what is the main part of engine hindi me

           main part of engine in hindi

इंजन क्या है ?

इंजन एक प्रकार का मशीन है जो की उष्मीय ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है। और यह कई भागों से मिलकर बना होता है।

यहां पर इंजन के मुख्य भागों के बारे में बताया जा रहा है जो की किसी भी इंजन के लिए अति आवशयक होते है। तो चलिए शुरू करते हैं।



1. सिलेंडर ब्लॉक
2. सिलेंडर हैड
3. ऑयल सम्प
4. पिस्टन
5. गजन पिन
6. कनेक्टिंग रॉड
7. क्रैंक शाफ्ट
8. कैम शाफ्ट
9. चेन टेंशनर
10. फ्लाई व्हील
11. इंजन वाल्व
12. इंजन वाल्व
13. वाल्व स्प्रिंग
14. वाल्व गाइड
15. वाल्व लॉक या वाल्व रिटेनर
16. वाल्व सीट
17. वाल्व क्लियरेंस
18. इंजन बियरिंग
19. इनलेट तथा एग्जॉस्ट मेनिफोल्ड
20. सुपर चार्जर
21. एग्जॉस्ट पाइप तथा साइलेंसर
22. गैस्केट
       इस प्रकार यदि हम यहां पर इनको समझने की कोशिश करेंगे तो ये बहुत लम्बा हो जायेगा और ये बोरिंग लगने लगेगा इस लिए इसको हम आगे और अच्छी तरह से डील करके पढ़ेंगे यहां पर सिर्फ संक्षिप्त परिचय दिया जा रहा है।

Main Part of Engine (इंजन के मुख्य भाग)

1. सिलेंडर ब्लॉक-
                        यह इंजन का वह भाग है जो की पिस्टन के लिए जगह बनाता है और ऊपर से सिलेंडर हैड तथा नीचे से ऑइल सम्प द्वारा बन्द होता है।

2. सिलेंडर हैड-
                  इजन का ऊपरी भाग जो की सिलेंडर ब्लॉक के ऊपर पाया जाता है।

3. ऑयल सम्प-
                  लुब्रिकेशन के लिए ऑयल को इकठ्ठा करता है और यह सिलेंडर ब्लॉक के नीचे रहता है।

4. पिस्टन-
            यह इंजन के सिलेंडर ब्लॉक में गति करता है और यह बेलनाकार होता है।

5. गजन पिन-
                यह पिस्टन के निचले भाग में लगा होता है।

6. कनेक्टिंग रॉड-
                यह पिस्टन के गजन पिन और क्रैंकशाफ्ट के माद्यम से कैमशाफ्ट को जोड़ा है।

7. कैम शाफ्ट-
               यह पिस्टन के नीचे होता है और यह पिस्टन से जुड़कर फ्लाई व्हील को घुमाता है।

8. चेन टेंशनर-
              यह चैन को टाइट करने के लिए लगाया जाता है।

9. फलाई व्हील-
                 यह कैम शाफ्ट से जुड़ा भाग है जो की चैन के माध्यम से जुड़ा होता है।

11. इंजन वाल्व-
                इंजन में हवा के प्रेशर को कण्ट्रोल करने के लिए वाल्व लगे होते हैं जिसे इंजन वाल्व कहा जाता है।

12. वाल्व स्प्रिंग-
              यह इजन के हवा के दबाव को नियंत्रित करता है और यह वाल्व को खुलने तथा बन्द होने में मदद करता है।

13. वाल्व गाइड-
             वाल्व का ऊपरी भाग वाल्व गाइड कहलाता है।

14. वाल्व लॉक या रिटेनर-
              यह इंजन के वाल्व का वह पार्ट है जो की हवा को जाने से रोकता है तथा यह हवा के निकलने के लिए भी रास्ता बनाता है जब कार्य हो जाता है।

15. वाल्व सीट-
      यह वाल्व में लगा भाग है जो की हवा को जाने तथा उसे मुड़ने से बचाता है।

16. वाल्व कलियरेंस-
       यह वाल्व का ही एक कार्य का नाम है जिस प्रकार पिस्टन ब्लॉग से थोड़ी दूरी में होता है उसी प्रकार वाल्व भी अपने एक निश्चित दूरी पर थोड़ा गेप लिए होता है जिसे वाल्व क्लियरेंस कहा जाता है।

17. इंजन बियरिंग-
             इंजन से पहिये को घुमाने के लिए बियरिंग लगा होता है जिसे इंजन बियरिंग कहा जाता है।

18. इनलेट तथा एग्जॉस्ट मेनीफोल्ड-
         यह इजन के द्वारा हवा को अंदर खींचने तथा बाहर छोड़ने वाला भाग है।

19. सुपर चार्जर-
          यह इंजन से जुड़ा होता है और बैटरी को चार्ज करने का काम करता है जब इंजन स्टार्ट होता है।

20. एग्जॉस्ट पाइप तथा साइलेंसर-
          यह इजन के आवाज को कम करने के लिए लगाया जाता है। और यह एग्जॉस्ट मेंइफोल्ड के बाद लगा होता है। या फिर बाईक में सीधे सिलेंडर ब्लॉक से जुड़ा होता है।

21. गैस्केट-
       यह इजन का वह भाग है जो की इंजन के हैड तथा ब्लॉक को जोड़ते समय बीच में लगाया जाता है ताकि गेप ना हो और इंजन की शक्ति बने रहे।

  •                  इन सभी के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए अगला पोस्ट देखें। यह थी इंजन के मुख्य भाग के बारे में संक्षिप्त जानकारी विस्तार से जानने के लिए जुड़े रहिये। और आगे का पोस्ट पाने के लिए सब्सक्राइब करें।
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