Wednesday, December 5, 2018

shantri bai college ek prichay

साथियों मैं आपका फिर से एक बार स्वागत करता हूँ मेरे इस ब्लॉग पर आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ , महासमुंद के शांत्री बाई कला, वाणिज्य, विज्ञान महाविद्यालय , महासमुंद के बारे में कुछ जानकारियों को लेकर आया हूँ , साथियों सबसे पहले मैं आपको इसका थोड़ा अस्सा परिचय दे  देता हूँ -

शांत्री बाई कला, वाणिज्य , विज्ञान महाविद्यालय , महासमुंद

परिचय -

इस परिचय को मेरे द्वारा इस कॉलेज की विवरण पुस्तिका में बताये अनुसार लिखा जा रहा है, इस महाविद्यालय की स्थापना छत्तीसगढ़ चन्द्रनाहू शिक्षण समिति महासमुंद के द्वारा सितम्बर सन 1993 में की गयी है, चूंकि महासमुंद विकासखण्ड के अंतर्गत केवल एकमात्र शासकीय महाविद्यालय होने के कारण क्षेत्र के छात्र / छात्राओं के प्रवेश की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस महाविद्यालय की स्थापना की गई है जो स्थापना से आज तक विकास की ओर निरन्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में यहां कला, वाणिज्य एवं विज्ञान में स्तानक एवं कम्प्यूटर एवं स्नाकोत्तर स्तर पर अध्यापन व्यवस्था है ।


Shantri bai college Mahasamund


सत्र 2007-08 से महाविद्यालय में बी.एड. की कक्षा संचालित हो रही है जो राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसन्धान परिषद, भोपाल NCTE तथा उच्च शिक्षा छ.ग. शासन से अनुमोदित एवं पं. रविशंकर वि.वि. से सम्बद्धता प्राप्त है।
यानी की ये महाविद्यालय पूर्ण रूप से मान्यता प्राप्त है अपने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय द्वारा ये बहुत अच्छी बात है क्योकि आप जो भी कोर्स करते हैं उसका मान्यता प्राप्त होना उतना ही आवश्यक होता है जितना के पेपर में पेन के होने जितना ।

बिना किसी मान्यता के कोई जॉब नहीं देता है, वैसे भी ये पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है ये बहुत खुशी की बात है खुशी की बात इसलिए क्योकि ये हमारे छत्तीसगढ़ के नम्बर वन रैंकिंग वाला कॉलेज है जिसे NAAC द्वारा A सर्टिफिकेट प्राप्त है।

शांत्री बाई महाविद्यालय में कौन-कौन से विषय उपलब्ध हैं-

बी.ए.

स्नातक :-

विषय:- (1) आधार पाठ्यक्रम जो की अनिवार्य है जिसमें हिंदी और इंग्लिश भाषा आता है।




  •  1. अंग्रेजी भाषा 2. हिंदी भाषा 3. पर्यावरण विज्ञान
  • 2. निम्न में से कोई तीन इसका मतलब ये है की आप इन अनिवार्य विषय को छोड़ के तीन सब्जेक्ट और चुन सकते हैं।
  • A भूगोल ( Geography )
  • B हिन्दी साहित्य ( hindi latrature )
  • C अर्थशास्त्र ( Economy )
  • D राजनीतिक शास्त्र / गृह विज्ञान ( political science/ home science )
  • E इतिहास ( Histry )
  • F समाज शास्त्र ( Sociology )
  • G गृह विज्ञान

ये तो थी कला संकाय से जुड़े स्नातक विषय के बारे में जानकारी अब बात करते हैं , विज्ञान संकाय से जुड़े विषय के बारे में -
बी.एस.सी. :-
1. जीव विज्ञान समूह :-

  1. प्राणी शास्त्र
  2. वनस्पति शास्त्र
  3. रसायन शास्त्र
कम्प्यूटर विभाग
बी.सी.ए. :-
न्यूनतम अहर्ता : में 12 वीं ( 10+2 ) उत्तीर्ण ( विज्ञान विषय को प्राथमिकता )
बी.एस.सी. :- ( कम्प्यूटर साइंस )
न्यूनतम अहर्ता : गणित विषय के साथ में 12 वीं ( 10+2 ) उत्तीर्ण

  1. भौतिक शास्त्र
  2. गणित
  3. कम्प्यूटर साइंस
  4. रसायन शास्त्र

कम्प्यूूटर संकाय

पी.जी.डी. सी.ए. :-

इस डिप्लोमा कोर्स हेतु इस पाठ्यक्रम में आयु सीमा का बंधन नहीं रहेगा।
विश्वविद्यालय के आदेशानुसार।
न्यूनतम अहर्ता : स्नातक
अवधि : एक - वर्ष (2 सेमेस्टर)
तो साथियों ये तो हुई इस कॉलेज में उपलब्ध विषय के बारे में जानकारी अब मैं बताने वाला हूँ इस कॉलेज में उपलब्ध सीट के सभी विषय में उपलब्ध सीट के बारे में

विभिन्न कक्षाओं में प्रवेशार्थियों के लिए निर्धारित सीट


  1. बी.ए. - 150
  2. बी.एस. सी. विज्ञान समूह - 120
  3. बी.एस.सी. कम्प्यूटर साइंस - 30
  4. बी.सी.ए. - 30
  5. पी.जी.डी. सी.ए. - 40

साथियों ये तो हुई संकाय के सीट के बारे में संक्षिप्त जानकारियां । अब आपको ले चलते हैं इस कॉलेज की फैसिलिटी की ओर -
यहाँ पर वे सभी फैसिलिटी उपलब्ध हैं , जैसे एक सामान्य कॉलेजों में होती है। यहाँ पर खेल-कूद की बात करें तो वे सभी खेल खेले जाते हैं जो कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेले जाते हैं। यहां पर कबड्डी में ये तीन बार चैंपियन रह चुका है , इसके अलावा कॉलेज में बहुत से ऐसी एक्टिविटी होती रहती है जिससे आपके मानसिक विकास भी होता है।

स्कॉलरशिप का स्किम भी यहाँ पर लागू होता है क्योंकि ये पूर्ण रूप से सरकार के द्वारा मान्यता प्राप्त महाविद्यालय है।

ग्रन्थालय की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
इसके अलावा इस कॉलेज में खेल के लिए बहुत बड़ा मैदान है जिसमें क्रिकेट और फुटबॉल की प्रैक्टिस की जा सकती है।

मुफ्त Wi- Fi की सुविधा भी प्रदान किया गया है ।
इस महाविद्यालय के विवरण पुस्तिका में लिखे आदर्श वाक्य इस प्रकार है-
 विद्या ददाति विनयम विनियादि पात्रत्वाम।पात्रत्वाम धनाद धर्माह ततः सुखम।शैले शैले न मणिक्यम भौतिक्यम न गजै गजै ।साधवो न ही सर्वत्र चन्दनम न वनै-वनै। ।
इन सभी के अलावा और भी जानकारी या अपडेट रहना चाहते है तो यहाँ क्लिक करें जो आपको उस वेबसाइट में ले जाएगा जिस पर इस कॉलेज के बारे में बहुत सारी जानकारियाँ उपलब्ध होती है ।

4 comments:

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