशेषण कहते हैं। 

उदाहरण - 
  • गुण - अच्छा, ईमानदार, भला, दयालु।  
  • दोष - बुरा, बेईमान, कपटी, छलिया, अपराधी। 
  • रंग - काला लाल सफ़ेद नीला पीला। 
  • दिशा -उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम।  
  • अकार - गोल, त्रिभुज, चौकोर, आयताकार। 
  • अवस्था - स्वस्थ, बीमार, चलना, दौड़ना, खेलना। 
  • स्थान - दिल्ली, भोपाल, रायपुर, चंडीगढ़, सूरत।  


ऊपर दिए गए चार्ट में सभी गुण वाचक विशेषण के अंतर्गत आते है, इसे और अच्छे से समझ ने के लिए उदाहरण देखते है -
गुण -
  1. वह अच्छा लड़का है। 
  2. राम ईमानदार व्यक्ति है।
  3. गंगाराम भला व्यक्ति है। 
  4. कुमकुम दयालु औरत है।   
इन वाक्यों में अच्छा, ईमानदार, भला और दयालु  शब्द गुण का बोध करा रहे है ये गुण वाचक विशेषण के अंतर्गत आएँगे। 
दोष -
  1. कंश बुरा व्यक्ति था।
  2. वह बेईमान आदमी है। 
  3. कैकई कपटी औरत है। 
  4. मोहन का दोस्त छलिया है। 
बुरा, बेईमान, कपटी और छलिया ये सभी दोष को दर्शाते है, तो यह शब्द गुणवाचक विशेषण है। किसी संज्ञा या सर्वनाम की दोष बताये तो वह गुण वाचक विशेषण होगा। 
रंग -
  1. घोडा काला है। 
  2. आकाश नीला है। 
  3. पत्ते हरे है। 
  4. पेन लाल रंग का है 
काला नीला हरा और लाल, रंग को बता रहे है अतः ये भी गुण वाचक विशेषण है। 

दिशा -
  1. सुरेश का घर उत्तर की ओर है। 
  2. मैदान दक्षिण की ओर जाने से दिखेगी। 
  3. श्रीलंका दक्षिण में है।
  4. जापान पूर्वी दिशा मे है। 
 उदाहरण में उत्तर दक्षिण और पूर्वी ये शब्द दिशा का बोध करते है। अतः ये गुण वाचक विशेषण है। 

आकार -
  1. गेंद गोल है। 
  2. टेबल चौकोर है। 
  3. तुम त्रिभुज बनाओ। 
  4. कमरा आयताकार है। 
इसमें गोल चौकोर त्रिभुज और आयताकार ये गुण वाचक विशेषण है। क्योकि ये शब्द आकार का बोद करते है। 

अवस्था -
  1. वह स्वस्थ है। 
  2. किशन बीमार हो गया है। 
  3. राजू दौड़ रहा है। 
  4. सूरज खेल रहा है।  
स्वस्थ बीमार दौड़ और खेल ये शब्द किसी अवस्था को बताते है। अवस्था को बताने वाले शब्द गुण वाचक विशेषण होते है। 

स्थान -
  1. मिना रायपुर जा रही है। 
  2. वह व्यक्ति पंजाबी है। 
  3. ताजमहल आगरा में है। 
  4. ऑलम्पिक जापान में होगा। 
इन वाक्यों में क्रमशः रायपुर, पंजाबी , आगरा और जापान स्थान को बता रहे है ये सभी शब्द गुणवाचक विशेषण है।

2. संख्यावाचक विशेषण 

जिस वाक्य में किसी संज्ञा या सर्वनाम के  बारे में  विशेसता में  संख्या का बोध होता है, उसे संख्यावाचक विशेषण कहते हैं। 
जैसे- 
  1. कक्षा में 32 विद्यार्थी उपस्थित हैं।
  2. दोनों भाइयों में बड़ा राजेश हैं।
  3. उनकी दूसरी लड़की की सगाई है।
  4. देश का हरेक युवा वीर है।
संख्या वाचक विशेषण को दो भागों में बाँटा गया है - 1 निश्चयवाचक विशेषण  2 अनिश्चयवाचक विशेषण 

1 निश्चयवाचक विशेषण - जिस वाक्य में एक निश्चित संख्या का बोध हो वह निश्चय संख्या वाचक विशेषण होगा। 
उदाहरण - मेरे पास 10 पुस्तक है। इसमें यह निश्चित है की मेरे पास 10 पुस्तक है इस विशेषण में संख्या शब्द का उपयोग होता है।  

2 अनिश्चयवाचक विशेषण - जिस वाक्य में यह निश्चित नहीं होता संख्या कितनी है तो उसे अनिश्चय संख्या वाचक विशेषण कहा जाता है। उदाहरण - मेरे पास कुछ पुस्तक है। इस वाक्य में कुछ शब्द का उपयोग किया गया है। किसी संख्या का उपयोग नहीं किया गया है अतः यह अनिश्चय संख्या वाचक विशेषण है।  

3. परिमाणवाचक विशेषण 

जिस विशेषण से किसी वस्तु की नाप-तौल का बोध होता है, उसे परिमाण-बोधक विशेषण कहते हैं। इसमें नाप तौल से सम्बंधित शब्द आते है।  
उदाहरण -
  1. मुझे चार मीटर कपड़ा दो।
  2. ममता को एक किलो चीनी चाहिए।
  3. बीमार को थोड़ा पानी देना चाहिए।
पहला वाक्य में चार मीटर कपड़े की बात हो रही है मीटर नापने में काम लिया जाता है तो यह परिणाम वाचक विशेषण होगा। दूसरे वाक्य में किलो और तीसरे वाक्य में थोड़ा शब्द परिणाम वाचक विशेषण है। 
परिमाणवाचक विशेषण को दो भागों में बाँटा गया है - 1 निश्चयवाचक विशेषण  2 अनिश्चयवाचक विशेषण 
1. निश्चयवाचक विशेषण - जिस वाक्य में निश्चित माप का बोध हो वह निश्चय वाचक विशेषण होगा।  
जैसे - मुझे दो किलो चीनी दो। इसमें एक निश्चित वजन की बात हो रही है अतः निश्चयवाचक विशेषण है। 
उदाहरण -
  1. सुरेश 2 लीटर दूध किराना दुकान से आना।
  2. 10 मीटर कपड़े काटकर दो। 
  3. रमेश मुझे 10 पुस्तक पुस्तकालय से लाकर देना। 
  4. मुझे एक गिलास पनि देना। 
2 अनिश्चयवाचक विशेषण - जिस वाक्य में किसी निश्चिता का बोध नहीं होता वह अनिश्चयवाचक विशेषण कहलाता है। 
जैसे - मुझे कुछ पेपर चाहिए। इस वाक्य में एक यह निश्चित नहीं है की पेपर कितना चाहिए। कुछ में कितने भी पेपर आ सकते है। इसे हम माप नहीं सकते है। 
उदाहरण -
  1. कृष्णा थोड़ा पानी लाना। 
  2. दूध में कुछ चीनी डालना।  
  3. मार्च में तापमान अधिक होता है। 
  4. यह पेन्सिल थोड़ा बड़ा है।     

    4. सार्वनामिक विशेषण

    जब कोई सर्वनाम शब्द किसी संज्ञा शब्द से पहले आए तथा वह विशेषण शब्द की तरह संज्ञा की विशेषता बताये, उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं। जैसे-
    1. वह आदमी व्यवहार से अच्छा  है।
    2. कौन लड़का मेरा काम करेगा?
    यह visheshan ke prakar पोस्ट अच्छा  लगा तो अपने दोस्तों के साथ sare जरूर करे।

      

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