दीवाली से जुड़े रोचक जानकारी - festival

साथियों आप सभी का फिर से स्वागत है मेरे इस ब्लॉग पर आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ दीपावली के त्योहार से जुड़े कुछ दीवाली से जुड़े रोचक जानकारी  को लेकर बात करने वाला हुं। अगर आप दीवाली क्यों मनाया जाता है पूरी जानकारी जानना है तो क्लिक करे।

दीवाली के बारे में जानकारी 

आज मेरे मन में ये पोस्ट लिखने का विचार तब आया जब हमारे सर ने हम सब से पूछा की दीपावली क्यों मनाया जाता है। साथियों हम सभी तो दीवाली अच्छे से मानते है लेकिन हमें ये ही मालूम नहीं रहता जी दिवाली क्यों मनाया जाता है। तो मै इसी प्रश्न का उत्तर देने वाला हु। 

दीपावली का त्योहार इसलिए मनाया जाता है क्योकि इसी दिन भगवान राम , माता सीता के साथ और भ्राता लक्षण के साथ लंका को विजयी होकर यानी की जीत कर वापस लौटे थे। और इसी की खुशी में अयोध्या वाशीयों के द्वारा दीपक जला कर यह त्योहार मनाया गया । इसी दीन से चूंकि श्रीराम भारत के राजा थे इस कारण से पूरे भारत में यह त्योहार मनाया जाता था और यही परंपरा आज तक चली आ रही है। दीवाली के एक दिन पहले धनतेरस मानाने की प्रथा है। साथ में गोवधन पूजा भी किया जाता है यह दिवाली पर्व के साथ - साथ आने वाले फेस्टिवल में से एक है। 

दीपावली का त्योहार दीपों का त्योहार है और इस त्योहार की कल्पना बिना दीपों के सम्भव नहीं है । साथियों अब मैं अपना सोच आपके साथ शेयर करता हूँ की आखिर दीपावली का त्योहार ही क्यों मनाया गया इसकी जगह पर और भी कई अनेक त्योहार हो सकते थे।

DIPAWALI YA DIWALI KYO MNAYA JATA HAI
दीवाली से जुड़े रोचक जानकारी

 मेरे विचार कहते हैं दीपक जो होता है, वो अन्धकार मिटाता है यानी की अंधकार को दूर करता है, आपको ये तो पता ही होगा । सोचो उस समय की बात है , जब राम और लक्ष्मण माता सीता को ढूंढते हुए जब वन में भटक रहे थे तो उनके जीवन में भी मानों अंधकार भर गया था या कहें उनका जीवन भी अंधकार मय हो गया था। और जब माता सीता की तलास पूरी हो गयी और उन्हें पता चल गया तो उनके जीवन में उम्मिद की किरण जाग उठी और उन्होंने उस उम्मीद के किरण को पाने के लिए अपना सारा ताकत लगा दिया।

तब जाकर उन्हें सफलता मिली ये सफलता को पाना भी इतना आसान नहीं था , बिना किसी के सहारा के साथीयों, रावण तो तीनों वेद के ज्ञाता थे मगर क्यों उनके जीवन में अंधकार भरा पड़ा था। क्योकि उन्होंने अपने और अपने घर वालों से इस प्रकार का रीस्ता बना लिया था की वे जिससे भी बात करते थे वो उससे डरता था कोई उससे हिल मिलकर नहीं रहता था। इसलिए उनके जीवन में अंधकार था। श्रीराम के जीवन में उजाला आया जब उनको उनके साथियों का सहारा मिला।

दीवाली क्यों मनाया जाता है ?

इसलिए मैं आपसे यहीं कहूँगा की साथियों का साथ कभी ना छोड़े ना जाने कब और किस वक्त उनको या हमको उनकी जरूरत पड़ जाये। साथियों आखिर दीपावली का त्योहार ही मानाया गया क्योंकि श्रीराम के जाने उनके नगर वासियों और पूरे भारत वाशियों के जीवन में अंधकार छा गया था। और जब राम वापस आये तो उनके जीवन में खुशी आ गयी। आपने एक कहावत तो सुना ही होगा खुशी के मारे घी के दिए जलाना।

साथियों दीपावली मनाने के और भी अनेक कारण थे जिनको मैंने आपके सामने इस प्रकार प्रस्तुत किया है

1. खुशी में दिए जलाये गए और इस कारण से इस त्योहार का नाम दीपावली पड़ा।

2. इस त्योहार में बहुत से फंक्शन होते हैं जिसमें लक्ष्मी पूजा भी सामिल है और इस कारण भी यह त्योहार मनाया जाता है ।

3. दीपावली का त्योहार लोगों के जीवन को अंधकार से दूर ले जाने की एक सिख देता है।

4, दीपावली का त्योहार लोगों के जीवन में यानी की अयोध्या वाशियों के जीवन में खुशी लेकर आया था, इस कारण लोगों को भी लगता है और उन्हें खुशी भी मिलती है इस कारण से भी ये त्योहार मनाया जाता है।

5. दीपावली के त्योहार में जलाये दिए से निकलने वाले धुए से प्रकृति का वातावरण साफ होता है। इससे मन को शांति और शुकुन मिलता है।

6. आपने ये तो महशुस किया होगा की हम प्रकाश में कितना पॉजिटिव फिल करते हैं और जब ये त्योहार मनाया गया उस समय लोगों के यहां ना तो बिजली थी और ना ही किसी प्रकार के और अन्य साधन इस कारण से ही लोगों ने श्रीराम के आने की खुशी अपने पॉजिटिविटी को व्यक्त करने के लिए इस प्रकार से दिए जलाकर उनका स्वागत किया।

7. माता लक्ष्मी को प्रकाश में रखना चाहिए क्योकि अंधकार में उनको रहना पसन्द नहीं है अर्थात मेरे हिसाब से आप जो भी पैसे और धन कमाते है सहीं रास्ते से ही कमाते हैं तो वो आपके पास टिकता है।

8. गणेश जी की पूजा ऋद्धि सिद्धि लाता लेकर आता है और ये तब आता है जब कोई शुभ कार्य किसी लाभ की इच्छा को ना रखते हुए किया जाये।

9. दीपावली मनाने के लिए किसी विशेष दिन की जरूरत थी जिसमें ये सभी फैक्ट सामिल थे शायद इसी कारण इस दिन यहीं त्योहार मनाने का करण बना।

साथियों दशवाँ कारण मैं यहां पर नहीं लिख रहा हूँ, क्योकि आप मुझे कमेंट करके बताएंगे की आखिर इसे मनाने और क्या क्या करण हो सकते थे । ये तो थे , मेरे पर्शनल एक्सपीरियेन्स । साथियों इसके साथ ही आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं 

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